बिहार में कला विश्वविद्यालय की योजना, नाटक के डिग्रीधारियों के लिए भी अवसर तलाश रही सरकार बिहार सरकार कला एवं संस्कृति के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। राज्य में कला विश्वविद्यालय शुरू करने के साथ-साथ एनएसडी सेंटर खोलने की भी योजना है। वहीं नाटक में डिग्री हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में विचार किया जा रहा है। उक्त बातें गुरुवार को खनन एवं भूतत्व तथा कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद चन्द्रवंशी ने मधेपुरा में प्रेस को संबोधित करते हुए कही। मंत्री कोसी ईंट संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने मधेपुरा पहुंचे थे। मंत्री ने कहा कि कला का क्षेत्र काफी व्यापक है और इसमें कई विधाएं शामिल हैं। सरकार धीरे-धीरे सभी विधाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। नाटक के डिग्रीधारी अभ्यर्थियों के लिए भी राज्य में क्या बेहतर व्यवस्था की जा सकती है, इस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में कला विश्वविद्यालय शुरू करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य में एक एनएसडी सेंटर स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। बिहार की समृद्ध कला और संस्कृति की पहचान पूरे देश में है। सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे देशभर के लोग बिहार की कला, संस्कृति और परंपराओं को बेहतर तरीके से जान और समझ सकें। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि बिहार के सभी जिलों में प्रस्तावित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्रों में भी भविष्य में नाटक प्रशिक्षण की व्यवस्था शुरू की जा सकती है। इससे नाटक के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं और डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण एवं अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिल सकेगा। मंत्री के इस बयान से कला एवं संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े युवाओं में उम्मीद जगी है। खासकर नाटक एवं रंगमंच से जुड़े डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को आने वाले समय में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिलने की संभावना है।
बिहार में कला विश्वविद्यालय की योजना, नाटक के डिग्रीधारियों के लिए भी अवसर तलाश रही सरकार बिहार सरकार कला एवं संस्कृति के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। राज्य में कला विश्वविद्यालय शुरू करने के साथ-साथ एनएसडी सेंटर खोलने की भी योजना है। वहीं नाटक में डिग्री हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में विचार किया जा रहा है। उक्त बातें गुरुवार को खनन एवं भूतत्व तथा कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद चन्द्रवंशी ने मधेपुरा में प्रेस को संबोधित करते हुए कही। मंत्री कोसी ईंट संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने मधेपुरा पहुंचे थे। मंत्री ने कहा कि कला का क्षेत्र काफी व्यापक है और इसमें कई विधाएं शामिल हैं। सरकार धीरे-धीरे सभी विधाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। नाटक के डिग्रीधारी अभ्यर्थियों के लिए भी राज्य में क्या बेहतर व्यवस्था की जा सकती है, इस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में कला विश्वविद्यालय शुरू करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य में एक एनएसडी सेंटर स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। बिहार की समृद्ध कला और संस्कृति की पहचान पूरे देश में है। सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे देशभर के लोग बिहार की कला, संस्कृति और परंपराओं को बेहतर तरीके से जान और समझ सकें। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि बिहार के सभी जिलों में प्रस्तावित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्रों में भी भविष्य में नाटक प्रशिक्षण की व्यवस्था शुरू की जा सकती है। इससे नाटक के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं और डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण एवं अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिल सकेगा। मंत्री के इस बयान से कला एवं संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े युवाओं में उम्मीद जगी है। खासकर नाटक एवं रंगमंच से जुड़े डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को आने वाले समय में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिलने की संभावना है।
