मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के द्वितीय चरण में 25 मई, 2026 को गंगा दशहरा के अवसर पर विकासखंड पांढुर्णा की ग्राम पंचायत खेड़ीकला के ग्राम खेड़ी पंडेवार में एक भव्य गंगा दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जन जागरूकता फैलाना था। राज्यसभा सांसद श्रीमती माया सिंह नारोलिया ने दीप प्रज्वलित कर और कन्या पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जहाँ अतिथियों का स्वागत पर्यावरण का संदेश देते हुए पौधों के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ और जनपद पंचायत सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जल स्रोतों को बचाने और उन्हें पुनर्जीवित करने की आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सभी से वर्षा जल संचयन और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने ग्राम खेड़ी पंडेवार में तालाब के गहरीकरण के लिए स्वयं प्रेरित होकर न केवल श्रमदान किया, बल्कि अर्थदान देकर भी एक अनूठी मिसाल पेश की। ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के इस प्रयास से यह आयोजन एक जन आंदोलन में बदल गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, जनपद अध्यक्ष श्रीमती लता बाई तुमडाम, वाटर हीरो श्री नीरज वानखेड़े और जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के द्वितीय चरण में 25 मई, 2026 को गंगा दशहरा के अवसर पर विकासखंड पांढुर्णा की ग्राम पंचायत खेड़ीकला के ग्राम खेड़ी पंडेवार में एक भव्य गंगा दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जन जागरूकता फैलाना था। राज्यसभा सांसद श्रीमती माया सिंह नारोलिया ने दीप प्रज्वलित कर और कन्या पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जहाँ अतिथियों का स्वागत पर्यावरण का संदेश देते हुए पौधों के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ और जनपद पंचायत सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जल स्रोतों को बचाने और उन्हें पुनर्जीवित करने की आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सभी से वर्षा जल संचयन और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने ग्राम खेड़ी पंडेवार में तालाब के गहरीकरण के लिए स्वयं प्रेरित होकर न केवल श्रमदान किया, बल्कि अर्थदान देकर भी एक अनूठी मिसाल पेश की। ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के इस प्रयास से यह आयोजन एक जन आंदोलन में बदल गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, जनपद अध्यक्ष श्रीमती लता बाई तुमडाम, वाटर हीरो श्री नीरज वानखेड़े और जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
- पांढुर्णा में कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस बैठक में मोही घाट पर स्थित ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए गए, साथ ही वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड डिटेक्शन सिस्टम लगाने और तेज रफ्तार पर चलने वाले वाहनों पर स्वचालित चालान काटने के भी निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग-47 पर एक अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, शहर में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए एक निश्चित समय तय करने को कहा गया है। नागरिकों की सुविधा के लिए जिले में एक आरटीओ कार्यालय खोलने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। सड़कों के उचित रखरखाव और सफाई के साथ-साथ टोल प्लाजा पर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम और सुरक्षा उपायों को अंतिम रूप दिया है।1
- अखिल भारतीय राज्य सरकारी चतुर्थ श्रेणी महासंघ के आह्वान पर, मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला पांढुर्णा ने सौंसर में खंड चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल सौंसर को 11 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। संघ के जिला सचिव श्री राजु खंडाईत ने बीसीएम श्रीराम अहिरवार की उपस्थिति में यह ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ता और आशा सहयोगियों के लिए प्रतिमाह ₹30,000 वेतन सहित विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों की मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में 8वें वेतन आयोग में ग्रुप डी कर्मचारियों को न्यूनतम 40% वेतन