केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने या देशव्यापी गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने का कोई प्रस्ताव वर्तमान में केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष विचाराधीन नहीं है। यह जानकारी विभिन्न समूहों द्वारा ऐसी मांगों के बीच सामने आई है। मेघवाल ने एक साक्षात्कार में बताया कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने और देशव्यापी गोहत्या निषेध के लिए सांसद और सरकार को नियमित रूप से अभ्यावेदन प्राप्त होते रहते हैं। उन्होंने कहा, "विभिन्न संगठन इन मुद्दों पर काम करते रहते हैं और सांसदों से भी संपर्क करते हैं। लोग आवेदन प्रस्तुत करते हैं और अभ्यावेदन देते हुए कहते हैं कि ऐसा उपाय किया जाना चाहिए।" हालांकि, मंत्री ने साफ किया कि इस संबंध में कोई प्रस्ताव फिलहाल केंद्रीय कैबिनेट के विचाराधीन नहीं है। मंत्री ने आगे कहा, "फिलहाल, ऐसा कोई मामला कैबिनेट के विचाराधीन नहीं है। यदि कोई प्रस्ताव ऐसे चरण में पहुँचता है जहाँ सरकार या कैबिनेट के हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी, तो हम आपको सूचित करेंगे।" उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विभिन्न राज्य अपनी परिस्थितियों और गुण-दोष के आधार पर ऐसे मामलों पर निर्णय लेते हैं, जैसा कि भाजपा के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राज्य के 1950 के कानून के तहत पशु वध विनियमों को कड़ा करने के हालिया कदम में देखा गया है। मेघवाल ने स्वीकार किया कि गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांगें लगातार उठाई जा रही हैं और सोशल मीडिया सहित विभिन्न मंचों पर इन पर व्यापक चर्चा भी होती है।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने या देशव्यापी गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने का कोई प्रस्ताव वर्तमान में केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष विचाराधीन नहीं है। यह जानकारी विभिन्न समूहों द्वारा ऐसी मांगों के बीच सामने आई है। मेघवाल ने एक साक्षात्कार में बताया कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने और देशव्यापी गोहत्या निषेध के लिए सांसद और सरकार को नियमित रूप से अभ्यावेदन प्राप्त होते रहते हैं। उन्होंने कहा, "विभिन्न संगठन इन मुद्दों पर काम करते रहते हैं और सांसदों से भी संपर्क करते हैं। लोग आवेदन प्रस्तुत करते हैं और अभ्यावेदन देते हुए कहते हैं कि ऐसा उपाय किया जाना चाहिए।" हालांकि, मंत्री ने साफ किया कि इस संबंध में कोई प्रस्ताव फिलहाल केंद्रीय कैबिनेट के विचाराधीन नहीं है। मंत्री ने आगे कहा, "फिलहाल, ऐसा कोई मामला कैबिनेट के विचाराधीन नहीं है। यदि कोई प्रस्ताव ऐसे चरण में पहुँचता है जहाँ सरकार या कैबिनेट के हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी, तो हम आपको सूचित करेंगे।" उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विभिन्न राज्य अपनी परिस्थितियों और गुण-दोष के आधार पर ऐसे मामलों पर निर्णय लेते हैं, जैसा कि भाजपा के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राज्य के 1950 के कानून के तहत पशु वध विनियमों को कड़ा करने के हालिया कदम में देखा गया है। मेघवाल ने स्वीकार किया कि गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांगें लगातार उठाई जा रही हैं और सोशल मीडिया सहित विभिन्न मंचों पर इन पर व्यापक चर्चा भी होती है।
- कुलगाम में आगामी 1 जून (सोमवार) को उपराज्यपाल (एलजी) के नेतृत्व में एक विशाल नशामुक्ति पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के मद्देनज़र पूरे कुलगाम को सजाया गया है और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी कर दी गई है। डीसी कुलगाम शाहजाद आलम ने पदयात्रा की अंतिम व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सभी नागरिकों से इस मार्च में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा एक नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का आग्रह किया है।1
- जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAKLI) के नव नियुक्त अग्निवीरों ने अपनी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस उपलब्धि के बाद, इन अग्निवीरों ने रेजिमेंट मुख्यालय में आयोजित पासिंग-आउट परेड में भाग लिया। इस समारोह के साथ ही, वे औपचारिक रूप से भारतीय सेना की रैंक में शामिल हो गए हैं।1
- ek Haseena peeper ka ped lagaya uske aankh aur dant nikale1
- टंगमर्ग और आसपास के इलाकों में सूखे और खतरनाक पेड़ों को अब तक नहीं हटाया गया है, जिसका शिकार हाल ही में एक पत्रकार हो चुका है। इस घटना ने गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं, जहाँ प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। अवाम का सीधा सवाल है कि आखिर इस देरी का इंतजार किस बात का है, खासकर जब वन विभाग (DFO) कहता है कि कुछ पेड़ राजस्व विभाग के दायरे में आते हैं और उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) का कहना है कि वे उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं। इस स्थिति में जिम्मेदारी किसकी है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या किसी और की जान खतरे में पड़ने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। जनता की मांग है कि इन खतरनाक और सूखे पेड़ों की तुरंत पहचान करके उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग न बुझे। घायल पत्रकार के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना भी की गई है।1
- कंपनी द्वारा मजदूरों को उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस स्थिति के परिणामस्वरूप, यह जानकारी सामने आई है कि टावर नंबर 66 अब डाउन कर दिया जाएगा।1
- उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने विपक्ष के नेता सुनील शर्मा को जवाब दिया है।1
- जम्मू कश्मीर के नौशेरा सेरी ब्लॉक में पीएचई जलशक्ति विभाग की लोगों के घरों तक पानी पहुँचाने की 'सफलता' पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के मामले में विभाग की कथित विफलता सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को लोगों के घरों तक पानी पहुँचाने के लिए हजारों करोड़ रुपए दिए गए हैं। बावजूद इसके, मौजूदा स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीएचई जलशक्ति विभाग वास्तव में लोगों के घरों तक नल से स्वच्छ जल पहुँचाने में कितना 'सफल' रहा है। यह पूरी स्थिति जम्मू कश्मीर की चुनी हुई सरकार की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।1
- पुलिस ने बुडगाम बलात्कार और हत्या पीड़िता के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए कांग्रेस द्वारा निकाले जा रहे कैंडललाइट मार्च को रोक दिया। कांग्रेस पार्टी ने पुलिस की इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया है। पार्टी ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने, मामले की फास्ट-ट्रैक सुनवाई सुनिश्चित करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।1