पेंच टाइगर रिजर्व के खमारपानी बफर जोन में बड़े पैमाने पर सागौन की लकड़ी की तस्करी का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहाँ तस्करों ने 11 बार बिना किसी रोक-टोक के अवैध कटाई और परिवहन को अंजाम दिया। 'सामान्य वन विभाग' ने 12वीं बार में एक पिकअप को दबोचकर इस 'तस्कर राज' का पर्दाफाश किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिकअप क्रमांक MP 28 G 5373 रात के अंधेरे में खमारपानी बफर जोन के कढ़ैया बीट के कक्ष 1479 में प्रवेश करती थी, जहाँ पहले से कटे हुए सागौन के लट्ठे लोड होते थे और फिर पिकअप खमारपानी से बिछुआ की ओर निकल पड़ती थी। यह सिलसिला 11 बार सफलतापूर्वक चला। शनिवार-रविवार की रात करीब 3 बजे, 12वीं खेप निकालते समय, 'सामान्य वन विभाग' को मिली पुख्ता सूचना पर टीम ने फिल्मी स्टाइल में घेराबंदी की और पिकअप से 15 नग सागौन के लट्ठे बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹3 लाख है। पिकअप का ड्राइवर भोला पहाड़े, पिता फ़कीर पहाड़े, निवासी पुलपुलडोह, ड्राइवर सीट पर था। इस घटना ने बफर जोन प्रबंधन की घोर लापरवाही और संभावित मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेंच टाइगर रिजर्व के नियमों के अनुसार, बफर में प्रवेश करने वाली हर गाड़ी के लिए परमिट, एंट्री रजिस्टर में नाम-समय दर्ज करना और कैमरा ट्रैप में फोटो अनिवार्य है, लेकिन आरोप है कि 11 बार पिकअप बिना किसी परमिशन के घुसी, न रजिस्टर में दर्ज हुई और न ही कैमरे में कैद हुई। सूत्रों ने सवाल उठाया है कि कक्ष 1479 तक जाने वाले रास्ते पर लगे बैरियर को 11 बार किसने खोला और कैमरा ट्रैप क्यों 'अंधे' बने रहे या उनकी मेमोरी जानबूझकर डिलीट की गई। आरोप है कि कढ़ैया बीट प्रभारी वन रक्षक नीतेश बरकड़े की नाक के नीचे से 12 बार लकड़ी निकाली गई, जो या तो मिलीभगत या घोर लापरवाही का परिणाम है। सूत्रों का कहना है कि जहाँ तस्कर की पिकअप 11 बार घुस सकती है, वहाँ शिकारी की बंदूक भी पहुँच सकती है, जिससे पेंच के टाइगर खतरे में हैं। पूरे मामले का खुलासा सहायक परिक्षेत्र अधिकारी सुनील बनवारी, रामदास उईके, विनायक और प्रयाग चौहान सहित 'सामान्य वन विभाग' की टीम ने रात में जान पर खेलकर घेराबंदी करके किया। वन विभाग ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी भोला पहाड़े को मुचलके पर छोड़ दिया है और पिकअप को राजसात करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। हालाँकि, सवाल यह बना हुआ है कि 11 बार की तस्करी के दौरान बफर जोन की टीम कहाँ थी और उन्हें इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।
पेंच टाइगर रिजर्व के खमारपानी बफर जोन में बड़े पैमाने पर सागौन की लकड़ी की तस्करी का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहाँ तस्करों ने 11 बार बिना किसी रोक-टोक के अवैध कटाई और परिवहन को अंजाम दिया। 'सामान्य वन विभाग' ने 12वीं बार में एक पिकअप को दबोचकर इस 'तस्कर राज' का पर्दाफाश किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिकअप क्रमांक MP 28 G 5373 रात के अंधेरे में खमारपानी बफर जोन के कढ़ैया बीट के कक्ष 1479 में प्रवेश करती थी, जहाँ पहले से कटे हुए सागौन के लट्ठे लोड होते थे और फिर पिकअप खमारपानी से बिछुआ की ओर निकल पड़ती थी। यह सिलसिला 11 बार सफलतापूर्वक चला। शनिवार-रविवार की रात करीब 3 बजे, 12वीं खेप निकालते समय, 'सामान्य वन विभाग' को मिली पुख्ता सूचना पर टीम ने फिल्मी स्टाइल में घेराबंदी की और पिकअप से 15 नग सागौन के लट्ठे बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹3 लाख है। पिकअप का ड्राइवर भोला पहाड़े, पिता फ़कीर पहाड़े, निवासी पुलपुलडोह, ड्राइवर सीट पर था। इस घटना ने बफर जोन प्रबंधन की घोर लापरवाही और संभावित मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेंच टाइगर रिजर्व के नियमों के अनुसार, बफर में प्रवेश करने वाली हर गाड़ी के लिए परमिट, एंट्री रजिस्टर में नाम-समय दर्ज करना और कैमरा ट्रैप में फोटो अनिवार्य है, लेकिन आरोप है कि 11 बार पिकअप बिना किसी परमिशन के घुसी, न रजिस्टर में दर्ज हुई और न ही कैमरे में कैद हुई। सूत्रों ने सवाल उठाया है कि कक्ष 1479 तक जाने वाले रास्ते पर लगे बैरियर को 11 बार किसने खोला और कैमरा ट्रैप क्यों 'अंधे' बने रहे या उनकी मेमोरी जानबूझकर डिलीट की गई। आरोप है कि कढ़ैया बीट प्रभारी वन रक्षक नीतेश बरकड़े की नाक के नीचे से 12 बार लकड़ी निकाली गई, जो या तो मिलीभगत या घोर लापरवाही का परिणाम है। सूत्रों का कहना है कि जहाँ तस्कर की पिकअप 11 बार घुस सकती है, वहाँ शिकारी की बंदूक भी पहुँच सकती है, जिससे पेंच के टाइगर खतरे में हैं। पूरे मामले का खुलासा सहायक परिक्षेत्र अधिकारी सुनील बनवारी, रामदास उईके, विनायक और प्रयाग चौहान सहित 'सामान्य वन विभाग' की टीम ने रात में जान पर खेलकर घेराबंदी करके किया। वन विभाग ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी भोला पहाड़े को मुचलके पर छोड़ दिया है और पिकअप को राजसात करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। हालाँकि, सवाल यह बना हुआ है कि 11 बार की तस्करी के दौरान बफर जोन की टीम कहाँ थी और उन्हें इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।
- भागवत कथा के दौरान आरती के समय कुछ श्रद्धालुओं पर देवी एवं भार आने की घटनाओं को लेकर कथा वाचक आकाश दुबे जी के साथ एक विशेष आध्यात्मिक एवं वैदिक चर्चा की गई। इस चर्चा में लोगों ने देवी-भार के कारण, इसके पीछे की धार्मिक मान्यताओं, वेदों के दृष्टिकोण और व्यावहारिक जीवन से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं वैदिक आधार पर उत्तर दिया गया। वीडियो में देवी-भार की आध्यात्मिक मान्यता, वेद एवं शास्त्रों का इस विषय पर क्या कहना है, श्रद्धा और मनोभाव का संबंध, लोगों की विभिन्न जिज्ञासाओं के उत्तर, और कथा स्थल के धार्मिक वातावरण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया।1
- पांढुर्णा में कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस बैठक में मोही घाट पर स्थित ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए गए, साथ ही वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड डिटेक्शन सिस्टम लगाने और तेज रफ्तार पर चलने वाले वाहनों पर स्वचालित चालान काटने के भी निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग-47 पर एक अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, शहर में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए एक निश्चित समय तय करने को कहा गया है। नागरिकों की सुविधा के लिए जिले में एक आरटीओ कार्यालय खोलने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। सड़कों के उचित रखरखाव और सफाई के साथ-साथ टोल प्लाजा पर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम और सुरक्षा उपायों को अंतिम रूप दिया है।1
- अखिल भारतीय राज्य सरकारी चतुर्थ श्रेणी महासंघ के आह्वान पर, मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला पांढुर्णा ने सौंसर में खंड चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल सौंसर को 11 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। संघ के जिला सचिव श्री राजु खंडाईत ने बीसीएम श्रीराम अहिरवार की उपस्थिति में यह ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ता और आशा सहयोगियों के लिए प्रतिमाह ₹30,000 वेतन सहित विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों की मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में 8वें वेतन आयोग में ग्रुप डी कर्मचारियों को न्यूनतम 40% वेतन वृद्धि, राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान 8वें वेतन आयोग का लाभ, और श्रम विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, रिक्त ग्रुप डी पदों पर सीधी भर्ती, आंगनवाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन रसोईया और कोटवार कर्मचारियों को न्यूनतम ₹30,000 वेतन, पंचायत एवं नगरीय निकाय कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारी घोषित करना, तथा आउटसोर्स भर्ती पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। संघ ने 10 वर्ष पूर्ण कर चुके दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारियों के नियमितीकरण, सभी राज्यों में ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए समान वेतन एवं भत्ते, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, और 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए खाद्यान्न व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की है। संघ के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि इन मांगों को लेकर आगामी 7 जून 2026, रविवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर प्रांगण में राष्ट्रीय स्तर पर धरना-आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मध्यान्ह भोजन रसोईया, कोटवार, आउटसोर्स कर्मचारी, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालीन कर्मचारी और सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लेकर आवाज़ बुलंद की जाएगी। संघ पदाधिकारियों ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में नई दिल्ली पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र वाघमारे, संघ के मार्गदर्शक अनंता तायवाडे, प्रविण ढोमने, भागचंद वाहने, ललिता भांगे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर कल्पना गुर्वे, माया बडवाईक, योगिता काकड़े, रामरती उईके, इंदिरा कुमरे, अनु इवनाती, सुनिता पंडे, सपना जैवार जैसी कई आशा कार्यकर्ता एवं सहयोगी भी मौजूद थीं।2
