उनियारा: शाला दर्पण से लेकर 'नो बैग डे' तक, शैक्षिक संगोष्ठी में तैयार हुई भविष्य की रणनीति अलीगढ़। स्थानीय क्षेत्र में संस्था प्रधानों की दो दिवसीय शैक्षिक वाक् पीठ संगोष्ठी का आयोजन दिनांक 1 मई 2026 से 2 मई 2026 तक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस संगोष्ठी में ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों के संस्था प्रधानों ने भाग लिया और विभागीय प्राथमिकताओं, प्रवेश उत्सव और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। विभागीय कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) श्री सीताराम मीणा रहे। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने सभी संस्था प्रधानों को निर्देशित किया कि वे विभागीय कार्यों को पूरी निष्ठा के साथ और समय सीमा में पूरा करें। उन्होंने विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा संचालित 'प्रवेश उत्सव', 'आपनी लाडो योजना', 'यू-डाइस (U-DISE)' प्रविष्टि और छात्रवृत्ति योजनाओं के सुचारू संचालन पर जोर दिया। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने रखा अपना पक्ष संगोष्ठी में शिक्षक और संस्था प्रधानों की समस्याओं एवं उनके कल्याण पर भी सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ उपशाखा उनियारा के अध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह गौड़ और प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ टोंक के जिला अध्यक्ष श्री हंस राज मीणा ने अपना विशेष उद्बोधन दिया। उन्होंने शिक्षकों की विभागीय समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण, उनके हितों के संरक्षण और विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को और अधिक सुदृढ़ बनाने के संबंध में अपने विचार साझा किए। शाला प्रबंधन और शैक्षणिक विषयों पर मंथन कार्यक्रम की अध्यक्षता हेदारी पुरा के प्रिंसिपल श्री घनश्याम जी द्वारा की गई। संगोष्ठी के दौरान ब्लॉक प्रिंसिपल अध्यक्ष श्री रामप्रसाद मीणा ने सभी उपस्थित संस्था प्रधानों को संबोधित करते हुए विभागीय दायित्वों को समय पर पूर्ण करने की बात दोहराई। संगोष्ठी के आयोजक एवं संयोजक प्रिंसिपल श्री सत्येंद्र पाल सिंह (MGGS अलीगढ़) ने शाला प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से विद्यालय के शैक्षणिक स्तर को बेहतर किया जा सकता है। स्वास्थ्य और नवाचार पर विशेष सत्र संगोष्ठी में न केवल प्रशासनिक बल्कि स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री हरपाल जी, श्रीमती रेखा कुमारी जी और श्री रामप्रसाद जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर डॉक्टर साहब द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता के अंतर्गत एचपीसी (HPC) टीके के महत्व के बारे में जानकारी दी गई और बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण पर जोर दिया गया। निवृत्त प्रिंसिपल का किया गया सम्मान कार्यक्रम के अंत में एक भावुक और सम्मानजनक क्षण भी आया, जब हाल ही में सेवानिवृत्त हुए प्रिंसिपल श्री हनुमान मीणा सुथरा का ब्लॉक के सभी संस्था प्रधानों द्वारा माला व साफा पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उनकी दीर्घकालीन सेवाओं की सराहना करते हुए सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उनियारा: शाला दर्पण से लेकर 'नो बैग डे' तक, शैक्षिक संगोष्ठी में तैयार हुई भविष्य की रणनीति अलीगढ़। स्थानीय क्षेत्र में संस्था प्रधानों की दो दिवसीय शैक्षिक वाक् पीठ संगोष्ठी का आयोजन दिनांक 1 मई 2026 से 2 मई 2026 तक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस संगोष्ठी में ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों के संस्था प्रधानों ने भाग लिया और विभागीय प्राथमिकताओं, प्रवेश उत्सव और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। विभागीय कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) श्री सीताराम मीणा रहे। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने सभी संस्था प्रधानों को निर्देशित किया कि वे विभागीय कार्यों
