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शुभ शनिवार।। मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन शुभ शनिवार।। श्रावण मास में मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन प्राप्त करें जय श्री कृष्णा 🚩
Sandeep shukla
शुभ शनिवार।। मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन शुभ शनिवार।। श्रावण मास में मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन प्राप्त करें जय श्री कृष्णा 🚩
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- कामिका एकादशी का व्रत आज ************************* व्रत रख कर सुनें कथा, होंगी मनोकामनाएं पूर्ण =========== कामिका एकादशी का व्रत आज ************************* व्रत रख कर सुनें कथा, होंगी मनोकामनाएं पूर्ण ============================== आज यानी 9 अगस्त को कामिका एकादशी है। सावन के महीने में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी का व्रत पूजन किया जाता है। कामिका एकादशी के दिन पीले रंग का काफी बड़ा महत्व बताया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा पीले फल-फूल से की जाती है। सभी एकादशी व्रतों में से कामिका एकादशी को भगवान विष्णु का उत्तम व्रत माना जाता है क्योंकि यह भगवान शिव के पावन महीने श्रावण में आता है। कामिका एकादशी का व्रत विधान करके सभी लोग अपने कष्टों से मुक्त हो सकते हैं। यह व्रत रखने से व्यक्ति के मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। कामिका एकादशी का व्रत करते समय बरतें ये सावधानियां ========================== - कामिका एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके साफ कपड़े पहनें। - घर में प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन का बिल्कुल भी प्रयोग ना करेंं। - सुबह और शाम एकादशी की पूजा पाठ में साफ-सुथरे कपड़े पहनकर ही व्रत कथा सुनें। - एकादशी की पूजा में हर तरीके से परिवार में शांतिपूर्वक माहौल बनाए रखेंं। - कामिका एकादशी पर एक आसन पर बैठकर ? नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बाहर जाप जरूर करेंं। घर में होगी बरकत- ---------------------- - कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा उससे एक दिन पहले दशमी तिथि की रात्रि से ही व्रत नियम को लेकर शुरू हो जाती हैं। - दशमी तिथि के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन ग्रहण न करें केवल फलों का ही सेवन करेंं। - दशमी तिथि की रात को अगर संभव हो तो भगवान विष्णु के ओम नमो नारायणाय आदि मंत्रों का जाप अवश्य करें। - सुबह सूर्योदय से पहले उठकर अपने स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लेना चाहिए. पूजा करते समय साफ कपड़े पहनकर विष्णु भगवान का ध्यान करना चाहिए। - पूर्व दिशा की तरफ एक पटरे पर पीला रेशमी कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की फोटो को स्थापित करेंं। - धूप-दीप जलाएं और कलश स्थापित करेंं। - भगवान विष्णु को अपने सामर्थ्य के अनुसार फल-फूल, पान, सुपारी, नारियल, लौंग आदि अर्पण करें और स्वयं भी पीले आसन पर बैठ जाएंं। - अपने दाएं हाथ में जल लेकर घर मे धन धान्य की बरकत के लिए भगवान विष्णु के सामने संकल्प लेंं। - यदि सम्भव हो तो पूरा दिन निराहार रहकर शाम के समय कामिका एकादशी की व्रत कथा सुनें और फलाहार करेंं। - शाम के समय भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने एक गाय के घी का दीपक जलाएंं। - अब दूसरे दिन सुबह ब्राह्मणों को भोजन कराकर तथा दक्षिणा देकर उसके बाद स्वयं खाना खाना चाहिएं। ये महाउपाय करने से मिलेगा मनचाहा वरदान- ============================ - कामिका