- अमरवाड़ा जैन समाज ने रीवा में हुई आर्यिका माताजी की दुर्घटना के प्रकरण में निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। समाज ने इस मामले के साथ-साथ संत सुरक्षा नीति लागू करने और विहाररत जैन साधु-संतों के लिए विशेष सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जैन समाज के कई सदस्य उपस्थित थे।1
- राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH-44) पर एक खौफनाक टक्कर हुई है, जिसमें एक आई-सर वाहन के परखच्चे उड़ गए।1
- सिवनी में किसान स्लॉट बुक न होने से भड़क गए हैं, जिसके कारण उनका आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। नौतपे की भीषण गर्मी के बीच भी यह विरोध प्रदर्शन लगातार चल रहा है।1
- छिंदवाड़ा जिले के परासिया शहर के हृदयस्थल मैगजीन लाइन के वार्ड नंबर 05 और 06 में आयोजित पावन 'श्रीराम कथा' महोत्सव में कांग्रेस के पार्षद नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह अन्य पार्षदों के साथ सम्मिलित हुए। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह, पार्षद बृजेश भलावी, वरिष्ठ कांग्रेसी बसंत मालवीय, पार्षद पूनम कैथवास, पार्षद प्रतिभा सोनी, पार्षद रुकमा बांसोड़ सहित अन्य धर्म प्रेमी बंधु भी उपस्थित रहे। इन सभी को प्रभु श्री राम जी की आरती करने और कथा श्रवण करने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह ने इस दौरान प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि वे परासिया शहर के सभी परिवारजनों पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें और क्षेत्र में सुख, समृद्धि व शांति का संचार करें।1
- चौरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित एक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर के दौरान, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सेन ने स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित खानपान, और प्रोटीन, कैल्शियम व विटामिन की सही मात्रा के महत्व पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने विशेष रूप से यह बताया कि स्वस्थ रहने के लिए "जितना शरीर का वजन, उतने ग्राम प्रोटीन" आवश्यक है, जिसे उन्होंने स्वस्थ जीवन का सबसे बड़ा मंत्र बताया। इस शिविर में उपस्थित लोगों को योग, पोषण और समग्र रूप से एक बेहतर जीवनशैली अपनाने के प्रति भी जागरूक किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्वस्थ जीवन का संकल्प लेने और स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को अपनाना रहा।1
- मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के द्वितीय चरण में 25 मई, 2026 को गंगा दशहरा के अवसर पर विकासखंड पांढुर्णा की ग्राम पंचायत खेड़ीकला के ग्राम खेड़ी पंडेवार में एक भव्य गंगा दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जन जागरूकता फैलाना था। राज्यसभा सांसद श्रीमती माया सिंह नारोलिया ने दीप प्रज्वलित कर और कन्या पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जहाँ अतिथियों का स्वागत पर्यावरण का संदेश देते हुए पौधों के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ और जनपद पंचायत सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जल स्रोतों को बचाने और उन्हें पुनर्जीवित करने की आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सभी से वर्षा जल संचयन और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने ग्राम खेड़ी पंडेवार में तालाब के गहरीकरण के लिए स्वयं प्रेरित होकर न केवल श्रमदान किया, बल्कि अर्थदान देकर भी एक अनूठी मिसाल पेश की। ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के इस प्रयास से यह आयोजन एक जन आंदोलन में बदल गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, जनपद अध्यक्ष श्रीमती लता बाई तुमडाम, वाटर हीरो श्री नीरज वानखेड़े और जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।1