को पूरी निष्ठा के साथ और समय सीमा में पूरा करें। उन्होंने विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा संचालित 'प्रवेश उत्सव', 'आपनी लाडो योजना', 'यू-डाइस (U-DISE)' प्रविष्टि और छात्रवृत्ति योजनाओं के सुचारू संचालन पर जोर दिया। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने रखा अपना पक्ष संगोष्ठी में शिक्षक और संस्था प्रधानों की समस्याओं एवं उनके कल्याण पर भी सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ उपशाखा उनियारा के अध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह गौड़ और प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ टोंक के जिला अध्यक्ष श्री हंस राज मीणा ने अपना विशेष उद्बोधन दिया। उन्होंने शिक्षकों की विभागीय समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण, उनके हितों के संरक्षण और विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को और अधिक सुदृढ़
बनाने के संबंध में अपने विचार साझा किए। शाला प्रबंधन और शैक्षणिक विषयों पर मंथन कार्यक्रम की अध्यक्षता हेदारी पुरा के प्रिंसिपल श्री घनश्याम जी द्वारा की गई। संगोष्ठी के दौरान ब्लॉक प्रिंसिपल अध्यक्ष श्री रामप्रसाद मीणा ने सभी उपस्थित संस्था प्रधानों को संबोधित करते हुए विभागीय दायित्वों को समय पर पूर्ण करने की बात दोहराई। संगोष्ठी के आयोजक एवं संयोजक प्रिंसिपल श्री सत्येंद्र पाल सिंह (MGGS अलीगढ़) ने शाला प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से विद्यालय के शैक्षणिक स्तर को बेहतर किया जा सकता है। स्वास्थ्य और नवाचार पर विशेष सत्र संगोष्ठी में न केवल प्रशासनिक बल्कि स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता पर भी
चर्चा की गई। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री हरपाल जी, श्रीमती रेखा कुमारी जी और श्री रामप्रसाद जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर डॉक्टर साहब द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता के अंतर्गत एचपीसी (HPC) टीके के महत्व के बारे में जानकारी दी गई और बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण पर जोर दिया गया। निवृत्त प्रिंसिपल का किया गया सम्मान कार्यक्रम के अंत में एक भावुक और सम्मानजनक क्षण भी आया, जब हाल ही में सेवानिवृत्त हुए प्रिंसिपल श्री हनुमान मीणा सुथरा का ब्लॉक के सभी संस्था प्रधानों द्वारा माला व साफा पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उनकी दीर्घकालीन सेवाओं की सराहना करते हुए सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- अलीगढ़। स्थानीय क्षेत्र में संस्था प्रधानों की दो दिवसीय शैक्षिक वाक् पीठ संगोष्ठी का आयोजन दिनांक 1 मई 2026 से 2 मई 2026 तक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस संगोष्ठी में ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों के संस्था प्रधानों ने भाग लिया और विभागीय प्राथमिकताओं, प्रवेश उत्सव और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। विभागीय कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) श्री सीताराम मीणा रहे। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने सभी संस्था प्रधानों को निर्देशित किया कि वे विभागीय कार्यों को पूरी निष्ठा के साथ और समय सीमा में पूरा करें। उन्होंने विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा संचालित 'प्रवेश उत्सव', 'आपनी लाडो योजना', 'यू-डाइस (U-DISE)' प्रविष्टि और छात्रवृत्ति योजनाओं के सुचारू संचालन पर जोर दिया। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने रखा अपना पक्ष संगोष्ठी में शिक्षक और संस्था प्रधानों की समस्याओं एवं उनके कल्याण पर भी सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ उपशाखा उनियारा के अध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह गौड़ और प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ टोंक के जिला अध्यक्ष श्री हंस राज मीणा ने अपना विशेष उद्बोधन दिया। उन्होंने शिक्षकों की विभागीय समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण, उनके हितों के संरक्षण और विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को और अधिक सुदृढ़ बनाने के संबंध में अपने विचार साझा किए। शाला प्रबंधन और शैक्षणिक विषयों पर मंथन कार्यक्रम की अध्यक्षता हेदारी पुरा के प्रिंसिपल श्री घनश्याम जी द्वारा की गई। संगोष्ठी के दौरान ब्लॉक प्रिंसिपल अध्यक्ष श्री रामप्रसाद मीणा ने सभी उपस्थित संस्था प्रधानों को संबोधित करते हुए विभागीय दायित्वों को समय पर पूर्ण करने की बात दोहराई। संगोष्ठी के आयोजक एवं संयोजक प्रिंसिपल श्री सत्येंद्र पाल सिंह (MGGS अलीगढ़) ने शाला प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से विद्यालय के शैक्षणिक स्तर को बेहतर किया जा सकता है। स्वास्थ्य और नवाचार पर विशेष सत्र संगोष्ठी में न केवल प्रशासनिक बल्कि