मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र में रेलवे गेट के पास एक महिला और एक युवक के बीच मोबाइल को लेकर हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी के साथ-साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो के अनुसार, यह घटना तब शुरू हुई जब एक युवक अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा था और तभी एक महिला वहाँ पहुँची और कथित तौर पर उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। वीडियो में युवक को बार-बार महिला से अपना मोबाइल वापस माँगते हुए देखा जा सकता है। जब मोबाइल वापस नहीं मिला, तो युवक ने उसे लेने का प्रयास किया, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया और दोनों के बीच धक्का-मुक्की तथा हाथापाई की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने विवाद को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन एक महिला के शामिल होने के कारण कई लोग सीधे हस्तक्षेप करने से बचते दिखे। इस घटना के दौरान मौके पर देखते ही देखते काफी भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह पूरा घटनाक्रम किसी मौजूद व्यक्ति ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, और वही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। फिलहाल, इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, और विवाद की असल वजह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक किसी भी पक्ष द्वारा सरई थाने में कोई शिकायत दर्ज कराए जाने की पुष्टि नहीं की गई है।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र में रेलवे गेट के पास एक महिला और एक युवक के बीच मोबाइल को लेकर हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी के साथ-साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो के अनुसार, यह घटना तब शुरू हुई जब एक युवक अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा था और तभी एक महिला वहाँ पहुँची और कथित तौर पर उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। वीडियो में युवक को बार-बार महिला से अपना मोबाइल वापस माँगते हुए देखा जा सकता है। जब मोबाइल वापस नहीं मिला, तो युवक ने उसे लेने का प्रयास किया, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया और दोनों के बीच धक्का-मुक्की तथा हाथापाई की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने विवाद को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन एक महिला के शामिल होने के कारण कई लोग सीधे हस्तक्षेप करने से बचते दिखे। इस घटना के दौरान मौके पर देखते ही देखते काफी भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह पूरा घटनाक्रम किसी मौजूद व्यक्ति ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, और वही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। फिलहाल, इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, और विवाद की असल वजह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक किसी भी पक्ष द्वारा सरई थाने में कोई शिकायत दर्ज कराए जाने की पुष्टि नहीं की गई है।
- मध्य प्रदेश के सीधी जिले के बहरी ब्लॉक के अमरपुर गांव में नवरात्र के पावन अवसर पर मां शीतला की जवाबी बुवाई की गई है। इस दौरान मां कुलदेवी शीतला की जय-जयकार की जा रही है, जिससे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।1
- सोनभद्र के बभनी थाना क्षेत्र के डगडउआ टोला में आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक पिता की मौत हो गई, जबकि उनकी 17 वर्षीय पुत्री गंभीर रूप से झुलस गई। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसी बेटी को तत्काल जिला अस्पताल लोढ़ी रेफर किया गया है। इस दुःखद घटना से परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या उन्हें 'फर्जी अवार्ड' मिल रहे हैं। पोस्ट में कटाक्षपूर्ण लहजे में कहा गया है कि अंधभक्तों को दिखाना पड़ेगा कि मोदी जी क्या कर सकते हैं, जो इन अवार्डों की विश्वसनीयता पर संदेह व्यक्त करता है।1
- सोनभद्र के मांची थाना क्षेत्र में हुई वर्षा के दौरान पहाड़ से पड़वा नाला में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह आ जाने के कारण तीन व्यक्ति बह गए। इस घटना में एक व्यक्ति को सकुशल बचा लिया गया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं, एक बालक की तलाश अभी भी जारी है। उक्त घटना के संबंध में सोनभद्र के क्षेत्राधिकारी सदर श्री राज सोनकर ने जानकारी दी है।1
- सोनभद्र जिले के रेणुकूट नगर के मुख्य बाजार में हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए बाइक सवार संजय कुमार ने वाराणसी ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। इस दुखद घटना का कथित लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जबकि हादसे में घायल हुए दूसरे युवक का इलाज अभी भी जारी है। संजय कुमार की मौत की खबर मिलने के बाद उनके परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है, और स्थानीय पुलिस ने इस मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- सोनभद्र के विंढमगंज–कोन मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरपास (गेट संख्या-49) में सोमवार, 29 जून 2026 की शाम लगभग 4:30 बजे हुई बारिश का पानी मंगलवार दोपहर तक भी जस का तस बना रहा। लगभग 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी जल निकासी के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। यह अंडरपास क्षेत्र के हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही का एक प्रमुख मार्ग है, और जलभराव के कारण ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, व्यापारी और मरीजों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है, जबकि चारपहिया वाहन भी जोखिम उठाकर वहां से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बनती है, तो अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, और यह भी कि जब समस्या की सूचना अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, तब भी राहत कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने, अंडरपास का तकनीकी निरीक्षण कराने और भविष्य के लिए एक स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर बना यह अंडरपास यदि हर बारिश में तालाब बन जाएगा, तो इसका मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। अब जनता की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर इस गंभीर समस्या का समाधान कब होगा।1
- सोनभद्र जनपद के घोरावल तहसील स्थित ग्राम पंचायत भैसवार में किसानों का धरना प्रदर्शन आज 407वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस धरने का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा और संजय कुमार यादव कर रहे हैं। किसानों की पाँच सूत्रीय माँगें हैं। भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने बताया कि उनकी मुख्य मांग चकबंदी विभाग द्वारा लिखे गए निर्देशों पर अमल करवाना है। उनका कहना है कि यदि चकबंदी विभाग द्वारा दर्ज की गई बातों पर सही तरीके से कार्रवाई की जाती है, तो किसानों की सभी समस्याएँ हल हो जाएंगी।3