मथुरा जिले में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम तेजी से जारी है। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 6,10,608 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, और इन कार्डधारकों में से 1,29,841 लोग विभिन्न अस्पतालों में सफलतापूर्वक अपना इलाज करवा चुके हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मथुरा जिले में कुल 68 अस्पताल अनुबंधित हैं, जहाँ मरीज मुफ्त इलाज का लाभ उठा सकते हैं। इनमें 39 सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं, जिनमें से 16 पूरी तरह से सक्रिय रहकर लगातार सेवाएं दे रहे हैं। जिले में कुल 2,15,509 परिवार ऐसे हैं जिनके सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनने बाकी हैं, जबकि सरकार ने जिले को कुल 9,62,858 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया था। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कार्ड मिलता है, और विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों और डॉक्टरों को अनुबंधित किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि माननीय प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री की यह विशेष प्राथमिकता है कि अत्यंत गरीब, बीपीएल श्रेणी से नीचे आने वाले, या आयुष्मान सूची में शामिल सभी लोगों को इस योजना का पूरा लाभ मिले। इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों में 6 या उससे अधिक सदस्य हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मथुरा में आयुष्मान योजना सुचारु और बेहतरीन तरीके से कार्य कर रही है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।
मथुरा जिले में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम तेजी से जारी है। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 6,10,608 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, और इन कार्डधारकों में से 1,29,841 लोग विभिन्न अस्पतालों में सफलतापूर्वक अपना इलाज करवा चुके हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मथुरा जिले में कुल 68 अस्पताल अनुबंधित हैं, जहाँ मरीज मुफ्त इलाज का लाभ उठा
सकते हैं। इनमें 39 सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं, जिनमें से 16 पूरी तरह से सक्रिय रहकर लगातार सेवाएं दे रहे हैं। जिले में कुल 2,15,509 परिवार ऐसे हैं जिनके सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनने बाकी हैं, जबकि सरकार ने जिले को कुल 9,62,858 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया था। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कार्ड मिलता है, और विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों और डॉक्टरों को अनुबंधित किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि माननीय प्रधानमंत्री
और उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री की यह विशेष प्राथमिकता है कि अत्यंत गरीब, बीपीएल श्रेणी से नीचे आने वाले, या आयुष्मान सूची में शामिल सभी लोगों को इस योजना का पूरा लाभ मिले। इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों में 6 या उससे अधिक सदस्य हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मथुरा में आयुष्मान योजना सुचारु और बेहतरीन तरीके से कार्य कर रही है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।
- मथुरा जिले में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम तेजी से जारी है। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 6,10,608 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, और इन कार्डधारकों में से 1,29,841 लोग विभिन्न अस्पतालों में सफलतापूर्वक अपना इलाज करवा चुके हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मथुरा जिले में कुल 68 अस्पताल अनुबंधित हैं, जहाँ मरीज मुफ्त इलाज का लाभ उठा सकते हैं। इनमें 39 सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं, जिनमें से 16 पूरी तरह से सक्रिय रहकर लगातार सेवाएं दे रहे हैं। जिले में कुल 2,15,509 परिवार ऐसे हैं जिनके सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनने बाकी हैं, जबकि सरकार ने जिले को कुल 9,62,858 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया था। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कार्ड मिलता है, और विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों और डॉक्टरों को अनुबंधित किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि माननीय प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री की यह विशेष प्राथमिकता है कि अत्यंत गरीब, बीपीएल श्रेणी से नीचे आने वाले, या आयुष्मान सूची में शामिल सभी लोगों को इस योजना का पूरा लाभ मिले। इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों में 6 या उससे अधिक सदस्य हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मथुरा में आयुष्मान योजना सुचारु और बेहतरीन तरीके से कार्य कर रही है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।3
- जनपद मथुरा में साइबर अपराधों पर रोकथाम के लिए पुलिस टीम द्वारा हॉटस्पॉट चिह्नित कर लगातार छापेमारी की जा रही है। इन कार्रवाइयों के दौरान कई साइबर अपराधियों को पकड़ा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मथुरा ने जानकारी दी है कि पकड़े गए इन साइबर अपराधियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।1
- भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह द्वारा 29 तारीख को दिए गए धरने के बाद, जिसमें उनकी 14 मांगों को लेकर एक विज्ञापन सौंपा गया था, गुरुवार को प्रशासनिक विभागीय अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। महावन तहसील में हुई इस बैठक में तहसील की एसडीएम और तहसीलदार भी मौजूद रहे। इस बैठक में धरने के माध्यम से रखी गई 14 मांगों में से 8 मांगों को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया। वहीं, बाकी बची मांगों को देखकर प्रशासन ने एक सप्ताह का समय दिया है।1
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के निर्देश पर मथुरा पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। राजस्थान और हरियाणा की सीमा से सटे क्षेत्रों में सक्रिय एक संगठित साइबर ठगी गिरोह के 42 सदस्यों को थाना कोसीकलां, बरसाना, शेरगढ़ पुलिस और साइबर/सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन ठगों के कब्जे से 64 फर्जी (कूटरचित) आधार कार्ड, 9 फर्जी सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और ठगी से अर्जित नकदी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह देशभर के लोगों को फोन कॉल, फर्जी लिंक और ओटीपी के माध्यम से झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से धनराशि अपने खातों में ट्रांसफर कराता था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी आधार कार्ड बनवाकर सिम कार्ड प्राप्त करते थे और बार-बार मोबाइल नंबर बदलकर अपनी पहचान छिपाते हुए साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी से अर्जित रकम का एक बड़ा हिस्सा आरोपियों ने जमीन, मकान और महंगी गाड़ियों की खरीद में लगाया है। इसके अतिरिक्त, राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न जिलों में भी निवेश की जानकारी मिली है। अब पुलिस ठगी से अर्जित इन संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। एसएसपी के निर्देश पर, पुलिस संबंधित गांवों के युवाओं का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर रही है, जिसमें उनकी संपत्ति, आर्थिक गतिविधियों और आपराधिक इतिहास का सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही, अन्य राज्यों और विभिन्न थानों से भी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।3
- बरसात के दिनों में मथुरा के कृष्णा नगर में जहरीला जानवर देखे जाने से निवासियों के बीच दहशत का माहौल है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में भय पैदा कर दिया है।1
- आज 09 जुलाई 2026 को सुप्रभात और राधे-राधे के पावन संदेश के साथ श्रीधाम वृंदावन का एक अद्भुत और मनमोहक सुबह का दृश्य साझा किया गया। इस पवित्र बेला में सभी पर राधा रानी और बाँके बिहारी जी की कृपा बनी रहने की कामना व्यक्त की गई है, साथ ही 'जय श्री राधे' का उद्घोष भी किया गया।1
- मथुरा थाना कोतवाली पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए केवल 26 घंटों के भीतर एक पीड़ित के खोए हुए 2 लाख रुपये बरामद कर उन्हें वापस लौटा दिया है। यह घटना मथुरा के मिहारी सरदार विश्राम घाट निवासी नरेश कुमार चतुर्वेदी, पुत्र ध्रुप दत्त चतुर्वेदी, के साथ घटी। पीड़ित ने 7 जुलाई 2026 को गुजरात से आकर अपनी माता के लिए घर बनवाने के उद्देश्य से बैंक से ये रुपये निकाले थे, जो भैंस बहोरा के पास गुम हो गए थे; पुलिस ने यह राशि 8 जुलाई 2026 को बरामद की। थाना कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। उन्होंने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से अवलोकन किया, जिसकी फुटेज के आधार पर रुपये उठाने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस व्यक्ति का पीछा किया, उसका पता लगाया और खोई हुई पूरी धनराशि सुरक्षित रूप से बरामद कर पीड़ित के सुपुर्द कर दी। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना कोतवाली, मथुरा के प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा, उप निरीक्षक आमोद कुमार और अंकुश सागर शामिल थे। पीड़ित नरेश कुमार चतुर्वेदी ने पुलिस की इस त्वरित और निष्ठावान कार्रवाई के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है। थाना कोतवाली पुलिस की यह उपलब्धि निश्चित रूप से आम जनता में सुरक्षा और भरोसे की भावना को और अधिक मजबूत करती है।4
- मथुरा वृंदावन स्थित पाँच मंजिला "भक्तमाल कुंज गेस्ट हाउस" में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस घटना में एक बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि आग लगने के समय गेस्ट हाउस में महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के श्रद्धालु ठहरे हुए थे। यह घटना जनपद में धड़ल्ले से बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे होटल और गेस्ट हाउसों की स्थिति को उजागर करती है। "भक्तमाल कुंज गेस्ट हाउस" भी बिना किसी NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) और आवश्यक सुरक्षा मानकों के अवैध रूप से चलाया जा रहा था। लखनऊ में हुई ऐसी ही घटना के बावजूद भी जनपद में हालात नहीं सुधर रहे हैं। प्रशासन अब इस पूरे मामले की जांच में जुट गया है।1