- बिहार में कला विश्वविद्यालय की योजना, नाटक के डिग्रीधारियों के लिए भी अवसर तलाश रही सरकार बिहार सरकार कला एवं संस्कृति के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। राज्य में कला विश्वविद्यालय शुरू करने के साथ-साथ एनएसडी सेंटर खोलने की भी योजना है। वहीं नाटक में डिग्री हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में विचार किया जा रहा है। उक्त बातें गुरुवार को खनन एवं भूतत्व तथा कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद चन्द्रवंशी ने मधेपुरा में प्रेस को संबोधित करते हुए कही। मंत्री कोसी ईंट संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने मधेपुरा पहुंचे थे। मंत्री ने कहा कि कला का क्षेत्र काफी व्यापक है और इसमें कई विधाएं शामिल हैं। सरकार धीरे-धीरे सभी विधाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। नाटक के डिग्रीधारी अभ्यर्थियों के लिए भी राज्य में क्या बेहतर व्यवस्था की जा सकती है, इस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में कला विश्वविद्यालय शुरू करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य में एक एनएसडी सेंटर स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। बिहार की समृद्ध कला और संस्कृति की पहचान पूरे देश में है। सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे देशभर के लोग बिहार की कला, संस्कृति और परंपराओं को बेहतर तरीके से जान और समझ सकें। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि बिहार के सभी जिलों में प्रस्तावित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्रों में भी भविष्य में नाटक प्रशिक्षण की व्यवस्था शुरू की जा सकती है। इससे नाटक के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं और डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण एवं अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिल सकेगा। मंत्री के इस बयान से कला एवं संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े युवाओं में उम्मीद जगी है। खासकर नाटक एवं रंगमंच से जुड़े डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को आने वाले समय में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिलने की संभावना है।1
- बिजली बिल सुधार को लेकर सौर बाजार में किया गया शिविर का आयोजन सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर में बुधवार को बिजली बिल सुधार को लेकर शिविर आयोजित की गई जिसमें बिजली बिल संबंधित सहित अन्य समस्या का समाधान किया गया। इसको लेकर शिविर में मौजूद बिजली विभाग के अधिकारी ने बताया की 22 अगस्त तक बिजली बिल सुधार को लेकर शिविर का आयोजन किया जाएगा जो विभिन्न पंचायतों में लगाया जाएगा। शिविर के माध्यम से लोगों के बिजली बिल में हो रही गड़बड़ी, नए कनेक्शन सहित अन्य जो भी समस्या है उस पर जांच कर सुधार किया जाएगा। हालाकि शिविर के पहले दिन के बारे में लोगों को पता नहीं चल पाया इसीलिए भीड़ कम थी हो सकती है जानकारी के बाद लोग अपने बिजली संबंधित समस्या को लेकर शिविर में आएंगे जिस पर विचार कर उनके समस्या का समाधान किया जा सके।1
