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जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा

13 hrs ago
user_Arun Lodhi
Arun Lodhi
Media and information sciences faculty अमनगंज, पन्ना, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा

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  • पवई में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 102 बोरी यूरिया जब्त, दो वाहन पकड़े पवई में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 102 बोरी यूरिया जब्त, दो वाहन पकड़े छत्रसाल स्टेडियम के पास पकड़े गए दोनों वाहन, एसडीएम के निर्देश पर कार्रवाई; दस्तावेजों की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई पवई। खरीफ सीजन में यूरिया की बढ़ती मांग के बीच पवई में प्रशासन ने शुक्रवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वाहनों से कुल 102 बोरी यूरिया जब्त की है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के निर्देश पर छत्रसाल स्टेडियम के पास की गई। जब्त यूरिया सहित दोनों वाहनों को आगे की जांच एवं वैधानिक कार्रवाई के लिए पवई थाना परिसर में सुरक्षित रखवाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान वाहन क्रमांक MP21 ZB 1813 से 52 बोरी यूरिया तथा वाहन क्रमांक MP35 GA 1295 से 50 बोरी यूरिया बरामद की गई। दोनों वाहनों से कुल 102 बोरी यूरिया जब्त हुई है। दस्तावेजों में वाहन क्रमांक MP35 GA 1295 के चालक के रूप में धर्मेंद्र कुशवाहा तथा वाहन क्रमांक MP21 ZB 1813 के चालक के रूप में वीरेंद्र राय का नाम दर्ज बताया गया है। दस्तावेजों की जांच में जुटा प्रशासन प्रशासन द्वारा अब जब्त यूरिया के परिवहन से संबंधित दस्तावेजों, बिल, परमिट एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि यूरिया का परिवहन नियमानुसार किया जा रहा था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर संबंधित नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यूरिया की कालाबाजारी पर प्रशासन की नजर खरीफ सीजन में किसानों के बीच यूरिया की मांग बढ़ने के कारण खाद की उपलब्धता और उसके परिवहन को लेकर प्रशासन सतर्क है। ऐसे समय में एक साथ दो वाहनों से 102 बोरी यूरिया पकड़े जाने की कार्रवाई को प्रशासन की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, यूरिया के परिवहन में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैधता हुई है अथवा नहीं, इसका अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा। प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    पवई में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 102 बोरी यूरिया जब्त, दो वाहन पकड़े
पवई में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 102 बोरी यूरिया जब्त, दो वाहन पकड़े
छत्रसाल स्टेडियम के पास पकड़े गए दोनों वाहन, एसडीएम के निर्देश पर कार्रवाई; दस्तावेजों की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पवई। खरीफ सीजन में यूरिया की बढ़ती मांग के बीच पवई में प्रशासन ने शुक्रवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वाहनों से कुल 102 बोरी यूरिया जब्त की है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के निर्देश पर छत्रसाल स्टेडियम के पास की गई। जब्त यूरिया सहित दोनों वाहनों को आगे की जांच एवं वैधानिक कार्रवाई के लिए पवई थाना परिसर में सुरक्षित रखवाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान वाहन क्रमांक MP21 ZB 1813 से 52 बोरी यूरिया तथा वाहन क्रमांक MP35 GA 1295 से 50 बोरी यूरिया बरामद की गई। दोनों वाहनों से कुल 102 बोरी यूरिया जब्त हुई है।
दस्तावेजों में वाहन क्रमांक MP35 GA 1295 के चालक के रूप में धर्मेंद्र कुशवाहा तथा वाहन क्रमांक MP21 ZB 1813 के चालक के रूप में वीरेंद्र राय का नाम दर्ज बताया गया है।
दस्तावेजों की जांच में जुटा प्रशासन
प्रशासन द्वारा अब जब्त यूरिया के परिवहन से संबंधित दस्तावेजों, बिल, परमिट एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि यूरिया का परिवहन नियमानुसार किया जा रहा था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर संबंधित नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यूरिया की कालाबाजारी पर प्रशासन की नजर
खरीफ सीजन में किसानों के बीच यूरिया की मांग बढ़ने के कारण खाद की उपलब्धता और उसके परिवहन को लेकर प्रशासन सतर्क है। ऐसे समय में एक साथ दो वाहनों से 102 बोरी यूरिया पकड़े जाने की कार्रवाई को प्रशासन की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
हालांकि, यूरिया के परिवहन में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैधता हुई है अथवा नहीं, इसका अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा। प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Ajay Dwivedi
    Ajay Dwivedi
