नम आंखों से कान्हा को विदाई, गंगा में हुआ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य समापन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भावुक समापन, गंगा में विसर्जित हुईं प्रतिमाएं मोकामा घाट। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आज धूमधाम और भावुक माहौल के बीच पूर्ण समापन हो गया। भगवान श्रीकृष्ण, माता देवकी और वासुदेव समेत सभी प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ गंगा में विसर्जित किया गया। विसर्जन से पहले प्रतिमाओं को मोकामा घाट से कोइलसाइड, पंचमहला और मोकामा घाट क्षेत्र में घुमाया गया। इस दौरान रास्तेभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। सैकड़ों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण को अंतिम विदाई देने के लिए विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। कई श्रद्धालुओं की आंखों में विदाई का भावुक पल भी नजर आया। पूजा और मेले के कई दिनों के उत्साह के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ आयोजन का समापन हो गया। वहीं, विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मेडिकल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एम्बुलेंस की भी व्यवस्था रखी गई। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रतिमाओं को गंगा में विसर्जित किया। गाजे-बाजे, जयकारों और नम आंखों के बीच श्रीकृष्ण को विदाई दी गई और जन्माष्टमी महोत्सव का भव्य समापन हुआ।
नम आंखों से कान्हा को विदाई, गंगा में हुआ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य समापन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भावुक समापन, गंगा में विसर्जित हुईं प्रतिमाएं मोकामा घाट। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आज धूमधाम और भावुक माहौल के बीच पूर्ण समापन हो गया। भगवान श्रीकृष्ण, माता देवकी और वासुदेव समेत सभी प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ गंगा में विसर्जित किया गया। विसर्जन से पहले प्रतिमाओं को मोकामा घाट से कोइलसाइड, पंचमहला और मोकामा घाट क्षेत्र में घुमाया गया। इस दौरान रास्तेभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। सैकड़ों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण को अंतिम विदाई देने के लिए विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। कई श्रद्धालुओं की आंखों में विदाई का भावुक पल भी नजर आया। पूजा और मेले के कई दिनों के उत्साह के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ आयोजन का समापन हो गया। वहीं, विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मेडिकल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एम्बुलेंस की भी व्यवस्था रखी गई। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रतिमाओं को गंगा में विसर्जित किया। गाजे-बाजे, जयकारों और नम आंखों के बीच श्रीकृष्ण को विदाई दी गई और जन्माष्टमी महोत्सव का भव्य समापन हुआ।
- नम आंखों से कान्हा को विदाई, गंगा में हुआ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य समापन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भावुक समापन, गंगा में विसर्जित हुईं प्रतिमाएं मोकामा घाट। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आज धूमधाम और भावुक माहौल के बीच पूर्ण समापन हो गया। भगवान श्रीकृष्ण, माता देवकी और वासुदेव समेत सभी प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ गंगा में विसर्जित किया गया। विसर्जन से पहले प्रतिमाओं को मोकामा घाट से कोइलसाइड, पंचमहला और मोकामा घाट क्षेत्र में घुमाया गया। इस दौरान रास्तेभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। सैकड़ों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण को अंतिम विदाई देने के लिए विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। कई श्रद्धालुओं की आंखों में विदाई का भावुक पल भी नजर आया। पूजा और मेले के कई दिनों के उत्साह के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ आयोजन का समापन हो गया। वहीं, विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मेडिकल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एम्बुलेंस की भी व्यवस्था रखी गई। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रतिमाओं को गंगा में विसर्जित किया। गाजे-बाजे, जयकारों और नम आंखों के बीच श्रीकृष्ण को विदाई दी गई और जन्माष्टमी महोत्सव का भव्य समापन हुआ।1