एकादशी पर सूर्योदय से पहले उठे और स्नान करके हलके पीले रंग के कपड़े पहनें। - 5 सफेद जनेऊ को केसर से रंगे और 5 स्वच्छ पीले फल लेंं। - तुलसी की माला से पीले आसन पर बैठकर 'नमो भगवते वासुदेवायमंत्र का तीन माला का जाप करेंं। - जाप के बाद पांचों जनेऊ और पीले फल भगवान विष्णु के मंदिर में अर्पण कर दें और मन की इच्छा भगवान विष्णु के सामने जरूर कहेंं। - स्वयं प्रसाद के रूप में एक केला घर पर ले आएं और परिवार के सभी सदस्यों को देंं। कामिका एकादशी की कथा ********************** कुंतीपुत्र धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवन, कृपा करके श्रावण कृष्ण एकादशी का महत्व क्या है, सो बताइए। श्रीकृष्ण भगवान कहने लगे कि हे युधिष्ठिर! इस एकादशी की कथा एक समय स्वयं ब्रह्माजी ने देवर्षि नारद से कही थी, वही मैं तुमसे कहता हूँ। नारदजी ने ब्रह्माजी से पूछा था कि हे पितामह! श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी की कथा सुनने की मेरी इच्छा है, उसका क्या नाम है? क्या विधि है और उसका माहात्म्य क्या है, सो कृपा करके कहिए। नारदजी के ये वचन सुनकर ब्रह्माजी ने कहा- हे नारद! लोकों के हित के लिए तुमने बहुत सुंदर प्रश्न किया है। श्रावण मास की कृष्ण एकादशी का नाम कामिका है। उसके सुनने मात्र से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। इस दिन शंख, चक्र, गदाधारी विष्णु भगवान का पूजन होता है, जिनके नाम श्रीधर, हरि, विष्णु, माधव, मधुसूदन हैं। उनकी पूजा करने से जो फल मिलता है सो सुनो। जो फल गंगा, काशी, नैमिषारण्य और पुष्कर स्नान से मिलता है, वह विष्णु भगवान के पूजन से मिलता है। जो फल सूर्य व चंद्र ग्रहण पर कुरुक्षेत्र और काशी में स्नान करने से, समुद्र, वन सहित पृथ्वी दान करने से, सिंह राशि के बृहस्पति में गोदावरी और गंडकी नदी में स्नान से भी प्राप्त नहीं होता वह भगवान विष्णु के पूजन से मिलता है। जो मनुष्य श्रावण में भगवान का पूजन करते हैं, उनसे देवता, गंधर्व और सूर्य आदि सब पूजित हो जाते हैं। अत: पापों से डरने वाले मनुष्यों को कामिका एकादशी का व्रत और विष्णु भगवान का पूजन अवश्यमेव करना चाहिए। पापरूपी कीचड़ में फँसे हुए और संसाररूपी समुद्र में डूबे मनुष्यों के लिए इस एकादशी का व्रत और भगवान विष्णु का पूजन अत्यंत आवश्यक है। इससे बढ़कर पापों के नाशों का कोई उपाय नहीं है। हे नारद! स्वयं भगवान ने यही कहा है कि कामिका व्रत से जीव कुयोनि को प्राप्त नहीं होता। जो मनुष्य इस एकादशी के दिन भक्तिपूर्वक तुलसी दल भगवान विष्णु को अर्पण करते हैं, वे इस संसार के समस्त पापों से दूर रहते हैं। विष्णु भगवान रत्न, मोती, मणि तथा आभूषण आदि से इतने प्रसन्न नहीं होते जितने तुलसी दल से। तुलसी दल पूजन का फल चार भार चाँदी और एक भार स्वर्ण के दान के बराबर होता है। हे नारद! मैं स्वयं भगवान की अतिप्रिय तुलसी को सदैव नमस्कार करता हूँ। तुलसी के पौधे को सींचने से मनुष्य की सब यातनाएँ नष्ट हो जाती हैं। दर्शन मात्र से सब पाप नष्ट हो जाते हैं और स्पर्श से मनुष्य पवित्र हो जाता है। कामिका एकादशी की रात्रि को दीपदान तथा जागरण के फल का माहात्म्य चित्रगुप्त भी नहीं कह सकते। जो इस एकादशी की रात्रि को भगवान के मंदिर में दीपक जलाते हैं उनके पितर स्वर्गलोक में अमृतपान करते हैं तथा जो घी या तेल का दीपक जलाते हैं, वे सौ करोड़ दीपकों से प्रकाशित होकर सूर्य लोक को जाते हैं। ब्रह्माजी कहते हैं कि हे नारद! ब्रह्महत्या तथा भू्रण हत्या आदि पापों को नष्ट करने वाली इस कामिका एकादशी का व्रत मनुष्य को यत्न के साथ करना चाहिए। कामिका एकादशी के व्रत का माहात्म्य श्रद्धा से सुनने और पढऩे वाला मनुष्य सभी पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक को जाता है। कामिका एकादशी : एक अन्य कथा ======================= प्राचीन काल में किसी गांव में एक ठाकुर जी थे। क्रोधी ठाकुर का एक ब्राह्मण से झगड़ा हो गया और क्रोध में आकर ठाकुर से ब्राह्मण का खून हो जाता है। अत: अपने अपराध की क्षमा याचना के लिए ब्राह्मण की क्रिया उसे करनी चाहिए परन्तु पंडितों ने उसे क्रिया में शामिल होने से मना कर दिया और वह ब्रह्म हत्या का दोषी बन गया। परिणामस्वरूप ब्राह्मणों ने भोजन करने से इनकार कर दिया। तब उन्होंने एक मुनि से निवेदन किया कि हे भगवान, मेरा पाप कैसे दूर हो सकता है। इस पर मुनि ने उसे कामिका एकादशी व्रत करने की प्रेरणा दी। ठाकुर ने वैसा ही किया जैसा मुनि ने उसे करने को कहा था, जब रात्रि में भगवान की मूर्ति के पास जब वह शयन कर रहा था तभी उसे स्वपन में प्रभु दर्शन देते हैं और उसके पापों को दूर करके उसे क्षमा दान देते हैं। राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद मो. 9116089175 नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए कामिका एकादशी का व्रत आज ************************* व्रत रख कर सुनें कथा, होंगी मनोकामनाएं पूर्ण ============================== आज यानी 9 अगस्त को कामिका एकादशी है। सावन के महीने में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी का व्रत पूजन किया जाता है। कामिका एकादशी के दिन पीले रंग का काफी बड़ा महत्व बताया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा पीले फल-फूल से की जाती है। सभी एकादशी व्रतों में से कामिका एकादशी को भगवान विष्णु का उत्तम व्रत माना जाता है क्योंकि यह भगवान शिव के पावन महीने श्रावण में आता है। कामिका एकादशी का व्रत विधान करके सभी लोग अपने कष्टों से मुक्त हो सकते हैं। यह व्रत रखने से व्यक्ति के मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। कामिका एकादशी का व्रत करते समय बरतें ये सावधानियां ========================== - कामिका एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके साफ कपड़े पहनें। - घर में प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन का बिल्कुल भी प्रयोग ना करेंं। - सुबह और शाम एकादशी की पूजा पाठ में साफ-सुथरे कपड़े पहनकर ही व्रत कथा सुनें। - एकादशी की पूजा में हर तरीके से परिवार में शांतिपूर्वक माहौल बनाए रखेंं। - कामिका एकादशी पर एक आसन पर बैठकर ? नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बाहर जाप जरूर करेंं। घर में होगी बरकत- ---------------------- - कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा उससे एक दिन पहले दशमी तिथि की रात्रि से ही व्रत नियम को लेकर शुरू हो जाती हैं। - दशमी तिथि के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन ग्रहण न करें केवल फलों का ही सेवन करेंं। - दशमी तिथि की रात को अगर संभव हो तो भगवान विष्णु के ओम नमो नारायणाय आदि मंत्रों का जाप अवश्य करें। - सुबह सूर्योदय से पहले उठकर अपने स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लेना चाहिए. पूजा करते समय साफ कपड़े पहनकर विष्णु भगवान का ध्यान करना चाहिए। - पूर्व दिशा की तरफ एक पटरे पर पीला रेशमी कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की फोटो को स्थापित करेंं। - धूप-दीप जलाएं और कलश स्थापित करेंं। - भगवान विष्णु को अपने सामर्थ्य के अनुसार फल-फूल, पान, सुपारी, नारियल, लौंग आदि अर्पण करें और स्वयं भी पीले आसन पर बैठ जाएंं। - अपने दाएं हाथ में जल लेकर घर मे धन धान्य की बरकत के लिए भगवान विष्णु के सामने संकल्प लेंं। - यदि सम्भव हो तो पूरा दिन निराहार