    Local News Reporter पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • कामिका एकादशी का व्रत आज ************************* व्रत रख कर सुनें कथा, होंगी मनोकामनाएं पूर्ण =========== कामिका एकादशी का व्रत आज ************************* व्रत रख कर सुनें कथा, होंगी मनोकामनाएं पूर्ण ============================== आज यानी 9 अगस्त को कामिका एकादशी है। सावन के महीने में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी का व्रत पूजन किया जाता है। कामिका एकादशी के दिन पीले रंग का काफी बड़ा महत्व बताया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा पीले फल-फूल से की जाती है। सभी एकादशी व्रतों में से कामिका एकादशी को भगवान विष्णु का उत्तम व्रत माना जाता है क्योंकि यह भगवान शिव के पावन महीने श्रावण में आता है। कामिका एकादशी का व्रत विधान करके सभी लोग अपने कष्टों से मुक्त हो सकते हैं। यह व्रत रखने से व्यक्ति के मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। कामिका एकादशी का व्रत करते समय बरतें ये सावधानियां ========================== - कामिका एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके साफ कपड़े पहनें। - घर में प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन का बिल्कुल भी प्रयोग ना करेंं। - सुबह और शाम एकादशी की पूजा पाठ में साफ-सुथरे कपड़े पहनकर ही व्रत कथा सुनें। - एकादशी की पूजा में हर तरीके से परिवार में शांतिपूर्वक माहौल बनाए रखेंं। - कामिका एकादशी पर एक आसन पर बैठकर ? नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बाहर जाप जरूर करेंं। घर में होगी बरकत- ---------------------- - कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा उससे एक दिन पहले दशमी तिथि की रात्रि से ही व्रत नियम को लेकर शुरू हो जाती हैं। - दशमी तिथि के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन ग्रहण न करें केवल फलों का ही सेवन करेंं। - दशमी तिथि की रात को अगर संभव हो तो भगवान विष्णु के ओम नमो नारायणाय आदि मंत्रों का जाप अवश्य करें। - सुबह सूर्योदय से पहले उठकर अपने स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लेना चाहिए. पूजा करते समय साफ कपड़े पहनकर विष्णु भगवान का ध्यान करना चाहिए। - पूर्व दिशा की तरफ एक पटरे पर पीला रेशमी कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की फोटो को स्थापित करेंं। - धूप-दीप जलाएं और कलश स्थापित करेंं। - भगवान विष्णु को अपने सामर्थ्य के अनुसार फल-फूल, पान, सुपारी, नारियल, लौंग आदि अर्पण करें और स्वयं भी पीले आसन पर बैठ जाएंं। - अपने दाएं हाथ में जल लेकर घर मे धन धान्य की बरकत के लिए भगवान विष्णु के सामने संकल्प लेंं। - यदि सम्भव हो तो पूरा दिन निराहार रहकर शाम के समय कामिका एकादशी की व्रत कथा सुनें और फलाहार करेंं। - शाम के समय भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने एक गाय के घी का दीपक जलाएंं। - अब दूसरे दिन सुबह ब्राह्मणों को भोजन कराकर तथा दक्षिणा देकर उसके बाद स्वयं खाना खाना चाहिएं। ये महाउपाय करने से मिलेगा मनचाहा वरदान- ============================ - कामिका एकादशी पर सूर्योदय से पहले उठे और स्नान करके हलके पीले रंग के कपड़े पहनें। - 5 सफेद जनेऊ को केसर से रंगे और 5 स्वच्छ पीले फल लेंं। - तुलसी की माला से पीले आसन पर बैठकर 'नमो भगवते वासुदेवायमंत्र का तीन माला का जाप करेंं। - जाप के बाद पांचों जनेऊ और पीले फल भगवान विष्णु के मंदिर में अर्पण कर दें और मन की इच्छा भगवान विष्णु के सामने जरूर कहेंं। - स्वयं प्रसाद के रूप में एक केला घर पर ले आएं और परिवार के सभी सदस्यों को देंं। कामिका एकादशी की कथा ********************** कुंतीपुत्र धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवन, कृपा करके श्रावण कृष्ण एकादशी का महत्व क्या है, सो बताइए। श्रीकृष्ण भगवान कहने लगे कि हे युधिष्ठिर! इस एकादशी की कथा एक समय स्वयं ब्रह्माजी ने देवर्षि नारद से कही थी, वही मैं तुमसे कहता हूँ। नारदजी ने ब्रह्माजी से पूछा था कि हे पितामह! श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी की कथा सुनने की मेरी इच्छा है, उसका क्या नाम है? क्या विधि है और उसका माहात्म्य क्या है, सो कृपा करके कहिए। नारदजी के ये वचन सुनकर ब्रह्माजी ने कहा- हे नारद! लोकों के हित के लिए तुमने बहुत सुंदर प्रश्न किया है। श्रावण मास की कृष्ण एकादशी का नाम कामिका है। उसके सुनने मात्र से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। इस दिन शंख, चक्र, गदाधारी विष्णु भगवान का पूजन होता है, जिनके नाम श्रीधर, हरि, विष्णु, माधव, मधुसूदन हैं। उनकी पूजा करने से जो फल मिलता है सो सुनो। जो फल गंगा, काशी, नैमिषारण्य और पुष्कर स्नान से मिलता है, वह विष्णु भगवान के पूजन से मिलता है। जो फल सूर्य व चंद्र ग्रहण पर कुरुक्षेत्र और काशी में स्नान करने से, समुद्र, वन सहित पृथ्वी दान करने से, सिंह राशि के बृहस्पति में गोदावरी और गंडकी नदी में स्नान से भी प्राप्त नहीं होता वह भगवान विष्णु के पूजन से मिलता है। जो मनुष्य श्रावण में भगवान का पूजन करते हैं, उनसे देवता, गंधर्व और सूर्य आदि सब पूजित हो जाते हैं। अत: पापों से डरने वाले मनुष्यों को कामिका एकादशी का व्रत और विष्णु भगवान का पूजन अवश्यमेव करना चाहिए। पापरूपी कीचड़ में फँसे हुए और संसाररूपी समुद्र में डूबे मनुष्यों के लिए इस एकादशी का व्रत और भगवान विष्णु का पूजन अत्यंत आवश्यक है। इससे बढ़कर पापों के नाशों का कोई उपाय नहीं है। हे नारद! स्वयं भगवान ने यही कहा है कि कामिका व्रत से जीव कुयोनि को प्राप्त नहीं होता। जो मनुष्य इस एकादशी के दिन भक्तिपूर्वक तुलसी दल भगवान विष्णु को अर्पण करते हैं, वे इस संसार के समस्त पापों से दूर रहते हैं। विष्णु भगवान रत्न, मोती, मणि तथा आभूषण आदि से इतने प्रसन्न नहीं होते जितने तुलसी दल से। तुलसी दल पूजन का फल चार भार चाँदी और एक भार स्वर्ण के दान के बराबर होता है। हे नारद! मैं स्वयं भगवान की अतिप्रिय तुलसी को सदैव नमस्कार करता हूँ। तुलसी के पौधे को सींचने से मनुष्य की सब यातनाएँ नष्ट हो जाती हैं। दर्शन मात्र से सब पाप नष्ट हो जाते हैं और स्पर्श से मनुष्य पवित्र हो जाता है। कामिका एकादशी की रात्रि को दीपदान तथा जागरण के फल का माहात्म्य चित्रगुप्त भी नहीं कह सकते। जो इस एकादशी की रात्रि को भगवान के मंदिर में दीपक जलाते हैं उनके पितर स्वर्गलोक में अमृतपान करते हैं तथा जो घी या तेल का दीपक जलाते हैं, वे सौ करोड़ दीपकों से प्रकाशित होकर सूर्य लोक को जाते हैं। ब्रह्माजी कहते हैं कि हे