- दस दिनों में ही धंस गई पंचायत भवन की छत, होगी जांच बाढ़ अनुमंडल में बराह पंचायत के हसपुरा गांव में दस दिन पहले बना पंचायत भवन का छत धंस गया। ग्रामीण निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। अनुसूचित जाति टोला में दस लाख रुपए की लागत से पंचायत भवन का निर्माण होना था। दस दिनों पहले ठेकेदार ने पंचायत भवन के छत की ढलाई कराई थी। लेकिन थोड़ी बारिश में ही पंचायत भवन की छत धंस गई, जो किसी भी समय नीचे गिरने की स्थिति में है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। मुखिया जी ने निर्माण कार्य के दौरान कभी इसकी गुणवत्ता की जांच नहीं की और न ही कोई इंजीनियर ही निरीक्षण के लिए आया। ठेकेदार ने मनमाने तरीके से निर्माण कार्य को पूरा किया है। पंचायत भवन की स्थिति इतनी घटिया है कि यह कुछ महीनों में ही भरभराकर गिर सकती है। हालत यह है कि लोग निर्माणाधीन पंचायत भवन में जाने से भी डरते हैं। ग्रामीणों के हंगामे के बाद अब मुखिया ने पंचायत भवन की छत फिर से तोड़कर निर्माण कराने की बात कही है। जेई और ठेकेदार की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी के बाद अधिकारी भी हरकत में आए हैं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने पर राजी हुए हैं। बाइट स्थानीय ग्रामीण1
- शराब तस्करों पर मिशन थाना का बड़ा प्रहार, पिकअप में छिपाकर ले जा रही भारी खेप जब्त, चालक गिरफ्तार शेखपुरा. बरबीघा के मिशन थाना क्षेत्र में शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है। पुलिस की इस कार्रवाई ने शराब तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। मौके से पिकअप चालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शराब की बड़ी खेप पिकअप वाहन से ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही मिशन थाना पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को अपने कब्जे में लिया। तलाशी के दौरान. पिकअप में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब देखकर पुलिस भी सक्रिय हो गई। इसके बाद चालक को गिरफ्तार कर वाहन को जब्त कर लिया गया। गिरफ्तार चालक अपना नाम दिलीप वर्णवाल और घर धनबाद बता रहा है। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि शराब की खेप धनबाद से चली थी और बरौनी पहुंचाई जानी थी। अब पुलिस की नजर शराब के इस पूरे नेटवर्क पर है। खेप किसने भेजी, किसके इशारे पर भेजी गई और बरौनी में किसे डिलीवरी होनी थी, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। पुलिस की पूछताछ के बाद तस्करी से जुड़े कई और नाम सामने आने की संभावना है।1
- #शाम्हो बेगूसराय भयानक बाढ़ की चपेट में सम्राट चौधरी जी इसे बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित कीजिए | Begusarai | Mobile Tv News1
- तियाय में गणेश पूजा व चार दिवसीय मेले को लेकर शांति समिति की बैठक तियाय में गणेश पूजा व चार दिवसीय मेले को लेकर शांति समिति की बैठक, सौहार्द बनाए रखने का लिया संकल्प। गौरतलब है कि तियाय गांव में गणेश पूजा सह चार दिवसीय मेला को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर शुक्रवार की शाम शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूजा एवं मेला के दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही आपसी भाईचारा कायम रखने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से आयोजन संपन्न कराने में प्रशासन और पुलिस को सहयोग देने का संकल्प लिया।बैठक की जानकारी करंडे थानाध्यक्ष ममता गिरी ने दी। उन्होंने बताया कि गणेश पूजा और चार दिवसीय मेला के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा और विधि व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों एवं पूजा समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। थानाध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि पूजा और मेला के दौरान किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या विवाद की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग और समन्वय से ही धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सकता है। बैठक में मेला के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने को लेकर भी चर्चा की गई। पूजा समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। बैठक शुक्रवार की शाम करीब 4 बजे संपन्न हुई।1
- सैलाब में डूबी जिंदगी! बेडरूम से किचन तक पानी ही पानी, बुजुर्ग मचान पर तो परिवार चौकी पर चूल्हा रखकर काट रहे दिन—खगड़िया में डेढ़ लाख से ज्यादा आबादी बाढ़ से बेहाल1
