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प्रभु श्रीराम के धाम चित्रकूट में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार को देखकर अब '9 माह में भी न चले ढाई कोस' की नई कहावत कही जाने लगी है। यहाँ कामदगिरि परिक्रमा पथ और मंदाकिनी के घाटों पर पिछले एक साल से अधिक समय से पत्थर लगाने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। आलम यह है कि एक साल बीत जाने के बाद भी महज ढाई किलोमीटर के परिक्रमा पथ पर पत्थर लगाने का काम पूरा नहीं हो सका है। इसके अलावा मंदाकिनी के घाटों पर भी बेहद कछुआ गति से काम चल रहा है। ठेकेदार की मनमानी के कारण परिक्रमा पथ पर जगह-जगह बालू, सीमेंट और गिट्टी बिखरी पड़ी है, जिससे यहाँ नियमित परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालु पिछले एक साल से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मार्ग पर बिखरे इस मलबे के कारण श्रद्धालुओं का चलना तक दूभर हो गया है। इस अव्यवस्था के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। सतना कलेक्टर और प्राधिकरण के अध्यक्ष लंबे समय से महज समीक्षा बैठकों की खानापूर्ति करने तक ही सीमित होकर रह गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि जब भी सतना से प्राधिकरण के अध्यक्ष और कलेक्टर समीक्षा बैठक के लिए चित्रकूट आने वाले होते हैं, तो उसके एक दिन पहले परिक्रमा पथ, भरत घाट और मोहकमगढ़ से पीलीकोठी तक बन रही सड़क पर ठेकेदारों द्वारा आनन-फानन में काम शुरू करवा दिया जाता है। बैठक समाप्त होते ही अगले दिन ठेकेदार फिर गायब हो जाते हैं और काम बंद हो जाता है। यहाँ का सीवर लाइन प्रोजेक्ट भी अधूरा पड़ा है, जिसके पूरा होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। परिक्रमा पथ की इस बदहाली के कारण श्रद्धालु रोज ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों को कोस रहे हैं।

8 hrs ago
user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

प्रभु श्रीराम के धाम चित्रकूट में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार को देखकर अब '9 माह में भी न चले ढाई कोस' की नई कहावत कही जाने लगी है। यहाँ कामदगिरि परिक्रमा पथ और मंदाकिनी के घाटों पर पिछले एक साल से अधिक समय से पत्थर लगाने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। आलम यह है कि एक साल बीत जाने के बाद भी महज ढाई किलोमीटर के परिक्रमा पथ पर पत्थर लगाने का काम पूरा नहीं हो सका है। इसके अलावा मंदाकिनी के घाटों पर भी बेहद कछुआ गति से काम चल रहा है। ठेकेदार की मनमानी के कारण परिक्रमा पथ पर जगह-जगह बालू, सीमेंट और गिट्टी बिखरी पड़ी है, जिससे यहाँ नियमित परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालु पिछले एक साल से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मार्ग पर बिखरे इस मलबे के कारण श्रद्धालुओं का चलना तक दूभर हो गया है। इस अव्यवस्था के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। सतना कलेक्टर और प्राधिकरण के अध्यक्ष लंबे समय से महज समीक्षा बैठकों की खानापूर्ति करने तक ही सीमित होकर रह गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि जब भी सतना से प्राधिकरण के अध्यक्ष और कलेक्टर समीक्षा बैठक के लिए चित्रकूट आने वाले होते हैं, तो उसके एक दिन पहले परिक्रमा पथ, भरत घाट और मोहकमगढ़ से पीलीकोठी तक बन रही सड़क पर ठेकेदारों द्वारा आनन-फानन में काम शुरू करवा दिया जाता है। बैठक समाप्त होते ही अगले दिन ठेकेदार फिर गायब हो जाते हैं और काम बंद हो जाता है। यहाँ का सीवर लाइन प्रोजेक्ट भी अधूरा पड़ा है, जिसके पूरा होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। परिक्रमा पथ की इस बदहाली के कारण श्रद्धालु रोज ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों को कोस रहे हैं।

