बच्चों को गुड टच’ और ’बैड टच’ के बीच का फ़र्क समझाया ,विद्यालयों में लगायें विधिक जागरुकता शिविर धौलपुर । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को स्कूली छात्रों के लिए ट्रासफोर्मटिव ट्यूज डे अभियान के अंतर्गत विषय “शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाएँ, अपने शरीर और मन की रक्षा करें; ’गुड टच’ और ’बैड टच’ के बीच का फ़र्क समझें और सुरक्षित रहें” के संबंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें न्यायिक अधिकारीगणों ने विद्यालय में बच्चों को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act] 2012, 2012) के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। इसके अंतर्गत यौन उत्पीड़न, यौन हमला, गंभीर यौन हमला, अश्लील प्रदर्शन, ऑनलाइन शोषण तथा बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री जैसे अपराध दंडनीय हैं। इसमें धारा 7 एवं 8 के अंतर्गत यदि किसी बच्चे के गुप्तांगों को यौन उद्देश्य से छुआ जाता है या उसके साथ अनुचित शारीरिक स्पर्श किया जाता है, तो यह दंडनीय अपराध है साथ ही धारा 9 एवं 10 के अंतर्गत यदि अपराध परिवार के सदस्य, शिक्षक, अभिभावक, संरक्षक अथवा विश्वास की स्थिति में रहने वाले व्यक्ति द्वारा किया जाता है, तो इसे अधिक गंभीर अपराध माना जाता है साथ ही धारा 11 एवं 12 के अनुसार गंदी बातें करना, अश्लील इशारे करना, अश्लील फोटो या वीडियो मांगना, मोबाइल अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से यौन उत्पीड़न करना भी अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह कानून उन बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करता है जिन्हें देखभाल, संरक्षण, शिक्षा, उपचार या पुनर्वास की आवश्यकता है। इसके अंतर्गत अनाथ, परित्यक्त, बेघर, शोषित, बाल श्रमिक, बाल विवाह से प्रभावित तथा जोखिमग्रस्त बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जाता है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता, 2023 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी देते हुए बताया कि यह नई आपराधिक संहिता बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाने पर बल देती है। बच्चों के विरुद्ध अपराध, शारीरिक हिंसा, धमकी, पीछा करना, अश्लील कृत्य, मानव तस्करी तथा डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले अपराधों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान किया गया है साथ ही बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बीच का अंतर समझाया एवं बच्चों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराए, अनुचित तरीके से छुए, डराए-धमकाए या गलत बात छिपाने के लिए कहे, तो वे तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक, अभिभावक, परामर्शदाता, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन नं. 100/112, महिला हेल्पलाइन नं. 181, नालसा टोल फ्री नं. 15100 पर संपर्क करें साथ ही स्कूली बच्चों को कोर्ट वाली दीदी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर आप कोर्ट वाली दीदी पेटिका में अपनी एप्लीकेशन भेज सकते हो जिसका निस्तारण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, धौलपुर द्वारा किया जाएगा।
बच्चों को गुड टच’ और ’बैड टच’ के बीच का फ़र्क समझाया ,विद्यालयों में लगायें विधिक जागरुकता शिविर धौलपुर । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को स्कूली छात्रों के लिए ट्रासफोर्मटिव ट्यूज डे अभियान के अंतर्गत विषय “शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाएँ, अपने शरीर और मन की रक्षा करें; ’गुड टच’ और ’बैड टच’ के बीच का फ़र्क समझें और सुरक्षित रहें” के संबंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें न्यायिक अधिकारीगणों ने विद्यालय में बच्चों को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act] 2012, 2012) के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। इसके अंतर्गत यौन उत्पीड़न, यौन हमला, गंभीर यौन हमला, अश्लील प्रदर्शन, ऑनलाइन शोषण तथा बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री जैसे अपराध दंडनीय हैं। इसमें धारा 7 एवं 8 के अंतर्गत यदि किसी बच्चे के गुप्तांगों को यौन उद्देश्य
से छुआ जाता है या उसके साथ अनुचित शारीरिक स्पर्श किया जाता है, तो यह दंडनीय अपराध है साथ ही धारा 9 एवं 10 के अंतर्गत यदि अपराध परिवार के सदस्य, शिक्षक, अभिभावक, संरक्षक अथवा विश्वास की स्थिति में रहने वाले व्यक्ति द्वारा किया जाता है, तो इसे अधिक गंभीर अपराध माना जाता है साथ ही धारा 11 एवं 12 के अनुसार गंदी बातें करना, अश्लील इशारे करना, अश्लील फोटो या वीडियो मांगना, मोबाइल अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से यौन उत्पीड़न करना भी अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह कानून उन बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करता है जिन्हें देखभाल, संरक्षण, शिक्षा, उपचार या पुनर्वास की आवश्यकता है। इसके अंतर्गत अनाथ, परित्यक्त, बेघर, शोषित, बाल श्रमिक, बाल विवाह से प्रभावित तथा जोखिमग्रस्त बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जाता है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता, 2023 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी
