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Available for Sale Item : Lassi Quantity Available : Order par ready Price : 45 City / Locality : Dhoighat Petrol Pump Ke Samne Farming Sector : Dairy 100%Natural

6 hrs ago
user_Krishna yadav
Krishna yadav
Dairy Products Shop बहादुरपुर, दरभंगा, बिहार•
6 hrs ago

Available for Sale Item : Lassi Quantity Available : Order par ready Price : 45 City / Locality : Dhoighat Petrol Pump Ke Samne Farming Sector : Dairy 100%Natural

More news from दरभंगा and nearby areas
  • दरभंगा में शोरूम मैनेजर फैज की हत्या के संबंध में उनकी मां ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने पुलिस से सीधे तौर पर पूछा है कि उनके बेटे फैज की हत्या क्यों हुई और इस घटना के पीछे का असली कारण पुलिस को सामने लाना चाहिए। फैज की मां ने जोर देकर कहा है कि यह हत्या किसी भी प्रकार के लेनदेन के चलते नहीं हुई है।
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    दरभंगा में शोरूम मैनेजर फैज की हत्या के संबंध में उनकी मां ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने पुलिस से सीधे तौर पर पूछा है कि उनके बेटे फैज की हत्या क्यों हुई और इस घटना के पीछे का असली कारण पुलिस को सामने लाना चाहिए। फैज की मां ने जोर देकर कहा है कि यह हत्या किसी भी प्रकार के लेनदेन के चलते नहीं हुई है।
    user_Darpan24 News
    Darpan24 News
    Local News Reporter लहेरिअसारै, दरभंगा•
    2 hrs ago
  • बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है। अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं। पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई? गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।
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    बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है।

अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं।

पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई?

गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।
    user_Nitesh Sinha
    Nitesh Sinha
    गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
    22 hrs ago
  • फरदीन खान लाइव और ईलमासनगर टुडे के माध्यम से एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है, जिसमें समोसे के रंग पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि समोसे का रंग बीमारी की वजह बन सकता है।
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    फरदीन खान लाइव और ईलमासनगर टुडे के माध्यम से एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है, जिसमें समोसे के रंग पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि समोसे का रंग बीमारी की वजह बन सकता है।
    user_ईलमासनगर टुडे
    ईलमासनगर टुडे
    Voice of people Khanpur, Samastipur•
    6 hrs ago
  • समस्तीपुर के ताजपुर प्रखंड में भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन सड़क को लेकर एक गंभीर विवाद गहरा गया है। चकबंगरी, रहीमाबाद और उदयपुर गांव के सैकड़ों किसानों ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा उनकी जमीन का मुआवजा दिए बिना ही जबरन निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है, जिससे प्रभावित किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों के मुताबिक, इस परियोजना के लिए लगभग 100 से 150 भू-स्वामियों की 25 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहित की गई है, लेकिन अब तक अधिकांश किसानों को उनका मुआवजा नहीं मिला है। इन विवादों का निपटारा किए बिना ही जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। भू-स्वामियों का यह भी आरोप है कि अधिग्रहित जमीन के सर्किल रेट का सही मूल्यांकन नहीं किया गया है। किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत बाजार मूल्य के चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन इस मामले में नियमों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। उन्होंने एनएचएआई और भू-अर्जन विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अंचल कार्यालय, जिला भू-अर्जन कार्यालय और प्रमंडलीय आयुक्त से शिकायत दर्ज कराई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित मुआवजा का भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
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    समस्तीपुर के ताजपुर प्रखंड में भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन सड़क को लेकर एक गंभीर विवाद गहरा गया है। चकबंगरी, रहीमाबाद और उदयपुर गांव के सैकड़ों किसानों ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा उनकी जमीन का मुआवजा दिए बिना ही जबरन निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है, जिससे प्रभावित किसानों में भारी आक्रोश है।

किसानों के मुताबिक, इस परियोजना के लिए लगभग 100 से 150 भू-स्वामियों की 25 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहित की गई है, लेकिन अब तक अधिकांश किसानों को उनका मुआवजा नहीं मिला है। इन विवादों का निपटारा किए बिना ही जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। भू-स्वामियों का यह भी आरोप है कि अधिग्रहित जमीन के सर्किल रेट का सही मूल्यांकन नहीं किया गया है।

किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत बाजार मूल्य के चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन इस मामले में नियमों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। उन्होंने एनएचएआई और भू-अर्जन विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अंचल कार्यालय, जिला भू-अर्जन कार्यालय और प्रमंडलीय आयुक्त से शिकायत दर्ज कराई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित मुआवजा का भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
    user_Mritunjay Kumar Thakur
    Mritunjay Kumar Thakur
    समस्तीपुर पत्रकार समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    1 hr ago
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर, बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र में एक सामूहिक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बाबू बरही के जिला पार्षद और भाजपा के वरिष्ठ नेता रणधीर खन्ना ने देवतुल्य जनता और कार्यकर्ताओं के साथ योग करने का सौभाग्य प्राप्त किया। रणधीर खन्ना ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित इस सामूहिक योग शिविर में भाग लेकर लोगों को योग के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योग केवल एक व्यायाम मात्र नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को आपस में जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण विज्ञान है।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर, बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र में एक सामूहिक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बाबू बरही के जिला पार्षद और भाजपा के वरिष्ठ नेता रणधीर खन्ना ने देवतुल्य जनता और कार्यकर्ताओं के साथ योग करने का सौभाग्य प्राप्त किया। रणधीर खन्ना ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित इस सामूहिक योग शिविर में भाग लेकर लोगों को योग के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योग केवल एक व्यायाम मात्र नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को आपस में जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण विज्ञान है।
    user_तेज नारायण ब्रम्हर्षी
    तेज नारायण ब्रम्हर्षी
    Local News Reporter मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
    2 hrs ago
  • बिहार के बांका जिले के बाराहाट थाना क्षेत्र के कैतपुरा गांव में एक बार फिर दबंगई का मामला सामने आया है। पीड़ित दीनानाथ यादव और उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि गांव के एक दबंग व्यक्ति ने उनके घर पहुंचकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। परिवार का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी उसी व्यक्ति ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसकी शिकायत बाराहाट थाने में दर्ज कराई गई थी। पीड़ितों का आरोप है कि यदि पिछले मामले में समय पर प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो आरोपी इतनी बड़ी हरकत करने का साहस दोबारा नहीं करता। बताया गया है कि रविवार सुबह आरोपी कथित तौर पर पीड़ित के घर आया और पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी का आक्रामक व्यवहार साफ दिखाई दे रहा है। दीनानाथ यादव के परिवार ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी क्षेत्र में कानून का डर बनाए रखने के लिए पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। हालांकि, इस मामले में समाचार लिखे जाने तक बाराहाट थाना की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। जनक्रांति हिंदी न्यूज़ बुलेटिन ने अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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    बिहार के बांका जिले के बाराहाट थाना क्षेत्र के कैतपुरा गांव में एक बार फिर दबंगई का मामला सामने आया है। पीड़ित दीनानाथ यादव और उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि गांव के एक दबंग व्यक्ति ने उनके घर पहुंचकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। परिवार का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी उसी व्यक्ति ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसकी शिकायत बाराहाट थाने में दर्ज कराई गई थी।

पीड़ितों का आरोप है कि यदि पिछले मामले में समय पर प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो आरोपी इतनी बड़ी हरकत करने का साहस दोबारा नहीं करता। बताया गया है कि रविवार सुबह आरोपी कथित तौर पर पीड़ित के घर आया और पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी का आक्रामक व्यवहार साफ दिखाई दे रहा है।

दीनानाथ यादव के परिवार ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी क्षेत्र में कानून का डर बनाए रखने के लिए पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।

