उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले में शिक्षा के स्तर को अत्याधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने तहसील सकलडीहा के हंडा गांव में चल रहे निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्य की रफ्तार को देखते हुए कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को निर्धारित टाइमलाइन के भीतर हर हाल में काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड (निर्माण इकाई-03, वाराणसी) की देखरेख में बन रहे इस आधुनिक विद्यालय की कुल स्वीकृत लागत ₹2358.96 लाख है, जिसमें से शासन स्तर द्वारा ₹1179.48 लाख की पहली किश्त पहले ही जारी की जा चुकी है। इस वृहद परियोजना के तहत मुख्य भवन में भू-तल, प्रथम तल और द्वितीय तल का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, मिड डे मील भवन (भू-तल और प्रथम तल), बाल वाटिका भवन (प्रथम तल पर), मल्टीपर्पज़ हॉल भवन, आवासीय छात्रों के लिए डॉरमेटरी भवन (भू-तल और प्रथम तल), गार्ड रूम और बड़े स्तर पर स्थल विकास का कार्य किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य का जिम्मा असम के डिब्रूगढ़ की निर्माण एजेंसी मेसर्स बद्री राय एंड कंपनी को दिया गया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की मैपिंग और तय टाइमलाइन के अनुसार ही प्रत्येक चरण का काम समय पर पूरा किया जाए, ताकि जिले के बच्चों को जल्द से जल्द इस आधुनिक मॉडल स्कूल का लाभ मिल सके।
उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले में शिक्षा के स्तर को अत्याधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने तहसील सकलडीहा के हंडा गांव में चल रहे निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्य की रफ्तार को देखते हुए कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को निर्धारित टाइमलाइन के भीतर हर हाल में काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड (निर्माण इकाई-03, वाराणसी) की देखरेख में बन रहे इस आधुनिक विद्यालय की कुल स्वीकृत लागत ₹2358.96 लाख है, जिसमें से शासन स्तर द्वारा ₹1179.48 लाख की पहली किश्त पहले ही जारी की जा चुकी है। इस वृहद परियोजना के तहत मुख्य भवन में भू-तल, प्रथम तल और द्वितीय तल का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, मिड डे मील भवन (भू-तल और प्रथम तल), बाल वाटिका भवन (प्रथम तल पर), मल्टीपर्पज़ हॉल भवन, आवासीय छात्रों के लिए डॉरमेटरी भवन (भू-तल और प्रथम तल), गार्ड रूम और बड़े स्तर पर स्थल विकास का कार्य किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य का जिम्मा असम के डिब्रूगढ़ की निर्माण एजेंसी मेसर्स बद्री राय एंड कंपनी को दिया गया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की मैपिंग और तय टाइमलाइन के अनुसार ही प्रत्येक चरण का काम समय पर पूरा किया जाए, ताकि जिले के बच्चों को जल्द से जल्द इस आधुनिक मॉडल स्कूल का लाभ मिल सके।
- उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले में शिक्षा के स्तर को अत्याधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने तहसील सकलडीहा के हंडा गांव में चल रहे निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्य की रफ्तार को देखते हुए कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को निर्धारित टाइमलाइन के भीतर हर हाल में काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड (निर्माण इकाई-03, वाराणसी) की देखरेख में बन रहे इस आधुनिक विद्यालय की कुल स्वीकृत लागत ₹2358.96 लाख है, जिसमें से शासन स्तर द्वारा ₹1179.48 लाख की पहली किश्त पहले ही जारी की जा चुकी है। इस वृहद परियोजना के तहत मुख्य भवन में भू-तल, प्रथम तल और द्वितीय तल का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, मिड डे मील भवन (भू-तल और प्रथम तल), बाल वाटिका भवन (प्रथम तल पर), मल्टीपर्पज़ हॉल भवन, आवासीय छात्रों के लिए डॉरमेटरी भवन (भू-तल और प्रथम तल), गार्ड रूम और बड़े स्तर पर स्थल विकास का कार्य किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य का जिम्मा असम के डिब्रूगढ़ की निर्माण एजेंसी मेसर्स बद्री राय एंड कंपनी को दिया गया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की मैपिंग और तय टाइमलाइन के अनुसार ही प्रत्येक चरण का काम समय पर पूरा किया जाए, ताकि जिले के बच्चों को जल्द से जल्द इस आधुनिक मॉडल स्कूल का लाभ मिल सके।1
- सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर उनका क्या पीछे छूट गया है। इस दौरान @wangchuksworld और #sonamwangchuk के साथ-साथ @cockroachjantaparty और #cockroachjantaparty का उल्लेख करते हुए यह सवाल पूछा गया है।1
- कैमूर जिले के चैनपुर में ग्रामीणों ने खुद अपना एक वीडियो बनाकर बिहार सरकार से गुहार लगाई है। इस वीडियो के जरिए ग्रामीण सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।1
- अभिजीत दिपके ने पुलिस पर बेहद गंभीर निशाना साधा है। विदेश से अपने देश वापस लौटने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने तीखे लहजे में सवाल किया है कि क्या वह कोई अपराधी हैं? दिपके का आरोप है कि ये पुलिस नहीं बल्कि आरएसएस (RSS) के गुंडे हैं।1