- City post Saharsa news सिटी पोस्ट सहरसा में भवन शर्मा सिरजन रिपोर्टर आप सभी गणनायक को BD शर्मा की तरफ से नमस्कार bade Adhikari Se lekar chhote padri bhi inmein Shamil Hai Aaye din garmi ke vajah se kam karne wale majdur din Raat kam karte rahte hain भारत सरकार निगम लिमिटेड जो कि शुद्ध देश में प्रसिद्ध है उनके द्वार बिछाये गए केबल जो कि दिन के उजाले में रात के अँधेरे में 10-20 मजदूर मिलकर खुले आम चोरी करने के संबंध में हम जो कि भारत सरकार की बर्बादी हो रही है वीडियो साहब अपने से आकर हिदायत दी है कि सरकार संपत्ति का कोई तरह का छोरी या छति नहीं होना चाहिए फिर भी मजदूर खुलेम चोरी करते हैं8:00 बजे शाम में एसडीओ महादेव सर अपने से आकार काम को रुकवाए थे इन लोगों ने रात के अंधेरे में अपना काम निकालने के लिए 10-20 मजदूर मिलके आए दिन प्रतिदिन डाकैती करते रहते हैं यहां का पी1
- पर्चाधारियों ने सीओ को आवेदन देकर कब्जा दिलाने की मांग की सोनवर्षाराज (सहरसा)। काशनगर पंचायत के बराही गांव स्थित वार्ड नंबर 11 के करीब 50 पर्चाधारी परिवार अपनी पर्चे वाली जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। सभी ने अंचलाधिकारी ललन चौधरी को आवेदन देकर पर्चे में मिली जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने की मांग की। पर्चाधारियों ने कहा कि जब तक उन्हें पर्चे वाली जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया जाता, तब तक वे पोखर की जमीन खाली नहीं करेंगे। मांग पूरी नहीं होने पर सभी परिवारों के साथ जिलाधिकारी के समक्ष मंगलवार को अनशन एवं भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है। इस मामले में सहरसा के एडीएम ने प्राप्त आवेदन को जांच के लिए सोनवर्षाराज अंचलाधिकारी के पास भेज दिया है। वहीं, अंचलाधिकारी ललन चौधरी ने बताया कि आवेदन मिला है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पर्चाधारियों में शिबू पासवान, सुरेश पासवान, छुतहरु पासवान, लक्षतर पासवान, शंकर पासवान, महेश्वर पासवान, विदो पासवान, सुदामा देवी, सिकेद्र पासवान, सारो देवी, हीरा पासवान, कनिक पासवान, विनोद पासवान, संजन देवी, उमेश पासवान, झनक पासवान, कुमोद पासवान, अशोक कुमार, नागेश्वर पासवान, मनोहर पासवान, जितेन्द्र पासवान, समतोलिया देवी, सुबोध पासवान, निर्मला देवी, पप्पू कुमार, संतोष पासवान, सनोज पासवान, लालबहादुर पासवान, प्रेमजीत, जयकुमार, मटख पासवान, जय कुमार पासवान, जवाहर पासवान, भूषण कुमार, लतर पासवान, राम पुकार पासवान, बुलबुल पासवान, रिजेन कुमार, अनील कुमार, कमल कुमार, देवन पासवान, मिथुन कुमार, रविन कुमार, अरविंद कुमार, शशी कुमार, राजा कुमार, मनोज पासवान, इंदल पासवान, सिकरी पासवान, गुलशन पासवान, रंजीत कुमार, मुकेश पासवान, सुरेन्द्र पासवान, पप्पू पासवान, सुमन पासवान, मटरु पासवान, हिरा पासवान, विलेक्षण पासवान, योगेन्द्र पासवान, मीरा देवी एवं उमेश कुमार सहित अन्य शामिल थे।1
- 12 सूत्री मांगों को लेकर सीपीएम का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित कुमारखंड, मधेपुरा । ब्लॉक परिसर में बुधवार को सीपीएम के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक, अंचल, अस्पताल, थाना, मनरेगा में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ 12 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन दिया। धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता उमेश यादव तथा संचालन जगरनाथ झा ने किया। मौके पर अध्यक्षता करते हुए उमेश यादव ने कहा कि अंचल कार्यालय में बिना दलाली और घुस का कुछ नहीं होता है। हर टेबल पर दाखिल खारिज, अन्य सभी कार्य के लिए पदाधिकारी को चढ़ावा देना पड़ता है। सीओ को आगाह करते है अंचल में दलाली बंद करने की चेतावनी देते हुए कहा कि नहीं तो उग्र आंदोलन होगा। उन्होंने पंकहा कि मनरेगा कार्यालय में मजदूर तक रुपया नहीं पहुंचता है । दलाल बिचौलिया सभी उठा कर अपना जेब भरते हैं। थाना, अस्पताल, सभी जगह गरीब मजदूर का कर्मी व पदाधिकारी द्वारा शोषण हो रहा है। समय रहते नहीं सुधार हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। कामरेड ललन यादव ने कहा कि आज पूरे देश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बलात्कार किसानों का शोषण खुलेआम हो रहा है। केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार के सह पर यह सब किया जाता है। उन्होंने कहा कि देश में हिंदू , मुस्लिम करके देश को बर्बाद कर दिया