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मध्य प्रदेश के सतना जिले में रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के भगदेवरा गाँव में 20 वर्षीय विपिन कुमार यादव की खौफनाक हत्या के खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस दिल दहला देने वाली वारदात ने एक परिवार को उजाड़ने के साथ ही गाँव और आसपास के अविवाहित युवाओं को गहरे मानसिक सदमे और खौफ में डाल दिया है। गाँव के युवाओं के बीच शादी को लेकर ऐसा गहरा डर बैठ गया है कि उनका कहना है कि अब शादी करने से पहले सौ बार सोचना पड़ेगा, क्योंकि जिंदा रहने की कोई गारंटी नहीं बची है। पुलिस जांच और सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) के अनुसार, पूरी वारदात को बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया। 25 मार्च को आरोपी प्रेमी सुनील कुशवाहा विपिन के घर पहुंचा, जहाँ विपिन की पत्नी आंचल यादव ने उसका परिचय अपने "शिक्षक भाई" के रूप में कराकर परिवार का विश्वास जीत लिया। अगले दिन 26 मार्च को आरोपी सुनील ने विपिन को अच्छी नौकरी दिलाने और ससुराल घुमाने का झांसा देकर रीवा के टीकर गाँव (ससुराल) ले गया। जब विपिन वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने 28 मार्च को रामपुर बघेलान थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रामपुर बघेलान थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी के अनुसार, कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य न होने पर पुलिस ने आंचल और सुनील के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, जिससे दोनों के बीच लगातार बातचीत का सुराग मिला। आखिरकार 9 जुलाई को पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी सुनील ने हत्या की बात कबूल की, जिसके बाद कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में 4 फीट चौड़ी और 6 फीट गहरी कब्र से विपिन का शव बरामद किया गया। आरोपी सुनील ने सुनसान जगह ले जाकर विपिन से कहा कि वह उसके और आंचल के बीच की रुकावट है, जिसके बाद उसके साथ मारपीट की गई, उसे कुएं में धक्का दिया गया, पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या की गई और पहले से तैयार कब्र में दफना दिया गया। मृतक के पिता संतू यादव ने जब थाने में बहू आंचल से इस खौफनाक कदम का कारण पूछा, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि विपिन उसके रास्ते का कचरा था और उसने अपने रास्ते का कचरा साफ कर दिया। आंचल ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह पहले से सुनील से प्यार करती थी और परिवार के दबाव में उसकी शादी विपिन से कराई गई थी। वहीं, विपिन की दादी तिजिया यादव ने आरोप लगाया कि आंचल हत्या के बाद लगातार रोने और बेहोश होने का ढोंग कर रही थी। रिश्ता तय कराने वाले भावुक दादा पूरण यादव ने रोते हुए कहा कि जिस घर बारात लेकर गए थे, वहीं से पोते की अर्थी लौटी है और हमारे भरोसे ने ही सब कुछ छीन लिया। इस हत्याकांड के बाद चकेरा ग्राम पंचायत सचिव रामनिवास जायसवाल और भगदेवरा के सरपंच ददई केवट ने बताया कि क्षेत्र के गांवों में 70% से अधिक युवक अविवाहित हैं और इस घटना के बाद उनमें शादी को लेकर खौफ बैठ गया है। सुमित दाहिया, योगेंद्र पाल, शिवम यादव और लखनलाल कुशवाहा जैसे स्थानीय युवाओं का कहना है कि ड्रम कांड, बाथरूम कांड और अब गाँव में इस हत्या ने शादी को लेकर उनकी सोच बदल दी है और अब भरोसा सबसे बड़ी शर्त बन गया है। अभिभावक रामू यादव और कटाहुर यादव ने भी बेटों द्वारा शादी के रिश्ते ठुकराए जाने पर गहरी चिंता जताई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनील कुशवाहा और मृतक की पत्नी आंचल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मामले में शामिल दो अन्य संदिग्धों संजीव बहेलिया और कुमार रजक की तलाश जारी है। परिजनों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और जमानत न दिए जाने की मांग की है।

9 hrs ago
user_MADHYA BHARAT NEWS
MADHYA BHARAT NEWS
Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

