सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव, वार्ड सदस्यों का बड़ा आरोप, सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव, वार्ड सदस्यों का बड़ा आरोप, एंकर, नालंदा जिला अंतर्गत परवलपुर नगर पंचायत में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रोसीडिंग और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर वार्ड सदस्यों और कार्यपालक पदाधिकारी के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को आयोजित बजट बैठक भी इस विवाद की भेंट चढ़ गई और मामला काफी गंभीर हो गया। सोमवार को नगर पंचायत में बजट को लेकर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बैठक के दौरान ही हंगामा शुरू हो गया। वार्ड सदस्यों का आरोप है कि बिना प्रोसीडिंग लिखे ही सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने गलत और नियमों के खिलाफ बताया। वार्ड सदस्यों ने कार्यपालक पदाधिकारी अश्वनी कुमार पर प्रोसेसिंग में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी की मंशा ही बैठक को बाधित करने और विवाद बनाए रखने की है। यही वजह है कि नगर पंचायत का कामकाज ठप पड़ा है और विकास योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। सदस्यों का यह भी आरोप है कि बार-बार सादे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया जाता है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित मंत्री से भी की गई है और फिलहाल जांच जारी है। वार्ड सदस्यों का कहना है कि नगर पंचायत में पूरी तरह से भ्रष्टाचार व्याप्त है और जब से कार्यपालक पदाधिकारी ने पदभार संभाला है, तब से लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी अश्वनी कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि प्रोसीडिंग पर हस्ताक्षर करवाना एक तय प्रोटोकॉल है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत ही की जाती हैं। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और बैठक की प्रोसीडिंग नियमों के अनुसार तैयार की जाती है। फिलहाल जांच के नतीजों का इंतजार है, लेकिन इस विवाद के कारण परवलपुर नगर पंचायत का विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव, वार्ड सदस्यों का बड़ा आरोप, सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव, वार्ड सदस्यों का बड़ा आरोप, एंकर, नालंदा जिला अंतर्गत परवलपुर नगर पंचायत में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रोसीडिंग और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर वार्ड सदस्यों और कार्यपालक पदाधिकारी के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को आयोजित बजट बैठक भी इस विवाद की भेंट चढ़ गई और मामला काफी गंभीर हो गया। सोमवार को नगर पंचायत में बजट को लेकर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बैठक के दौरान ही हंगामा शुरू हो गया। वार्ड सदस्यों का आरोप है कि बिना प्रोसीडिंग लिखे ही सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने गलत और नियमों के खिलाफ बताया। वार्ड सदस्यों ने कार्यपालक पदाधिकारी अश्वनी कुमार पर प्रोसेसिंग में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी की मंशा ही बैठक को बाधित करने और विवाद बनाए रखने की है। यही वजह है कि नगर पंचायत का कामकाज ठप पड़ा है और विकास योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। सदस्यों का यह भी आरोप है कि बार-बार सादे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया जाता है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित मंत्री से भी की गई है और फिलहाल जांच जारी है। वार्ड सदस्यों का कहना है कि नगर पंचायत में पूरी तरह से भ्रष्टाचार व्याप्त है और जब से कार्यपालक पदाधिकारी ने पदभार संभाला है, तब से लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी अश्वनी कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि प्रोसीडिंग पर हस्ताक्षर करवाना एक तय प्रोटोकॉल है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत ही की जाती हैं। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और बैठक की प्रोसीडिंग नियमों के अनुसार तैयार की जाती है। फिलहाल जांच के नतीजों का इंतजार है, लेकिन इस विवाद के कारण परवलपुर नगर पंचायत का विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
- तू बेवफा है जो मैं जान जाता ✨😥😡😱1
- सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव, वार्ड सदस्यों का बड़ा आरोप, एंकर, नालंदा जिला अंतर्गत परवलपुर नगर पंचायत में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रोसीडिंग और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर वार्ड सदस्यों और कार्यपालक पदाधिकारी के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को आयोजित बजट बैठक भी इस विवाद की भेंट चढ़ गई और मामला काफी गंभीर हो गया। सोमवार को नगर पंचायत में बजट को लेकर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बैठक के दौरान ही हंगामा शुरू हो गया। वार्ड सदस्यों का आरोप है कि बिना प्रोसीडिंग लिखे ही सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने गलत और नियमों के खिलाफ बताया। वार्ड सदस्यों ने कार्यपालक पदाधिकारी अश्वनी कुमार पर प्रोसेसिंग में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी की मंशा ही बैठक को बाधित करने और विवाद बनाए रखने की है। यही वजह है कि नगर पंचायत का कामकाज ठप पड़ा है और विकास योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। सदस्यों का यह भी आरोप है कि बार-बार सादे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया जाता है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित मंत्री से भी की गई है और फिलहाल जांच जारी है। वार्ड सदस्यों का कहना है कि नगर पंचायत में पूरी तरह से भ्रष्टाचार व्याप्त है और जब से कार्यपालक पदाधिकारी ने पदभार संभाला है, तब से लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी अश्वनी कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि प्रोसीडिंग पर हस्ताक्षर करवाना एक तय प्रोटोकॉल है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत ही की जाती हैं। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और बैठक की प्रोसीडिंग नियमों के अनुसार तैयार की जाती है। फिलहाल जांच के नतीजों का इंतजार है, लेकिन इस विवाद के कारण परवलपुर नगर पंचायत का विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।1
- Post by VN News Bihar1
- परवलपुर प्रखंड में कॉमन सर्विस सेंटर का उद्घाटन, मछुआरों के विकास की दिशा में बड़ा कदम नालंदा, 29 मार्च 2026: बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ लिमिटेड (COFFED) द्वारा परवलपुर प्रखंड, नालंदा में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का भव्य उद्घाटन किया गया। यह केंद्र मछुआरों, किसानों और सहकारी समितियों को डिजिटल और तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधान परिषद के सदस्य एवं पूर्व मंत्री हरी सहनी ने किया। उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, बीमा और अन्य डिजिटल सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर आसानी से मिलेगा। यह पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता मंत्रालय (स्थापना: 6 जुलाई 2021) और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय (स्थापना: 21 मई 2019) के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत देशभर में हजारों करोड़ रुपये की योजनाएं चलाई जा रही हैं। कार्यक्रम में कॉफेड के प्रबंध निदेशक अंकितेश्वर कश्यप ने बताया कि इस सेंटर के माध्यम से मछुआरों को कई सुविधाएं मिलेंगी, जैसे – मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित सेवाएं विभिन्न बीमा योजनाएं (मछुआरा बीमा, नाव बीमा, मछली बीमा आदि) आधार, पैन और बैंकिंग सेवाएं सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन मत्स्य पालन से जुड़ा प्रशिक्षण व तकनीकी सलाह सहकारी समितियों का पंजीकरण व डिजिटलीकरण कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकुमार केवट, मंत्री परवलपुर प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति ने की। उन्होंने कहा कि यह सेंटर स्थानीय मछुआरों को डिजिटल तकनीक से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा। इस अवसर पर शिवनंद प्रसाद, मदन कुमार सहनी, कॉफेड की निदेशक सुशी सिसमुन, पदाधिकारी रवि राज, राहुल कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।1
- बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा परवलपुर में कॉमन सर्विस सेंटर CSC का भव्य उद्घाटन1
- भोजपुरी गायक सनी गिलोरी पहुंचे गंदा काम किए पीड़िता के घर। नालंदा1
- Post by Laddu.kumar1
- सात सात पीढ़ियों ने खून बहाया है 💫♥️ 😥🤗1