आम बागवानी से बदलेगी गांव की तकदीर” — दो सौ किसानों ने सीखी बिरसा हरित ग्राम योजना की नई रणनीति प्रखंड के मँझगाँव पंचायत अंतर्गत ग्राम बरटोली में बुधवार को एक दिवसीय पंचायत स्तरीय आम बागवानी किसान सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। जानकारी देते हुए बुधवार को दोपहर एक बजे बताया गया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य किसानों को बिरसा हरित ग्राम योजना की बारीकियों से अवगत कराते हुए उन्हें आगामी वर्ष की कृषि योजनाओं के लिए तैयार करना है। मँझगाँव पंचायत की मुखिया ज्योति बहेर देवी के नेतृत्व तथा अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मँझगाँव और नवाडीह पंचायत के लगभग दो सौ प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता के अनुभवों को साझा करना और उन्हें योजनाबद्ध तरीके से आम बागवानी के विस्तार के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान किसानों को बागवानी की मुख्य प्रक्रियाओं, पौधरोपण की वैज्ञानिक विधि, रख-रखाव, अंतः-फसल पद्धति तथा विपणन के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुखिया ज्योति बहेर देवी ने कहा कि आम बागवानी न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों की अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम भी बन रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में योजना से जुड़ने की अपील की। नवाडीह पंचायत के मुखिया चैतनलाल मिंज और खेतली पंचायत के उपमुखिया जवाहर कवर ने किसानों को बागवानी पैच के भीतर अंतः-फसल करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आजीविका संवर्धन के लिए हर संभव सरकारी सहयोग दिलाने का भरोसा भी दिया। सम्मेलन में पांच सफल बागवानी किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बागवानी के साथ अन्य फसलों की खेती कर वे अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। किसानों ने संतोष व्यक्त किया कि पौधों की वृद्धि संतोषजनक है और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत समय पर मजदूरी भुगतान से आर्थिक संबल मिल रहा है। बागवानी समूहों के माध्यम से नई तकनीकों की जानकारी भी प्राप्त हो रही है। इस अवसर पर उपमुखिया ब्रजेन्द्र पंडित, जेएसएलपीएस के जिला परियोजना समन्वयक अशोक, डुमरी जेएसएलपीएस से उत्तम, संबंधित पंचायतों के रोजगार सेवक, पंचायत सचिव एवं अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
आम बागवानी से बदलेगी गांव की तकदीर” — दो सौ किसानों ने सीखी बिरसा हरित ग्राम योजना की नई रणनीति प्रखंड के मँझगाँव पंचायत अंतर्गत ग्राम बरटोली में बुधवार को एक दिवसीय पंचायत स्तरीय आम बागवानी किसान सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। जानकारी देते हुए बुधवार को दोपहर एक बजे बताया गया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य किसानों को बिरसा हरित ग्राम योजना की बारीकियों से अवगत कराते हुए उन्हें आगामी वर्ष की कृषि योजनाओं के लिए तैयार करना है। मँझगाँव पंचायत की मुखिया ज्योति बहेर देवी के नेतृत्व तथा अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मँझगाँव और नवाडीह पंचायत के लगभग दो सौ प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता के अनुभवों को साझा करना और उन्हें योजनाबद्ध तरीके से आम बागवानी के विस्तार के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान किसानों को बागवानी की मुख्य प्रक्रियाओं, पौधरोपण की वैज्ञानिक विधि, रख-रखाव, अंतः-फसल पद्धति तथा विपणन के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुखिया ज्योति बहेर देवी ने कहा कि आम बागवानी न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों की अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम भी बन रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में योजना से जुड़ने की अपील की। नवाडीह पंचायत के मुखिया चैतनलाल मिंज और खेतली पंचायत के उपमुखिया जवाहर कवर ने किसानों को बागवानी पैच के भीतर अंतः-फसल करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आजीविका संवर्धन के लिए हर संभव सरकारी सहयोग दिलाने का भरोसा भी दिया। सम्मेलन में पांच सफल बागवानी किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बागवानी के साथ अन्य फसलों की खेती कर वे अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। किसानों ने संतोष व्यक्त किया कि पौधों की वृद्धि संतोषजनक है और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत समय पर मजदूरी भुगतान से आर्थिक संबल मिल रहा है। बागवानी समूहों के माध्यम से नई तकनीकों की जानकारी भी प्राप्त हो रही है। इस अवसर पर उपमुखिया ब्रजेन्द्र पंडित, जेएसएलपीएस के जिला परियोजना समन्वयक अशोक, डुमरी जेएसएलपीएस से उत्तम, संबंधित पंचायतों के रोजगार सेवक, पंचायत सचिव एवं अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