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  • सतना जिले के मझगवां में कांग्रेस नेता आशुतोष द्विवेदी अपने समर्थकों के साथ SDM कार्यालय पहुंचे हैं।
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    सतना जिले के मझगवां में कांग्रेस नेता आशुतोष द्विवेदी अपने समर्थकों के साथ SDM कार्यालय पहुंचे हैं।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 min ago
  • सतना जिले के मैहर में कोटेदार पर कार्यवाही किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र में लगातार इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि क्या कोटेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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    सतना जिले के मैहर में कोटेदार पर कार्यवाही किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र में लगातार इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि क्या कोटेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    2 hrs ago
  • Post by Anand Singh
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    Post by Anand Singh
    user_Anand Singh
    Anand Singh
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को ओबीसी महासभा के बैनर तले हजारों की संख्या में छात्रों, किसानों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच किया। प्रदर्शनकारी प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने और सरकारी भर्तियों में 13% पदों पर लगाए गए होल्ड को तत्काल समाप्त करने की मांग कर रहे थे। विधानसभा की ओर बढ़ रहे इन प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने रंगमहल चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग करके रोका, तो दोनों पक्षों के बीच तीखा संघर्ष देखने को मिला। इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पर चढ़कर अपना कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (वज्र वाहन) का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए हैं, इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ और वे वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और बसों में भरकर थाने ले गई। हिरासत में लिए गए लोगों में ओबीसी महासभा राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य धर्मेंद्र कुशवाहा, राकेश लोधी, लोकेंद्र गुर्जर, सीबी कुशवाहा, डॉ. बृजेंद्र यादव, रूपेश यादव और ओबीसी महासभा युवा मोर्चा के सतना जिला अध्यक्ष दीपनारायण कुशवाहा (राजा सतना) सहित कई क्रांतिकारी साथी शामिल रहे। ओबीसी महासभा के इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी भारी समर्थन मिला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर, कांग्रेस विधायक सचिन यादव और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने सरकार को सख्त चेतावनी दी कि यदि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी बंद नहीं की गई, तो यह आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक और भी उग्र रूप धारण करेगा। वहीं, ओबीसी महासभा के नेताओं ने भी दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार का यह दमनकारी रवैया उनके संघर्ष को रोक नहीं सकता और जब तक उन्हें संवैधानिक 27% अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
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    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को ओबीसी महासभा के बैनर तले हजारों की संख्या में छात्रों, किसानों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच किया। प्रदर्शनकारी प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने और सरकारी भर्तियों में 13% पदों पर लगाए गए होल्ड को तत्काल समाप्त करने की मांग कर रहे थे। विधानसभा की ओर बढ़ रहे इन प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने रंगमहल चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग करके रोका, तो दोनों पक्षों के बीच तीखा संघर्ष देखने को मिला।

इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पर चढ़कर अपना कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (वज्र वाहन) का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए हैं, इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ और वे वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और बसों में भरकर थाने ले गई। हिरासत में लिए गए लोगों में ओबीसी महासभा राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य धर्मेंद्र कुशवाहा, राकेश लोधी, लोकेंद्र गुर्जर, सीबी कुशवाहा, डॉ. बृजेंद्र यादव, रूपेश यादव और ओबीसी महासभा युवा मोर्चा के सतना जिला अध्यक्ष दीपनारायण कुशवाहा (राजा सतना) सहित कई क्रांतिकारी साथी शामिल रहे।

ओबीसी महासभा के इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी भारी समर्थन मिला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर, कांग्रेस विधायक सचिन यादव और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने सरकार को सख्त चेतावनी दी कि यदि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी बंद नहीं की गई, तो यह आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक और भी उग्र रूप धारण करेगा। वहीं, ओबीसी महासभा के नेताओं ने भी दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार का यह दमनकारी रवैया उनके संघर्ष को रोक नहीं सकता और जब तक उन्हें संवैधानिक 27% अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सतना जिले के चित्रकूट में चल रहे निर्माण कार्यों का बहाना बनाकर जानबूझकर की गई लापरवाही के कारण कामदगिरि बाई पास रोड को बंद कर दिया गया है। इस मार्ग के बंद होने से आने-जाने वाले लोगों को बेहद गंभीर परेशानियों और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण करा रहे ठेकेदार को अच्छी तरह पता था कि बरसात का मौसम आने में अब कुछ ही समय बाकी रह गया है। इसके बावजूद, केवल आधी नाली का निर्माण पूरा होने के बाद ही मार्ग के दोनों तरफ का रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया, जिससे आवागमन ठप हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए सतना जिला प्रशासन से तत्काल प्रभाव से इस निर्माण कार्य को पूरा कराने का पुरजोर अनुरोध किया गया है, ताकि बंद पड़ा रास्ता जल्द से जल्द खुल सके और लोगों को राहत मिल सके।
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    सतना जिले के चित्रकूट में चल रहे निर्माण कार्यों का बहाना बनाकर जानबूझकर की गई लापरवाही के कारण कामदगिरि बाई पास रोड को बंद कर दिया गया है। इस मार्ग के बंद होने से आने-जाने वाले लोगों को बेहद गंभीर परेशानियों और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