रहकर शाम के समय कामिका एकादशी की व्रत कथा सुनें और फलाहार करेंं। - शाम के समय भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने एक गाय के घी का दीपक जलाएंं। - अब दूसरे दिन सुबह ब्राह्मणों को भोजन कराकर तथा दक्षिणा देकर उसके बाद स्वयं खाना खाना चाहिएं। ये महाउपाय करने से मिलेगा मनचाहा वरदान- ============================ - कामिका एकादशी पर सूर्योदय से पहले उठे और स्नान करके हलके पीले रंग के कपड़े पहनें। - 5 सफेद जनेऊ को केसर से रंगे और 5 स्वच्छ पीले फल लेंं। - तुलसी की माला से पीले आसन पर बैठकर 'नमो भगवते वासुदेवायमंत्र का तीन माला का जाप करेंं। - जाप के बाद पांचों जनेऊ और पीले फल भगवान विष्णु के मंदिर में अर्पण कर दें और मन की इच्छा भगवान विष्णु के सामने जरूर कहेंं। - स्वयं प्रसाद के रूप में एक केला घर पर ले आएं और परिवार के सभी सदस्यों को देंं। कामिका एकादशी की कथा ********************** कुंतीपुत्र धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवन, कृपा करके श्रावण कृष्ण एकादशी का महत्व क्या है, सो बताइए। श्रीकृष्ण भगवान कहने लगे कि हे युधिष्ठिर! इस एकादशी की कथा एक समय स्वयं ब्रह्माजी ने देवर्षि नारद से कही थी, वही मैं तुमसे कहता हूँ। नारदजी ने ब्रह्माजी से पूछा था कि हे पितामह! श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी की कथा सुनने की मेरी इच्छा है, उसका क्या नाम है? क्या विधि है और उसका माहात्म्य क्या है, सो कृपा करके कहिए। नारदजी के ये वचन सुनकर ब्रह्माजी ने कहा- हे नारद! लोकों के हित के लिए तुमने बहुत सुंदर प्रश्न किया है। श्रावण मास की कृष्ण एकादशी का नाम कामिका है। उसके सुनने मात्र से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। इस दिन शंख, चक्र, गदाधारी विष्णु भगवान का पूजन होता है, जिनके नाम श्रीधर, हरि, विष्णु, माधव, मधुसूदन हैं। उनकी पूजा करने से जो फल मिलता है सो सुनो। जो फल गंगा, काशी, नैमिषारण्य और पुष्कर स्नान से मिलता है, वह विष्णु भगवान के पूजन से मिलता है। जो फल सूर्य व चंद्र ग्रहण पर कुरुक्षेत्र और काशी में स्नान करने से, समुद्र, वन सहित पृथ्वी दान करने से, सिंह राशि के बृहस्पति में गोदावरी और गंडकी नदी में स्नान से भी प्राप्त नहीं होता वह भगवान विष्णु के पूजन से मिलता है। जो मनुष्य श्रावण में भगवान का पूजन करते हैं, उनसे देवता, गंधर्व और सूर्य आदि सब पूजित हो जाते हैं। अत: पापों से डरने वाले मनुष्यों को कामिका एकादशी का व्रत और विष्णु भगवान का पूजन अवश्यमेव करना चाहिए। पापरूपी कीचड़ में फँसे हुए और संसाररूपी समुद्र में डूबे मनुष्यों के लिए इस एकादशी का व्रत और भगवान विष्णु का पूजन अत्यंत आवश्यक है। इससे बढ़कर पापों के नाशों का कोई उपाय नहीं है। हे नारद! स्वयं भगवान ने यही कहा है कि कामिका व्रत से जीव कुयोनि को प्राप्त नहीं होता। जो मनुष्य इस एकादशी के दिन भक्तिपूर्वक तुलसी दल भगवान विष्णु को अर्पण करते हैं, वे इस संसार के समस्त पापों से दूर रहते हैं। विष्णु भगवान रत्न, मोती, मणि तथा आभूषण आदि से इतने प्रसन्न नहीं होते जितने तुलसी दल से। तुलसी दल पूजन का फल चार भार चाँदी और एक भार स्वर्ण के दान के बराबर होता है। हे नारद! मैं स्वयं भगवान की अतिप्रिय तुलसी को सदैव नमस्कार करता हूँ। तुलसी के पौधे को सींचने से मनुष्य की सब यातनाएँ नष्ट हो जाती हैं। दर्शन मात्र से सब पाप नष्ट हो जाते हैं और स्पर्श से मनुष्य पवित्र हो जाता है। कामिका एकादशी की रात्रि को दीपदान तथा जागरण के फल का माहात्म्य चित्रगुप्त भी नहीं कह सकते। जो इस एकादशी की रात्रि को भगवान के मंदिर में दीपक जलाते हैं उनके पितर स्वर्गलोक में अमृतपान करते