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भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें कांग्रेस द्वारा निर्मित 'भ्रम की स्थिति' और 'षडयंत्र' बताया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस षडयंत्र को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और मध्य प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के 2023 के नामांकन का हवाला देते हुए कहा कि उनकी 17 एकड़ जमीन 2026 में भी उतनी ही है, और उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई बदलाव नहीं आया है। खंडेलवाल ने आरोप में उल्लिखित सिद्धि विनायक कंपनी का भी जिक्र किया, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया है, और यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उन्होंने कहा कि उनकी बहू शालिनी यादव ने 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी थी, जो मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर थी। प्रदेश अध्यक्ष ने आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उन्हें पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है; उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोप भी तथ्यों के लिहाज से गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा आवश्यक कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जब-जब मध्य प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला है, चाहे वह उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों या डॉ. मोहन यादव हों, कांग्रेस ने हमेशा उनके खिलाफ षडयंत्र करके उन्हें कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने समाज के उन 'ठेकेदारों' पर निशाना साधा जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता और जो लगातार ऐसे षडयंत्र रचते हैं। खंडेलवाल ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी मुख्यमंत्री को उनके कामों में पीछे नहीं कर सके, तो इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

2 hrs ago
user_जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें कांग्रेस द्वारा निर्मित 'भ्रम की स्थिति' और 'षडयंत्र' बताया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस षडयंत्र को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और मध्य प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के 2023 के नामांकन का हवाला देते हुए कहा कि उनकी 17 एकड़ जमीन 2026 में भी उतनी ही है, और उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई बदलाव नहीं आया है। खंडेलवाल ने आरोप में उल्लिखित सिद्धि विनायक कंपनी का भी जिक्र किया, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया है, और यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उन्होंने कहा कि उनकी बहू शालिनी यादव ने 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी थी, जो मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर थी। प्रदेश अध्यक्ष ने आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उन्हें पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है; उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोप भी तथ्यों के लिहाज से गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा आवश्यक कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जब-जब मध्य प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला है, चाहे वह उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों या डॉ. मोहन यादव हों, कांग्रेस ने हमेशा उनके खिलाफ षडयंत्र करके उन्हें कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने समाज के उन 'ठेकेदारों' पर निशाना साधा जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता और जो लगातार ऐसे षडयंत्र रचते हैं। खंडेलवाल ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी मुख्यमंत्री को उनके कामों में पीछे नहीं कर सके, तो इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

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  • भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें कांग्रेस द्वारा निर्मित 'भ्रम की स्थिति' और 'षडयंत्र' बताया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस षडयंत्र को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और मध्य प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के 2023 के नामांकन का हवाला देते हुए कहा कि उनकी 17 एकड़ जमीन 2026 में भी उतनी ही है, और उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई बदलाव नहीं आया है। खंडेलवाल ने आरोप में उल्लिखित सिद्धि विनायक कंपनी का भी जिक्र किया, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया है, और यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उन्होंने कहा कि उनकी बहू शालिनी यादव ने 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी थी, जो मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर थी। प्रदेश अध्यक्ष ने आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उन्हें पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है; उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोप भी तथ्यों के लिहाज से गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा आवश्यक कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जब-जब मध्य प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला है, चाहे वह उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों या डॉ. मोहन यादव हों, कांग्रेस ने हमेशा उनके खिलाफ षडयंत्र करके उन्हें कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने समाज के उन 'ठेकेदारों' पर निशाना साधा जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता और जो लगातार ऐसे षडयंत्र रचते हैं। खंडेलवाल ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी मुख्यमंत्री को उनके कामों में पीछे नहीं कर सके, तो इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
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    भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें कांग्रेस द्वारा निर्मित 'भ्रम की स्थिति' और 'षडयंत्र' बताया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस षडयंत्र को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और मध्य प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के 2023 के नामांकन का हवाला देते हुए कहा कि उनकी 17 एकड़ जमीन 2026 में भी उतनी ही है, और उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई बदलाव नहीं आया है। खंडेलवाल ने आरोप में उल्लिखित सिद्धि विनायक कंपनी का भी जिक्र किया, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था।

खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया है, और यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उन्होंने कहा कि उनकी बहू शालिनी यादव ने 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी थी, जो मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर थी। प्रदेश अध्यक्ष ने आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उन्हें पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है; उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोप भी तथ्यों के लिहाज से गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जब-जब मध्य प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला है, चाहे वह उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों या डॉ. मोहन यादव हों, कांग्रेस ने हमेशा उनके खिलाफ षडयंत्र करके उन्हें कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने समाज के उन 'ठेकेदारों' पर निशाना साधा जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता और जो लगातार ऐसे षडयंत्र रचते हैं। खंडेलवाल ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी मुख्यमंत्री को उनके कामों में पीछे नहीं कर सके, तो इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
    user_जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जनहानि की एक घटना से जुड़ी और सिवनी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास लगातार विचरण कर रही एक मादा बाघ शावक को सिवनी से सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाया गया था। इस शावक को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मगधी रेंज के बहेरहा बाड़े में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है। यह बाघ शावक सिवनी के दक्षिण वन मंडल क्षेत्र में लंबे समय से गांवों के आसपास देखी जा रही थी, जिससे जनसुरक्षा पर खतरा था। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर उसे पिंजरे में सुरक्षित पकड़ा था। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में शावक को सिवनी से बांधवगढ़ लाया गया था। शावक को बाड़े में छोड़े जाने के दौरान उपसंचालक, सहायक संचालक मगधी, वन परिक्षेत्र अधिकारी मगधी, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य वनकर्मी मौजूद थे। रिलीज़ के बाद क्षेत्र संचालक ने शावक का निरीक्षण किया, जिसमें उसकी स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। वह बाड़े में सहज रूप से घूमती और वातावरण के अनुरूप खुद को ढालती दिखाई दी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल की जाएगी और उसकी गतिविधियों व स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, उपयुक्त समय आने पर उसे पुनः वन क्षेत्र में मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रयास मानव-वन्यप्राणी संघर्ष में शामिल, अनाथ या घायल बाघों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के चल रहे कार्यों का हिस्सा है, जिसे वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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    जनहानि की एक घटना से जुड़ी और सिवनी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास लगातार विचरण कर रही एक मादा बाघ शावक को सिवनी से सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाया गया था। इस शावक को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मगधी रेंज के बहेरहा बाड़े में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है।

यह बाघ शावक सिवनी के दक्षिण वन मंडल क्षेत्र में लंबे समय से गांवों के आसपास देखी जा रही थी, जिससे जनसुरक्षा पर खतरा था। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर उसे पिंजरे में सुरक्षित पकड़ा था।

वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में शावक को सिवनी से बांधवगढ़ लाया गया था। शावक को बाड़े में छोड़े जाने के दौरान उपसंचालक, सहायक संचालक मगधी, वन परिक्षेत्र अधिकारी मगधी, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य वनकर्मी मौजूद थे। रिलीज़ के बाद क्षेत्र संचालक ने शावक का निरीक्षण किया, जिसमें उसकी स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। वह बाड़े में सहज रूप से घूमती और वातावरण के अनुरूप खुद को ढालती दिखाई दी।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल की जाएगी और उसकी गतिविधियों व स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, उपयुक्त समय आने पर उसे पुनः वन क्षेत्र में मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रयास मानव-वन्यप्राणी संघर्ष में शामिल, अनाथ या घायल बाघों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के चल रहे कार्यों का हिस्सा है, जिसे वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उमरिया जिले की जनपद पंचायत करकेली की ग्राम पंचायत देवरा में शासकीय सड़क निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवरा के हरिजन मोहल्ला वार्ड क्रमांक 2 में पहले कभी सड़क नहीं थी और लोग खेतों की मेड़ से आवागमन करते थे। स्थानीय निवासियों द्वारा अपनी निजी भूमि शपथ पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराने के बाद, पंचायत ने 115 मीटर लंबी और 03 मीटर चौड़ी कंक्रीट सड़क के निर्माण को ₹4,18,000 की लागत से स्वीकृति दी थी। श्रमिकों द्वारा लगभग ₹60,000 का कार्य कराते हुए जैसे ही मिट्टी डालकर सड़क को आकार दिया गया, कुछ शपथ कर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कार्य को रुकवा दिया। इस पूरे मामले की शिकायत आज दर्ज कराई गई है।
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    उमरिया जिले की जनपद पंचायत करकेली की ग्राम पंचायत देवरा में शासकीय सड़क निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवरा के हरिजन मोहल्ला वार्ड क्रमांक 2 में पहले कभी सड़क नहीं थी और लोग खेतों की मेड़ से आवागमन करते थे। स्थानीय निवासियों द्वारा अपनी निजी भूमि शपथ पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराने के बाद, पंचायत ने 115 मीटर लंबी और 03 मीटर चौड़ी कंक्रीट सड़क के निर्माण को ₹4,18,000 की लागत से स्वीकृति दी थी।

