गंगा दशहरा के पावन अवसर पर बैतूल जिले की ताप्ती नगरी मुलताई में प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल पहुँचे। उन्होंने माँ ताप्ती के विधि-विधान से दर्शन-पूजन किए, जिसमें अभिषेक और चुनरी अर्पित करना शामिल था। इस दौरान प्रभारी मंत्री महाआरती में शामिल हुए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। माँ ताप्ती की महाआरती में जन अभियान परिषद के डॉ. मोहन नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पवार और नगर पालिका अध्यक्ष नीतू परमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। इस धार्मिक आयोजन के कारण ताप्ती घाट पर भक्तिमय माहौल बना रहा। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि गंगा दशहरा के पावन पर्व पर पूरे प्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, जल स्रोतों की साफ-सफाई और उनके संवर्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने लोगों से नदियों और तालाबों को स्वच्छ रखने का संकल्प लेने की अपील भी की।
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर बैतूल जिले की ताप्ती नगरी मुलताई में प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल पहुँचे। उन्होंने माँ ताप्ती के विधि-विधान से दर्शन-पूजन किए, जिसमें अभिषेक और चुनरी अर्पित करना शामिल था। इस दौरान प्रभारी मंत्री महाआरती में शामिल हुए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। माँ ताप्ती की महाआरती में जन अभियान परिषद के डॉ. मोहन नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पवार और नगर पालिका अध्यक्ष नीतू परमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। इस धार्मिक आयोजन के कारण ताप्ती घाट पर भक्तिमय माहौल बना रहा। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि गंगा दशहरा के पावन पर्व पर पूरे प्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, जल स्रोतों की साफ-सफाई और उनके संवर्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने लोगों से नदियों और तालाबों को स्वच्छ रखने का संकल्प लेने की अपील भी की।
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर बैतूल जिले की ताप्ती नगरी मुलताई में प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल पहुँचे। उन्होंने माँ ताप्ती के विधि-विधान से दर्शन-पूजन किए, जिसमें अभिषेक और चुनरी अर्पित करना शामिल था। इस दौरान प्रभारी मंत्री महाआरती में शामिल हुए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। माँ ताप्ती की महाआरती में जन अभियान परिषद के डॉ. मोहन नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पवार और नगर पालिका अध्यक्ष नीतू परमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। इस धार्मिक आयोजन के कारण ताप्ती घाट पर भक्तिमय माहौल बना रहा। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि गंगा दशहरा के पावन पर्व पर पूरे प्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, जल स्रोतों की साफ-सफाई और उनके संवर्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने लोगों से नदियों और तालाबों को स्वच्छ रखने का संकल्प लेने की अपील भी की।1
- पांढुर्णा में कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस बैठक में मोही घाट पर स्थित ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए गए, साथ ही वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड डिटेक्शन सिस्टम लगाने और तेज रफ्तार पर चलने वाले वाहनों पर स्वचालित चालान काटने के भी निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग-47 पर एक अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, शहर में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए एक निश्चित समय तय करने को कहा गया है। नागरिकों की सुविधा के लिए जिले में एक आरटीओ कार्यालय खोलने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। सड़कों के उचित रखरखाव और सफाई के साथ-साथ टोल प्लाजा पर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम और सुरक्षा उपायों को अंतिम रूप दिया है।1
- बैतूल कोतवाली क्षेत्र के खेड़ीसावलीगढ़ ग्राम और आसपास के गाँवों में हाल ही में चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। बीती रात, श्रद्धा भक्ति के केंद्र परतवाड़ा मार्ग पर स्थित मां काली के दरबार में अज्ञात चोरों ने ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने मंदिर के गेट पर लगे ताले तोड़े, गर्भ गृह में प्रवेश किया, और माता की प्रतिमा के सिंगार के आभूषणों के साथ-साथ आलमारी के गेट तोड़कर नगदी भी चुरा ली। मंदिर से जुड़े धनंजय पाल ने बताया कि मां काली के इस मंदिर में पहले भी चोरी हो चुकी है, लेकिन अब तक चोरों का पता नहीं चल सका है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एक सप्ताह पूर्व भी कई किसानों के खेतों से केवल वायर काट कर चोरी कर लिए गए थे। इन लगातार हो रही चोरी की घटनाओं और शिकायतों के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में आक्रोश और भय व्याप्त है।1
- अखिल भारतीय राज्य सरकारी चतुर्थ श्रेणी महासंघ के आह्वान पर, मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला पांढुर्णा ने सौंसर में खंड चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल सौंसर को 11 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। संघ के जिला सचिव श्री राजु खंडाईत ने बीसीएम श्रीराम अहिरवार की उपस्थिति में यह ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ता और आशा सहयोगियों के लिए प्रतिमाह ₹30,000 वेतन सहित विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों की मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में 8वें वेतन आयोग में ग्रुप डी कर्मचारियों को न्यूनतम 40% वेतन वृद्धि, राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान 8वें वेतन आयोग का लाभ, और श्रम विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, रिक्त ग्रुप डी पदों पर सीधी भर्ती, आंगनवाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन रसोईया और कोटवार कर्मचारियों को न्यूनतम ₹30,000 वेतन, पंचायत एवं नगरीय निकाय कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारी घोषित करना, तथा आउटसोर्स भर्ती पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। संघ ने 10 वर्ष पूर्ण कर चुके दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारियों के नियमितीकरण, सभी राज्यों में ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए समान वेतन एवं भत्ते, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, और 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए खाद्यान्न व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की है। संघ के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि इन मांगों को लेकर आगामी 7 जून 2026, रविवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर प्रांगण में राष्ट्रीय स्तर पर धरना-आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मध्यान्ह भोजन रसोईया, कोटवार, आउटसोर्स कर्मचारी, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालीन कर्मचारी और सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लेकर आवाज़ बुलंद की जाएगी। संघ पदाधिकारियों ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में नई दिल्ली पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र वाघमारे, संघ के मार्गदर्शक अनंता तायवाडे, प्रविण ढोमने, भागचंद वाहने, ललिता भांगे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर कल्पना गुर्वे, माया बडवाईक, योगिता काकड़े, रामरती उईके, इंदिरा कुमरे, अनु इवनाती, सुनिता पंडे, सपना जैवार जैसी कई आशा कार्यकर्ता एवं सहयोगी भी मौजूद थीं।2
- एक बेहद अनोखा कछुआ देखा गया है, जिसकी पीठ पर सितारे जैसे निशान बने हुए हैं।1
- बैतूल जिले के विकासखंड में स्थित ग्राम पंचायत धुडिया में 40 लाख रुपये की लागत से बन रहा अमृत सरोवर तालाब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। ग्रामीणों ने इस निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिले के अधिकारियों से शिकायत की है। ग्रामीणों ने पहले विकासखंड के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) और जनपद पंचायत सीईओ से शिकायत की थी। इसके बाद उन्होंने बैतूल जिले में जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर और जिला जनपद पंचायत सीईओ के समक्ष भी अपनी बात रखी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा कार्यस्थल पर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, और सबसे गंभीर आरोप यह है कि जांच अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। अमृत सरोवर योजना के मुख्य नियमों के अनुसार, तालाब की जल धारण क्षमता उच्च होनी चाहिए, निर्माण कार्य में स्थानीय ग्रामीण और पंचायती राज संस्थाओं की भागीदारी को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। साथ ही, तालाब के चारों ओर पक्के घाट, सीढ़ियां बनाकर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाता है और इसका उपयोग सिंचाई तथा वैज्ञानिक मछली पालन जैसे आर्थिक उद्देश्यों के लिए भी होता है। निर्माण में स्थानीय काली मिट्टी, मोरम, बजरी, पत्थर की पिचिंग, सीमेंट-कंक्रीट और ईंटें जैसी प्रमुख सामग्री का उपयोग होता है, वहीं मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए बरगद, पीपल, नीम और बांस के पौधे लगाए जाते हैं। ग्रामीणों की शिकायत से स्पष्ट होता है कि कार्यस्थल पर इन सभी नियमों और सामग्री के उपयोग संबंधी प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है।2
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे "जल गंगा संवर्धन अभियान" के तहत, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की भैंसदेही समिति ने शुक्रवार 16 मई 2025 को विकासखण्ड भैंसदेही, जिला बैतूल में एक वृहद साफ-सफाई कार्यक्रम आयोजित किया। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन के तहत आयोजित यह कार्यक्रम स्थानीय पूर्णा नदी पर केंद्रित था, जिसके साथ अन्य जल स्रोतों को भी स्वच्छ करने का प्रयास किया गया। इस अभियान की शुरुआत नदी, तालाब, कुएं, हैंडपंप और अन्य पेयजल स्रोतों के पूजन से हुई, जिसमें समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जल देवता का आह्वान किया। इसके बाद व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत नदी तटों, नालों, तालाबों और सार्वजनिक पेयजल स्रोतों के आसपास फैले कचरे, प्लास्टिक और जलकुंभी को हटाया गया। कुओं और हैंडपंपों के चबूतरों की भी विशेष सफाई की गई। "सुरक्षित जल - समृद्ध कल" के संदेश के साथ गंगा कलश यात्रा भी कार्यक्रम का हिस्सा थी। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद की नगर विकास प्रस्फुटन समिति और प्रस्फुटन समिति के स्वयंसेवकों के अलावा स्थानीय ग्रामीण, स्कूली छात्र और जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। समिति ने उपस्थित सभी लोगों को जल की एक-एक बूंद बचाने, जल स्रोतों को प्रदूषण से मुक्त रखने और वर्षा जल संचयन के महत्व के लिए प्रेरित किया। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि "जल गंगा संवर्धन अभियान" का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं, बावड़ी, तालाब, नदी और नालों को पुनर्जीवित करना तथा आमजन में जल संरक्षण के प्रति चेतना जागृत करना है। यह अभियान 16 मई से पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है, और इसके समापन पर सभी प्रतिभागियों ने जल स्रोतों को स्वच्छ रखने तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करने का संकल्प लिया।2
- मुलताई क्षेत्र के ग्राम चिखलीकला में सोमवार दोपहर लगभग 3:20 बजे शिवबा बधिए के खेत में बने जानवरों के कोठे में अचानक आग लग गई। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आग की चपेट में आने से सिंचाई पाइप, कृषि उपकरण, गोबर खाद और जलाऊ लकड़ी जलकर खाक हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही नगर परिषद की फायर टीम तत्काल मौके पर पहुंची। फायर ड्राइवर राहुल चंडालिया और फायरमैन गिरीश पिपले तथा सुमित पुरी ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, जिससे आग को आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोका जा सका। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं है, हालांकि किसान को कृषि सामग्री का नुकसान हुआ है।1