देते हुए बताया कि यह नई आपराधिक संहिता बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाने पर बल देती है। बच्चों के विरुद्ध अपराध, शारीरिक हिंसा, धमकी, पीछा करना, अश्लील कृत्य, मानव तस्करी तथा डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले अपराधों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान किया गया है साथ ही बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बीच का अंतर समझाया एवं बच्चों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराए, अनुचित तरीके से छुए, डराए-धमकाए या गलत बात छिपाने के लिए कहे, तो वे तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक, अभिभावक, परामर्शदाता, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन नं. 100/112, महिला हेल्पलाइन नं. 181, नालसा टोल फ्री नं. 15100 पर संपर्क करें साथ ही स्कूली बच्चों को कोर्ट वाली दीदी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर आप कोर्ट वाली दीदी पेटिका में अपनी एप्लीकेशन भेज सकते हो जिसका निस्तारण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, धौलपुर द्वारा किया जाएगा।
- अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब, वीर शहीद दयाराम गुर्जर पंचतत्व में विलीन भरतपुर। भारतीय सेना की 16 राजपूत रेजिमेंट में सेवाएं दे रहे भरतपुर जिले के दर्र (वरहेना) निवासी वीर शहीद दयाराम गुर्जर मंगलवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। अंतिम विदाई के दौरान हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर रही और भारत माता के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। शहीद का पार्थिव शरीर सुबह एंबुलेंस से बयाना पहुंचा, जहां भारतीय सेना की 16 राजपूत रेजिमेंट की सम्मान गार्ड पहले से ही मौजूद थी। सेना के अधिकारियों एवं जवानों ने सैन्य परंपराओं के अनुसार पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक सेना के वाहन में स्थानांतरित किया। इसके बाद बयाना थाना पुलिस की अगुवाई में अंतिम यात्रा शुरू हुई। अंतिम यात्रा के दौरान मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। स्कूली छात्र-छात्राएं सड़क के दोनों ओर खड़े होकर "भारत माता की जय" और "इंकलाब जिंदाबाद" के नारों के साथ वीर सपूत को अंतिम सलामी देते नजर आए। जैसे ही पार्थिव शरीर शहीद के पैतृक निवास पहुंचा, पूरा माहौल गमगीन हो गया और परिजनों की चीख-पुकार से हर आंख नम हो उठी। अंतिम संस्कार के दौरान भावुक कर देने वाला दृश्य तब देखने को मिला, जब शहीद की पत्नी बबलेश गुर्जर ने अपने वीर पति की अर्थी को कंधा दिया और श्मशान घाट तक साथ चलीं। वहीं शहीद के 12 वर्षीय पुत्र ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान वह बार-बार अपने पिता को याद कर भावुक हो उठा, जिससे उपस्थित लोगों की आंखें भी नम हो गईं। जानकारी के अनुसार, शहीद दयाराम गुर्जर अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार में तहसीलदार बयाना, विधायक ऋतु बनावत, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सूपा, भूरा सरपंच सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सेना के अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं क्षेत्र के हजारों नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने वीर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।2
- बच्चों को गुड टच’ और ’बैड टच’ के बीच का फ़र्क समझाया ,विद्यालयों में लगायें विधिक जागरुकता शिविर धौलपुर । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को स्कूली छात्रों के लिए ट्रासफोर्मटिव ट्यूज डे अभियान के अंतर्गत विषय “शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाएँ, अपने शरीर और मन की रक्षा करें; ’गुड टच’ और ’बैड टच’ के बीच का फ़र्क समझें और सुरक्षित रहें” के संबंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें न्यायिक अधिकारीगणों ने विद्यालय में बच्चों को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act] 2012, 2012) के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। इसके अंतर्गत यौन उत्पीड़न, यौन हमला, गंभीर यौन हमला, अश्लील प्रदर्शन, ऑनलाइन शोषण तथा बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री जैसे अपराध दंडनीय हैं। इसमें धारा 7 एवं 8 के अंतर्गत यदि किसी बच्चे के गुप्तांगों को यौन उद्देश्य से छुआ जाता है या उसके साथ अनुचित शारीरिक स्पर्श किया जाता है, तो यह दंडनीय अपराध है साथ ही धारा 9 एवं 10 के अंतर्गत यदि अपराध परिवार के सदस्य, शिक्षक, अभिभावक, संरक्षक अथवा विश्वास की स्थिति में रहने वाले व्यक्ति द्वारा किया जाता है, तो इसे अधिक गंभीर अपराध माना जाता है साथ ही धारा 11 एवं 12 के अनुसार गंदी बातें करना, अश्लील इशारे करना, अश्लील फोटो या वीडियो मांगना, मोबाइल अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से यौन उत्पीड़न करना भी अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह कानून उन बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करता है जिन्हें देखभाल, संरक्षण, शिक्षा, उपचार या पुनर्वास की आवश्यकता है। इसके अंतर्गत अनाथ, परित्यक्त, बेघर, शोषित, बाल श्रमिक, बाल विवाह से प्रभावित तथा जोखिमग्रस्त बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जाता