नारद! ब्रह्महत्या तथा भू्रण हत्या आदि पापों को नष्ट करने वाली इस कामिका एकादशी का व्रत मनुष्य को यत्न के साथ करना चाहिए। कामिका एकादशी के व्रत का माहात्म्य श्रद्धा से सुनने और पढऩे वाला मनुष्य सभी पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक को जाता है। कामिका एकादशी : एक अन्य कथा ======================= प्राचीन काल में किसी गांव में एक ठाकुर जी थे। क्रोधी ठाकुर का एक ब्राह्मण से झगड़ा हो गया और क्रोध में आकर ठाकुर से ब्राह्मण का खून हो जाता है। अत: अपने अपराध की क्षमा याचना के लिए ब्राह्मण की क्रिया उसे करनी चाहिए परन्तु पंडितों ने उसे क्रिया में शामिल होने से मना कर दिया और वह ब्रह्म हत्या का दोषी बन गया। परिणामस्वरूप ब्राह्मणों ने भोजन करने से इनकार कर दिया। तब उन्होंने एक मुनि से निवेदन किया कि हे भगवान, मेरा पाप कैसे दूर हो सकता है। इस पर मुनि ने उसे कामिका एकादशी व्रत करने की प्रेरणा दी। ठाकुर ने वैसा ही किया जैसा मुनि ने उसे करने को कहा था, जब रात्रि में भगवान की मूर्ति के पास जब वह शयन कर रहा था तभी उसे स्वपन में प्रभु दर्शन देते हैं और उसके पापों को दूर करके उसे क्षमा दान देते हैं। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए कामिका एकादशी का व्रत आज ************************* व्रत रख कर सुनें कथा, होंगी मनोकामनाएं पूर्ण ============================== आज यानी 9 अगस्त को कामिका एकादशी है। सावन के महीने में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी का व्रत पूजन किया जाता है। कामिका एकादशी के दिन पीले रंग का काफी बड़ा महत्व बताया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा पीले फल-फूल से की जाती है। सभी एकादशी व्रतों में से कामिका एकादशी को भगवान विष्णु का उत्तम व्रत माना जाता है क्योंकि यह भगवान शिव के पावन महीने श्रावण में आता है। कामिका एकादशी का व्रत विधान करके सभी लोग अपने कष्टों से मुक्त हो सकते हैं। यह व्रत रखने से व्यक्ति के मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। कामिका एकादशी का व्रत करते समय बरतें ये सावधानियां ========================== - कामिका एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके साफ कपड़े पहनें। - घर में प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन का बिल्कुल भी प्रयोग ना करेंं। - सुबह और शाम एकादशी की पूजा पाठ में साफ-सुथरे कपड़े पहनकर ही व्रत कथा सुनें। - एकादशी की पूजा में हर तरीके से परिवार में शांतिपूर्वक माहौल बनाए रखेंं। - कामिका एकादशी पर एक आसन पर बैठकर ? नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बाहर जाप जरूर करेंं। घर में होगी बरकत- ---------------------- - कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा उससे एक दिन पहले दशमी तिथि की रात्रि से ही व्रत नियम को लेकर शुरू हो जाती हैं। - दशमी तिथि के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन ग्रहण न करें केवल फलों का ही सेवन करेंं। - दशमी तिथि की रात को अगर संभव हो तो भगवान विष्णु के ओम नमो नारायणाय आदि मंत्रों का जाप अवश्य करें। - सुबह सूर्योदय से पहले उठकर अपने स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लेना चाहिए. पूजा करते समय साफ कपड़े पहनकर विष्णु भगवान का ध्यान करना चाहिए। - पूर्व दिशा की तरफ एक पटरे पर पीला रेशमी कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की फोटो को स्थापित करेंं। - धूप-दीप जलाएं और कलश स्थापित करेंं। - भगवान विष्णु को अपने सामर्थ्य के अनुसार फल-फूल, पान, सुपारी, नारियल, लौंग आदि अर्पण करें और स्वयं भी पीले आसन पर बैठ जाएंं। - अपने दाएं हाथ में जल लेकर घर मे धन धान्य की बरकत के लिए भगवान विष्णु के सामने संकल्प लेंं। - यदि सम्भव हो तो पूरा दिन निराहार रहकर शाम के समय कामिका एकादशी की व्रत कथा सुनें और फलाहार करेंं। - शाम के समय भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने एक गाय के घी का दीपक जलाएंं। - अब दूसरे दिन सुबह ब्राह्मणों को भोजन कराकर तथा दक्षिणा देकर उसके बाद स्वयं खाना खाना चाहिएं। ये महाउपाय करने से मिलेगा मनचाहा वरदान- ============================ - कामिका एकादशी पर सूर्योदय से पहले उठे और स्नान करके हलके पीले रंग के कपड़े पहनें। - 5 सफेद जनेऊ को केसर से रंगे और 5 स्वच्छ पीले फल लेंं। - तुलसी की माला से पीले आसन पर बैठकर 'नमो भगवते वासुदेवायमंत्र का तीन माला का जाप करेंं। - जाप के बाद पांचों जनेऊ और पीले फल भगवान विष्णु के मंदिर में अर्पण कर दें और मन की इच्छा भगवान विष्णु के सामने जरूर कहेंं। - स्वयं प्रसाद के रूप में एक केला घर पर ले आएं और परिवार के सभी सदस्यों को देंं। कामिका एकादशी की कथा ********************** कुंतीपुत्र धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवन, कृपा करके श्रावण कृष्ण एकादशी का महत्व क्या है, सो बताइए। श्रीकृष्ण भगवान कहने लगे कि हे युधिष्ठिर! इस एकादशी की कथा एक समय स्वयं ब्रह्माजी ने देवर्षि नारद से कही थी, वही मैं तुमसे कहता हूँ। नारदजी ने ब्रह्माजी से पूछा था कि हे पितामह! श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी की कथा सुनने की मेरी इच्छा है, उसका क्या नाम है? क्या विधि है और उसका माहात्म्य क्या है, सो कृपा करके कहिए। नारदजी के ये वचन सुनकर ब्रह्माजी ने कहा- हे नारद! लोकों के हित के लिए तुमने बहुत सुंदर प्रश्न किया है। श्रावण मास की कृष्ण एकादशी का नाम कामिका है। उसके सुनने मात्र से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। इस दिन शंख, चक्र, गदाधारी विष्णु भगवान का पूजन होता है, जिनके नाम श्रीधर, हरि, विष्णु, माधव, मधुसूदन हैं। उनकी पूजा करने से जो फल मिलता है सो सुनो। जो