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मध्य प्रदेश में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों ने अपने अल्प मानदेय, वेतन कटौतियों और प्रशासनिक उत्पीड़न के खिलाफ हल्लाबोल किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत, मध्य प्रदेश आशा, आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ के बैनर तले नारायणगंज ब्लॉक से आईं आशा कार्यकर्ताओं और सहयोगिनियों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम था और इसमें उनकी 16 सूत्रीय मांगें शामिल थीं। बताया गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सेवाएं दे रही आशा और आशा पर्यवेक्षक कार्यकर्ताएँ लंबे समय से वेतन विसंगति, वेतन कटौतियों और प्रशासनिक उत्पीडऩ जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं, जिसके चलते उन्होंने ये मोर्चा खोला है।
Prahlad Kachhwaha
मध्य प्रदेश में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों ने अपने अल्प मानदेय, वेतन कटौतियों और प्रशासनिक उत्पीड़न के खिलाफ हल्लाबोल किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत, मध्य प्रदेश आशा, आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ के बैनर तले नारायणगंज ब्लॉक से आईं आशा कार्यकर्ताओं और सहयोगिनियों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम था और इसमें उनकी 16 सूत्रीय मांगें शामिल थीं। बताया गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सेवाएं दे रही आशा और आशा पर्यवेक्षक कार्यकर्ताएँ लंबे समय से वेतन विसंगति, वेतन कटौतियों और प्रशासनिक उत्पीडऩ जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं, जिसके चलते उन्होंने ये मोर्चा खोला है।
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- मध्य प्रदेश में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों ने अपने अल्प मानदेय, वेतन कटौतियों और प्रशासनिक उत्पीड़न के खिलाफ हल्लाबोल किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत, मध्य प्रदेश आशा, आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ के बैनर तले नारायणगंज ब्लॉक से आईं आशा कार्यकर्ताओं और सहयोगिनियों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम था और इसमें उनकी 16 सूत्रीय मांगें शामिल थीं। बताया गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सेवाएं दे रही आशा और आशा पर्यवेक्षक कार्यकर्ताएँ लंबे समय से वेतन विसंगति, वेतन कटौतियों और प्रशासनिक उत्पीडऩ जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं, जिसके चलते उन्होंने ये मोर्चा खोला है।1
- मंडला में आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ ने सरकार को घेरते हुए अपनी मांगों को लेकर एक मजबूत प्रदर्शन किया है। संघ ने सरकार से ₹1000 की वार्षिक वेतनवृद्धि देने और सभी लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग की है। यह प्रदर्शन आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं के हितों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया है।1
- मनेरी पुलिस ने एक ऐसे मोबाइल और बाइक चोर को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में लगातार आतंक मचा रहा था।1
- सिवनी जिले के आदिवासी बहुल घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 108 एम्बुलेंस सेवा लंबे समय से बाधित है क्योंकि एम्बुलेंस खराब खड़ी है। जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित इस अस्पताल में 72 ग्राम पंचायतों के हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन एम्बुलेंस सेवा बंद होने के कारण उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल तक पहुँचने और रेफर होने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज तक जाने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. भारती सोनकेशरीया ने जानकारी दी है कि खराब एम्बुलेंसों की सूचना लगातार पत्राचार और दूरभाष के माध्यम से जिला स्तर पर दी जा रही है। हालांकि, सोमवार, 6 जुलाई 2026 तक भी इसमें कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की सरकारी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- डिंडोरी जिले के समनापुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम चांदरानी में सीएम राईज हायर सेकंडरी स्कूल को कथित तौर पर मिडिल स्कूल का दर्जा दिए जाने और उसे 'तोड़े' जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी जन आक्रोश है। ग्रामीणों का मानना है कि इस कदम से वर्तमान में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और धोखा किया जा रहा है। इस विरोध के चलते, ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर मांग की है कि हायर सेकंडरी स्कूल का दर्जा कायम रखा जाए।2
- धर्म संगठन ने 'जय श्री राम' का उद्घोष करते हुए 'बाबा' के प्रति अपनी अटूट आस्था और समर्थन व्यक्त किया है। संगठन ने इस बात पर जोर दिया है कि 'बाबा' को हमेशा अपने पास रखना चाहिए, क्योंकि यह दुनिया न कभी किसी की हुई है और न कभी किसी की होगी। संगठन के अनुसार, अंततः केवल 'बाबा' का ही सहारा है।1
- मंडला जिले में गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने वाली आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को सामने रखा है। उनकी प्रमुख मांगों में उनके कार्य के लिए उचित सम्मान और उन्हें मिलने वाले भुगतान का समय पर वितरण शामिल है।1
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