- गुमला:जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों की सक्रिय सहभागिता में निहित है। आपका एक मत आपके नगर के विकास, पारदर्शी प्रशासन और सशक्त स्थानीय स्वशासन की दिशा निर्धारित करता है।उन्होंने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे 23 फरवरी को प्रातः 7 बजे से सायं 5 बजे के बीच अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुँचकर निर्भीक एवं निष्पक्ष वातावरण में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।उपायुक्त ने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं से लोकतांत्रिक उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकाधिक मतदान ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।1
- गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जन शिकायत कोषांग अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की वर्तमान स्थिति तथा लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए निष्पादन की गति को तेज करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के क्रम में बताया गया कि विभिन्न विभागों एवं अंचलों के कुल 1711 आवेदनों में से अब तक 784 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है तथा 321 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। शेष 606 लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन को सुनिश्चित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपने-अपने लंबित आवेदनों का निष्पादन एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने Google Sheet में प्रत्येक आवेदन की अद्यतन स्थिति उचित टिप्पणी के साथ अंकित करें। साथ ही निष्पादन से संबंधित आधिकारिक पत्र, जो निस्तारण का प्रमाण हो, उसे अपलोड कर उसका लिंक Remarks Link सेक्शन में अनिवार्य रूप से अद्यतन करें, ताकि पारदर्शिता एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन शाखा, अंचल कार्यालय, प्रखंड विकास पदाधिकारी, खेल विभाग तथा अग्रणी जिला प्रबंधक को विशेष रूप से निर्देश दिया गया कि वे अपनी प्रविष्टियों को नियमित एवं शुद्ध रूप से अद्यतन रखें तथा लंबित मामलों के निष्पादन में तत्परता बरतें। सभी संबंधित पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे निर्देशों का त्वरित अनुपालन सुनिश्चित करें। यदि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियात्मक समस्या उत्पन्न होती है तो तत्काल संबंधित पदाधिकारी से संपर्क कर समाधान प्राप्त करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें।1
- चैनपुर – बुधवार शाम करीब 4 बजे चैनपुर ब्लॉक चौक के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बैंक का काम निपटाकर घर लौट रहा एक परिवार उस वक्त हादसे का शिकार हो गया, जब उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक घर के गेट से जा टकराई। इस दुर्घटना में 5 वर्षीय मासूम बच्ची सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान संजित असुर, कुष्मिता असुर और सरिता असुर (ग्राम लुपुंग पाठ) के रूप में हुई है। सभी घायलों को आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।1
- गुमला: निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के अंतर्गत जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें पड़ोस के अभिवंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस प्रावधान के तहत शैक्षणिक सत्र हेतु निम्नलिखित विद्यालयों में नामांकन लिया जाना है: * सरस्वती विद्या मंदिर, गुमला * सरस्वती शिशु मंदिर, गुमल * सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, भरनो * डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, गुमला * संत मेरी स्कूल, कुदा, कामडारा * चंचल सिग्नेस स्कूल, अरमई * सरस्वती शिशु मंदिर, भलमंदा * सोलिटियर एजुकेशनल अकादमी, मकरा * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, टोंगों, चैनपुर * मॉट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया, * किशोर मोहन लाल साहू, सरस्वती शिशु मंदिर, कयम्बा, पालकोट * रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्यालय, कुदरा, सिसई * कार्तिक उरांव आदिवासी बाल विद्यालय, निजमा बधराईटोली * संत अन्ना मध्य विद्यालय, दाउदनगर पुग्गु * नोट्रेडेम स्कूल, गुमला * जटया मध्य विद्यालय, बुरहू * संत जेवियर्स स्कूल, गुमला * विकास चिल्ड्रेन एकेडमी, विशुनपुर अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ‘पड़ोस’ से आशय विद्यालय से 01 किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत निवास करने वाले बच्चों से है। यदि 01 किलोमीटर की परिधि में पर्याप्त संख्या में बच्चे उपलब्ध नहीं होते हैं, तो विद्यालय की विस्तारित सीमा 06 किलोमीटर की परिधि तक निवास करने वाले बच्चों का नामांकन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक, गुमला ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएँ तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर आवेदन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आरटीई अधिनियम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का यह एक सशक्त माध्यम है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे संबंधित विद्यालय अथवा प्रखंड शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें एवं अपने बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें।1