हैं तथा जो घी या तेल का दीपक जलाते हैं, वे सौ करोड़ दीपकों से प्रकाशित होकर सूर्य लोक को जाते हैं। ब्रह्माजी कहते हैं कि हे नारद! ब्रह्महत्या तथा भू्रण हत्या आदि पापों को नष्ट करने वाली इस कामिका एकादशी का व्रत मनुष्य को यत्न के साथ करना चाहिए। कामिका एकादशी के व्रत का माहात्म्य श्रद्धा से सुनने और पढऩे वाला मनुष्य सभी पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक को जाता है। कामिका एकादशी : एक अन्य कथा ======================= प्राचीन काल में किसी गांव में एक ठाकुर जी थे। क्रोधी ठाकुर का एक ब्राह्मण से झगड़ा हो गया और क्रोध में आकर ठाकुर से ब्राह्मण का खून हो जाता है। अत: अपने अपराध की क्षमा याचना के लिए ब्राह्मण की क्रिया उसे करनी चाहिए परन्तु पंडितों ने उसे क्रिया में शामिल होने से मना कर दिया और वह ब्रह्म हत्या का दोषी बन गया। परिणामस्वरूप ब्राह्मणों ने भोजन करने से इनकार कर दिया। तब उन्होंने एक मुनि से निवेदन किया कि हे भगवान, मेरा पाप कैसे दूर हो सकता है। इस पर मुनि ने उसे कामिका एकादशी व्रत करने की प्रेरणा दी। ठाकुर ने वैसा ही किया जैसा मुनि ने उसे करने को कहा था, जब रात्रि में भगवान की मूर्ति के पास जब वह शयन कर रहा था तभी उसे स्वपन में प्रभु दर्शन देते हैं और उसके पापों को दूर करके उसे क्षमा दान देते हैं।1
- शुभ शनिवार।। मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन शुभ शनिवार।। श्रावण मास में मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन प्राप्त करें जय श्री कृष्णा 🚩1
- पन्ना में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा— “तिरंगा देश की आन-बान-शान, राष्ट्र निर्माण में युवा निभाएं अपनी जिम्मेदारी” छत्रसाल पार्क से शुरू हुई यात्रा ने शहर के प्रमुख मार्गों का किया भ्रमण, तिरंगे से सजा पन्ना और देशभक्ति के नारों से गूंजा शहर पन्ना। स्वतंत्रता और राष्ट्र गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रविवार को पन्ना शहर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में छत्रसाल पार्क से शुरू हुई इस यात्रा में हजारों की संख्या में स्कूली एवं कॉलेज के छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों के उत्साह और देशभक्ति के नारों से पूरा पन्ना शहर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।सुबह से ही छत्रसाल पार्क में विद्यार्थियों और नागरिकों का पहुंचना शुरू हो गया था। निर्धारित समय पर तिरंगा यात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा छत्रसाल पार्क से कोतवाली चौराहा, गांधी चौक, महेंद्र भवन, अजयगढ़ चौराहा, बड़ा बाजार चौराहा, गोविंदजी मंदिर और बलदेवजी मंदिर होते हुए पुनः छत्रसाल पार्क पहुंची।यात्रा के दौरान 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्' और अन्य देशभक्ति नारों से शहर की गलियां गूंजती रहीं। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी ने यात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया। विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने दिलाया राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प तिरंगा यात्रा के अवसर पर पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि तिरंगा हमारे लिए केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, गौरव, त्याग और बलिदान की पहचान है। इसके सम्मान की जिम्मेदारी देश के प्रत्येक नागरिक की है।उन्होंने कहा कि आजादी हमें अनेक वीरों के संघर्ष और बलिदान से मिली है। देश की युवा पीढ़ी को उन बलिदानों को याद रखते हुए अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे मन लगाकर शिक्षा प्राप्त करें, अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाएं और अपनी प्रतिभा का उपयोग देश एवं समाज की प्रगति के लिए करें।