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शहडोल जिले के नरवार गाँव में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन होने के बावजूद पानी की गंभीर किल्लत है। यहां 15-20 घरों में हफ्तों तक नल सूखे रहते हैं और हैंडपंप भी खराब पड़ा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। पंच-सरपंच से शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, अब जल विभाग से तत्काल समाधान की अपील है।
बाबू सिंह
शहडोल जिले के नरवार गाँव में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन होने के बावजूद पानी की गंभीर किल्लत है। यहां 15-20 घरों में हफ्तों तक नल सूखे रहते हैं और हैंडपंप भी खराब पड़ा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। पंच-सरपंच से शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, अब जल विभाग से तत्काल समाधान की अपील है।
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- शहडोल जिले के नरवार गाँव में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन होने के बावजूद पानी की गंभीर किल्लत है। यहां 15-20 घरों में हफ्तों तक नल सूखे रहते हैं और हैंडपंप भी खराब पड़ा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। पंच-सरपंच से शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, अब जल विभाग से तत्काल समाधान की अपील है।1
- Post by Ashok Sondhiya1
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- शाहडोल जिले के नेशनल हाईवे 43 पर मरीजों को ले जा रही 108 एम्बुलेंस अचानक खराब हो गई। इससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा और उनका उपचार प्रभावित हुआ।1
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ D-1 का शिकार के साथ सड़क पार करने का वीडियो वायरल हुआ है। शिकार को बेखौफ होकर ले जाते बाघ का शांत और आत्मविश्वासी अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है। यह दुर्लभ दृश्य वन्यजीवन के प्राकृतिक व्यवहार की सजीव झलक दिखाता है।1
- एंकर - घटिया निर्माण का खेल! पंचायत में मिलीभगत का बड़ा आरोप बिना मानक के बनी सीसी रोड, फ्लोरी मशीन का उपयोग,ग्रामीणों के हक पर डाका उमरिया | करकेली जनपद पंचायत उमरिया जिले के करकेली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पठारी खुर्द में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का बड़ा मामला सामने आया है। यहां सचिव और सरपंच की कथित मिलीभगत से सीसी रोड निर्माण में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सीसी रोड निर्माण कार्य में फ्लोरी मशीन का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है, जबकि निर्माण में तय मानकों का पूरी तरह उल्लंघन किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिना बेस डाले ही सीसी रोड तैयार कर दी गई, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में यह भी सामने आया है कि स्कूल प्रांगण से मायाराम के घर तक पहले से बनी सड़क, जो सिर्फ मरम्मत योग्य थी, उसे ही नया निर्माण दिखाकर दोबारा बनाया गया। आरोप है कि इस बहाने पंचायत द्वारा सरकारी राशि का दुरुपयोग करते हुए गुणवत्ता से समझौता किया गया। ग्रामीणों ने संबंधित इंजीनियर और अधिकारियों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर समय पर निरीक्षण होता तो इस तरह का घटिया निर्माण संभव ही नहीं था। अब ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है1
- अनूपपुर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी ने जैतहरी जनपद पंचायत के कांसा, पगना, गोबरी और गौरेला गांवों का दौरा किया। उन्होंने खेत तालाब, पीएम आवास और लेमनग्रास खेती सहित विभिन्न ग्रामीण विकास कार्यों का अवलोकन कर संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।3
- कोटरी समिति द्वारा गेहूं खरीदी में जमकर किया जा रहा भ्रष्टाचार-ठगा जा रहा मजबूर किसान(देखिए किसान हितैषी मोहन जी) *मोहन सरकार में गेंहू तौलाई के नाम पर लूट, 51.500 किलोग्राम की भर्ती, बेबस अन्नदाता।* *सेवा सहकारी समिति मर्या. कोटरी में भ्रष्टाचार का तांडव* उमरिया। जिले के मानपुर तहसील अंतर्गत सहकारी समिति कोटरी में प्रबंधक के तानाशाही से किसान परेशान होने के साथ - साथ आत्महत्या को मजबूर है, खरीदी केंद्र में पहुंचकर देखा गया की किसान किस तरह प्रबंधन से परेशान होकर 51.500 किलोग्राम की तुलाई करने को मजबूर है, मौके पर किसानों द्वारा बताया गया की प्रबंधक के तानाशाही से तंग आकार 51.500 किलोग्राम की भर्ती करकर स्वयं बोरा भरकर तौलाई करते है तब जाके प्रबंधक और सर्वेयर द्वारा गेंहू की बिक्री पास किया गया जाता है, हालंकि यह आरोप पहली बार नही लगाया गया, रवी और खरीब की फसल में भी इनके द्वारा रही तानाशाही रवैया अपनाया जाता है इसके पहले भी खरीदी प्रबंधक के खिलाफ किसानों द्वारा आवेदन देकर कार्यवाही की मांग की गई थी, लेकिन प्रबंधन के तानाशाही व अधिकारियों के सह से कार्यवाही कागजों बस में सिमट के रह गई है इसे सिस्टम की करीबी माने या प्रबंधक की मनमानी, मौके पर जाकर देखा गया तो 51.500 की तौलाई पाई गई जो की गेंहू बिक्री कर रहे किसानों द्वारा मीडियाकर्मी को बाइड देते हुए बताया गया खरीदी केंद्र पर किसानों द्वारा लाए गए फसल रखने के लिए पर्याप्त जगह न होने से भी किसानों में निराशा दिखाई देती है, *प्रबंधक को स्वयं का मजदूर, ठंडा अवैध खर्चा दे रहा किसान* किसानों द्वारा बताया गया की इस खरीदी केंद्र में किसानों को स्वयं का मजदूर तौलाई के लिए, व बोरा भरने को लेकर लाना पड़ता, प्रबंधक साहब अगर इतने में भी खुश नही होते तो किसान को बाहर की दुकान से स्वयं का व्यय करकर गर्मी को देखते हुए ठंडा, जैसे स्प्राएट, माजा, चाय नमकीन बिस्किट, इतने में ही प्रबंधक साहब खुश नही होते बल्कि किसान को रसीद लेने के लिए 50 किलो से 1 क्विंटल प्रति किसान के हिसाब से अलग से देना पड़ता है तब जाके साहब किसानों को रसीद देते है, *कई आरोपों से घिरे हुए है प्रबंधक* बताया जाता है सेवा सहकारी समिति कोटरी भ्रष्टाचार के रंग में वर्षो से रंगा हुआ आ रहा है आज भी देखा जाए तो किसानों के द्वारा खरीदी केंद्र व प्रबंधक के तानाशाही रवैया से परेशान होकर कलेक्टर, सहित कमिश्नर के यहा लिखित आवेदन देकर जांच कर कार्यवाही की मांग की है, जो की वर्तमान के जांच भी चालू है, लेकिन प्रबंधक का चक्रव्यूह इतना मजबूत है की, अपने ही व्यक्ति को कमीशन के तहत शासन प्रशासन को धोका में रखते हुए वर्तमान में खरीदी कर रहे है, जैसे की प्रशासन का डर ही न हो, बेखौफ भ्रष्टाचार करते दिख रहे है।4