सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन,हटा के मडियादो में तीन वार्डों के लोग प्रदर्शन में शामिल,जनपद सीईओ के आश्वासन के बाद माने प्रदर्शनकारी. एंकर/- दमोह जिले के हटा ब्लॉक की मडियादो ग्राम पंचायत के तीन वार्डों में रहने वाले ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर साप्ताहिक बाजार बंद कर गुरुवार को प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की मांग है कि वह लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे है लेकिन आज दिनांक तक उनकी सुनवाई नही हुई। उन्होंने कहा कि हमे कोई ठोस आश्वासन नहीं देता तब तक वह अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। वही शांतिपूर्ण तरीके से यह प्रदर्शन किया गया। जिससे लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। मडियादो के वार्ड क्रमांक 12, 13, 14 और 15 में सड़क का पक्का निर्माण नहीं हुआ है। ग्रामीण पिछले काफी समय से सड़क निर्माण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दे रहे हैं। इसके अलावा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में भी आवेदन दिया था जिस पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन,हटा के मडियादो में तीन वार्डों के लोग प्रदर्शन में शामिल,जनपद सीईओ के आश्वासन के बाद माने प्रदर्शनकारी. एंकर/- दमोह जिले के हटा ब्लॉक की मडियादो ग्राम पंचायत के तीन वार्डों में रहने वाले ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर साप्ताहिक बाजार बंद कर गुरुवार को प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की मांग है कि वह लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे है लेकिन आज दिनांक तक उनकी सुनवाई नही हुई। उन्होंने कहा कि हमे कोई ठोस आश्वासन नहीं देता तब तक वह अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। वही शांतिपूर्ण तरीके से यह प्रदर्शन किया गया। जिससे लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। मडियादो के वार्ड क्रमांक 12, 13, 14 और 15 में सड़क का पक्का निर्माण नहीं हुआ है। ग्रामीण पिछले काफी समय से सड़क निर्माण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दे रहे हैं। इसके अलावा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में भी आवेदन दिया था जिस पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
- एंकर/- दमोह जिले के हटा ब्लॉक की मडियादो ग्राम पंचायत के तीन वार्डों में रहने वाले ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर साप्ताहिक बाजार बंद कर गुरुवार को प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की मांग है कि वह लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे है लेकिन आज दिनांक तक उनकी सुनवाई नही हुई। उन्होंने कहा कि हमे कोई ठोस आश्वासन नहीं देता तब तक वह अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। वही शांतिपूर्ण तरीके से यह प्रदर्शन किया गया। जिससे लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। मडियादो के वार्ड क्रमांक 12, 13, 14 और 15 में सड़क का पक्का निर्माण नहीं हुआ है। ग्रामीण पिछले काफी समय से सड़क निर्माण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दे रहे हैं। इसके अलावा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में भी आवेदन दिया था जिस पर कोई सुनवाई नहीं हुई।1
- बकायादारों से बिल जमा करने टीम ग्रामीण अंचलो मे कुम्हारी विधुत विभाग की टीम द्वारा बकाया दारों से बिजली बिल वसूली जारी विद्युत विभाग कनिष्ठ अभियंता नीरज नामदेव ने बताया की टीम के द्वारा बकाया उपभोक्ताओं के बिल राशि जमा करने को लेकर लगातार ग्रामीण अंचलों में वाहन मे रिकॉर्डिंग लगाकर जागरुक किया जा रहा समय सीमा पर बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं से अपील की जा रही साथ ही कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई भी जारी है | विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं को लगातार बिजली बिल बकाया जिनका बचा हुआ है, समय रहते हुए जमा करें विद्युत विभाग की कार्रवाई असुविधा हेतु समय पर बकाया राशि जमा करे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी टीम के द्वारा लगातार ग्रामीण अंचलों में जाकर उपभोक्ताओं से बिजली बिल बिजली के प्रति जितना उपयोग हो उतनी जलाये अनावश्यक बिजली खर्च न करें उपभोक्ताओं को जागरूक किया जा रहा वही गाता, पटना, देवरी रतन, मझौली, आदि ग्राम में पहुंची विद्युत विभाग की टीम जिनके द्वारा 30हजार की राशि वसूल की गई वही ग्रामों में ट्रांसफार्मर भी बंद किया जा रहे हैं जिससे विद्युत सप्लाई बंद की गई है ताकि समय रहते बिल जमा करें |1