गया है। मंहगाई चरम सीमा पर है। अंचल में भ्रष्टाचार बंद करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रत्येक माह तीन हजार करने, ब्लॉक के सामने जल जमाव की समस्या का निपटारा करने, कुमारखंड में रेल परियोजना की शुरुआत करने सहित 12 सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। सभी वक्ताओं ने अपनी अपनी बात रखें। मौके पर उमेश यादव, ललन यादव,पन्ना लाल यादव, चंदेश्वरी रजक, नौशाद अंसारी, अली हसन, जगरनाथ झा, कैलाश सिंह, अशोक यादव, बिजली खातून, रेखा देवी, मंजू देवी, कृष्णदेव साह, नारायण यादव, राजेंद्र यादव, देव नारायण सरदार,अनमोल यादव समेत दर्जनों पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद थे। फोटो - कुमारखंड ब्लॉक परिसर में धरना प्रदर्शन करते सीपीएम नेता व कार्यकर्ता1
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- छातापुर:पूर्णिया में दहशत फैलाकर खुद की पॉपुलर करने की सनक में DIG चौक पर की थी गोलीबारी, पांच गिरफ्तार,क्राइम सीन रीक्रिएट कर पुलिस ने परखी सच्चाई,देखें छातापुर:पूर्णिया में दहशत फैलाकर खुद की पॉपुलर करने की सनक में DIG चौक पर की थी गोलीबारी, पांच गिरफ्तार,क्राइम सीन रीक्रिएट कर पुलिस ने परखी सच्चाई,देखें1
- भर्राही से जीवछपुर तक सड़क बनी ‘धान का खेत’, गुस्से में ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन मधेपुरा में सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। भर्राही बाजार से जीवछपुर फोरलेन तक जाने वाली मुख्य सड़क पर ग्रामीणों ने धान रोपकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क में इतने गड्ढे हैं और बारिश के बाद इतना पानी जमा हो जाता है कि सड़क और खेत में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। मामला मधेपुरा प्रखंड की मदनपुर पंचायत का है। यहां भर्राही बाजार से जीवछपुर फोरलेन को जोड़ने वाली सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। बारिश होते ही इन गड्ढों में पानी भर जाता है और राहगीरों के लिए रास्ता जानलेवा बन जाता है। ग्रामीणों ने सड़क की हालत को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सड़क पर ही धान की रोपाई कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क खेत बन चुकी है, तो फिर खेत की तरह इसमें धान ही क्यों न रोपा जाए। प्रदर्शन के जरिए ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान सड़क की बदहाली की ओर खींचने की कोशिश की। बाइट--- निरंजन कुमार, स्थानीय ग्रामीण ग्रामीणों के मुताबिक इस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। किसान अपने खेतों तक पहुंचते हैं, राहगीर मुख्य सड़क तक जाते हैं और स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से स्कूल पहुंचते हैं। लेकिन सड़क पर जलजमाव और गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बाइट--- प्रियदर्शिनी, स्थानीय छात्रा सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। बारिश के दिनों में कई बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाइट- - महेंद्र साह, स्थानीय ग्रामीण ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण या मरम्मत को लेकर जिलाधिकारी, आरडब्ल्यूडी विभाग, सांसद और विधायक को लिखित आवेदन तक दिया जा चुका है। इसके बावजूद सड़क की तस्वीर नहीं बदली। लिहाजा अब ग्रामीणों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर एक महीने के भीतर सड़क निर्माण या मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो ग्रामीण भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे। अब ग्रामीणों की मांग सीधी है,सड़क की तत्काल जांच हो, जर्जर हिस्सों की मरम्मत कराई जाए और स्थायी निर्माण कराया जाए। ताकि लोगों को गड्ढों, कीचड़ और जलजमाव से राहत मिल सके। भर्राही से जीवछपुर तक की यह सड़क फिलहाल सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि ग्रामीणों के आक्रोश की आवाज बन चुकी है। सड़क पर रोपा गया धान प्रशासन के लिए एक सवाल है।जब सड़क खेत बन जाए, तो विकास का रास्ता आखिर कहां से निकलेगा?4