है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता, 2023 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी देते हुए बताया कि यह नई आपराधिक संहिता बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाने पर बल देती है। बच्चों के विरुद्ध अपराध, शारीरिक हिंसा, धमकी, पीछा करना, अश्लील कृत्य, मानव तस्करी तथा डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले अपराधों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान किया गया है साथ ही बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बीच का अंतर समझाया एवं बच्चों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराए, अनुचित तरीके से छुए, डराए-धमकाए या गलत बात छिपाने के लिए कहे, तो वे तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक, अभिभावक, परामर्शदाता, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन नं. 100/112, महिला हेल्पलाइन नं. 181, नालसा टोल फ्री नं. 15100 पर संपर्क करें साथ ही स्कूली बच्चों को कोर्ट वाली दीदी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर आप कोर्ट वाली दीदी पेटिका में अपनी एप्लीकेशन भेज सकते हो जिसका निस्तारण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, धौलपुर द्वारा किया जाएगा।3
- धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बाड़ी कोतवाली और सदर बाड़ी थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निस्तारण और चुनावी तैयारियों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। धौलपुर एसपी विकास सांगवान ने बाड़ी कोतवाली और सदर बाड़ी थाने का निरीक्षण कर रिकॉर्ड, मालखाना और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और आगामी पंचायत व निकाय चुनावों के मद्देनज़र संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। एसपी ने अवैध हथियार, मादक पदार्थ, शराब, जुआ और सट्टे के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने तथा महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान एएसपी श्रवण कुमार झोरड़, सीओ महेंद्र कुमार, थानाधिकारी मौहर सिंह मीणा और महेंद्र समाधियां सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बाड़ी कोतवाली और सदर बाड़ी थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निस्तारण और चुनावी तैयारियों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। धौलपुर एसपी विकास सांगवान ने बाड़ी कोतवाली और सदर बाड़ी थाने का निरीक्षण कर रिकॉर्ड, मालखाना और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और आगामी पंचायत व निकाय चुनावों के मद्देनज़र संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। एसपी ने अवैध हथियार, मादक पदार्थ, शराब, जुआ और सट्टे के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने तथा महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान एएसपी श्रवण कुमार झोरड़, सीओ महेंद्र कुमार, थानाधिकारी मौहर सिंह मीणा और महेंद्र समाधियां सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।4
- Episode- 0B-10 आज सोमवार का प्रथम सोमवार है... इसलिए भक्त कश्यप ने भोले बाबा माँ पार्वती के साथ अपनी विडियो रील आपके समक्ष पेश करदीं...4
- मुरैना में पटवारी 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, राजस्व कार्य प्रभावित होने के आसार मुरैना में पटवारी 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, राजस्व कार्य प्रभावित होने के आसार मुरैना। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर मुरैना जिले के पटवारियों ने 3 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर पटवारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि कई बार प्रदेश स्तर पर समस्याओं को शासन के समक्ष उठाया गया, लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं किया गया। पटवारी संघ का कहना है कि पदोन्नति, वेतन विसंगति, कार्यभार सहित अन्य लंबित मांगों का लंबे समय से निराकरण नहीं होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। संघ के अनुसार, मांगों के समाधान तक जिले के सभी पटवारी शासकीय कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। पटवारियों की हड़ताल का सीधा असर राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों पर पड़ सकता है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फसल गिरदावरी, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों के लिए आवश्यक राजस्व प्रतिवेदन सहित कई प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की संभावना है। इससे आम नागरिकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें शासन और पटवारी संघ के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं।1
- एसपी विकास सांगवान का बाड़ी दौरा, दो थानों का किया निरीक्षण बाड़ी दौरे पर पहुंचे एसपी विकास सांगवान ने कोतवाली और सदर थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थानों के विभिन्न कक्षों का जायजा लिया और अपराध नियंत्रण को लेकर एसएचओ से चर्चा की। एसपी ने डीजीपी द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा करते हुए आगामी चुनावों को लेकर सभी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एएसपी श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार भी मौजूद रहे1