निर्माण करा रहे ठेकेदार को अच्छी तरह पता था कि बरसात का मौसम आने में अब कुछ ही समय बाकी रह गया है। इसके बावजूद, केवल आधी नाली का निर्माण पूरा होने के बाद ही मार्ग के दोनों तरफ का रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया, जिससे आवागमन ठप हो गया है।

इस स्थिति को देखते हुए सतना जिला प्रशासन से तत्काल प्रभाव से इस निर्माण कार्य को पूरा कराने का पुरजोर अनुरोध किया गया है, ताकि बंद पड़ा रास्ता जल्द से जल्द खुल सके और लोगों को राहत मिल सके।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के सतना जिले में रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के भगदेवरा गाँव में 20 वर्षीय विपिन कुमार यादव की खौफनाक हत्या के खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस दिल दहला देने वाली वारदात ने एक परिवार को उजाड़ने के साथ ही गाँव और आसपास के अविवाहित युवाओं को गहरे मानसिक सदमे और खौफ में डाल दिया है। गाँव के युवाओं के बीच शादी को लेकर ऐसा गहरा डर बैठ गया है कि उनका कहना है कि अब शादी करने से पहले सौ बार सोचना पड़ेगा, क्योंकि जिंदा रहने की कोई गारंटी नहीं बची है। पुलिस जांच और सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) के अनुसार, पूरी वारदात को बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया। 25 मार्च को आरोपी प्रेमी सुनील कुशवाहा विपिन के घर पहुंचा, जहाँ विपिन की पत्नी आंचल यादव ने उसका परिचय अपने "शिक्षक भाई" के रूप में कराकर परिवार का विश्वास जीत लिया। अगले दिन 26 मार्च को आरोपी सुनील ने विपिन को अच्छी नौकरी दिलाने और ससुराल घुमाने का झांसा देकर रीवा के टीकर गाँव (ससुराल) ले गया। जब विपिन वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने 28 मार्च को रामपुर बघेलान थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रामपुर बघेलान थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी के अनुसार, कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य न होने पर पुलिस ने आंचल और सुनील के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, जिससे दोनों के बीच लगातार बातचीत का सुराग मिला। आखिरकार 9 जुलाई को पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी सुनील ने हत्या की बात कबूल की, जिसके बाद कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में 4 फीट चौड़ी और 6 फीट गहरी कब्र से विपिन का शव बरामद किया गया। आरोपी सुनील ने सुनसान जगह ले जाकर विपिन से कहा कि वह उसके और आंचल के बीच की रुकावट है, जिसके बाद उसके साथ मारपीट की गई, उसे कुएं में धक्का दिया गया, पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या की गई और पहले से तैयार कब्र में दफना दिया गया। मृतक के पिता संतू यादव ने जब थाने में बहू आंचल से इस खौफनाक कदम का कारण पूछा, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि विपिन उसके रास्ते का कचरा था और उसने अपने रास्ते का कचरा साफ कर दिया। आंचल ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह पहले से सुनील से प्यार करती थी और परिवार के दबाव में उसकी शादी विपिन से कराई गई थी। वहीं, विपिन की दादी तिजिया यादव ने आरोप लगाया कि आंचल हत्या के बाद लगातार रोने और बेहोश होने का ढोंग कर रही थी। रिश्ता तय कराने वाले भावुक दादा पूरण यादव ने रोते हुए कहा कि जिस घर बारात लेकर गए थे, वहीं से पोते की अर्थी लौटी है और हमारे भरोसे ने ही सब कुछ छीन लिया। इस हत्याकांड के बाद चकेरा ग्राम पंचायत सचिव रामनिवास जायसवाल और भगदेवरा के सरपंच ददई केवट ने बताया कि क्षेत्र के गांवों में 70% से अधिक युवक अविवाहित हैं और इस घटना के बाद उनमें शादी को लेकर खौफ बैठ गया है। सुमित दाहिया, योगेंद्र पाल, शिवम यादव और लखनलाल कुशवाहा जैसे स्थानीय युवाओं का कहना है कि ड्रम कांड, बाथरूम कांड और अब गाँव में इस हत्या ने शादी को लेकर उनकी सोच बदल दी है और अब भरोसा सबसे बड़ी शर्त बन गया है। अभिभावक रामू यादव और कटाहुर यादव ने भी बेटों द्वारा शादी के रिश्ते ठुकराए जाने पर गहरी चिंता जताई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनील कुशवाहा और मृतक की पत्नी आंचल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मामले में शामिल दो अन्य संदिग्धों संजीव बहेलिया और कुमार रजक की तलाश जारी है। परिजनों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और जमानत न दिए जाने की मांग की है।
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    मध्य प्रदेश के सतना जिले में रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के भगदेवरा गाँव में 20 वर्षीय विपिन कुमार यादव की खौफनाक हत्या के खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस दिल दहला देने वाली वारदात ने एक परिवार को उजाड़ने के साथ ही गाँव और आसपास के अविवाहित युवाओं को गहरे मानसिक सदमे और खौफ में डाल दिया है। गाँव के युवाओं के बीच शादी को लेकर ऐसा गहरा डर बैठ गया है कि उनका कहना है कि अब शादी करने से पहले सौ बार सोचना पड़ेगा, क्योंकि जिंदा रहने की कोई गारंटी नहीं बची है।