विधायक ने कहा कि राष्ट्र की मजबूती केवल सीमाओं की रक्षा से नहीं, बल्कि देश के भीतर एकता, भाईचारे, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक भावना से भी होती है। जब देश का प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाएगा, तभी भारत को और अधिक मजबूत एवं विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार होगा। उन्होंने तिरंगे के सम्मान को सर्वोच्च बताते हुए कहा कि हमें अपने राष्ट्रीय ध्वज के गौरव को हमेशा बनाए रखना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों में भी राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करना चाहिए। अधिकारी, जनप्रतिनिधि और नागरिक भी हुए शामिल तिरंगा यात्रा में नगर पालिका अध्यक्ष मीना विष्णु पांडे, भाजपा जिला अध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा, पन्ना कलेक्टर उषा राजे परमार सहित प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि, कॉलेज के छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। यात्रा के पूरे मार्ग में लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर नागरिकों ने तिरंगा यात्रा का स्वागत किया। हजारों लोगों की सहभागिता ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया। तिरंगे के रंग में नजर आया पूरा शहर तिरंगा यात्रा के दौरान पन्ना की सड़कों पर देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। विद्यार्थियों के हाथों में लहराते तिरंगे, देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगान की भावना से पूरा वातावरण ओत-प्रोत रहा। यात्रा के समापन पर छत्रसाल पार्क में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इस भव्य आयोजन ने पन्ना में राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण रहा कि पन्ना के नागरिकों के दिल में देश और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना कितनी गहरी है।4
- पवई में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 102 बोरी यूरिया जब्त, दो वाहन पकड़े पवई में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 102 बोरी यूरिया जब्त, दो वाहन पकड़े छत्रसाल स्टेडियम के पास पकड़े गए दोनों वाहन, एसडीएम के निर्देश पर कार्रवाई; दस्तावेजों की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई पवई। खरीफ सीजन में यूरिया की बढ़ती मांग के बीच पवई में प्रशासन ने शुक्रवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वाहनों से कुल 102 बोरी यूरिया जब्त की है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के निर्देश पर छत्रसाल स्टेडियम के पास की गई। जब्त यूरिया सहित दोनों वाहनों को आगे की जांच एवं वैधानिक कार्रवाई के लिए पवई थाना परिसर में सुरक्षित रखवाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान वाहन क्रमांक MP21 ZB 1813 से 52 बोरी यूरिया तथा वाहन क्रमांक MP35 GA 1295 से 50 बोरी यूरिया बरामद की गई। दोनों वाहनों से कुल 102 बोरी यूरिया जब्त हुई है। दस्तावेजों में वाहन क्रमांक MP35 GA 1295 के चालक के रूप में धर्मेंद्र कुशवाहा तथा वाहन क्रमांक MP21 ZB 1813 के चालक के रूप में वीरेंद्र राय का नाम दर्ज बताया गया है। दस्तावेजों की जांच में जुटा प्रशासन प्रशासन द्वारा अब जब्त यूरिया के परिवहन से संबंधित दस्तावेजों, बिल, परमिट एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि यूरिया का परिवहन नियमानुसार किया जा रहा