हालांकि, इस मामले में समाचार लिखे जाने तक बाराहाट थाना की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। जनक्रांति हिंदी न्यूज़ बुलेटिन ने अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
    user_Jan-Kranti hindi news bulletin
    Jan-Kranti hindi news bulletin
    Voice of people समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    2 hrs ago
  • बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एक विशेष योगाभ्यास सत्र में शामिल हुए। इस दौरान, दोनों ने पूरी लगन से योगासन किए और अपनी क्षमतानुसार अधिकतम झुकने का प्रयास करते हुए दिखाई दिए।
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    बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एक विशेष योगाभ्यास सत्र में शामिल हुए। इस दौरान, दोनों ने पूरी लगन से योगासन किए और अपनी क्षमतानुसार अधिकतम झुकने का प्रयास करते हुए दिखाई दिए।
    user_PTB gramin
    PTB gramin
    News Anchor Darbhanga, Bihar•
    1 hr ago
  • दरभंगा में मदरसा से चार नाबालिग छात्रों को बरामद किया गया है, जिसके बाद मदरसा के मौलवी मोहम्मद कादिर के खिलाफ अशोक पेपर मिल थाना में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बहादुरपुर थाना के दारोगा अबुजर हुसैन अंसारी के आवेदन पर की गई। दारोगा ने बताया कि एपीएम थाना क्षेत्र के बलुआहा गांव के मदरसा में इन चारों नाबालिग छात्रों के पैरों में लोहे की जंजीरें ताला लगाकर बांधी गई थीं। ये छात्र मौका पाकर मदरसा से भाग निकले और बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआड़ा गांव पहुंच गए, जहाँ स्थानीय लोगों ने उन्हें देखकर बहादुरपुर थाना को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची, बच्चों को अपने कब्जे में लिया, उनके पैरों से ताले और जंजीरें खोलीं, और फिर उन्हें बाल सुधार गृह में भेज दिया। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि मदरसा के मौलवी मोहम्मद कादिर उन्हें बुरी तरह पीटते थे और तरह-तरह की यातनाएं देते थे। उनसे शौचालय सहित मदरसा के भवन की भी सफाई करवाई जाती थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन सभी को प्रताड़ित भी किया जा रहा था, और उनके बाल मुड़वा दिए गए थे। बच्चों ने यह भी बताया कि उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ बंधक बनाकर रखा गया था। ये सभी बच्चे मधुबनी जिला के अररिया संग्राम के रहने वाले हैं। फिलहाल, बच्चों को सिमरी थाना क्षेत्र के भराठी गांव में स्थित बाल सुधार गृह में रखा गया है। बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने इस पूरी जानकारी की पुष्टि की है।
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    दरभंगा में मदरसा से चार नाबालिग छात्रों को बरामद किया गया है, जिसके बाद मदरसा के मौलवी मोहम्मद कादिर के खिलाफ अशोक पेपर मिल थाना में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बहादुरपुर थाना के दारोगा अबुजर हुसैन अंसारी के आवेदन पर की गई। दारोगा ने बताया कि एपीएम थाना क्षेत्र के बलुआहा गांव के मदरसा में इन चारों नाबालिग छात्रों के पैरों में लोहे की जंजीरें ताला लगाकर बांधी गई थीं।

ये छात्र मौका पाकर मदरसा से भाग निकले और बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआड़ा गांव पहुंच गए, जहाँ स्थानीय लोगों ने उन्हें देखकर बहादुरपुर थाना को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची, बच्चों को अपने कब्जे में लिया, उनके पैरों से ताले और जंजीरें खोलीं, और फिर उन्हें बाल सुधार गृह में भेज दिया। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि मदरसा के मौलवी मोहम्मद कादिर उन्हें बुरी तरह पीटते थे और तरह-तरह की यातनाएं देते थे। उनसे शौचालय सहित मदरसा के भवन की भी सफाई करवाई जाती थी।

अनुमान लगाया जा रहा है कि इन सभी को प्रताड़ित भी किया जा रहा था, और उनके बाल मुड़वा दिए गए थे। बच्चों ने यह भी बताया कि उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ बंधक बनाकर रखा गया था। ये सभी बच्चे मधुबनी जिला के अररिया संग्राम के रहने वाले हैं। फिलहाल, बच्चों को सिमरी थाना क्षेत्र के भराठी गांव में स्थित बाल सुधार गृह में रखा गया है। बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने इस पूरी जानकारी की पुष्टि की है।
    user_PTB gramin
    PTB gramin
    News Anchor Darbhanga, Bihar•
    1 hr ago
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