फल गंगा, काशी, नैमिषारण्य और पुष्कर स्नान से मिलता है, वह विष्णु भगवान के पूजन से मिलता है। जो फल सूर्य व चंद्र ग्रहण पर कुरुक्षेत्र और काशी में स्नान करने से, समुद्र, वन सहित पृथ्वी दान करने से, सिंह राशि के बृहस्पति में गोदावरी और गंडकी नदी में स्नान से भी प्राप्त नहीं होता वह भगवान विष्णु के पूजन से मिलता है। जो मनुष्य श्रावण में भगवान का पूजन करते हैं, उनसे देवता, गंधर्व और सूर्य आदि सब पूजित हो जाते हैं। अत: पापों से डरने वाले मनुष्यों को कामिका एकादशी का व्रत और विष्णु भगवान का पूजन अवश्यमेव करना चाहिए। पापरूपी कीचड़ में फँसे हुए और संसाररूपी समुद्र में डूबे मनुष्यों के लिए इस एकादशी का व्रत और भगवान विष्णु का पूजन अत्यंत आवश्यक है। इससे बढ़कर पापों के नाशों का कोई उपाय नहीं है। हे नारद! स्वयं भगवान ने यही कहा है कि कामिका व्रत से जीव कुयोनि को प्राप्त नहीं होता। जो मनुष्य इस एकादशी के दिन भक्तिपूर्वक तुलसी दल भगवान विष्णु को अर्पण करते हैं, वे इस संसार के समस्त पापों से दूर रहते हैं। विष्णु भगवान रत्न, मोती, मणि तथा आभूषण आदि से इतने प्रसन्न नहीं होते जितने तुलसी दल से। तुलसी दल पूजन का फल चार भार चाँदी और एक भार स्वर्ण के दान के बराबर होता है। हे नारद! मैं स्वयं भगवान की अतिप्रिय तुलसी को सदैव नमस्कार करता हूँ। तुलसी के पौधे को सींचने से मनुष्य की सब यातनाएँ नष्ट हो जाती हैं। दर्शन मात्र से सब पाप नष्ट हो जाते हैं और स्पर्श से मनुष्य पवित्र हो जाता है। कामिका एकादशी की रात्रि को दीपदान तथा जागरण के फल का माहात्म्य चित्रगुप्त भी नहीं कह सकते। जो इस एकादशी की रात्रि को भगवान के मंदिर में दीपक जलाते हैं उनके पितर स्वर्गलोक में अमृतपान करते हैं तथा जो घी या तेल का दीपक जलाते हैं, वे सौ करोड़ दीपकों से प्रकाशित होकर सूर्य लोक को जाते हैं। ब्रह्माजी कहते हैं कि हे नारद! ब्रह्महत्या तथा भू्रण हत्या आदि पापों को नष्ट करने वाली इस कामिका एकादशी का व्रत मनुष्य को यत्न के साथ करना चाहिए। कामिका एकादशी के व्रत का माहात्म्य श्रद्धा से सुनने और पढऩे वाला मनुष्य सभी पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक को जाता है। कामिका एकादशी : एक अन्य कथा ======================= प्राचीन काल में किसी गांव में एक ठाकुर जी थे। क्रोधी ठाकुर का एक ब्राह्मण से झगड़ा हो गया और क्रोध में आकर ठाकुर से ब्राह्मण का खून हो जाता है। अत: अपने अपराध की क्षमा याचना के लिए ब्राह्मण की क्रिया उसे करनी चाहिए परन्तु पंडितों ने उसे क्रिया में शामिल होने से मना कर दिया और वह ब्रह्म हत्या का दोषी बन गया। परिणामस्वरूप ब्राह्मणों ने भोजन करने से इनकार कर दिया। तब उन्होंने एक मुनि से निवेदन किया कि हे भगवान, मेरा पाप कैसे दूर हो सकता है। इस पर मुनि ने उसे कामिका एकादशी व्रत करने की प्रेरणा दी। ठाकुर ने वैसा ही किया जैसा मुनि ने उसे करने को कहा था, जब रात्रि में भगवान की मूर्ति के पास जब वह शयन कर रहा था तभी उसे स्वपन में प्रभु दर्शन देते हैं और उसके पापों को दूर करके उसे क्षमा दान देते हैं।
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    कामिका एकादशी का व्रत आज
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व्रत रख कर सुनें कथा, होंगी मनोकामनाएं पूर्ण
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कामिका एकादशी का व्रत आज
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व्रत रख कर सुनें कथा, होंगी मनोकामनाएं पूर्ण
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आज यानी 9 अगस्त को कामिका एकादशी है। सावन के महीने में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी का व्रत पूजन किया जाता है। कामिका एकादशी के दिन पीले रंग का काफी बड़ा महत्व बताया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा पीले फल-फूल से की जाती है।
सभी एकादशी व्रतों में से कामिका एकादशी को भगवान विष्णु का उत्तम व्रत माना जाता है क्योंकि यह भगवान शिव के पावन महीने श्रावण में आता है। कामिका एकादशी का व्रत विधान करके सभी लोग अपने कष्टों से मुक्त हो सकते हैं। यह व्रत रखने से व्यक्ति के मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
कामिका एकादशी का व्रत करते समय बरतें ये सावधानियां
==========================
- कामिका एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
- घर में प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन का बिल्कुल भी प्रयोग ना करेंं।
- सुबह और शाम एकादशी की पूजा पाठ में साफ-सुथरे कपड़े पहनकर ही व्रत कथा सुनें।
- एकादशी की पूजा में हर तरीके से परिवार में शांतिपूर्वक माहौल बनाए रखेंं।
- कामिका एकादशी पर एक आसन पर बैठकर ? नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बाहर जाप जरूर करेंं।
घर में होगी बरकत-
----------------------
- कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा उससे एक दिन पहले दशमी तिथि की रात्रि से ही व्रत नियम को लेकर शुरू हो जाती हैं।
- दशमी तिथि के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन ग्रहण न करें केवल फलों का ही सेवन करेंं।
- दशमी तिथि की रात को अगर संभव हो तो भगवान विष्णु के ओम नमो नारायणाय आदि मंत्रों का जाप अवश्य करें।
- सुबह सूर्योदय से पहले उठकर अपने स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लेना चाहिए. पूजा करते समय साफ कपड़े पहनकर विष्णु भगवान का ध्यान करना चाहिए।
- पूर्व दिशा की तरफ एक पटरे पर पीला रेशमी कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की फोटो को स्थापित करेंं।
- धूप-दीप जलाएं और कलश स्थापित करेंं।
- भगवान विष्णु को अपने सामर्थ्य के अनुसार फल-फूल, पान, सुपारी, नारियल, लौंग आदि अर्पण करें और स्वयं भी पीले आसन पर बैठ जाएंं।