मध्य प्रदेश के सतना जिले में रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के भगदेवरा गाँव में 20 वर्षीय विपिन कुमार यादव की खौफनाक हत्या के खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस दिल दहला देने वाली वारदात ने एक परिवार को उजाड़ने के साथ ही गाँव और आसपास के अविवाहित युवाओं को गहरे मानसिक सदमे और खौफ में डाल दिया है। गाँव के युवाओं के बीच शादी को लेकर ऐसा गहरा डर बैठ गया है कि उनका कहना है कि अब शादी करने से पहले सौ बार सोचना पड़ेगा, क्योंकि जिंदा रहने की कोई गारंटी नहीं बची है। पुलिस जांच और सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) के अनुसार, पूरी वारदात को बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया। 25 मार्च को आरोपी प्रेमी सुनील कुशवाहा विपिन के घर पहुंचा, जहाँ विपिन की पत्नी आंचल यादव ने उसका परिचय अपने "शिक्षक भाई" के रूप में कराकर परिवार का विश्वास जीत लिया। अगले दिन 26 मार्च को आरोपी सुनील ने विपिन को अच्छी नौकरी दिलाने और ससुराल घुमाने का झांसा देकर रीवा के टीकर गाँव (ससुराल) ले गया। जब विपिन वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने 28 मार्च को रामपुर बघेलान थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रामपुर बघेलान थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी के अनुसार, कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य न होने पर पुलिस ने आंचल और सुनील के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, जिससे दोनों के बीच लगातार बातचीत का सुराग मिला। आखिरकार 9 जुलाई को पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी सुनील ने हत्या की बात कबूल की, जिसके बाद कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में 4 फीट चौड़ी और 6 फीट गहरी कब्र से विपिन का शव बरामद किया गया। आरोपी सुनील ने सुनसान जगह ले जाकर विपिन से कहा कि वह उसके और आंचल के बीच की रुकावट है, जिसके बाद उसके साथ मारपीट की गई, उसे कुएं में धक्का दिया गया, पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या की गई और पहले से तैयार कब्र में दफना दिया गया। मृतक के पिता संतू यादव ने जब थाने में बहू आंचल से इस खौफनाक कदम का कारण पूछा, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि विपिन उसके रास्ते का कचरा था और उसने अपने रास्ते का कचरा साफ कर दिया। आंचल ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह पहले से सुनील से प्यार करती थी और परिवार के दबाव में उसकी शादी विपिन से कराई गई थी। वहीं, विपिन की दादी तिजिया यादव ने आरोप लगाया कि आंचल हत्या के बाद लगातार रोने और बेहोश होने का ढोंग कर रही थी। रिश्ता तय कराने वाले भावुक दादा पूरण यादव ने रोते हुए कहा कि जिस घर बारात लेकर गए थे, वहीं से पोते की अर्थी लौटी है और हमारे भरोसे ने ही सब कुछ छीन लिया। इस हत्याकांड के बाद चकेरा ग्राम पंचायत सचिव रामनिवास जायसवाल और भगदेवरा के सरपंच ददई केवट ने बताया कि क्षेत्र के गांवों में 70% से अधिक युवक अविवाहित हैं और इस घटना के बाद उनमें शादी को लेकर खौफ बैठ गया है। सुमित दाहिया, योगेंद्र पाल, शिवम यादव और लखनलाल कुशवाहा जैसे स्थानीय युवाओं का कहना है कि ड्रम कांड, बाथरूम कांड और अब गाँव में इस हत्या ने शादी को लेकर उनकी सोच बदल दी है और अब भरोसा सबसे बड़ी शर्त बन गया है। अभिभावक रामू यादव और कटाहुर यादव ने भी बेटों द्वारा शादी के रिश्ते ठुकराए जाने पर गहरी चिंता जताई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनील कुशवाहा और मृतक की पत्नी आंचल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मामले में शामिल दो अन्य संदिग्धों संजीव बहेलिया और कुमार रजक की तलाश जारी है। परिजनों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और जमानत न दिए जाने की मांग की है।