- Post by नीलेश विश्वकर्मा1
- Post by Shailesh Shrivastava1
- दमोह कलेक्टर 13 से 20 मार्च तक अवकाश पर, अनिल राठौर रहेंगे प्रभारी दमोह। कलेक्टर श्री सुधीर कोचर ने जानकारी दी है कि वे 13 मार्च से 20 मार्च तक अवकाश पर रहेंगे। इस अवधि में वर्ष 2020 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल राठौर, जो वर्तमान में जबलपुर में पदस्थ हैं, 13 मार्च से प्रभारी कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभालेंगे। कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि वे 21 मार्च को पुनः अपने कर्तव्यों पर लौट आएंगे।1
- छतरपुर जिले से लगे हुए पन्ना जिले से खबर आ रही है निकालकर केन–बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय मध्यम सिंचाई परियोजना और रूँझ मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों द्वारा जय किसान संगठन के बैनर तले चलाया जा रहा “न्याय सत्याग्रह” आंदोलन दूसरे दिन कई उतार-चढ़ावों के बाद एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचा। दिन भर चले तनावपूर्ण घटनाक्रम, ताला बंदी, गिरफ्तारी और हल्के लाठीचार्ज जैसे घटनाक्रमों के बीच अंततः प्रशासन को किसानों के साथ वार्ता करनी पड़ी और कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि आंदोलन स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा “यदि प्रशासन अपने वादे से मुकरा या तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पहले से ज्यादा व्यापक और तेज होगा। आंदोलन का दूसरा दिन रहा बेहद तनावपूर्ण दूसरे दिन भी हजारों किसान और आदिवासी महिलाएं कलेक्ट्रेट परिसर में डटी रहीं। प्रशासन द्वारा पानी की सप्लाई रोक दिए जाने के बावजूद आंदोलनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ बल्कि लोगों की संख्या और बढ़ती गई। भीड़ बढ़ने और आंदोलन मजबूत होने से जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ता गया। इसी बीच प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के कुछ हिस्सों को बंद कर दिया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। जब प्रशासन ने आंदोलनकारी नेता अमित भटनागर को चर्चा के लिए बुलाया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी प्राथमिक मांग है कि परियोजना से संबंधित सभी दस्तावेज प्रभावित ग्रामीणों को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे पूरी जानकारी के साथ आगे की प्रक्रिया तय कर सकें। बताया जाता है कि प्रशासन ने उन्हें दस्तावेज दिखाने के नाम पर अंदर बुलाया, लेकिन उसी दौरान परिसर में धारा 144 लागू करने की घोषणा कर दी गई और अमित भटनागर को उससे संबंधित नोटिस थमा दिया गया। इस कार्रवाई को आंदोलनकारियों ने प्रशासन की तानाशाही और अमानवीय रवैया बताते हुए विरोध किया। इसी दौरान एसडीएम और आंदोलनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। गिरफ्तारी की घोषणा, महिलाओं का आक्रोश स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमित भटनागर ने अपनी गिरफ्तारी देने की घोषणा कर दी। उनकी घोषणा के बाद पन्ना एसडीएम ने उनको गिरफ्तार कर अंदर ले जाने लगे। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं और किसानों ने भी गिरफ्तारी देने का ऐलान कर दिया। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और हल्का लाठीचार्ज भी हुआ, इसी दौरान अमित भटनागर और एसडीएम पन्ना के बीच में तीखी नोकझोंक भी हुई। जय किसान संगठन के कार्यकर्ता मंगल यादव को भी इस दौरान चोट लगने की जानकारी सामने आई है। स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया, लेकिन हजारों किसानों और महिलाओं ने आंदोलन स्थल छोड़ने से साफ इनकार कर दिया और गिरफ्तारी देने पर अड़ गए। दबाव में प्रशासन को करनी पड़ी वार्ता बड़ी संख्या में महिलाओं और किसानों के गिरफ्तारी देने की घोषणा के बाद प्रशासन के सामने स्थिति जटिल हो गई। अंततः प्रशासन ने आंदोलनकारियों को वार्ता के लिए बुलाया और कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद जय किसान संगठन ने निम्नलिखित शर्तों पर “न्याय सत्याग्रह” आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की। सहमति के मुख्य बिंदु परियोजना प्रभावित प्रत्येक गांव में ग्रामीण प्रशासन द्वारा दिए गए प्रारूप में परियोजना से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख करेंगे। इन समस्याओं को जिला प्रशासन को सौंपने के बाद 7 दिन के भीतर उनके निराकरण की प्रक्रिया कर दी जाएगी। जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक प्रभावित गांवों में किसी भी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई नहीं की जाएगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय और रूँझ परियोजना से संबंधित प्रशासनिक आदेश, धारा 11 की कार्यवाही, ग्राम सभा की कार्यवाही, अवार्ड तथा अन्य सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिलिपि 5 दिन के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन के माध्यम से सरकार को भेजी जाएंगी ये मांगें प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों से उनके बसे-बसाए गांव जबरन न छीने जाएं। यदि विस्थापन आवश्यक हो तो भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास किया जाए। प्रभावित परिवारों को गांव के बदले गांव बसाकर और कृषि भूमि देकर पुनर्वास किया जाए। प्रभावित महिलाओं के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज प्रदान किया जाए। आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन आंदोलन की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी मामले का संज्ञान लिया और अपने प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव को आंदोलन स्थल भेजा। मनोज यादव ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अखिलेश यादव का संदेश पढ़कर सुनाया और किसानों के आंदोलन को खुला समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसानों और आदिवासी परिवारों को अपनी मांगों के लिए दो-दो दिन तक आंदोलन करना पड़ रहा है, जिससे सरकार की संवेदनहीनता उजागर होती है। व्यापक जनसमर्थन के साथ हुआ आंदोलन इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान, आदिवासी महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पन्ना जिले में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में किसान और आदिवासी अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट होते दिखाई दिए इसमें प्रमुख रूप से अमित भटनागर के साथ, बब्लू यादव, महेश आदिवासी, दिव्या अहिरवार, चिरौनिया आदिवासी,सारनिया आदिवासी, कमलाबाई मंगल यादव, पप्पू आदिवासी, राजू आदिवासी, केदार आदिवासी, लेखराम यादव, लक्ष्मी प्रसाद विश्वकर्मा, कल्लू आदिवासी गनपत, आदिवासी राजाबेटी आदिवासी, अभू आदिवासी, हल्कुश यादव, रवि आदिवासी,रामकिशोर यादव, राजकुमार तिवारी, शंकर आदिवासी, मुकुंदे आदिवासी, वंश गोपाल सोनी, कमलारानी आदिवासी, शिवरतन दयाराम आदिवासी, महेश आदिवासी, जगदीश आदिवासी, यादव, विद्या रानी, आदिवासी राजू आदिवासी सहित हजारों आदिवासी किसान सहभागी हुये। मीडिया सेल जय किसान संगठन ✊ जय किसान4
- Post by बसंत राय प्रदेश अध्यक्ष मजदूर संघ आप पार्टी मध्य प्रदेश1
- डीजल, पेट्रोल, गैस की कोई कमी नहीं कलेक्टर दमोह -कलेक्टर श्री सुधीर कोचर ने कहा कि जिले में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी एवं गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है, किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक की स्थिति न बनाएं। कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी दल गठित किए गए हैं तथा शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम भी सक्रिय किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।1