उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बिजली बिल के अत्यधिक दबाव के चलते एक पान दुकानदार, सुरेंद्र कश्यप, की कथित तौर पर सल्फास खाकर जान देने से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। सैदपुर थाना क्षेत्र के मुरादचक गांव निवासी सुरेंद्र ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि वे "बिजली विभाग से परेशान होकर यह कदम उठा रहे हैं।" परिजनों ने बताया कि लगभग 9 महीने पहले उनके पास 1 लाख 12 हजार रुपये का बिजली बिल आया था। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने उधार लेकर किश्तों में बिल चुकाना शुरू किया, लेकिन बिजली विभाग की ओर से नोटिस और दबाव लगातार बना रहा, जिससे मृतक मानसिक रूप से काफी परेशान थे। मृतक की बेटियों ने जिलाधिकारी के सामने भावुक होकर बताया कि उनके पिता हार मानने वाले व्यक्ति नहीं थे और उन्होंने आखिरी समय तक परिवार के लिए संघर्ष किया, लेकिन बिजली बिल के दबाव ने उन्हें तोड़ दिया। वे परिवार के सामने खुद को मजबूत दिखाते रहे। घटना की जानकारी मिलने पर गाजीपुर के जिलाधिकारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की बात कही। साथ ही, जिलाधिकारी ने परिवार को हर संभव मदद और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया है।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बिजली बिल के अत्यधिक दबाव के चलते एक पान दुकानदार, सुरेंद्र कश्यप, की कथित तौर पर सल्फास खाकर जान देने से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। सैदपुर थाना क्षेत्र के मुरादचक गांव निवासी सुरेंद्र ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि वे "बिजली विभाग से परेशान होकर यह कदम उठा रहे हैं।" परिजनों ने बताया कि लगभग 9 महीने पहले उनके पास 1 लाख 12 हजार रुपये का बिजली बिल आया था। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने उधार लेकर किश्तों में बिल चुकाना शुरू किया, लेकिन बिजली विभाग की ओर से नोटिस और दबाव लगातार बना रहा, जिससे मृतक मानसिक रूप से काफी परेशान थे। मृतक की बेटियों ने जिलाधिकारी के सामने भावुक होकर बताया कि उनके पिता हार मानने वाले व्यक्ति नहीं थे और उन्होंने आखिरी समय तक परिवार के लिए संघर्ष किया, लेकिन बिजली बिल के दबाव ने उन्हें तोड़ दिया। वे परिवार के सामने खुद को मजबूत दिखाते रहे। घटना की जानकारी मिलने पर गाजीपुर के जिलाधिकारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की बात कही। साथ ही, जिलाधिकारी ने परिवार को हर संभव मदद और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया है।
- चंदौली जिले में आयोजित दिशा की बैठक में पत्रकारों को प्रवेश नहीं दिया गया, जिस पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिला अध्यक्ष घनश्याम प्रधान ने एक बड़ा बयान जारी किया है।1
- चंदौली जिले के चहनियां क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख अरुण कुमार जायसवाल ने बुधवार को चहनियां ब्लॉक मुख्यालय के क्षेत्र पंचायत सभागार में अधिकारियों, कर्मचारियों और रोजगार सेवकों के साथ बैठक की। इस बैठक में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा की गई और विकास कार्यों में तेजी लाने, साथ ही लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। ब्लॉक प्रमुख जायसवाल ने अधिकारियों-कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने, पंचायत भवनों पर मौजूद रहकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और भीषण गर्मी में दूर-दराज से आने वाले लोगों को बेवजह बार-बार कार्यालय न बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्याओं का निस्तारण एक सप्ताह में करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, सभी गांवों में बरसात से पहले नाली-सफाई और कूड़ा निस्तारण का काम तुरंत शुरू करने को कहा गया। बैठक में स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, विद्यालय, पंचायत भवन, सीसी रोड और इंटरलॉकिंग के कार्यों की समीक्षा करते हुए बिना भेदभाव के विकास कार्यों को ईमानदारी से प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, यह भी कहा गया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में रोजगार सेवकों और टीए का मानदेय मुद्दा भी छाया रहा। बताया गया कि 10 माह से बकाया मानदेय और ईपीएफ की राशि विकास खंड के होल्डिंग अकाउंट में जमा है। रोजगार सेवकों ने आरोप लगाया कि होल्डिंग अकाउंट में जमा ईपीएफ की धनराशि में से 22 लाख रुपये बैंक व अकाउंट होल्डर ने मनमाने तरीके से निकाल लिए हैं, जिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच व कार्रवाई की मांग की गई। इस पर ब्लॉक प्रमुख अरुण जायसवाल ने आश्वासन दिया कि वे जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी से मिलकर समस्या का जल्द समाधान कराएंगे। बैठक में खंड विकास अधिकारी जावेद अख्तर, ज्वाइंट बीडीओ ओमप्रकाश, एडीओ राजेश सिंह, समाज कल्याण अधिकारी प्रिंस गुप्ता, ग्राम पंचायत अधिकारी आंनद यादव सहित अन्य अधिकारी व रोजगार सेवक मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित विश्व प्रसिद्ध मार्कण्डेय महादेव धाम की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव पुलिस चौकी के ठीक सामने बने रैन बसेरे में भारी गंदगी फैली हुई है और परिसर में हर जगह कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है। इस गंदगी के कारण दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धाम में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त बताई जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं की दिक्कतें बढ़ गई हैं।1