पुलिस जांच और सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) के अनुसार, पूरी वारदात को बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया। 25 मार्च को आरोपी प्रेमी सुनील कुशवाहा विपिन के घर पहुंचा, जहाँ विपिन की पत्नी आंचल यादव ने उसका परिचय अपने "शिक्षक भाई" के रूप में कराकर परिवार का विश्वास जीत लिया। अगले दिन 26 मार्च को आरोपी सुनील ने विपिन को अच्छी नौकरी दिलाने और ससुराल घुमाने का झांसा देकर रीवा के टीकर गाँव (ससुराल) ले गया। जब विपिन वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने 28 मार्च को रामपुर बघेलान थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रामपुर बघेलान थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी के अनुसार, कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य न होने पर पुलिस ने आंचल और सुनील के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, जिससे दोनों के बीच लगातार बातचीत का सुराग मिला। आखिरकार 9 जुलाई को पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी सुनील ने हत्या की बात कबूल की, जिसके बाद कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में 4 फीट चौड़ी और 6 फीट गहरी कब्र से विपिन का शव बरामद किया गया।

आरोपी सुनील ने सुनसान जगह ले जाकर विपिन से कहा कि वह उसके और आंचल के बीच की रुकावट है, जिसके बाद उसके साथ मारपीट की गई, उसे कुएं में धक्का दिया गया, पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या की गई और पहले से तैयार कब्र में दफना दिया गया। मृतक के पिता संतू यादव ने जब थाने में बहू आंचल से इस खौफनाक कदम का कारण पूछा, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि विपिन उसके रास्ते का कचरा था और उसने अपने रास्ते का कचरा साफ कर दिया। आंचल ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह पहले से सुनील से प्यार करती थी और परिवार के दबाव में उसकी शादी विपिन से कराई गई थी। वहीं, विपिन की दादी तिजिया यादव ने आरोप लगाया कि आंचल हत्या के बाद लगातार रोने और बेहोश होने का ढोंग कर रही थी। रिश्ता तय कराने वाले भावुक दादा पूरण यादव ने रोते हुए कहा कि जिस घर बारात लेकर गए थे, वहीं से पोते की अर्थी लौटी है और हमारे भरोसे ने ही सब कुछ छीन लिया।

इस हत्याकांड के बाद चकेरा ग्राम पंचायत सचिव रामनिवास जायसवाल और भगदेवरा के सरपंच ददई केवट ने बताया कि क्षेत्र के गांवों में 70% से अधिक युवक अविवाहित हैं और इस घटना के बाद उनमें शादी को लेकर खौफ बैठ गया है। सुमित दाहिया, योगेंद्र पाल, शिवम यादव और लखनलाल कुशवाहा जैसे स्थानीय युवाओं का कहना है कि ड्रम कांड, बाथरूम कांड और अब गाँव में इस हत्या ने शादी को लेकर उनकी सोच बदल दी है और अब भरोसा सबसे बड़ी शर्त बन गया है। अभिभावक रामू यादव और कटाहुर यादव ने भी बेटों द्वारा शादी के रिश्ते ठुकराए जाने पर गहरी चिंता जताई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनील कुशवाहा और मृतक की पत्नी आंचल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मामले में शामिल दो अन्य संदिग्धों संजीव बहेलिया और कुमार रजक की तलाश जारी है। परिजनों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और जमानत न दिए जाने की मांग की है।
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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