- चन्दौली जिले के सकलडीहा में स्टेडियम और खेल के मैदान को लेकर तहसील दिवस पर एक ज्ञापन सौंपा गया है। यह ज्ञापन किसान नेता मणि देव चतुर्वेदी द्वारा दिया गया है, जिसमें सकलडीहा स्टेडियम व खेल के मैदान के विषय को उठाया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सकलडीहा अंतर्गत कमालपुर कस्बा के रहने वाले प्रमोद रस्तोगी के 16 वर्षीय पुत्र राधे कृष्ण रस्तोगी ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक अनोखी पहल की है। जहां आमतौर पर इस उम्र के छात्र केवल पढ़ाई और करियर की तैयारी में जुटे रहते हैं, वहीं राधे कृष्ण ने इमरजेंसी के दौरान अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच त्वरित तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से एक हेल्थटेक MVP (न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद) 'ApkaBachav by (Lifenerula)' तैयार किया है। इस तकनीक को विकसित करने के पीछे राधे कृष्ण रस्तोगी का मुख्य उद्देश्य अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच त्वरित सूचना के आदान-प्रदान को मजबूत करना है। इसके लिए अलग-अलग डैशबोर्ड बनाए गए हैं, ताकि दोनों पक्ष अपनी जरूरत और भूमिका के अनुसार इस सिस्टम का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकें। राधे कृष्ण ने बताया कि उन्हें इस प्रोजेक्ट का विचार अपने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों और लोगों को समय पर एम्बुलेंस न मिल पाने के संघर्ष को देखकर आया। उनका लक्ष्य एक आसान समाधान बनाना है, ताकि दूर-दराज के इलाकों में भी कोई मरीज समय पर इलाज से वंचित न रहे। फिलहाल यह प्रोजेक्ट अपने शुरुआती तकनीकी चरण में है, और उनका अगला कदम स्थानीय अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं के साथ मिलकर इसका ट्रायल रन (पायलट प्रोजेक्ट) शुरू करना है। इस ट्रायल से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर सिस्टम को भविष्य में और बेहतर किया जाएगा। भविष्य में इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जोड़ने की भी योजना है, जिससे गंभीर स्थिति के अनुसार सिस्टम खुद सही अस्पताल का चुनाव कर सके। इसके सफल ट्रायल के बाद इसे बनारस, लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों के मेडिकल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। कमालपुर के ग्रामीण माहौल से निकलकर तकनीकी क्षेत्र में किया गया उनका यह प्रयास क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन गया है।3
- सतगुरु के लक्षणों को स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि वह मधुर वचन बोलने वाले और सभी शास्त्रों के पूर्ण ज्ञाता होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, चार वेद, छह शास्त्र और कुल 18 बोध कहे गए हैं, जिसमें चार वेदों को एक बोध और 18 पुराणों को भी एक बोध माना गया है। इन सभी 18 बोधों की पूरी जानकारी रखने वाला सतगुरु ही शास्त्रों के सच्चे आधार पर सही भक्तिविधि और ज्ञान का मार्ग बताता है। इस कसौटी के आधार पर यह स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान समय में केवल संत रामपाल जी महाराज ही एकमात्र सच्चे सतगुरु हैं।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की सकलडीहा तहसील सभागार में जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने आए हुए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से समुचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के समय उसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस समाधान दिवस में कुल 195 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 16 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इसके अलावा, 6 मामलों के निपटारे के लिए पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी गई। जिलाधिकारी ने शेष प्रार्थना पत्रों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अधिकांश शिकायतें भूमि, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग और पुलिस मामलों से जुड़ी हुई थीं। साथ ही, उन्होंने आईजीआरएस (IGRS) के माध्यम से सभी शिकायतों की ट्रैकिंग की बात कहते हुए अधिकारियों को समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान करने की कड़ी हिदायत दी। जिलाधिकारी ने वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, निराश्रित पेंशन योजना जैसी लाभार्थी परक योजनाओं के लाभ और निर्विवाद वरासत के मामलों को तत्काल सुलझाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में धान की खेती के समय को देखते हुए किसानों द्वारा पानी व अन्य समस्याएं उठाई गईं, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर काम करने को कहा ताकि किसानों को पानी, बिजली और खाद की कोई समस्या न हो। इस अवसर पर पीडी डीआरडीए बी बी सिंह, उप जिलाधिकारी आकांक्षा सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, जिला पंचायती राज अधिकारी अविनाश कुमार समेत कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।1