- मिर्जापुर में गंगा नदी में डूब रहे श्रद्धालुओं को नाविकों ने सुरक्षित बचा लिया। यह घटना तब हुई जब श्रद्धालु गंगा में स्नान कर रहे थे और अचानक गहरे पानी में चले गए, जिससे वे डूबने लगे। वहां मौजूद नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें नदी से बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।1
- उत्तर प्रदेश के बिल्थरारोड स्थित सोनाडीह फीडर में तकनीकी खराबी आने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। विद्युत विभाग की टीम समस्या के समाधान के लिए मौके पर पहुंच गई है और मरम्मत कार्य तेजी से जारी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अगले लगभग 25 मिनट के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। विभाग ने उपभोक्ताओं से इस दौरान सहयोग बनाए रखने और धैर्य रखने की अपील की है।1
- आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने 17 जून 2026 को थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस चौकी एलवल के नवनिर्मित/जीर्णोद्धारित भवन का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर, एसएसपी ने चौकी परिसर में वृक्षारोपण कर 'हरित आजमगढ़' का संदेश दिया और उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय व्यापारियों और संभ्रांत नागरिकों के साथ एक गोष्ठी का आयोजन किया। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए कड़े निर्देश दिए। डॉ. अनिल कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस और जनता के बीच मधुर संबंध ही एक सुरक्षित समाज की नींव हैं, और उन्होंने पुलिस को और अधिक जन-हितैषी बनाने की बात कही।1
- चंदौली जिले के सकलडीहा में SDM कुंदन राज कपूर ने किसानों की समस्याओं का निदान किया। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से जुड़ी समस्याओं को संबोधित करते हुए उनके समाधान पर कार्य किया।1
- जनपद चंदौली के चकिया कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के पास बुधवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 वर्षीय बच्चे समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एम्बुलेंस टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत बचाव कार्य शुरू किया। जानकारी के अनुसार, तेनऊरा हाटा, बिहार निवासी दीपक और इंदल के साथ मुजफ्फरपुर निवासी अमित एक ही बाइक पर सवार होकर मुजफ्फरपुर स्थित अपने रिश्तेदार के यहां जा रहे थे। जब उनकी बाइक चकिया कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और उस पर सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और एम्बुलेंस कर्मियों ने घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने इंदल को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दीपक और 5 वर्षीय अमित की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया गया। दुर्घटना की जानकारी मिलने पर चकिया विधायक कैलाश खरवार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार के संबंध में जानकारी ली और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने परिजनों को हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है और दुर्घटना करने वाले अज्ञात वाहन की पहचान के साथ-साथ आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।2
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित विश्व प्रसिद्ध मार्कंडेय महादेव धाम की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव पुलिस चौकी के ठीक सामने बने रैन बसेरे में गंदगी का अंबार लगा है और परिसर में जगह-जगह कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है, जिससे दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मंदिर परिसर, गंगा घाटों और रैन बसेरे की नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है। उनका कहना है कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और स्वच्छता पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थितियां बदहाल हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि केवल किसी उच्च अधिकारी या वीआईपी के आने की सूचना मिलने पर ही दिखावे के लिए सफाई कराई जाती है, जबकि सामान्य दिनों में पूरा परिसर गंदगी से भरा रहता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल होने के बावजूद स्वच्छता की अनदेखी समझ से परे है। गंदगी के कारण धाम की सुंदरता तो खराब हो ही रही है, बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। दुर्गंध के चलते रैन बसेरे में ठहरना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों से तत्काल सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। सावन माह नजदीक होने और लाखों श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए आने के मद्देनजर यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इस प्रमुख धार्मिक आस्था केंद्र की स्वच्छता व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है और श्रद्धालुओं को कब तक गंदगी से जूझना पड़ेगा।1