वृद्धि, राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान 8वें वेतन आयोग का लाभ, और श्रम विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, रिक्त ग्रुप डी पदों पर सीधी भर्ती, आंगनवाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन रसोईया और कोटवार कर्मचारियों को न्यूनतम ₹30,000 वेतन, पंचायत एवं नगरीय निकाय कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारी घोषित करना, तथा आउटसोर्स भर्ती पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। संघ ने 10 वर्ष पूर्ण कर चुके दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारियों के नियमितीकरण, सभी राज्यों में ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए समान वेतन एवं भत्ते, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, और 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए खाद्यान्न व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की है। संघ के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि इन मांगों को लेकर आगामी 7 जून 2026, रविवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर प्रांगण में राष्ट्रीय स्तर पर धरना-आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मध्यान्ह भोजन रसोईया, कोटवार, आउटसोर्स कर्मचारी, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालीन कर्मचारी और सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लेकर आवाज़ बुलंद की जाएगी। संघ पदाधिकारियों ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में नई दिल्ली पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र वाघमारे, संघ के मार्गदर्शक अनंता तायवाडे, प्रविण ढोमने, भागचंद वाहने, ललिता भांगे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर कल्पना गुर्वे, माया बडवाईक, योगिता काकड़े, रामरती उईके, इंदिरा कुमरे, अनु इवनाती, सुनिता पंडे, सपना जैवार जैसी कई आशा कार्यकर्ता एवं सहयोगी भी मौजूद थीं।2
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर बैतूल जिले की ताप्ती नगरी मुलताई में प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल पहुँचे। उन्होंने माँ ताप्ती के विधि-विधान से दर्शन-पूजन किए, जिसमें अभिषेक और चुनरी अर्पित करना शामिल था। इस दौरान प्रभारी मंत्री महाआरती में शामिल हुए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। माँ ताप्ती की महाआरती में जन अभियान परिषद के डॉ. मोहन नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पवार और नगर पालिका अध्यक्ष नीतू परमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। इस धार्मिक आयोजन के कारण ताप्ती घाट पर भक्तिमय माहौल बना रहा। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि गंगा दशहरा के पावन पर्व पर पूरे प्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, जल स्रोतों की साफ-सफाई और उनके संवर्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने लोगों से नदियों और तालाबों को स्वच्छ रखने का संकल्प लेने की अपील भी की।1
- पेंच टाइगर रिजर्व के खमारपानी बफर जोन में बड़े पैमाने पर सागौन की लकड़ी की तस्करी का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहाँ तस्करों ने 11 बार बिना किसी रोक-टोक के अवैध कटाई और परिवहन को अंजाम दिया। 'सामान्य वन विभाग' ने 12वीं बार में एक पिकअप को दबोचकर इस 'तस्कर राज' का पर्दाफाश किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिकअप क्रमांक MP 28 G 5373 रात के अंधेरे में खमारपानी बफर जोन के कढ़ैया बीट के कक्ष 1479 में प्रवेश करती थी, जहाँ पहले से कटे हुए सागौन के लट्ठे लोड होते थे और फिर पिकअप खमारपानी से बिछुआ की ओर निकल पड़ती थी। यह सिलसिला 11 बार सफलतापूर्वक चला। शनिवार-रविवार की रात करीब 3 बजे, 12वीं खेप निकालते समय, 'सामान्य वन विभाग' को मिली पुख्ता सूचना पर टीम ने फिल्मी स्टाइल में घेराबंदी की और पिकअप से 15 नग सागौन के लट्ठे बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹3 लाख है। पिकअप का ड्राइवर भोला पहाड़े, पिता फ़कीर पहाड़े, निवासी पुलपुलडोह, ड्राइवर सीट पर था। इस घटना ने बफर जोन प्रबंधन की घोर लापरवाही और संभावित मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेंच टाइगर रिजर्व के नियमों के अनुसार, बफर में प्रवेश करने वाली हर गाड़ी के लिए