था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर संबंधित नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यूरिया की कालाबाजारी पर प्रशासन की नजर खरीफ सीजन में किसानों के बीच यूरिया की मांग बढ़ने के कारण खाद की उपलब्धता और उसके परिवहन को लेकर प्रशासन सतर्क है। ऐसे समय में एक साथ दो वाहनों से 102 बोरी यूरिया पकड़े जाने की कार्रवाई को प्रशासन की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, यूरिया के परिवहन में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैधता हुई है अथवा नहीं, इसका अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा। प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।4
- संगठन सृजन अभियान: उचेहरा विश्राम गृह में कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, बूथ मजबूती का बना मास्टर प्लान *संगठन सृजन अभियान: उचेहरा विश्राम गृह में कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, बूथ मजबूती का बना मास्टर प्लान* उचेहरा विश्राम गृह में शनिवार को कांग्रेस पार्टी की एक बेहद अहम बैठक आयोजित की गई। 'संगठन सृजन अभियान' के तहत हुई इस बैठक में आगामी दिनों के लिए संगठन की मजबूती का बड़ा प्लान तैयार किया गया। शाम 4 बजे से लगातार 2 घंटे तक चले इस मंथन में वार्ड नंबर 1 से लेकर 15 तक बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनी। पार्टी नेताओं ने निर्णय लिया है कि जल्द ही सभी वार्डों में क्रमवार बैठकें आयोजित की जाएंगी और आमजन को सीधे संगठन से जोड़ा जाएगा। बैठक के प्रमुख बिंदु एवं रणनीतिक निर्णय: *बूथ स्तर पर कसावट:* नगर परिषद उचेहरा के वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने का खाका तैयार किया गया। *वार्डवार बैठकों की श्रृंखला* सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में सभी वार्डों में क्रमबद्ध तरीके से बैठकों का आयोजन किया जाएगा। *जन-जन तक पहुँच* बैठकों के माध्यम से पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुँचाने और अधिक से अधिक नागरिकों को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया। बैठक में नागौद की पूर्व प्रत्याशी डॉ. रश्मि सिंह, ब्लॉक प्रभारी रमेश द्विवेदी, सह-प्रभारी नागेश मिश्रा, आईटी सेल प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष हरीश ताम्रकार, ब्लॉक अध्यक्ष मोतीलाल कुशवाहा और नगर अध्यक्ष राजेंद्र ताम्रकार सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे क्या कांग्रेस का यह बूथ प्लान ज़मीनी स्तर पर रंग लाएगा? अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताएं और क्षेत्र की हर खबर के लिए जुड़े रहें उचेहरा न्यूज़ के साथ! #UnchehraNews #SatnaNews #Nagod #CongressParty #SangathanSrijan #MadhyaPradeshNews #Unchehra #PoliticalUpdates #Satna #MpNews1
- पन्ना में साइबर ठगी का नया पैंतरा: फर्जी क्रेडिट मैसेज भेजकर ग्रामीण को झांसे में लिया, खाते से 25 हजार रुपये ट्रांसफर पन्ना में साइबर ठगी का नया पैंतरा: फर्जी क्रेडिट मैसेज भेजकर ग्रामीण को झांसे में लिया, खाते से 25 हजार रुपये ट्रांसफर ककरहटी। साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र की ककरहटी चौकी अंतर्गत ग्राम गढ़ीपड़रिया में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने परिचित बनकर ग्रामीण को फोन किया और खाते में रुपये जमा होने का फर्जी मैसेज भेजकर विश्वास में लिया। इसके बाद PhonePe के माध्यम से कथित तौर पर 25 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करवा लिए गए। परिचित बनकर किया फोन, फिर रचा ठगी का जाल ग्राम गढ़ीपड़रिया निवासी नरेन्द्र कुमार खरे