सिद्धार्थ नगर जिले के लोटन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भेलौजी बुजुर्ग में रास्ते के विवाद को लेकर पीड़ित परिवार बेहद परेशान है। पीड़ित का आरोप है कि बंजर भूमि वाले रास्ते पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया गया है और वहां आगे मिट्टी डलवा दी गई है। इस वजह से उनके आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इसके साथ ही रास्ते पर मिट्टी डलवाए जाने से पीड़ित के घर से पानी निकलने का मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है, जिसके कारण उनके नल का पानी भी बाहर नहीं जा पा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में उनका साथ देने के बजाय उन पर ही दबाव बना रहे हैं। पुलिस द्वारा पीड़ित पर ही मिट्टी डलवाने और सोकता बनवाने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन उन्हें उनका रास्ता नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित ने प्रशासन पर धोखा देने और कानून पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार से इस मामले पर तुरंत ध्यान देने की गुहार लगाते हुए चेतावनी दी है कि यहाँ बहुत बड़ी मुसीबत बनने वाली है और यदि उनके परिवार को कुछ भी होता है, तो इसकी जिम्मेदार खुद सरकार होगी।
सिद्धार्थ नगर जिले के लोटन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भेलौजी बुजुर्ग में रास्ते के विवाद को लेकर पीड़ित परिवार बेहद परेशान है। पीड़ित का आरोप है कि बंजर भूमि वाले रास्ते पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया गया है और वहां आगे मिट्टी डलवा दी गई है। इस वजह से उनके आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इसके साथ ही रास्ते पर मिट्टी डलवाए जाने से पीड़ित के घर से पानी निकलने का मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है, जिसके कारण उनके नल का पानी भी बाहर नहीं जा पा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि
पुलिस और प्रशासन इस मामले में उनका साथ देने के बजाय उन पर ही दबाव बना रहे हैं। पुलिस द्वारा पीड़ित पर ही मिट्टी डलवाने और सोकता बनवाने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन उन्हें उनका रास्ता नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित ने प्रशासन पर धोखा देने और कानून पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार से इस मामले पर तुरंत ध्यान देने की गुहार लगाते हुए चेतावनी दी है कि यहाँ बहुत बड़ी मुसीबत बनने वाली है और यदि उनके परिवार को कुछ भी होता है, तो इसकी जिम्मेदार खुद सरकार होगी।
- सिद्धार्थ नगर जिले के लोटन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भेलौजी बुजुर्ग में रास्ते के विवाद को लेकर पीड़ित परिवार बेहद परेशान है। पीड़ित का आरोप है कि बंजर भूमि वाले रास्ते पर जबरदस्ती कब्जा कर लिया गया है और वहां आगे मिट्टी डलवा दी गई है। इस वजह से उनके आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इसके साथ ही रास्ते पर मिट्टी डलवाए जाने से पीड़ित के घर से पानी निकलने का मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है, जिसके कारण उनके नल का पानी भी बाहर नहीं जा पा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में उनका साथ देने के बजाय उन पर ही दबाव बना रहे हैं। पुलिस द्वारा पीड़ित पर ही मिट्टी डलवाने और सोकता बनवाने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन उन्हें उनका रास्ता नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित ने प्रशासन पर धोखा देने और कानून पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार से इस मामले पर तुरंत ध्यान देने की गुहार लगाते हुए चेतावनी दी है कि यहाँ बहुत बड़ी मुसीबत बनने वाली है और यदि उनके परिवार को कुछ भी होता है, तो इसकी जिम्मेदार खुद सरकार होगी।2
- उत्तर प्रदेश में साल 2027 में बसपा की सरकार बनेगी और अब राज्य में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इस बार ब्राह्मण समाज भी पूरी तरह से बसपा के साथ आ गया है।1
- दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और सांसद डिंपल यादव की गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के भीतर भारी आक्रोश व्याप्त है। इस कार्रवाई के विरोध में आक्रोशित सपाईयों ने लखनऊ की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मल्होत्रा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें छात्र सभा के सदस्यों और महिला कार्यकर्ताओं सहित तमाम पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। दिल्ली की इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है और इसी आक्रोश के चलते लंबे समय के बाद पार्टी कार्यकर्ता लखनऊ की सड़कों पर इस तरह का विरोध प्रदर्शन करने उतरे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के फरेंदा से अशोक प्लंबिंग (Ashok plumbing waking) के संबंध में जानकारी साझा की गई है। इस संबंध में संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर 9892173117 उपलब्ध कराया गया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर कांग्रेस की सुप्रिया श्रीनेत का एक बड़ा बयान सामने आया है। इस छात्र आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी है।1
- सिद्धार्थनगर के मिठवल विकासखंड के दानोकुईया गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय के मुख्य गेट के सामने बने कूड़ाघर से उठ रही दुर्गंध और फैली गंदगी के कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीण बेहद परेशान हैं। बरसात के मौसम में गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इस दिशा में अब तक कोई स्थायी कदम नहीं उठाया है। गांव में तीन सफाईकर्मी तैनात होने के बावजूद विद्यालय के आसपास नियमित सफाई व्यवस्था ठप है। हालांकि, शिकायत के बाद रविवार को कुछ स्थानों पर सफाई कराई गई और सफाईकर्मी दिलीप ने जल्द ही कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है। विद्यालय में कुल 86 बच्चों का नामांकन है, लेकिन लगातार बारिश और अव्यवस्थाओं के चलते केवल 42 बच्चे ही उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका सांत्वना चौधरी ने बताया कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। परिसर में लगे तीन सरकारी हैंडपंपों में से एक खराब है, एक दूषित पानी उगलता है और केवल एक ही उपयोग के लायक है। इसके अलावा, पानी की टंकी खराब होने से जलापूर्ति ठप पड़ी है। विद्यालय परिसर में शरारती तत्व घुसकर तोड़फोड़ करते हैं और हल्की बारिश होते ही पूरा परिसर कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों को भारी कठिनाई होती है। बिना फर्श के बने ओपन जिम के कारण बच्चों के चोटिल होने का खतरा भी हमेशा बना रहता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री इसलावती और विद्यालय स्टाफ के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय की छतों में दरारें पड़ चुकी हैं और वे बरसात में जगह-जगह टपकती हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होती है। शौचालय होने के बावजूद उसके उपयोग में गंभीर असुविधा हो रही है। विद्यालय में कुल पांच शिक्षक तैनात हैं, जिनमें सहायक अध्यापक वंदना द्विवेदी अवकाश पर थीं, जबकि प्रधानाध्यापिका सांत्वना चौधरी, निधि श्रीवास्तव, सुखमीरा पटेल और ध्रुपचंद शिक्षण कार्य में जुटे मिले। इस बदहाली से नाराज ग्रामीण राकेश कुमार कनौजिया और जय प्रकाश दुबे ने जिला प्रशासन से स्कूल के सामने से कूड़ाघर हटाने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने और पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं, इस अव्यवस्था पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से फोन न लगने के कारण बात नहीं हो पाई है।1
- अभिषेक भाई को ढांढस बंधाते हुए रोने से मना किया गया है। उन्हें सांत्वना देते हुए पूछा गया है कि क्या उन्हें पता है कि आज सोनम वांगचुक का समर्थन करने के लिए कौन-कौन लोग आ रहे हैं।1