आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में 25% आरक्षित सीटों पर नामांकन हेतु अपील गुमला: निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के अंतर्गत जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें पड़ोस के अभिवंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस प्रावधान के तहत शैक्षणिक सत्र हेतु निम्नलिखित विद्यालयों में नामांकन लिया जाना है: * सरस्वती विद्या मंदिर, गुमला * सरस्वती शिशु मंदिर, गुमल * सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, भरनो * डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, गुमला * संत मेरी स्कूल, कुदा, कामडारा * चंचल सिग्नेस स्कूल, अरमई * सरस्वती शिशु मंदिर, भलमंदा * सोलिटियर एजुकेशनल अकादमी, मकरा * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, टोंगों, चैनपुर * मॉट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया, * किशोर मोहन लाल साहू, सरस्वती शिशु मंदिर, कयम्बा, पालकोट * रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्यालय, कुदरा, सिसई * कार्तिक उरांव आदिवासी बाल विद्यालय, निजमा बधराईटोली * संत अन्ना मध्य विद्यालय, दाउदनगर पुग्गु * नोट्रेडेम स्कूल, गुमला * जटया मध्य विद्यालय, बुरहू * संत जेवियर्स स्कूल, गुमला * विकास चिल्ड्रेन एकेडमी, विशुनपुर अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ‘पड़ोस’ से आशय विद्यालय से 01 किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत निवास करने वाले बच्चों से है। यदि 01 किलोमीटर की परिधि में पर्याप्त संख्या में बच्चे उपलब्ध नहीं होते हैं, तो विद्यालय की विस्तारित सीमा 06 किलोमीटर की परिधि तक निवास करने वाले बच्चों का नामांकन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक, गुमला ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएँ तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर आवेदन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आरटीई अधिनियम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का यह एक सशक्त माध्यम है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे संबंधित विद्यालय अथवा प्रखंड शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें एवं अपने बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें।
आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में 25% आरक्षित सीटों पर नामांकन हेतु अपील गुमला: निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के अंतर्गत जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें पड़ोस के अभिवंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस प्रावधान के तहत शैक्षणिक सत्र हेतु निम्नलिखित विद्यालयों में नामांकन लिया जाना है: * सरस्वती विद्या मंदिर, गुमला * सरस्वती शिशु मंदिर, गुमल * सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, भरनो * डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, गुमला * संत मेरी स्कूल, कुदा, कामडारा * चंचल सिग्नेस स्कूल, अरमई * सरस्वती शिशु मंदिर, भलमंदा * सोलिटियर एजुकेशनल अकादमी, मकरा * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, टोंगों, चैनपुर * मॉट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया, * किशोर मोहन लाल साहू, सरस्वती शिशु मंदिर, कयम्बा, पालकोट * रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्यालय, कुदरा, सिसई * कार्तिक उरांव आदिवासी बाल विद्यालय, निजमा बधराईटोली * संत अन्ना मध्य विद्यालय, दाउदनगर पुग्गु * नोट्रेडेम स्कूल, गुमला * जटया मध्य विद्यालय, बुरहू * संत जेवियर्स स्कूल, गुमला * विकास चिल्ड्रेन एकेडमी, विशुनपुर अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ‘पड़ोस’ से आशय विद्यालय से 01 किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत निवास करने वाले बच्चों से है। यदि 01 किलोमीटर की परिधि में पर्याप्त संख्या में बच्चे उपलब्ध नहीं होते हैं, तो विद्यालय की विस्तारित सीमा 06 किलोमीटर की परिधि तक निवास करने वाले बच्चों का नामांकन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक, गुमला ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएँ तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर आवेदन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आरटीई अधिनियम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का यह एक सशक्त माध्यम है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे संबंधित विद्यालय अथवा प्रखंड शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें एवं अपने बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें।
- गुमला: निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के अंतर्गत जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें पड़ोस के अभिवंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस प्रावधान के तहत शैक्षणिक सत्र हेतु निम्नलिखित विद्यालयों में नामांकन लिया जाना है: * सरस्वती विद्या मंदिर, गुमला * सरस्वती शिशु मंदिर, गुमल * सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, भरनो * डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, गुमला * संत मेरी स्कूल, कुदा, कामडारा * चंचल सिग्नेस स्कूल, अरमई * सरस्वती शिशु मंदिर, भलमंदा * सोलिटियर एजुकेशनल अकादमी, मकरा * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, टोंगों, चैनपुर * मॉट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया, * किशोर मोहन लाल साहू, सरस्वती शिशु मंदिर, कयम्बा, पालकोट * रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्यालय, कुदरा, सिसई * कार्तिक उरांव आदिवासी बाल विद्यालय, निजमा बधराईटोली * संत अन्ना मध्य विद्यालय, दाउदनगर पुग्गु * नोट्रेडेम स्कूल, गुमला * जटया मध्य विद्यालय, बुरहू * संत जेवियर्स स्कूल, गुमला * विकास चिल्ड्रेन एकेडमी, विशुनपुर अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ‘पड़ोस’ से आशय विद्यालय से 01 किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत निवास करने वाले बच्चों से है। यदि 01 किलोमीटर की परिधि में पर्याप्त संख्या में बच्चे उपलब्ध नहीं होते हैं, तो विद्यालय की विस्तारित सीमा 06 किलोमीटर की परिधि तक निवास करने वाले बच्चों का नामांकन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक, गुमला ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएँ तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर आवेदन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आरटीई अधिनियम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का यह एक सशक्त माध्यम है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे संबंधित विद्यालय अथवा प्रखंड शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें एवं अपने बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें।1
- चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लंगड़ामोड़ गांव के पास मंगलवार शाम करीब 7 बजे एक युवक बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान डिपाडीह निवासी 22 वर्षीय उमेश नायक, पिता मोथो नायक के रूप में हुई है।1
- प्रखंड क्षेत्र में संचालित बोर्ड परीक्षाओं के तहत आज बरवे हाई स्कूल केंद्र पर कुँड़ुख़ विषय की परीक्षा अत्यंत शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न हुई। बरवे हाई स्कूल केंद्र पर कुँड़ुख़ विषय के कुल अठारह विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। शाम के छह बजे प्रशासन ने जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू होकर शांतिपूर्वक समाप्त हुई तथा कहीं से भी किसी प्रकार की अनियमितता की सूचना नहीं मिली। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। केंद्र पर दंडाधिकारी के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। परीक्षा के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं भी नकल या अनुचित साधनों का प्रयोग न हो। केंद्र पर तैनात शिक्षकों ने पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभाई। ज्ञात हो कि पूरे प्रखंड क्षेत्र में कुल तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े मानक अपनाए गए। तीनों केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस जवान और अनुभवी शिक्षकों की उपस्थिति में परीक्षा का सफल संचालन किया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर संतोष व्यक्त किया है।2
- गुमला: आगामी 2 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली कक्षा 8वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर गुमला जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के नेतृत्व में जिले में विद्यार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए अभिनव पहल की गई है।जिला स्तर से प्रतिदिन शिक्षकों की कोर टीम द्वारा महत्वपूर्ण एवं संभावित प्रश्न तैयार कराते हुए प्रखंड एवं संकुल के माध्यम से सभी विद्यालयों को भेजे जा रहे हैं। विद्यालयों में इन प्रश्नों का डमी OMR शीट पर भी अभ्यास कराया जा रहा है, जिससे बच्चों को वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव मिल रहा है तथा उन्हें OMR शीट में उत्तर देने की सावधानियों से भी परिचित कराया जा रहा है । प्रतिदिन लघु टेस्ट लेकर तत्काल मूल्यांकन किए जाने से बच्चों की त्रुटियों का तुरंत आकलन हो पा रहा है। इससे समय रहते सुधार संभव हो रहा है और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस हेतु उनकी पहचान कर विशेष अतिरिक्त कक्षाएं संचालित किए जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने बताया कि सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण हेतु जिला स्तर से इसकी सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। शिक्षकों की एक कोर टीम प्रतिदिन मेहनत कर विषयवार महत्वपूर्ण प्रश्न तैयार कर रही है, जिसे सभी प्रखंडों के माध्यम से विद्यालयों तक पहुंचाया जा रहा है। सभी प्रखंडों के BPO, BRP एवं CRP सक्रिय रूप से मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा विद्यालयों के प्रधानाध्यापक नियमित रूप से अभ्यास सुनिश्चित करा रहे हैं।कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने बताया कि यह नवाचार उनकी परीक्षा तैयारी में काफी सहायक साबित हो रहा है तथा नियमित अभ्यास से उन्हें प्रश्नों के पैटर्न को समझने और OMR भरने में आत्मविश्वास मिल रहा है।4
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- गुमला भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में पूर्व मुख्यमंत्री ने किया चुनाव प्रचार, कहा गुमला का विकास चाहते हैं तो शकुंतला को बनाए अध्यक्ष झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भाजपा समर्थित उम्मीदवार शकुंतला उरांव के पक्ष में प्रचार करने गुमला पहुंचे। उन्होंने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। सभी से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार विकास विरोधी है गुमला का समुचित विकास रुका हुआ है इसलिए शकुंतला उरांव को भारी मतों से विजय बनाएं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर चुनाव पर्ची बांटने और लोगों से बूथ तक पहुंचाने की अपील की। बाइट, रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री।3
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- आकांक्षी प्रखंड डुमरी के औरापाट गांव में मशरूम आजीविका परियोजना के तहत उत्पादन शुरू हो गया है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह परिवारों को दिए गए प्रशिक्षण और किट का अब सकारात्मक परिणाम दिखने लगा है। कई इकाइयों में ऑयस्टर मशरूम तैयार होने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों में उत्साह है। प्रथम चरण में गांव के पैंतालीस परिवारों को मशरूम किट प्रदान कर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया था। कम लागत और सीमित स्थान में खेती कर बेहतर आय अर्जित करने की जानकारी दी गई थी। अब उत्पादन शुरू होने से परिवारों को आय का नया स्रोत मिलने लगा है। जानकारी देते हुए शाम पांच बजे बताया गया कि योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से डुमरी प्रखंड के कुल पांच सौ पीवीटीजी एवं जनजातीय परिवारों को जोड़ा जाएगा। लाभुकों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि उत्पादन की गुणवत्ता बनी रहे। साथ ही तैयार मशरूम का बाय-बैक भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें उचित मूल्य मिल सकेगा। आने वाले समय में मशरूम प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन की दिशा में भी पहल की जाएगी, जिससे ग्रामीणों की आय में और वृद्धि होने की उम्मीद है।4