आस्था का महाकुंभ: सरिसवा गढ़ी माई मंदिर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब ।। वैशाख नवमी के शुभ अवसर पर सरिसवा स्थित मां गढ़ी माई के मंदिर में भव्य मेले का आयोजन किया गया। यह मेला न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि सीमा पार नेपाल के श्रद्धालुओं के लिए भी अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक बन चुका है। मान्यता है कि मां गढ़ी माई के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता और मैया सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इस विशेष दिन पर दूर-दूर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर मंदिर पहुंचे। यहाँ बलि देने की प्राचीन परंपरा आज भी प्रधान है। जहाँ भक्तों ने अपनी मन्नत पूरी होने पर बकरे की बलि अर्पित की। वहीं, शांति और भक्ति के प्रतीक के रूप में कई श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में 'परेवा' (कबूतर) भी छोड़े। मेले का दृश्य भक्तिमय रहा, जहाँ 'जय माता दी' के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान था। भारत-नेपाल सीमा के समीप होने के कारण इस मेले में नेपाली श्रद्धालुओं की भी भारी भागीदारी रही। सांस्कृतिक और धार्मिक साझा विरासत को दर्शाते हुए, दोनों देशों के लोगों ने एक साथ मिलकर पूजा-अर्चना की। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच सामाजिक समरसता की झलक भी देखने को मिली। भक्तों द्वारा कुंवारी कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया और उन्हें 'अंग वस्त्र' भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, मेले में 'सदा बलबरत' (भंडारा) का भी आयोजन निरंतर चलता रहा, जिससे भक्तों की सेवा और समर्पण का भाव स्पष्ट झलकता रहा। यह मेला क्षेत्र की एकता और गहरी धार्मिक जड़ों को मजबूती प्रदान करता है।
आस्था का महाकुंभ: सरिसवा गढ़ी माई मंदिर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब ।। वैशाख नवमी के शुभ अवसर पर सरिसवा स्थित मां गढ़ी माई के मंदिर में भव्य मेले का आयोजन किया गया। यह मेला न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि सीमा पार नेपाल के श्रद्धालुओं के लिए भी अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक बन चुका है। मान्यता है कि मां गढ़ी माई
के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता और मैया सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इस विशेष दिन पर दूर-दूर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर मंदिर पहुंचे। यहाँ बलि देने की प्राचीन परंपरा आज भी प्रधान है। जहाँ भक्तों ने अपनी मन्नत पूरी होने पर बकरे की बलि अर्पित की। वहीं, शांति और भक्ति के प्रतीक के रूप में
कई श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में 'परेवा' (कबूतर) भी छोड़े। मेले का दृश्य भक्तिमय रहा, जहाँ 'जय माता दी' के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान था। भारत-नेपाल सीमा के समीप होने के कारण इस मेले में नेपाली श्रद्धालुओं की भी भारी भागीदारी रही। सांस्कृतिक और धार्मिक साझा विरासत को दर्शाते हुए, दोनों देशों के लोगों ने एक साथ मिलकर पूजा-अर्चना की। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच सामाजिक
समरसता की झलक भी देखने को मिली। भक्तों द्वारा कुंवारी कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया और उन्हें 'अंग वस्त्र' भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, मेले में 'सदा बलबरत' (भंडारा) का भी आयोजन निरंतर चलता रहा, जिससे भक्तों की सेवा और समर्पण का भाव स्पष्ट झलकता रहा। यह मेला क्षेत्र की एकता और गहरी धार्मिक जड़ों को मजबूती प्रदान करता है।
- बरवाँ सेमरा घाट पंचायत के बरवाँ में 23 तारीख को समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से नवनिर्मित राम जानकी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य यज्ञ का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ मुख्य अतिथि अंकेश्वर मिश्रा ने फीता काटकर और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया। इस पावन अवसर पर गाँव की एकता देखते ही बनी, जहाँ परमानन्द यादव, चनरमन चौरसिया, विनोद चौरसिया, सिद्धेश्वर मिश्र, अजय श्रीवास्तव, दिलीप चौरसिया और आनंद चौरसिया सहित भारी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय योगदान दिया। मंत्रों की गूँज और भक्तिमय वातावरण से पूरा क्षेत्र सराबोर रहा। ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने आपसी भाईचारे और श्रद्धा की एक अनूठी मिसाल पेश की है।4
- मझौलिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने जानकारी दी कि मारपीट और चाकूबाजी के पुराने मामले में माधोपुर मलाही टोला निवासी शिव पूजन कुमार (पिता स्व. सत्यनारायण चौधरी) को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, शराब कांड से जुड़े मामले में रमपुरवा महनवा पंचायत के सेमुआपुर निवासी दो सगे भाई शिव शंकर यादव और रमाशंकर यादव (दोनों पिता बचन यादव) को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया गया कि दोनों आरोपी पहले से दर्ज शराब मामले में फरार चल रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस कार्रवाई से इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।1
- नेपाल बॉर्डर से जाली नोट और हथियार के साथ दो शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी का बड़ा मामला बेतिया से सामने आया है जहां कंगली थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्रिवेणी घोड़ासहन पुल के पास वाहन जांच अभियान चलाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नेपाल की ओर से कुछ संदिग्ध लोग जाली नोट बनाने से जुड़ी सामग्री और अवैध हथियार लेकर इस इलाके से गुजरने वाले हैं जिसके बाद तत्काल जांच अभियान शुरू किया गया और इसी दौरान एक वाहन को रोककर तलाशी ली गई जिसमें दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उनका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के दरपा थाना क्षेत्र निवासी ज्वाला सिंह और सचिन कुमार के रूप में हुई है जबकि फरार आरोपी की पहचान दिलीप कुमार के रूप में की गई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से जाली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला संदिग्ध सफेद कागज, एक लोडेड देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह नेपाल सीमा से जाली नोट और हथियार की तस्करी से जुड़ा हो सकता है हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और बरामद कागज का प्रयोग जाली नोट छापने में होता था या नहीं इसकी भी पुष्टि वैज्ञानिक जांच के बाद ही की जाएगी। इस पूरे मामले पर नरकटियागंज एसडीपीओ जय प्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस को पहले से ही इनपुट मिला था जिसके आधार पर कार्रवाई की गई और वाहन जांच के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जिनके खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जबकि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया गया है।1
- मुख्यमंत्री बाल आश्रय विकास योजना के तहत लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित अत्याधुनिक वृहद आश्रय गृह कुमार बाग का शुभारंभ आज जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने किया। 24.04.2026.1
- सुगौली के दक्षिणी छपरा बहास पंचायत में दो संप्रदायों के बीच हुआ जम कर मारपीट,पहुंची पुलिस छावनी में तब्दील। स्थिति शांत।पुलिस जुटी कार्रवाई में।1
- Post by Ksr bihar news1
- पहाड़पुर थाना में सख्त कार्रवाई: पूर्व कांडों में जब्त 1149.2 लीटर देशी चुलाई व 276.39 लीटर विदेशी शराब, कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में विधिवत विनष्ट1
- वैशाख नवमी के शुभ अवसर पर सरिसवा स्थित मां गढ़ी माई के मंदिर में भव्य मेले का आयोजन किया गया। यह मेला न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि सीमा पार नेपाल के श्रद्धालुओं के लिए भी अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक बन चुका है। मान्यता है कि मां गढ़ी माई के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता और मैया सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इस विशेष दिन पर दूर-दूर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर मंदिर पहुंचे। यहाँ बलि देने की प्राचीन परंपरा आज भी प्रधान है। जहाँ भक्तों ने अपनी मन्नत पूरी होने पर बकरे की बलि अर्पित की। वहीं, शांति और भक्ति के प्रतीक के रूप में कई श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में 'परेवा' (कबूतर) भी छोड़े। मेले का दृश्य भक्तिमय रहा, जहाँ 'जय माता दी' के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान था। भारत-नेपाल सीमा के समीप होने के कारण इस मेले में नेपाली श्रद्धालुओं की भी भारी भागीदारी रही। सांस्कृतिक और धार्मिक साझा विरासत को दर्शाते हुए, दोनों देशों के लोगों ने एक साथ मिलकर पूजा-अर्चना की। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच सामाजिक समरसता की झलक भी देखने को मिली। भक्तों द्वारा कुंवारी कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया और उन्हें 'अंग वस्त्र' भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, मेले में 'सदा बलबरत' (भंडारा) का भी आयोजन निरंतर चलता रहा, जिससे भक्तों की सेवा और समर्पण का भाव स्पष्ट झलकता रहा। यह मेला क्षेत्र की एकता और गहरी धार्मिक जड़ों को मजबूती प्रदान करता है।4