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  • सतना के रामपुर बघेलान में आक्रोशित लोगों ने कलेक्टर की गाड़ी का घेराव कर दिया है। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों में गहरा गुस्सा देखा गया और उन्होंने गाड़ी को रोककर उसके सामने जमकर नारेबाजी की। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
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    सतना के रामपुर बघेलान में आक्रोशित लोगों ने कलेक्टर की गाड़ी का घेराव कर दिया है। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों में गहरा गुस्सा देखा गया और उन्होंने गाड़ी को रोककर उसके सामने जमकर नारेबाजी की। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सतना जिले के मैहर में कोटेदार पर कार्यवाही किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र में लगातार इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि क्या कोटेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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    सतना जिले के मैहर में कोटेदार पर कार्यवाही किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र में लगातार इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि क्या कोटेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    7 hrs ago
  • मैहर जिले के अमरपाटन में आज रामनगर रोड चौराहे पर संदीपनी विद्यालय के सामने समस्त छात्र-छात्राओं और नवयुवकों द्वारा सोनम वांगचुक को अपना समर्थन देते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया गया। करीब दो घंटे तक चले इस जोरदार प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार आर डी साकेत को अपना ज्ञापन सौंपा। इस पूरे प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में छात्र-छात्राओं सहित स्थानीय नवयुवक मौजूद रहे।
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    मैहर जिले के अमरपाटन में आज रामनगर रोड चौराहे पर संदीपनी विद्यालय के सामने समस्त छात्र-छात्राओं और नवयुवकों द्वारा सोनम वांगचुक को अपना समर्थन देते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया गया। करीब दो घंटे तक चले इस जोरदार प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार आर डी साकेत को अपना ज्ञापन सौंपा। इस पूरे प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में छात्र-छात्राओं सहित स्थानीय नवयुवक मौजूद रहे।
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सतना जिले के मझगवां में कांग्रेस नेता आशुतोष द्विवेदी अपने समर्थकों के साथ SDM कार्यालय पहुंचे हैं।
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    सतना जिले के मझगवां में कांग्रेस नेता आशुतोष द्विवेदी अपने समर्थकों के साथ SDM कार्यालय पहुंचे हैं।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सतना जिले के मैहर में नवनिर्वाचित एनएसयूआई (NSUI) के जिला अध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी ने एक बच्चे को न्याय दिलाया है।
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    मध्य प्रदेश के सतना जिले के मैहर में नवनिर्वाचित एनएसयूआई (NSUI) के जिला अध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी ने एक बच्चे को न्याय दिलाया है।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को ओबीसी महासभा के बैनर तले हजारों की संख्या में छात्रों, किसानों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच किया। प्रदर्शनकारी प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने और सरकारी भर्तियों में 13% पदों पर लगाए गए होल्ड को तत्काल समाप्त करने की मांग कर रहे थे। विधानसभा की ओर बढ़ रहे इन प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने रंगमहल चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग करके रोका, तो दोनों पक्षों के बीच तीखा संघर्ष देखने को मिला। इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पर चढ़कर अपना कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (वज्र वाहन) का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए हैं, इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ और वे वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और बसों में भरकर थाने ले गई। हिरासत में लिए गए लोगों में ओबीसी महासभा राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य धर्मेंद्र कुशवाहा, राकेश लोधी, लोकेंद्र गुर्जर, सीबी कुशवाहा, डॉ. बृजेंद्र यादव, रूपेश यादव और ओबीसी महासभा युवा मोर्चा के सतना जिला अध्यक्ष दीपनारायण कुशवाहा (राजा सतना) सहित कई क्रांतिकारी साथी शामिल रहे। ओबीसी महासभा के इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी भारी समर्थन मिला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर, कांग्रेस विधायक सचिन यादव और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने सरकार को सख्त चेतावनी दी कि यदि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी बंद नहीं की गई, तो यह आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक और भी उग्र रूप धारण करेगा। वहीं, ओबीसी महासभा के नेताओं ने भी दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार का यह दमनकारी रवैया उनके संघर्ष को रोक नहीं सकता और जब तक उन्हें संवैधानिक 27% अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
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    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को ओबीसी महासभा के बैनर तले हजारों की संख्या में छात्रों, किसानों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच किया। प्रदर्शनकारी प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने और सरकारी भर्तियों में 13% पदों पर लगाए गए होल्ड को तत्काल समाप्त करने की मांग कर रहे थे। विधानसभा की ओर बढ़ रहे इन प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने रंगमहल चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग करके रोका, तो दोनों पक्षों के बीच तीखा संघर्ष देखने को मिला।

इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पर चढ़कर अपना कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (वज्र वाहन) का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए हैं, इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ और वे वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और बसों में भरकर थाने ले गई। हिरासत में लिए गए लोगों में ओबीसी महासभा राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य धर्मेंद्र कुशवाहा, राकेश लोधी, लोकेंद्र गुर्जर, सीबी कुशवाहा, डॉ. बृजेंद्र यादव, रूपेश यादव और ओबीसी महासभा युवा मोर्चा के सतना जिला अध्यक्ष दीपनारायण कुशवाहा (राजा सतना) सहित कई क्रांतिकारी साथी शामिल रहे।

ओबीसी महासभा के इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी भारी समर्थन मिला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर, कांग्रेस विधायक सचिन यादव और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने सरकार को सख्त चेतावनी दी कि यदि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी बंद नहीं की गई, तो यह आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक और भी उग्र रूप धारण करेगा। वहीं, ओबीसी महासभा के नेताओं ने भी दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार का यह दमनकारी रवैया उनके संघर्ष को रोक नहीं सकता और जब तक उन्हें संवैधानिक 27% अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सतना जिले की रामनगर (रामपुर बघेलान) तहसील कार्यालय में जनसुनवाई के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया, जहाँ आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। जनसुनवाई समाप्त होने के बाद जैसे ही कलेक्टर रवाना होने वाले थे, वैसे ही बाहर पहले से मौजूद महिलाओं सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने उनके वाहन को रोक लिया और उन्हें करीब 45 मिनट तक बंधक जैसी स्थिति में रोके रखा। ग्रामीणों का गुस्सा इलाके में लंबे समय से लंबित पड़े राजस्व मामलों, जैसे नामांतरण और सीमांकन, को लेकर भड़का था। इसके साथ ही सरकारी राशन वितरण में भारी गड़बड़ी और खुलेआम होने वाली कालाबाजारी से भी स्थानीय लोग बेहद त्रस्त थे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब जिले के सबसे बड़े अधिकारी खुद मौके पर आए हैं, तो केवल आवेदन लेकर लौटना कोई समाधान नहीं है, बल्कि लापरवाह अधिकारियों पर मौके पर ही कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। लगातार शिकायतों को नजरअंदाज किए जाने के कारण ही यह विरोध बेहद उग्र हो गया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। इस दौरान कलेक्टर खुद गाड़ी से उतरकर जनता के बीच पहुंचे, लेकिन भारी शोर-शराबे और उग्र नारेबाजी के कारण उनकी बात ठीक से नहीं सुनी जा सकी। आखिरकार, पुलिस ने करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद भीड़ को शांत कराया, जिसके बाद ही कलेक्टर का काफिला तहसील परिसर से सुरक्षित बाहर निकल सका।
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    मध्य प्रदेश के सतना जिले की रामनगर (रामपुर बघेलान) तहसील कार्यालय में जनसुनवाई के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया, जहाँ आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। जनसुनवाई समाप्त होने के बाद जैसे ही कलेक्टर रवाना होने वाले थे, वैसे ही बाहर पहले से मौजूद महिलाओं सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने उनके वाहन को रोक लिया और उन्हें करीब 45 मिनट तक बंधक जैसी स्थिति में रोके रखा।

ग्रामीणों का गुस्सा इलाके में लंबे समय से लंबित पड़े राजस्व मामलों, जैसे नामांतरण और सीमांकन, को लेकर भड़का था। इसके साथ ही सरकारी राशन वितरण में भारी गड़बड़ी और खुलेआम होने वाली कालाबाजारी से भी स्थानीय लोग बेहद त्रस्त थे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब जिले के सबसे बड़े अधिकारी खुद मौके पर आए हैं, तो केवल आवेदन लेकर लौटना कोई समाधान नहीं है, बल्कि लापरवाह अधिकारियों पर मौके पर ही कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। लगातार शिकायतों को नजरअंदाज किए जाने के कारण ही यह विरोध बेहद उग्र हो गया।

हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। इस दौरान कलेक्टर खुद गाड़ी से उतरकर जनता के बीच पहुंचे, लेकिन भारी शोर-शराबे और उग्र नारेबाजी के कारण उनकी बात ठीक से नहीं सुनी जा सकी। आखिरकार, पुलिस ने करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद भीड़ को शांत कराया, जिसके बाद ही कलेक्टर का काफिला तहसील परिसर से सुरक्षित बाहर निकल सका।
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    27 min ago
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