बालाघाट जिले की लांजी तहसील के ग्राम टेमनी में प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस छापामार कार्रवाई में कुल 357 ट्रॉली अवैध रेत जब्त की गई, जिसमें सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब ग्राम टेमनी के सरपंच के घर में धान के पैरा के नीचे छिपाकर रखी गई 30 ट्रॉली रेत बरामद हुई। इसे प्रशासन ने तत्काल अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर लिया। यह संयुक्त कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लांजी, तहसीलदार लांजी, जिला खनिज अमला, थाना प्रभारी लांजी और पुलिस लाइन बालाघाट के बल द्वारा खनिज रेत के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध की गई। जांच में ग्राम टेमनी में शासकीय और निजी भूमि पर अवैध रूप से भंडारित 357 ट्रॉली रेत पाई गई। सरपंच के घर पर मिली 30 ट्रॉली रेत के संबंध में मौके पर कोई वैध अनुमति या रॉयल्टी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके बाद यह रेत जब्त कर ग्राम पंचायत टेमनी के सरपंच और ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी में सौंप दी गई। उप संचालक खनिज सुश्री फरहत जहां ने बताया कि ग्राम टेमनी में विभिन्न स्थानों से अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त की गई, जिनमें जितेंद्र पिता ज्ञानी सिंह के घर से 7 ट्रॉली, लक्ष्मण पिता टिकनसिंह के घर से 55 ट्रॉली, शैलेन्द्र पिता राधेश्याम के घर से 77 ट्रॉली, अशोक पिता भिवराम के घर से 50 ट्रॉली, रुद्धन पिता सुंदरलाल के घर से 10 ट्रॉली, लक्ष्मण पिता तानूसिंह के घर से 30 ट्रॉली, दौलतराम पिता धानूलाल के घर से 30 ट्रॉली, समीर पिता पुरुषोत्तम के घर से 18 ट्रॉली, महेश पिता लेखराम के घर से 30 ट्रॉली, शैलेन्द्र प्रताप सिंह के घर से 40 ट्रॉली तथा कल्याण पिता केशवराव के घर से 10 ट्रॉली रेत शामिल है। खनिज विभाग के अनुसार, जब्त की गई सभी रेत पर मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और रेत के अवैध भंडारण के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बालाघाट जिले की लांजी तहसील के ग्राम टेमनी में प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस छापामार कार्रवाई में कुल 357 ट्रॉली अवैध रेत जब्त की गई, जिसमें सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब ग्राम टेमनी के सरपंच के घर में धान के पैरा के नीचे छिपाकर रखी गई 30 ट्रॉली रेत बरामद हुई। इसे प्रशासन ने तत्काल अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर लिया। यह संयुक्त कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लांजी, तहसीलदार लांजी, जिला खनिज अमला, थाना प्रभारी लांजी और पुलिस लाइन बालाघाट के बल द्वारा खनिज रेत के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध की गई। जांच में ग्राम टेमनी में
शासकीय और निजी भूमि पर अवैध रूप से भंडारित 357 ट्रॉली रेत पाई गई। सरपंच के घर पर मिली 30 ट्रॉली रेत के संबंध में मौके पर कोई वैध अनुमति या रॉयल्टी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके बाद यह रेत जब्त कर ग्राम पंचायत टेमनी के सरपंच और ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी में सौंप दी गई। उप संचालक खनिज सुश्री फरहत जहां ने बताया कि ग्राम टेमनी में विभिन्न स्थानों से अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त की गई, जिनमें जितेंद्र पिता ज्ञानी सिंह के घर से 7 ट्रॉली, लक्ष्मण पिता टिकनसिंह के घर से 55 ट्रॉली, शैलेन्द्र पिता राधेश्याम के घर से 77 ट्रॉली, अशोक पिता भिवराम के घर से 50 ट्रॉली, रुद्धन पिता सुंदरलाल के
घर से 10 ट्रॉली, लक्ष्मण पिता तानूसिंह के घर से 30 ट्रॉली, दौलतराम पिता धानूलाल के घर से 30 ट्रॉली, समीर पिता पुरुषोत्तम के घर से 18 ट्रॉली, महेश पिता लेखराम के घर से 30 ट्रॉली, शैलेन्द्र प्रताप सिंह के घर से 40 ट्रॉली तथा कल्याण पिता केशवराव के घर से 10 ट्रॉली रेत शामिल है। खनिज विभाग के अनुसार, जब्त की गई सभी रेत पर मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और रेत के अवैध भंडारण के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- कोसुंबा-बांडारेव सड़क मार्ग पिछले तीन माह से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- आज शाम करीब 5 बजे बालाघाट शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जहां तेज तापमान के बीच तूफान, तेज आंधी और बारिश का कहर देखने को मिला। लगभग 30 मिनट तक चली इस तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण सड़क किनारे कई पेड़ गिर गए, जिससे अनेक मार्ग अवरुद्ध हो गए और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसके साथ ही, बिजली आपूर्ति भी ठप पड़ गई। शहर में आए इस अचानक बदलाव से 'नवतपा' के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिसने स्थानीय निवासियों को उमस से काफी सुकून दिया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण जिले और आसपास के इलाकों में यह मौसमी बदलाव देखा गया है। उन्होंने अगले तीन-चार दिनों तक जिले की अन्य तहसीलों में भी इसी तरह आंधी, तूफान और बारिश की संभावना जताई है। नवतपा के छठे दिन जमकर बरसे बादलों ने बालाघाट शहर में बारिश का कहर बरपाया, जिससे तेज आंधी-तूफान के कारण सड़कें बाधित हुईं और बिजली आपूर्ति भी ठप रही।1