स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री हरपाल जी, श्रीमती रेखा कुमारी जी और श्री रामप्रसाद जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर डॉक्टर साहब द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता के अंतर्गत एचपीसी (HPC) टीके के महत्व के बारे में जानकारी दी गई और बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण पर जोर दिया गया। निवृत्त प्रिंसिपल का किया गया सम्मान कार्यक्रम के अंत में एक भावुक और सम्मानजनक क्षण भी आया, जब हाल ही में सेवानिवृत्त हुए प्रिंसिपल श्री हनुमान मीणा सुथरा का ब्लॉक के सभी संस्था प्रधानों द्वारा माला व साफा पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उनकी दीर्घकालीन सेवाओं की सराहना करते हुए सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।4
- नैनवा रात करीब 10:00 बजे आंधी तूफान की संभावना इसके साथ गधे कहते1
- भगवान ही कहलवाता है अपने मुंह से " प्रभु की लीला कोई समझ न पाया " दुर्घटना से 2 घंटे पहले के धनराज जी जोशी के वचन स्वर्गीय श्री धनराज जी जोशी को प्रभु अपने चरणों मे स्थान प्रदान करे शत शत नमन A #dhanrajjoवहिले के वचन #Rajasthani Bhajan #singer1
- बदायूं लूटकांड का खुलासा,पूर्व कर्मचारी और नाबालिग गिरफ्तार,#uttarpradesh #badayunnews #latestupdate1
- लाखेरी - शनिवार को श्री बड़के बालाजी मंदिर के पास स्थित आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय में नारद जयंती के पावन अवसर पर पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहर के पत्रकारों को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया गया। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष हनुमान प्रसाद राठौर एवं जिला संस्कार केंद्र प्रमुख श्रवण कुमार शर्मा ने सभी पत्रकारों का तिलक लगाकर, एवं दुपट्टा ओढ़ाकर अभिनंदन किया और देव ऋषि नारद की जीवनी पर प्रकाश डाला।राठौर ने बताया कि देव ऋषि नारद को आद्य पत्रकार माना जाता है, जो लोक कल्याण हेतु सूचनाओं का संचार करते थे। आज के पत्रकार भी समाज का दर्पण हैं और उनकी भूमिका राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुंज बिहारी शर्मा ने सभी पत्रकारों को धन्यवाद दिया। इस दौरान गायों को हरा चारा डाला तथा गो रक्षा कार्यक्रम पर भी सेवा को लेकर चर्चाएं हुई। इस दौरान पत्रकार द्वारका प्रसाद जगदेव, विश्वनाथ शर्मा, जितेंद्र गौड़ सहित लोगों ने नारद ऋषि को पूजन किया।4
- खटीक समाज निशुल्क विवाह सम्मेलन में निकली शोभायात्रा ने टोंक शहर में रंग जमा दिया, इस विवाह सम्मेलन में कुल 51 जोड़े एक दूसरे के जीवन साथी बने। इस कार्यक्रम में खटीक समाज के हजारों व्यक्तियों के साथ कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।1
- सवाई माधोपुर. सरकार की स्वच्छता योजनाओं के तहत ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालय अब कई जगह सवालों के घेरे में आने लगे हैं। ऐसा ही मामला चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र की रजवाना ग्राम पंचायत के कुम्हारिया गांव से सामने आया है, जहां आंगनबाड़ी केंद्र के पास बने सामुदायिक स्वास्थ्य परिसर का नया शौचालय निर्माण पूरा होने से पहले ही कथित भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया है। करीब 3 लाख 20 हजार रुपये की लागत से बने इस शौचालय को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय अभी तक उपयोग में भी नहीं आया, लेकिन उसकी हालत पहले ही जर्जर नजर आने लगी है। शौचालय के गेट झूल रहे हैं, अंदर फर्श पर टाइल्स तक नहीं बिछाई गई हैं और पानी की व्यवस्था अधूरी छोड़ दी गई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि बाद में पानी की लाइन डालने के नाम पर नए निर्माण को ही तोड़कर पाइप डाले गए, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शौचालय शुरू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया, जो सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही के कारण घटिया निर्माण कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है और सरकारी योजनाओं का उद्देश्य अधूरा रह रहा है।लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब निर्माण अधूरा था, तो शौचालय पर रंग-रोगन कर उसे तैयार दिखाने की जल्दबाजी क्यों की गई? यह मामला अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी योजनाओं की निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।5
- सचिन पायलट ने किए खाटूश्यामजी के दर्शन1