परमिट, एंट्री रजिस्टर में नाम-समय दर्ज करना और कैमरा ट्रैप में फोटो अनिवार्य है, लेकिन आरोप है कि 11 बार पिकअप बिना किसी परमिशन के घुसी, न रजिस्टर में दर्ज हुई और न ही कैमरे में कैद हुई। सूत्रों ने सवाल उठाया है कि कक्ष 1479 तक जाने वाले रास्ते पर लगे बैरियर को 11 बार किसने खोला और कैमरा ट्रैप क्यों 'अंधे' बने रहे या उनकी मेमोरी जानबूझकर डिलीट की गई। आरोप है कि कढ़ैया बीट प्रभारी वन रक्षक नीतेश बरकड़े की नाक के नीचे से 12 बार लकड़ी निकाली गई, जो या तो मिलीभगत या घोर लापरवाही का परिणाम है। सूत्रों का कहना है कि जहाँ तस्कर की पिकअप 11 बार घुस सकती है, वहाँ शिकारी की बंदूक भी पहुँच सकती है, जिससे पेंच के टाइगर खतरे में हैं। पूरे मामले का खुलासा सहायक परिक्षेत्र अधिकारी सुनील बनवारी, रामदास उईके, विनायक और प्रयाग चौहान सहित 'सामान्य वन विभाग' की टीम ने रात में जान पर खेलकर घेराबंदी करके किया। वन विभाग ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी भोला पहाड़े को मुचलके पर छोड़ दिया है और पिकअप को राजसात करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। हालाँकि, सवाल यह बना हुआ है कि 11 बार की तस्करी के दौरान बफर जोन की टीम कहाँ थी और उन्हें इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।1
- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढूनी के सदस्यों ने 25 मई को बिसौली बिजली घर पर धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन बिसौली में आयोजित किया गया था।1
- छिंदवाड़ा पुलिस ने एक ही रात में बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाते हुए कुल 123 वारंटियों को गिरफ्तार कर 'भूकंप' ला दिया। इस विशेष कार्रवाई में 300 लीटर अवैध शराब भी बरामद की गई है, जिसकी जानकारी सोमवार शाम 5 बजे कंट्रोल रूम से जारी एक प्रेस नोट में दी गई। यह व्यापक अभियान पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 24-25 मई की दरमियानी रात को शहर और देहात के सभी थानों में एक साथ चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने 28 स्थायी वारंटों और 95 गिरफ्तारी वारंटों का कुशलतापूर्वक निष्पादन किया। पुलिस कंट्रोल रूम और स्थानीय अनुविभागीय अधिकारियों के समन्वय से नाकाबंदी, दबिश और मुखबिर तंत्र के सक्रिय उपयोग के माध्यम से इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने 51 व्यक्तियों से कुल 300 लीटर अवैध शराब जब्त की। इसके अतिरिक्त, 102 गुंडों, 81 निगरानी बदमाशों और अन्य संदिग्धों की गहन चेकिंग की गई। कार्रवाई के परिणामस्वरूप, आठ गुमशुदा व्यक्तियों को भी तलाश कर उनके परिजनों के हवाले किया गया।1
- छिंदवाड़ा जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशमी पर्व के अवसर पर जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, जनपद पंचायत तामिया की ग्राम पंचायत छिंदी में परिक्रमा, पूजा अर्चना, भजन और सफाई कार्यक्रम सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।1
- मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के द्वितीय चरण में 25 मई, 2026 को गंगा दशहरा के अवसर पर विकासखंड पांढुर्णा की ग्राम पंचायत खेड़ीकला के ग्राम खेड़ी पंडेवार में एक भव्य गंगा दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जन जागरूकता फैलाना था। राज्यसभा सांसद श्रीमती माया सिंह नारोलिया ने दीप प्रज्वलित कर और कन्या पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जहाँ अतिथियों का स्वागत पर्यावरण का संदेश देते हुए पौधों के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ और जनपद पंचायत सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जल स्रोतों को बचाने और उन्हें पुनर्जीवित करने की आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सभी से वर्षा जल संचयन और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने ग्राम खेड़ी पंडेवार में तालाब के गहरीकरण के लिए स्वयं प्रेरित होकर न केवल श्रमदान किया, बल्कि अर्थदान देकर भी एक अनूठी मिसाल पेश की। ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के इस प्रयास से यह आयोजन एक जन आंदोलन में बदल गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, जनपद अध्यक्ष श्रीमती लता बाई तुमडाम, वाटर हीरो श्री नीरज वानखेड़े और जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।1