श्रमिकों द्वारा लगभग ₹60,000 का कार्य कराते हुए जैसे ही मिट्टी डालकर सड़क को आकार दिया गया, कुछ शपथ कर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कार्य को रुकवा दिया। इस पूरे मामले की शिकायत आज दर्ज कराई गई है।
    user_Shyamkumargupta
    Shyamkumargupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड हादसे में दिवंगत हुए जयनिल का शव उनके पैतृक घर भालूमाड़ा पहुंच गया है। इस दुखद अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे और सभी ने नम आंखों से जयनिल को अंतिम विदाई दी।
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    लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड हादसे में दिवंगत हुए जयनिल का शव उनके पैतृक घर भालूमाड़ा पहुंच गया है। इस दुखद अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे और सभी ने नम आंखों से जयनिल को अंतिम विदाई दी।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य और अनुविभागीय अधिकारी श्री वीरेन्द्र धार्वे के मार्गदर्शन में, निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में विजयराघवगढ़ पुलिस टीम ने अवैध रेत परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की है। इस दौरान धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्त की कार्यवाही की गई। दिनांक 21/06/2026 को गश्त के दौरान नदीपार पानी टंकी के पास विजयराघवगढ़ रोड पर एक लाल रंग का महिंद्रा कंपनी का ट्रैक्टर ट्रॉली में रेत परिवहन करते हुए पाया गया। वाहन को रोकने पर, ट्रैक्टर चालक दिनेश केवट (उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम गुड़ेहा, थाना विजयराघवगढ़) बिना वैध दस्तावेजों के रेत परिवहन करता पाया गया। पुलिस ने बिना नंबर के ट्रैक्टर (चेसिस नंबर ABNABAEXAMRAQ5745, इंजन नंबर RMA2EAN1692) को धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्त कर लिया। वाहन चालक के विरुद्ध धारा 4/21 खान खनिज अधिनियम के तहत इस्तगासा क्रमांक 19/26 कायम किया गया है, और अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रकरण खनिज शाखा कटनी को भेजा गया है। इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे, सउनि संतोष कुमार स्वामी, प्रधान आरक्षक मुकेश परस्ते और स्वतंत्र साक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य और अनुविभागीय अधिकारी श्री वीरेन्द्र धार्वे के मार्गदर्शन में, निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में विजयराघवगढ़ पुलिस टीम ने अवैध रेत परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की है। इस दौरान धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्त की कार्यवाही की गई।

दिनांक 21/06/2026 को गश्त के दौरान नदीपार पानी टंकी के पास विजयराघवगढ़ रोड पर एक लाल रंग का महिंद्रा कंपनी का ट्रैक्टर ट्रॉली में रेत परिवहन करते हुए पाया गया। वाहन को रोकने पर, ट्रैक्टर चालक दिनेश केवट (उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम गुड़ेहा, थाना विजयराघवगढ़) बिना वैध दस्तावेजों के रेत परिवहन करता पाया गया। पुलिस ने बिना नंबर के ट्रैक्टर (चेसिस नंबर ABNABAEXAMRAQ5745, इंजन नंबर RMA2EAN1692) को धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्त कर लिया।

