यूजीसी रेगुलेशन एक्ट बहाल करो संघर्ष समिति का गठन, 11 मार्च को निकलेगा मार्च बिहारशरीफ (नालंदा)। यूजीसी रेगुलेशन एक्ट बहाल करो संघर्ष समिति का गठन, 11 मार्च को निकलेगा मार्च बिहारशरीफ (नालंदा)। यूजीसी रेगुलेशन एक्ट को बहाल करने की मांग को लेकर शहर के श्रम कल्याण केंद्र मैदान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के कई बुद्धिजीवियों ने भाग लिया और सर्वसम्मति से “यूजीसी रेगुलेशन एक्ट बहाल करो संघर्ष समिति” का गठन किया गया। बैठक में समिति के पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए नालंदा जिला संयोजक के रूप में चंद्रशेखर बाबू तथा सह–संयोजक के रूप में प्रो. शिवकुमार यादव को मनोनीत किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन में बदलाव से उच्च शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसे पुनः बहाल किया जाना आवश्यक है। वक्ताओं ने शिक्षकों, छात्रों एवं अभिभावकों से इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी की अपील की। निर्णय लिया गया कि 11 मार्च को एक विशाल मार्च निकाला जाएगा, जिसमें सभी वर्गों के लोग स्वेच्छा से शामिल होकर समर्थन दे सकते हैं। बैठक में कई शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे तथा आंदोलन को व्यापक बनाने की रणनीति पर चर्चा की। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यूजीसी रेगुलेशन एक्ट बहाल करो संघर्ष समिति का गठन, 11 मार्च को निकलेगा मार्च बिहारशरीफ (नालंदा)। यूजीसी रेगुलेशन एक्ट बहाल करो संघर्ष समिति का गठन, 11 मार्च को निकलेगा मार्च बिहारशरीफ (नालंदा)। यूजीसी रेगुलेशन एक्ट को बहाल करने की मांग को लेकर शहर के श्रम कल्याण केंद्र मैदान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के कई बुद्धिजीवियों ने भाग लिया और सर्वसम्मति से “यूजीसी रेगुलेशन एक्ट बहाल करो संघर्ष समिति” का गठन किया गया। बैठक में समिति के पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए नालंदा जिला संयोजक के रूप में चंद्रशेखर बाबू तथा सह–संयोजक के रूप में प्रो. शिवकुमार यादव को मनोनीत किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन में बदलाव से उच्च शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसे पुनः बहाल किया जाना आवश्यक है। वक्ताओं ने शिक्षकों, छात्रों एवं अभिभावकों से इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी की अपील की। निर्णय लिया गया कि 11 मार्च को एक विशाल मार्च निकाला जाएगा, जिसमें सभी वर्गों के लोग स्वेच्छा से शामिल होकर समर्थन दे सकते हैं। बैठक में कई शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे तथा आंदोलन को व्यापक बनाने की रणनीति पर चर्चा की। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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- विधानसभा में गूंजा बिहारशरीफ! PM आवास योजना में घोटाले का बड़ा खुलासा, एंकर, डॉ. सुनील कुमार ने आज बिहार विधानसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सदन को बताया कि बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र में असर्वेक्षित भूमि पर वर्षों से रह रहे गरीब और असहाय परिवार योजना के लाभ से वंचित हैं। सरकारी सर्वे नहीं होने के कारण पात्र लाभुकों का नाम सूची में नहीं आ पा रहा है। जबकि योजना का उद्देश्य हर जरूरतमंद को पक्का घर देना है। प्रधानमंत्री आवास योजना का मकसद है कि हर गरीब परिवार को पक्का आवास मिले। लेकिन सवाल उठ रहा है — अगर सर्वे ही नहीं होगा, तो गरीबों को उनका हक कैसे मिलेगा? विधायक ने सदन में यह भी गंभीर आरोप लगाया कि रहुई प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों से अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक वीडियो सामने आया है, जिसमें घर दिलाने के नाम पर पैसे की मांग की बात उजागर होती है। अगर यह सच है, तो यह सिर्फ अनियमितता नहीं — बल्कि गरीबों के सपनों के साथ खिलवाड़ है। गरीबों के हक में किसी भी प्रकार की अनियमितता या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरतमंद परिवारों को उनका अधिकार दिलाने की लड़ाई सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह जारी रहेगी। अब बड़ा सवाल यह है — क्या सरकार इस मामले की जांच कराएगी? क्या रहुई में सामने आए वीडियो की सच्चाई सामने आएगी? और क्या बिहारशरीफ के वंचित परिवारों को उनका हक मिलेगा? इन सवालों के जवाब का इंतजार पूरे नालंदा को है।1
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