- अपने दाएं हाथ में जल लेकर घर मे धन धान्य की बरकत के लिए भगवान विष्णु के सामने संकल्प लेंं।
- यदि सम्भव हो तो पूरा दिन निराहार रहकर शाम के समय कामिका एकादशी की व्रत कथा सुनें और फलाहार करेंं।
- शाम के समय भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने एक गाय के घी का दीपक जलाएंं।
- अब दूसरे दिन सुबह ब्राह्मणों को भोजन कराकर तथा दक्षिणा देकर उसके बाद स्वयं खाना खाना चाहिएं।
ये महाउपाय करने से मिलेगा मनचाहा वरदान-
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- कामिका एकादशी पर सूर्योदय से पहले उठे और स्नान करके हलके पीले रंग के कपड़े पहनें।
- 5 सफेद जनेऊ को केसर से रंगे और 5 स्वच्छ पीले फल लेंं।
- तुलसी की माला से पीले आसन पर बैठकर 'नमो भगवते वासुदेवायमंत्र का तीन माला का जाप करेंं।
- जाप के बाद पांचों जनेऊ और पीले फल भगवान विष्णु के मंदिर में अर्पण कर दें और मन की इच्छा भगवान विष्णु के सामने जरूर कहेंं।
- स्वयं प्रसाद के रूप में एक केला घर पर ले आएं और परिवार के सभी सदस्यों को देंं।
कामिका एकादशी की कथा
**********************
कुंतीपुत्र धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवन, कृपा करके श्रावण कृष्ण एकादशी का महत्व क्या है, सो बताइए।
श्रीकृष्ण भगवान कहने लगे कि हे युधिष्ठिर! इस एकादशी की कथा एक समय स्वयं ब्रह्माजी ने देवर्षि नारद से कही थी, वही मैं तुमसे कहता हूँ। नारदजी ने ब्रह्माजी से पूछा था कि हे पितामह! श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी की कथा सुनने की मेरी इच्छा है, उसका क्या नाम है? क्या विधि है और उसका माहात्म्य क्या है, सो कृपा करके कहिए।
नारदजी के ये वचन सुनकर ब्रह्माजी ने कहा- हे नारद! लोकों के हित के लिए तुमने बहुत सुंदर प्रश्न किया है। श्रावण मास की कृष्ण एकादशी का नाम कामिका है। उसके सुनने मात्र से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। इस दिन शंख, चक्र, गदाधारी विष्णु भगवान का पूजन होता है, जिनके नाम श्रीधर, हरि, विष्णु, माधव, मधुसूदन हैं। उनकी पूजा करने से जो फल मिलता है सो सुनो।
जो फल गंगा, काशी, नैमिषारण्य और पुष्कर स्नान से मिलता है, वह विष्णु भगवान के पूजन से मिलता है। जो फल सूर्य व चंद्र ग्रहण पर कुरुक्षेत्र और काशी में स्नान करने से, समुद्र, वन सहित पृथ्वी दान करने से, सिंह राशि के बृहस्पति में गोदावरी और गंडकी नदी में स्नान से भी प्राप्त नहीं होता वह भगवान विष्णु के पूजन से मिलता है। 
जो मनुष्य श्रावण में भगवान का पूजन करते हैं, उनसे देवता, गंधर्व और सूर्य आदि सब पूजित हो जाते हैं। अत: पापों से डरने वाले मनुष्यों को कामिका एकादशी का व्रत और विष्णु भगवान का पूजन अवश्यमेव करना चाहिए। पापरूपी कीचड़ में फँसे हुए और संसाररूपी समुद्र में डूबे मनुष्यों के लिए इस एकादशी का व्रत और भगवान विष्णु का पूजन अत्यंत आवश्यक है। इससे बढ़कर पापों के नाशों का कोई उपाय नहीं है।
हे नारद! स्वयं भगवान ने यही कहा है कि कामिका व्रत से जीव कुयोनि को प्राप्त नहीं होता। जो मनुष्य इस एकादशी के दिन भक्तिपूर्वक तुलसी दल भगवान विष्णु को अर्पण करते हैं, वे इस संसार के समस्त पापों से दूर रहते हैं। विष्णु भगवान रत्न, मोती, मणि तथा आभूषण आदि से इतने प्रसन्न नहीं होते जितने तुलसी दल से।
तुलसी दल पूजन का फल चार भार चाँदी और एक भार स्वर्ण के दान के बराबर होता है। हे नारद! मैं स्वयं भगवान की अतिप्रिय तुलसी को सदैव नमस्कार करता हूँ। तुलसी के पौधे को सींचने से मनुष्य की सब यातनाएँ नष्ट हो जाती हैं। दर्शन मात्र से सब पाप नष्ट हो जाते हैं और स्पर्श से मनुष्य पवित्र हो जाता है।
कामिका एकादशी की रात्रि को दीपदान तथा जागरण के फल का माहात्म्य चित्रगुप्त भी नहीं कह सकते। जो इस एकादशी की रात्रि को भगवान के मंदिर में दीपक जलाते हैं उनके पितर स्वर्गलोक में अमृतपान करते हैं तथा जो घी या तेल का दीपक जलाते हैं, वे सौ करोड़ दीपकों से प्रकाशित होकर सूर्य लोक को जाते हैं।
ब्रह्माजी कहते हैं कि हे नारद! ब्रह्महत्या तथा भू्रण हत्या आदि पापों को नष्ट करने वाली इस कामिका एकादशी का व्रत मनुष्य को यत्न के साथ करना चाहिए। कामिका एकादशी के व्रत का माहात्म्य श्रद्धा से सुनने और पढऩे वाला मनुष्य सभी पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक को जाता है।
कामिका एकादशी : एक अन्य कथा
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प्राचीन काल में किसी गांव में एक ठाकुर जी थे। क्रोधी ठाकुर का एक ब्राह्मण से झगड़ा हो गया और क्रोध में आकर ठाकुर से ब्राह्मण का खून हो जाता है। अत: अपने अपराध की क्षमा याचना के लिए ब्राह्मण की क्रिया उसे करनी चाहिए परन्तु पंडितों ने उसे क्रिया में शामिल होने से मना कर दिया और वह ब्रह्म हत्या का दोषी बन गया। परिणामस्वरूप ब्राह्मणों ने भोजन करने से इनकार कर दिया। तब उन्होंने एक मुनि से निवेदन किया कि हे भगवान, मेरा पाप कैसे दूर हो सकता है। इस पर मुनि ने उसे कामिका एकादशी व्रत करने की प्रेरणा दी। ठाकुर ने वैसा ही किया जैसा मुनि ने उसे करने को कहा था, जब रात्रि में भगवान की मूर्ति के पास जब वह शयन कर रहा था तभी उसे स्वपन में प्रभु दर्शन देते हैं और उसके पापों को दूर करके उसे क्षमा दान देते हैं।
राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175
नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए कामिका एकादशी का व्रत आज
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व्रत रख कर सुनें कथा, होंगी मनोकामनाएं पूर्ण
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आज यानी 9 अगस्त को कामिका एकादशी है। सावन के महीने में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी का व्रत पूजन किया जाता है। कामिका एकादशी के दिन पीले रंग का काफी बड़ा महत्व बताया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा पीले फल-फूल से की जाती है।