- आदिवासी समाज ने 'वनवासी' शब्द के इस्तेमाल पर गहरा विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध बालाघाट में एक जनसभा के आयोजन के बाद निकाली गई एक रैली के माध्यम से स्पष्ट रूप से सामने आया। आदिवासी समाज ने इस मामले में अमित शाह से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और संबंधितों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- सिवनी जिले में पिछले कई दिनों से जारी नौतपे की भीषण गर्मी और तपिश के बीच, आज दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। जिले के कान्हीवाड़ा और कलारबांकी सहित अन्य कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से भीषण गर्मी, उमस और लू से बेहाल आम जनता को बड़ी राहत मिली है, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। तेज बारिश ने तपते तापमान पर ब्रेक लगा दिया है। हालांकि, तेज हवाओं के चलते कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां गिरने और बिजली गुल होने की भी खबरें हैं।1
- बस स्टैंड पर आयोजित एक भक्तिमय भजन संध्या में नेत्रहीन कलाकारों ने अपनी सुरमयी प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। इस अनूठे आयोजन के दौरान, बस स्टैंड एक जीवंत मंच में तब्दील हो गया, जहाँ इन प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी मनमोहक गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की कुरई तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत खांखरा में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे और सागौन के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यह मामला सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई तक भी पहुँच चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। प्रारंभिक जांच में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की बात सामने आने के बावजूद, कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित दिख रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना विधिवत सीमांकन के ही पंचनामा तैयार कर मामले में सिर्फ खानापूर्ति की गई है। इस स्थिति ने राजस्व विभाग की भूमिका को भी संदेह के घेरे में ला दिया है। ग्रामीण यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किसके संरक्षण में सरकारी जमीन पर कब्जा होता रहा और सागौन जैसे कीमती पेड़ों की कटाई कर दी गई? साथ ही, यह भी पूछा जा रहा है कि क्या पूरे मामले को अधिकारियों की मिलीभगत से दबाने का प्रयास किया जा रहा है और क्या जिम्मेदार अधिकारी धृतराष्ट्र बनकर सब कुछ देखते हुए भी अनदेखा कर रहे हैं? सूत्रों के अनुसार, यह मामला अब राजस्व और वन विभाग की संयुक्त जांच तक पहुँच गया है। हालांकि, ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक सरकारी जमीनों पर कब्जे का यह खेल नहीं रुकेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाने, अवैध कटाई की जांच कराने और दोषियों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- बालाघाट जिले के सरेखा बाईपास पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार 'छोटा हाथी' वाहन ने पैदल जा रहे एक मजदूर को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में टक्कर लगने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- किरनापुर क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज रफ्तार तूफान ने पूरे इलाके में जमकर तबाही मचाई। इस भीषण तूफान के कारण जनजीवन कुछ समय के लिए पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया, जबकि कई स्थानों पर बड़े वृक्ष जड़ों समेत उखड़कर धराशायी हो गए। इसके साथ ही, बिजली के तार टूटने से पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगीं। तूफान की रफ्तार इतनी तीव्र थी कि कई पेड़ सड़कों पर गिर पड़े, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। कई जगहों पर बिजली के खंभों और तारों को भी नुकसान पहुंचा, जिसके चलते विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बाजार क्षेत्र में भी तूफान से अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों और मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, एक ओर जहां तूफान ने नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर इसने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत भी दिलाई। पिछले कई दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी और उमस के बीच चली ठंडी हवाओं ने लोगों को सुकून का एहसास कराया। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल, विद्युत विभाग की टीमें टूटे हुए तारों और प्रभावित बिजली व्यवस्था को ठीक करने में जुट गई हैं। विभाग ने नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे टूटे हुए बिजली तारों से दूर रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।2