- बेगूसराय मटिहानी विधानसभा क्षेत्र बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में KDS Foundation ने शुरू किया राहत कार्य, भोजन एवं दवाइयों का किया वितरण बेगूसराय मटिहानी विधानसभा क्षेत्र बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में KDS Foundation ने शुरू किया राहत कार्य, भोजन एवं दवाइयों का किया वितरण बेगूसराय। जिले में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए KDS Foundation की ओर से राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र नयागांव में जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री, खाद्य सामग्री एवं आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया। KDS Foundation के अध्यक्ष एवं चिकित्सक डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बाढ़ के दौरान Foundation की ओर से अपनी सीमित क्षमता के अनुसार बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री एवं दवाइयां पहुंचाई जाती हैं। इस वर्ष भी राहत कार्य की शुरुआत नयागांव से की गई है। शनिवार को बलहपुर एवं महेंद्रपुर सहित अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी राहत सामग्री का वितरण किया जाएगा। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि गंगा के किनारे बसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ हर वर्ष एक बड़ी त्रासदी लेकर आती है। हजारों परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है और भोजन, पीने के पानी तथा दवाइयों जैसी बुनियादी आवश्यकताओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि KDS Foundation एक छोटी संस्था है और हमारे संसाधन भी सीमित हैं। इसके बावजूद प्रत्येक वर्ष अपनी क्षमता के अनुसार बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर सहायता करने का प्रयास किया जाता है। लेकिन इतनी बड़ी आपदा के सामने व्यक्तिगत एवं सीमित संसाधनों से किया गया प्रयास पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सहायता “ऊंट के मुंह में जीरा” के समान है। डॉ. सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी प्रभावित लोगों की समस्याएं समाप्त नहीं होतीं। बाढ़ के बाद डायरिया, त्वचा संबंधी बीमारियां, संक्रमण एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याएं काफी आम हो जाती हैं। इसलिए Foundation की ओर से राहत सामग्री वितरण के साथ-साथ पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सकीय सहायता एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का भी प्रयास किया जाएगा। रेड क्रॉस से आगे आने की अपील डॉ. पंकज कुमार सिंह ने इस आपदा की घड़ी में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, बेगूसराय से भी आगे आकर व्यापक स्तर पर राहत कार्य शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस जैसी बड़ी मानवीय संस्था के पास अपेक्षाकृत अधिक संसाधन, स्वयंसेवक एवं राहत कार्य संचालित करने की क्षमता है। ऐसे समय में संस्था को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत दल भेजकर जरूरतमंद परिवारों तक भोजन, दवाइयां, पीने का पानी एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री पहुंचानी चाहिए। उन्होंने कहा, “हम जैसे छोटे लोग अपने सीमित संसाधनों में जो कुछ कर सकते हैं, हर वर्ष करते हैं। लेकिन इतनी बड़ी आपदा के सामने हमारी कोशिश ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। इसलिए बड़ी संस्थाओं को अब आगे आना चाहिए। यह राजनीति या श्रेय लेने का समय नहीं, बल्कि मानवता के साथ खड़े होने का समय है।” डॉ. सिंह ने रेड क्रॉस के पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे बिना किसी विलंब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर व्यापक राहत अभियान शुरू करें, ताकि इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे लोगों को समय पर आवश्यक सहायता मिल सके। KDS Foundation ने भी स्पष्ट किया कि राहत कार्य परिस्थितियों के अनुसार आगे भी जारी रहेगा और बाढ़ प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।4
- डीएम के आदेश पर भी बिजली कार्यालय नहीं हटा, बाढ़ में 3 फीट पानी के बीच उपभोक्ताओं की आफत! शेखपुरा. घाटकुसुम्भा प्रखंड में बाढ़ के बीच बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्राम कोयला में संचालित विद्युत आपूर्ति प्रशाखा कार्यालय तक पहुंचने वाले रास्ते पर करीब तीन फीट पानी बह रहा है। तेज धार के कारण उपभोक्ताओं के लिए कार्यालय पहुंचना जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत प्रशाखा कार्यालय को प्रखंड मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर कोयला में संचालित किया जा रहा है, जहां सार्वजनिक वाहन की सुविधा भी नहीं है। इससे उपभोक्ताओं को शिकायत और अन्य बिजली संबंधी कार्यों के लिए पैदल जाना पड़ता है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि कार्यालय 33/11 केवी विद्युत शक्ति उपकेंद्र परिसर में संचालित हो रहा है। उपभोक्ताओं के परिसर में आने से विद्युत पैनल से छेड़छाड़ की आशंका बनी रहती है, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बताया जा रहा है। बताया गया कि 7 सितंबर को बाढ़ निरीक्षण के दौरान डीएम शेखर आनंद ने विद्युत कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार को प्रशाखा कार्यालय प्रखंड मुख्यालय में स्थानांतरित करने का मौखिक निर्देश दिया था। बीडीओ ने भी कार्यालय के लिए कमरा उपलब्ध होने की बात कही थी। इसके बावजूद कार्यालय स्थानांतरित नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।1