सभी एकादशी व्रतों में से कामिका एकादशी को भगवान विष्णु का उत्तम व्रत माना जाता है क्योंकि यह भगवान शिव के पावन महीने श्रावण में आता है। कामिका एकादशी का व्रत विधान करके सभी लोग अपने कष्टों से मुक्त हो सकते हैं। यह व्रत रखने से व्यक्ति के मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
कामिका एकादशी का व्रत करते समय बरतें ये सावधानियां
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- कामिका एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
- घर में प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन का बिल्कुल भी प्रयोग ना करेंं।
- सुबह और शाम एकादशी की पूजा पाठ में साफ-सुथरे कपड़े पहनकर ही व्रत कथा सुनें।
- एकादशी की पूजा में हर तरीके से परिवार में शांतिपूर्वक माहौल बनाए रखेंं।
- कामिका एकादशी पर एक आसन पर बैठकर ? नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बाहर जाप जरूर करेंं।
घर में होगी बरकत-
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- कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा उससे एक दिन पहले दशमी तिथि की रात्रि से ही व्रत नियम को लेकर शुरू हो जाती हैं।
- दशमी तिथि के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन ग्रहण न करें केवल फलों का ही सेवन करेंं।
- दशमी तिथि की रात को अगर संभव हो तो भगवान विष्णु के ओम नमो नारायणाय आदि मंत्रों का जाप अवश्य करें।
- सुबह सूर्योदय से पहले उठकर अपने स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लेना चाहिए. पूजा करते समय साफ कपड़े पहनकर विष्णु भगवान का ध्यान करना चाहिए।
- पूर्व दिशा की तरफ एक पटरे पर पीला रेशमी कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की फोटो को स्थापित करेंं।
- धूप-दीप जलाएं और कलश स्थापित करेंं।
- भगवान विष्णु को अपने सामर्थ्य के अनुसार फल-फूल, पान, सुपारी, नारियल, लौंग आदि अर्पण करें और स्वयं भी पीले आसन पर बैठ जाएंं।
- अपने दाएं हाथ में जल लेकर घर मे धन धान्य की बरकत के लिए भगवान विष्णु के सामने संकल्प लेंं।
- यदि सम्भव हो तो पूरा दिन निराहार रहकर शाम के समय कामिका एकादशी की व्रत कथा सुनें और फलाहार करेंं।
- शाम के समय भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने एक गाय के घी का दीपक जलाएंं।
- अब दूसरे दिन सुबह ब्राह्मणों को भोजन कराकर तथा दक्षिणा देकर उसके बाद स्वयं खाना खाना चाहिएं।
ये महाउपाय करने से मिलेगा मनचाहा वरदान-
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- कामिका एकादशी पर सूर्योदय से पहले उठे और स्नान करके हलके पीले रंग के कपड़े पहनें।
- 5 सफेद जनेऊ को केसर से रंगे और 5 स्वच्छ पीले फल लेंं।
- तुलसी की माला से पीले आसन पर बैठकर 'नमो भगवते वासुदेवायमंत्र का तीन माला का जाप करेंं।
- जाप के बाद पांचों जनेऊ और पीले फल भगवान विष्णु के मंदिर में अर्पण कर दें और मन की इच्छा भगवान विष्णु के सामने जरूर कहेंं।
- स्वयं प्रसाद के रूप में एक केला घर पर ले आएं और परिवार के सभी सदस्यों को देंं।
कामिका एकादशी की कथा
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कुंतीपुत्र धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवन, कृपा करके श्रावण कृष्ण एकादशी का महत्व क्या है, सो बताइए।
श्रीकृष्ण भगवान कहने लगे कि हे युधिष्ठिर! इस एकादशी की कथा एक समय स्वयं ब्रह्माजी ने देवर्षि नारद से कही थी, वही मैं तुमसे कहता हूँ। नारदजी ने ब्रह्माजी से पूछा था कि हे पितामह! श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी की कथा सुनने की मेरी इच्छा है, उसका क्या नाम है? क्या विधि है और उसका माहात्म्य क्या है, सो कृपा करके कहिए।
नारदजी के ये वचन सुनकर ब्रह्माजी ने कहा- हे नारद! लोकों के हित के लिए तुमने बहुत सुंदर प्रश्न किया है। श्रावण मास की कृष्ण एकादशी का नाम कामिका है। उसके सुनने मात्र से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। इस दिन शंख, चक्र, गदाधारी विष्णु भगवान का पूजन होता है, जिनके नाम श्रीधर, हरि, विष्णु, माधव, मधुसूदन हैं। उनकी पूजा करने से जो फल मिलता है सो सुनो।
जो फल गंगा, काशी, नैमिषारण्य और पुष्कर स्नान से मिलता है, वह विष्णु भगवान के पूजन से मिलता है। जो फल सूर्य व चंद्र ग्रहण पर कुरुक्षेत्र और काशी में स्नान करने से, समुद्र, वन सहित पृथ्वी दान करने से, सिंह राशि के बृहस्पति में गोदावरी और गंडकी नदी में स्नान से भी प्राप्त नहीं होता वह भगवान विष्णु के पूजन से मिलता है। 
जो मनुष्य श्रावण में भगवान का पूजन करते हैं, उनसे देवता, गंधर्व और सूर्य आदि सब पूजित हो जाते हैं। अत: पापों से डरने वाले मनुष्यों को कामिका एकादशी का व्रत और विष्णु भगवान का पूजन अवश्यमेव करना चाहिए। पापरूपी कीचड़ में फँसे हुए और संसाररूपी समुद्र में डूबे मनुष्यों के लिए इस एकादशी का व्रत और भगवान विष्णु का पूजन अत्यंत आवश्यक है। इससे बढ़कर पापों के नाशों का कोई उपाय नहीं है।
हे नारद! स्वयं भगवान ने यही कहा है कि कामिका व्रत से जीव कुयोनि को प्राप्त नहीं होता। जो मनुष्य इस एकादशी के दिन भक्तिपूर्वक तुलसी दल भगवान विष्णु को अर्पण करते हैं, वे इस संसार के समस्त पापों से दूर रहते हैं। विष्णु भगवान रत्न, मोती, मणि तथा आभूषण आदि से इतने प्रसन्न नहीं होते जितने तुलसी दल से।
तुलसी दल पूजन का फल चार भार चाँदी और एक भार स्वर्ण के दान के बराबर होता है। हे नारद! मैं स्वयं भगवान की अतिप्रिय तुलसी को सदैव नमस्कार करता हूँ। तुलसी के पौधे को सींचने से मनुष्य की सब यातनाएँ नष्ट हो जाती हैं। दर्शन मात्र से सब पाप नष्ट हो जाते हैं और स्पर्श से मनुष्य पवित्र हो जाता है।
