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जम्मू कश्मीर के नौशेरा सेरी ब्लॉक में पीएचई जलशक्ति विभाग की लोगों के घरों तक पानी पहुँचाने की 'सफलता' पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के मामले में विभाग की कथित विफलता सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को लोगों के घरों तक पानी पहुँचाने के लिए हजारों करोड़ रुपए दिए गए हैं। बावजूद इसके, मौजूदा स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीएचई जलशक्ति विभाग वास्तव में लोगों के घरों तक नल से स्वच्छ जल पहुँचाने में कितना 'सफल' रहा है। यह पूरी स्थिति जम्मू कश्मीर की चुनी हुई सरकार की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
ROMESH CHANDER
जम्मू कश्मीर के नौशेरा सेरी ब्लॉक में पीएचई जलशक्ति विभाग की लोगों के घरों तक पानी पहुँचाने की 'सफलता' पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के मामले में विभाग की कथित विफलता सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को लोगों के घरों तक पानी पहुँचाने के लिए हजारों करोड़ रुपए दिए गए हैं। बावजूद इसके, मौजूदा स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीएचई जलशक्ति विभाग वास्तव में लोगों के घरों तक नल से स्वच्छ जल पहुँचाने में कितना 'सफल' रहा है। यह पूरी स्थिति जम्मू कश्मीर की चुनी हुई सरकार की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
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- जम्मू कश्मीर के नौशेरा सेरी ब्लॉक में पीएचई जलशक्ति विभाग की लोगों के घरों तक पानी पहुँचाने की 'सफलता' पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के मामले में विभाग की कथित विफलता सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को लोगों के घरों तक पानी पहुँचाने के लिए हजारों करोड़ रुपए दिए गए हैं। बावजूद इसके, मौजूदा स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीएचई जलशक्ति विभाग वास्तव में लोगों के घरों तक नल से स्वच्छ जल पहुँचाने में कितना 'सफल' रहा है। यह पूरी स्थिति जम्मू कश्मीर की चुनी हुई सरकार की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।1
- उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने विपक्ष के नेता सुनील शर्मा को जवाब दिया है।1
- शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से जम्मू में कम से कम एक दिन बिताने का आग्रह करते हुए शनिवार, 30 मई को "Spend a Day in Jammu" अभियान का पोस्टर जारी किया। पार्टी के प्रदेश प्रमुख मनीश साहनी ने पोस्टर जारी करते हुए कहा कि जम्मू केवल एक ट्रांजिट प्वाइंट नहीं, बल्कि एक पहचान है, जिसे धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि हर साल लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुँचते हैं, लेकिन अधिकांश जम्मू शहर के ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण किए बिना आगे बढ़ जाते हैं। साहनी के अनुसार, यदि श्रद्धालु अपनी यात्रा का एक दिन जम्मू के नाम करते हैं, तो उन्हें डोगरा संस्कृति और विरासत को जानने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अभियान के तहत तैयार किए गए पोस्टर अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में वितरित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, इन्हें जम्मू के प्रमुख चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी लगाया जाएगा, ताकि यात्रियों को जम्मू के प्रमुख दर्शनीय स्थलों की जानकारी मिल सके। पोस्टर में रघुनाथ मंदिर, बाहु किला, बाग-ए-बाहु, हरि की पौड़ी तवी घाट, मुबारक मंडी, अमर महल संग्रहालय, पीर खोह गुफा मंदिर, सुचेतगढ़ सीमा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल और जम्मू-कश्मीर रियासत के संस्थापक महाराजा गुलाब सिंह तथा 26 अक्टूबर 1947 को भारत के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले महाराजा हरि सिंह के योगदान को भी दर्शाया गया है। पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन विभाग के निदेशक को यह पोस्टर भेंट किया और अमरनाथ यात्रा अवधि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए 'एक दिवसीय जम्मू दर्शन' कार्यक्रम शुरू करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि श्रद्धालुओं को जम्मू के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के दर्शन कराने के लिए निशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जाए, साथ ही उनके लिए सूचना केंद्र, गाइड और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं। इस अवसर पर विकास बख्शी, संजीव कोहली, संजय भटट् और जसबीर सिंह उपस्थित थे। इसी बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) जम्मू-कश्मीर के प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर पत्रकारों, संपादकों, छायाकारों और समस्त मीडिया कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। साहनी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की गौरवशाली यात्रा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जागरूकता की सशक्त गवाह रही है, जिसने हमेशा जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देने और जनहित के मुद्दों को उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का एक सशक्त स्तंभ और जनता की आवाज़ बताते हुए आशा व्यक्त की कि हिंदी पत्रकारिता भविष्य में भी अपनी समृद्ध परंपरा को कायम रखते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती रहेगी।1
- टंगमर्ग और आसपास के इलाकों में सूखे और खतरनाक पेड़ों को अब तक नहीं हटाया गया है, जिसका शिकार हाल ही में एक पत्रकार हो चुका है। इस घटना ने गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं, जहाँ प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। अवाम का सीधा सवाल है कि आखिर इस देरी का इंतजार किस बात का है, खासकर जब वन विभाग (DFO) कहता है कि कुछ पेड़ राजस्व विभाग के दायरे में आते हैं और उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) का कहना है कि वे उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं। इस स्थिति में जिम्मेदारी किसकी है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या किसी और की जान खतरे में पड़ने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। जनता की मांग है कि इन खतरनाक और सूखे पेड़ों की तुरंत पहचान करके उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग न बुझे। घायल पत्रकार के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना भी की गई है।1
- ek Haseena peeper ka ped lagaya uske aankh aur dant nikale1
- कुलगाम में आगामी 1 जून (सोमवार) को उपराज्यपाल (एलजी) के नेतृत्व में एक विशाल नशामुक्ति पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के मद्देनज़र पूरे कुलगाम को सजाया गया है और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी कर दी गई है। डीसी कुलगाम शाहजाद आलम ने पदयात्रा की अंतिम व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सभी नागरिकों से इस मार्च में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा एक नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का आग्रह किया है।1
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- खारघर में एक बार फिर ‘लोड बंदी’ की स्थिति सामने आई है। इस बार कागज के लॉट को बंद कर दिया गया है, जबकि प्लास्टिक का चलन जारी रहेगा।1