वाहन चालक के विरुद्ध धारा 4/21 खान खनिज अधिनियम के तहत इस्तगासा क्रमांक 19/26 कायम किया गया है, और अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रकरण खनिज शाखा कटनी को भेजा गया है। इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे, सउनि संतोष कुमार स्वामी, प्रधान आरक्षक मुकेश परस्ते और स्वतंत्र साक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • कटनी नगर में स्थित रानी माँ जालपा के दरबार में भक्तों की अटूट आस्था उमड़ती है। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि माँ की कृपा से उनकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। भक्त माँ जालपा से प्रार्थना करते हैं कि वे सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।
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    कटनी नगर में स्थित रानी माँ जालपा के दरबार में भक्तों की अटूट आस्था उमड़ती है। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि माँ की कृपा से उनकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। भक्त माँ जालपा से प्रार्थना करते हैं कि वे सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।
    user_राशि निषाद
    राशि निषाद
    Psychologist कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • कटनी जिले में विजयराघवगढ़ पुलिस ने अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की है।
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    कटनी जिले में विजयराघवगढ़ पुलिस ने अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की है।
    user_विकास श्रीवास्तव
    विकास श्रीवास्तव
    पत्रकार कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • दिल्ली में एक मौलवी से कथित तौर पर कहा गया है कि वे एक महिला का धर्म परिवर्तन कराकर उसे इस्लाम कबूल करवा दें, जिसके बदले उन्हें 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह भी कहा गया कि अगर महिला के पूरे परिवार का भी धर्म परिवर्तन करा दिया जाए तो और अधिक पैसे दिए जाएंगे, ऐसा मुस्लिम वकीलों ने मौलवी से कथित तौर पर कहा। रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में मोहम्मद साकिब नामक व्यक्ति ने वीर कुमार बनकर दिल्ली की एक विवाहित हिंदू महिला से दोस्ती की थी। आरोप है कि यह दोस्ती रील शूट करने के बहाने की गई थी। साकिब उसे एक होटल में ले गया, उसके साथ दुष्कर्म किया, और इस घटना का वीडियो भी बनाया। बाद में, साकिब ने उसी वीडियो के आधार पर महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। यह भी आरोप है कि साकिब के दो वकील भाइयों ने उस महिला को एक मस्जिद में ले जाकर एक मौलवी से उसका धर्म परिवर्तन कराने का अनुरोध किया और इसके लिए पैसे की पेशकश भी की। जब महिला ने कथित रूप से धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने वे आपत्तिजनक वीडियो उसके पति को भेज दिए।
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    दिल्ली में एक मौलवी से कथित तौर पर कहा गया है कि वे एक महिला का धर्म परिवर्तन कराकर उसे इस्लाम कबूल करवा दें, जिसके बदले उन्हें 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह भी कहा गया कि अगर महिला के पूरे परिवार का भी धर्म परिवर्तन करा दिया जाए तो और अधिक पैसे दिए जाएंगे, ऐसा मुस्लिम वकीलों ने मौलवी से कथित तौर पर कहा।

रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में मोहम्मद साकिब नामक व्यक्ति ने वीर कुमार बनकर दिल्ली की एक विवाहित हिंदू महिला से दोस्ती की थी। आरोप है कि यह दोस्ती रील शूट करने के बहाने की गई थी। साकिब उसे एक होटल में ले गया, उसके साथ दुष्कर्म किया, और इस घटना का वीडियो भी बनाया। बाद में, साकिब ने उसी वीडियो के आधार पर महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

यह भी आरोप है कि साकिब के दो वकील भाइयों ने उस महिला को एक मस्जिद में ले जाकर एक मौलवी से उसका धर्म परिवर्तन कराने का अनुरोध किया और इसके लिए पैसे की पेशकश भी की। जब महिला ने कथित रूप से धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने वे आपत्तिजनक वीडियो उसके पति को भेज दिए।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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