कामिका एकादशी की रात्रि को दीपदान तथा जागरण के फल का माहात्म्य चित्रगुप्त भी नहीं कह सकते। जो इस एकादशी की रात्रि को भगवान के मंदिर में दीपक जलाते हैं उनके पितर स्वर्गलोक में अमृतपान करते हैं तथा जो घी या तेल का दीपक जलाते हैं, वे सौ करोड़ दीपकों से प्रकाशित होकर सूर्य लोक को जाते हैं।
ब्रह्माजी कहते हैं कि हे नारद! ब्रह्महत्या तथा भू्रण हत्या आदि पापों को नष्ट करने वाली इस कामिका एकादशी का व्रत मनुष्य को यत्न के साथ करना चाहिए। कामिका एकादशी के व्रत का माहात्म्य श्रद्धा से सुनने और पढऩे वाला मनुष्य सभी पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक को जाता है।
कामिका एकादशी : एक अन्य कथा
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प्राचीन काल में किसी गांव में एक ठाकुर जी थे। क्रोधी ठाकुर का एक ब्राह्मण से झगड़ा हो गया और क्रोध में आकर ठाकुर से ब्राह्मण का खून हो जाता है। अत: अपने अपराध की क्षमा याचना के लिए ब्राह्मण की क्रिया उसे करनी चाहिए परन्तु पंडितों ने उसे क्रिया में शामिल होने से मना कर दिया और वह ब्रह्म हत्या का दोषी बन गया। परिणामस्वरूप ब्राह्मणों ने भोजन करने से इनकार कर दिया। तब उन्होंने एक मुनि से निवेदन किया कि हे भगवान, मेरा पाप कैसे दूर हो सकता है। इस पर मुनि ने उसे कामिका एकादशी व्रत करने की प्रेरणा दी। ठाकुर ने वैसा ही किया जैसा मुनि ने उसे करने को कहा था, जब रात्रि में भगवान की मूर्ति के पास जब वह शयन कर रहा था तभी उसे स्वपन में प्रभु दर्शन देते हैं और उसके पापों को दूर करके उसे क्षमा दान देते हैं।
    user_Ashok Vishwakarma
    Ashok Vishwakarma
    Local News Reporter देवेंद्रनगर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • शुभ शनिवार।। मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन शुभ शनिवार।। श्रावण मास में मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन प्राप्त करें जय श्री कृष्णा 🚩
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    शुभ शनिवार।। मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन 
शुभ शनिवार।। श्रावण मास में मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन प्राप्त करें 
जय श्री कृष्णा 🚩
    user_Sandeep shukla
    Sandeep shukla
    पत्रकारिता Devendranagar, Panna•
    14 hrs ago
  • लखन लाल संस्थान समिति मुक्ति धाम समाजसेवी 11 वृक्षों का पौधों रोपण किया गया शिवकाशी टीवी न्यूज - हटा* 📝 _संवाददाता: पुष्पेन्द्र रैकवार | मोबाइल: 9713931454_ 🌳 संयुक्त सहयोग से वृहद पौधारोपण कार्यक्रम संपन्न 🌱 “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत देव श्री गौरीशंकर मुक्तिधाम में हुआ पौधारोपण *“देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें” — श्री गंगाराम पटेल* 🌱 संकल्प _एक पेड़ माँ के नाम, एक पौधा भविष्य के नाम। आइए, मिलकर हटा को हरित और सुंदर बनाएं।_
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    लखन लाल संस्थान समिति मुक्ति धाम समाजसेवी 11 वृक्षों का  पौधों रोपण किया गया
शिवकाशी टीवी न्यूज - हटा* 📝  
_संवाददाता: पुष्पेन्द्र रैकवार | मोबाइल: 9713931454_
🌳 संयुक्त सहयोग से वृहद पौधारोपण कार्यक्रम संपन्न  
🌱 “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत देव श्री गौरीशंकर मुक्तिधाम में हुआ पौधारोपण
*“देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें” — श्री गंगाराम पटेल*
🌱 संकल्प
_एक पेड़ माँ के नाम,  
एक पौधा भविष्य के नाम।  
आइए, मिलकर हटा को हरित और सुंदर बनाएं।_
    user_Pushpendra hatta  Press reporter
    Pushpendra hatta Press reporter
    हटा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    27 min ago
  • क्षेत्र में बढ़ती चोरियों की वारदातों से नाराज रैपुरा के सैकड़ो व्यापारी पहुंचे थाने कार्यवाही की करी मांग फरियादी की प्रतिक्रिया से पुलिस कार्यप्रणाणी पर उठे swal क्षेत्र में बढ़ती चोरियों की वारदातों से नाराज रैपुरा के सैकड़ो व्यापारी पहुंचे थाने कार्यवाही की करी मांग फरियादी की प्रतिक्रिया से पुलिस कार्यप्रणाणी पर उठे सवाल
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    क्षेत्र में बढ़ती चोरियों की वारदातों से नाराज रैपुरा के सैकड़ो व्यापारी पहुंचे थाने कार्यवाही की करी मांग फरियादी की प्रतिक्रिया से पुलिस कार्यप्रणाणी पर उठे swal
क्षेत्र में बढ़ती चोरियों की वारदातों से नाराज रैपुरा के सैकड़ो व्यापारी पहुंचे थाने कार्यवाही की करी मांग फरियादी की प्रतिक्रिया से पुलिस कार्यप्रणाणी पर उठे सवाल
    user_Lakhan Sahu
    Lakhan Sahu
    Farmer रायपुर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पन्ना में साइबर ठगी का नया पैंतरा: फर्जी क्रेडिट मैसेज भेजकर ग्रामीण को झांसे में लिया, खाते से 25 हजार रुपये ट्रांसफर पन्ना में साइबर ठगी का नया पैंतरा: फर्जी क्रेडिट मैसेज भेजकर ग्रामीण को झांसे में लिया, खाते से 25 हजार रुपये ट्रांसफर ककरहटी। साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र की ककरहटी चौकी अंतर्गत ग्राम गढ़ीपड़रिया में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने परिचित बनकर ग्रामीण को फोन किया और खाते में रुपये जमा होने का फर्जी मैसेज भेजकर विश्वास में लिया। इसके बाद PhonePe के माध्यम से कथित तौर पर 25 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करवा लिए गए। परिचित बनकर किया फोन, फिर रचा ठगी का जाल ग्राम गढ़ीपड़रिया निवासी नरेन्द्र कुमार खरे पिता उमा प्रसाद ने ककरहटी पुलिस चौकी में दिए आवेदन में बताया कि उनका भारतीय स्टेट बैंक, शाखा ककरहटी में खाता संचालित है। शिकायत