पिता उमा प्रसाद ने ककरहटी पुलिस चौकी में दिए आवेदन में बताया कि उनका भारतीय स्टेट बैंक, शाखा ककरहटी में खाता संचालित है। शिकायत के मुताबिक, 7 अगस्त 2026 की शाम करीब 7:39 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को उनका परिचित बताया और बातचीत के दौरान उन्हें विश्वास में लेने का प्रयास किया। फर्जी क्रेडिट मैसेज दिखाकर कराया 25 हजार रुपये का ट्रांजैक्शन पीड़ित के अनुसार, फोन करने वाले व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर खाते में रुपये क्रेडिट होने का एक फर्जी मैसेज भेजा। मैसेज देखकर पीड़ित को लगा कि संबंधित व्यक्ति ने उनके खाते में रुपये भेजे हैं। इसके बाद कथित रूप से उन्हें विश्वास में लेकर PhonePe के माध्यम से 25,000 रुपये एक बताए गए नंबर पर ट्रांसफर करवा लिए गए। शिकायत में जिस नंबर पर राशि ट्रांसफर किए जाने का उल्लेख किया गया है, वह 9754324485 है। आवेदन में प्राप्तकर्ता के नाम के रूप में सोनू विश्वकर्मा का उल्लेख किया गया है। ठगी का अहसास होने पर पुलिस से लगाई गुहार राशि ट्रांसफर करने के बाद जब पीड़ित को पूरे मामले की जानकारी हुई तो उसे ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने ककरहटी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत देकर मामले की जांच एवं संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ PhonePe ट्रांजैक्शन की रसीद भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है। अब पुलिस शिकायत और उपलब्ध लेनदेन संबंधी जानकारी के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आरोपी की भूमिका और राशि की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या भेजे गए भुगतान संबंधी स्क्रीनशॉट पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। खाते में पैसा आया है या नहीं, इसकी पुष्टि हमेशा अपने बैंकिंग ऐप या बैंक स्टेटमेंट से करें। किसी के कहने पर UPI PIN, OTP या अन्य बैंकिंग जानकारी साझा न करें और अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने से बचें।2
- *थोड़ी बारिश में शासकीय हाई स्कूल तिलौरा बना तालाब, पानी से होकर गुजरने को मजबूर छात्र-छात्राएं* *थोड़ी बारिश में शासकीय हाई स्कूल तिलौरा बना तालाब, पानी से होकर गुजरने को मजबूर छात्र-छात्राएं* *जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश, जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग* मैहर - मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तिलौरा में थोड़ी सी बारिश ने शासकीय हाई स्कूल तिलौरा की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। बारिश के बाद स्कूल परिसर में पानी भर जाने से छात्र-छात्राओं को मजबूरी में पानी से होकर स्कूल आना-जाना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि स्कूल परिसर में जलभराव की समस्या को लेकर कई बार तिलौरा सरपंच सूरज कोल को अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई। शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय परिसर में लाखों रुपये खर्च कर पेवर ब्लॉक तो लगवाए गए, लेकिन बारिश के पानी की निकासी के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए, जिसके कारण हर बारिश में यही स्थिति निर्मित हो जाती है। जलभराव के कारण छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। परिजनों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को इस तरह पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जो गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जाए और विद्यालय परिसर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।1