- विक्रम शिला फाउंडेशन कि ओर से नन्हे कदम पुस्तक आवश्यक सामग्री एवं बच्चों के डेली रूटीन सिलेबस का किया गया प्रशिक्षण। चैनपुर गुमला झारखंड संवाददाता कुलदीप कुमार कि रिपोर्ट। गुमला। उपायुक्त महोदया प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर जिले की 500 आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) के क्षेत्र में सशक्त बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिला स्तरीय चयन समिति के अनुमोदन से यह कार्यक्रम विक्रमशिला एजूकेशन रिसोर्स सोसायटी के माध्यम से संचालित किया गया। जिसमें जिला समन्वयक पिंटू कुमार दस के द्वारा चैनपुर प्रखंड में 16 से 18 फरवरी तक 40 आंगनबाड़ी सेविकाओं को तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस सत्र में मुख्य प्रशिक्षक एवं जिला समन्वयक पिंटू दास तथा सहायक प्रशिक्षक सुमन गोस्वामी एवं प्रशांत कुमार महतो द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सेविकाओं को “नन्हे कदम” पुस्तक एवं आवश्यक शिक्षण सामग्री (टीएलएम) भी उपलब्ध कराई गई। इस पहल का उद्देश्य सेविकाओं की दक्षता बढ़ाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु बेहतर देखभाल व सीखने का अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना है। वहीं बताया गया कि क्षेत्र में अभी 140 आंगनबाड़ी केंद्र है जिसमें नन्हे कदम बुक में दिया गया वर्ष भर का डेली रूटीन दिया गया है जिसके आधार से आंगनबाड़ी के शिशूओं को पढ़ाया सिखाया जाएगा जिसमें कठिनाई होनें पर नन्हे कदम का सहायक हैंडबुक का सहारा लेकर बच्चों को पढ़ाया सिखाया जाएगा जिसमें गित दोह शिक्षा संस्कार रहन सहन से लेकर खेल और गित तक सिखाया जाएगा।4
- डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा एडीजे वन प्रेम शंकर की अदालत ने डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी लूटो गांव निवासी विपदा उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के सजा सुनाई। मालूम हो कि 25 सितंबर 2021 को आरोपी ने डायन बिसाही के शक में छोटा खटगा निवासी बसमणी देवी, सोमारी देवी और बंधन उरांव की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। आरोपी ने अपनी बीमारी के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था। आरोपी के खिलाफ मृतक के परिजनों के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अदालत ने आरोपी को दोषी कर देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। बाइट, अजय कुमार रजक, लोक अभियोजक, गुमला न्यायालय।3
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- गुमला: आगामी नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने आज समाहरणालय परिसर स्थित मटेरियल सेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चुनाव से संबंधित सामग्री की उपलब्धता, संधारण, पैकेजिंग एवं वितरण की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों से मतदान दलों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्रियों जैसे बैलेट यूनिट से संबंधित सहायक सामग्री, सील, टैग, प्रपत्र, स्टेशनरी एवं अन्य आवश्यक चुनावी सामग्री के रख-रखाव एवं सूचीकरण की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सामग्रियों का भौतिक सत्यापन करते हुए चेकलिस्ट के अनुरूप पैकेटवार तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदान तिथि के पूर्व किसी प्रकार की कमी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मटेरियल डिस्पैच की प्रक्रिया सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध होनी चाहिए। प्रत्येक मतदान दल को सामग्री वितरण के समय हस्ताक्षरयुक्त प्राप्ति रसीद सुनिश्चित की जाए तथा रिकॉर्ड संधारण व्यवस्थित रूप से किया जाए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सामग्री भंडारण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए तथा अग्नि सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, वितरण दिवस के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण करने को कहा गया। उपायुक्त ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की सफलता सूक्ष्म स्तर की तैयारी पर निर्भर करती है, इसलिए प्रत्येक चरण में सतर्कता एवं समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्वाचन कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का निर्देश दिया। इस दौरान मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त गुमला दिलेश्वर महतो, अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, DCLR गुमला राजीव कुमार सहित अन्य सम्बंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहें।1