के मुताबिक, 7 अगस्त 2026 की शाम करीब 7:39 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को उनका परिचित बताया और बातचीत के दौरान उन्हें विश्वास में लेने का प्रयास किया। फर्जी क्रेडिट मैसेज दिखाकर कराया 25 हजार रुपये का ट्रांजैक्शन पीड़ित के अनुसार, फोन करने वाले व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर खाते में रुपये क्रेडिट होने का एक फर्जी मैसेज भेजा। मैसेज देखकर पीड़ित को लगा कि संबंधित व्यक्ति ने उनके खाते में रुपये भेजे हैं। इसके बाद कथित रूप से उन्हें विश्वास में लेकर PhonePe के माध्यम से 25,000 रुपये एक बताए गए नंबर पर ट्रांसफर करवा लिए गए। शिकायत में जिस नंबर पर राशि ट्रांसफर किए जाने का उल्लेख किया गया है, वह 9754324485 है। आवेदन में प्राप्तकर्ता के नाम के रूप में सोनू विश्वकर्मा का उल्लेख किया गया है। ठगी का अहसास होने पर पुलिस से लगाई गुहार राशि ट्रांसफर करने के बाद जब पीड़ित को पूरे मामले की जानकारी हुई तो उसे ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने ककरहटी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत देकर मामले की जांच एवं संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ PhonePe ट्रांजैक्शन की रसीद भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है। अब पुलिस शिकायत और उपलब्ध लेनदेन संबंधी जानकारी के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आरोपी की भूमिका और राशि की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या भेजे गए भुगतान संबंधी स्क्रीनशॉट पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। खाते में पैसा आया है या नहीं, इसकी पुष्टि हमेशा अपने बैंकिंग ऐप या बैंक स्टेटमेंट से करें। किसी के कहने पर UPI PIN, OTP या अन्य बैंकिंग जानकारी साझा न करें और अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने से बचें।
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    पन्ना में साइबर ठगी का नया पैंतरा: फर्जी क्रेडिट मैसेज भेजकर ग्रामीण को झांसे में लिया, खाते से 25 हजार रुपये ट्रांसफर
पन्ना में साइबर ठगी का नया पैंतरा: फर्जी क्रेडिट मैसेज भेजकर ग्रामीण को झांसे में लिया, खाते से 25 हजार रुपये ट्रांसफर
ककरहटी। साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र की ककरहटी चौकी अंतर्गत ग्राम गढ़ीपड़रिया में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने परिचित बनकर ग्रामीण को फोन किया और खाते में रुपये जमा होने का फर्जी मैसेज भेजकर विश्वास में लिया। इसके बाद PhonePe के माध्यम से कथित तौर पर 25 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करवा लिए गए।
परिचित बनकर किया फोन, फिर रचा ठगी का जाल
ग्राम गढ़ीपड़रिया निवासी नरेन्द्र कुमार खरे पिता उमा प्रसाद ने ककरहटी पुलिस चौकी में दिए आवेदन में बताया कि उनका भारतीय स्टेट बैंक, शाखा ककरहटी में खाता संचालित है। शिकायत के मुताबिक, 7 अगस्त 2026 की शाम करीब 7:39 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को उनका परिचित बताया और बातचीत के दौरान उन्हें विश्वास में लेने का प्रयास किया।
फर्जी क्रेडिट मैसेज दिखाकर कराया 25 हजार रुपये का ट्रांजैक्शन
पीड़ित के अनुसार, फोन करने वाले व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर खाते में रुपये क्रेडिट होने का एक फर्जी मैसेज भेजा। मैसेज देखकर पीड़ित को लगा कि संबंधित व्यक्ति ने उनके खाते में रुपये भेजे हैं। इसके बाद कथित रूप से उन्हें विश्वास में लेकर PhonePe के माध्यम से 25,000 रुपये एक बताए गए नंबर पर ट्रांसफर करवा लिए गए।
शिकायत में जिस नंबर पर राशि ट्रांसफर किए जाने का उल्लेख किया गया है, वह 9754324485 है। आवेदन में प्राप्तकर्ता के नाम के रूप में सोनू विश्वकर्मा का उल्लेख किया गया है।
ठगी का अहसास होने पर पुलिस से लगाई गुहार
राशि ट्रांसफर करने के बाद जब पीड़ित को पूरे मामले की जानकारी हुई तो उसे ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने ककरहटी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत देकर मामले की जांच एवं संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ PhonePe ट्रांजैक्शन की रसीद भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है।
अब पुलिस शिकायत और उपलब्ध लेनदेन संबंधी जानकारी के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आरोपी की भूमिका और राशि की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय
साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या भेजे गए भुगतान संबंधी स्क्रीनशॉट पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। खाते में पैसा आया है या नहीं, इसकी पुष्टि हमेशा अपने बैंकिंग ऐप या बैंक स्टेटमेंट से करें। किसी के कहने पर UPI PIN, OTP या अन्य बैंकिंग जानकारी साझा न करें और अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने से बचें।
    user_Ashok Vishwakarma
    Ashok Vishwakarma
    Local News Reporter देवेंद्रनगर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा
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    जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट

मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा
जौनपुर नाली निर्माण को लेकर बवाल, दो पक्षो में जमकर मारपीट
मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
खुटहन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का पूरा
    user_Arun Lodhi
    Arun Lodhi
    Media and information sciences faculty अमनगंज, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
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