- धौलपुर की बेटियों ने फाइनल मुकाबले में उदयपुर को हराकर जीता राज्यस्तरीय खिताब धौलपुर । राजस्थान फुटबॉल संघ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय बालिका जूनियर फुटबाल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला तसीमों के फुटबॉल ग्राउंड पर धौलपुर और उदयपुर के मध्य खेला गया।इस दौरान खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए डॉ. रेनू निखिल अग्रवाल ने कहा कि धौलपुर की बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है और उन्होंने हर क्षेत्र में बेटों से बेहतर साबित किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हमारे धौलपुर की बेटियां राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धौलपुर का नाम गौरांवित करेंगी। उन्होंने फुटबॉल के उत्थान के लिए खालसा क्लब और धौलपुर फुटबॉल एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया। एवीएम कॉन्वेंट विद्यालय की निदेशक प्रिया त्यागी ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ प्रत्येक विद्यार्थी के लिए खेलकूद अति आवश्यक है प्रतियोगिता के दौरान दोनों ही टीमों ने अपना बेहतर प्रदर्शन किया और रोमांचित कर देने वाला यह मैच धौलपुर टीम ने जीता लेकिन दोनों ही टीम में बधाई की पात्र हैं। पंचायत समिति सैंपऊ तहसीलदार प्रवीण कुमार गुप्ता ने कहा कि हमारे लिए यह गौरवशाली क्षण है हमारे तसीमों की बेटियों ने प्रदेश स्तर पर हमारी तहसील का नाम गौरांवित किया है ।आज खेले गए मुकाबले में धौलपुर ने पेनल्टी शूट के बाद मिले सडन डेथ में 1-0 से उदयपुर को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। जिला फुटबाल संघ के अध्यक्ष गुरमीत मान ने बताया कि बीकानेर को हराकर अजमेर ने प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में दोनों ही धौलपुर व उदयपुर टीमें निर्धारित समय में कोई गोल नहीं कर पाई। इसके बाद रैफरी द्वारा 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। उस समय में भी दोनों टीम कोई गोल नहीं कर पाई । इसके बाद पेलेन्टी शूट में टीमों का स्कोर 2-2 रहा।और मैच सडन डेथ में चला गया। जहां धौलपुर की बेटियों ने 1-0 से खिताब अपने नाम किया। इस अवसर पर राजस्थान फुटबाल संघ के पर्यवेक्षक रफीक सिंधी, जिंक एकेडमी के सिलेक्टर्स तरुण राय, चंद्रकला राय, कोच असलम खान, रेफरी गोपाल भूपेंद्र परमार गीतम परमार पुनीत संगीता पाराशर धर्मवीर सिंह मेडिकल टीम प्रभारी गौरव सिंह व राहुल त्यागी उपस्थित थे। संचालन रंजीत दिवाकर एडवोकेट द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला फुटबाल संघ की ओर से सभी आगंतुक अतिथियों का राजस्थानी गमछा माला व स्मृति चिन्ह से सम्मान किया गया ।4
- सिविल लाइन पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 लाख रुपये कीमत का पत्थर से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त अवैध पत्थर परिवहन करते एक आरोपी गिरफ्तार, वाहन चेकिंग के दौरान पांच बिना नंबर ट्रैक्टर भी पकड़े मुरैना। पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देशन में जिले में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से पत्थर का परिवहन कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पत्थर से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार 4 अगस्त को वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध रूप से पत्थर का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोका और चालक से दस्तावेज मांगे। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 350/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(5), खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2006 की धारा 4/21 तथा मोटरयान अधिनियम, 1952 के प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान 5 बिना नंबर के ट्रैक्टरों को भी सुरक्षा की दृष्टि से जब्त कर थाने में खड़ा कराया गया है। इन वाहनों के संबंध में भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिविल लाइन पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 लाख रुपये कीमत का पत्थर से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त अवैध पत्थर परिवहन करते एक आरोपी गिरफ्तार, वाहन चेकिंग के दौरान पांच बिना नंबर ट्रैक्टर भी पकड़े मुरैना मुरैना पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देशन में जिले में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से पत्थर का परिवहन कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पत्थर से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार 4 अगस्त को वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध रूप से पत्थर का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोका और चालक से दस्तावेज मांगे। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 350/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(5), खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2006 की धारा 4/21 तथा मोटरयान अधिनियम, 1952 के प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान 5 बिना नंबर के ट्रैक्टरों को भी सुरक्षा की दृष्टि से जब्त कर थाने में खड़ा कराया गया है। इन वाहनों के संबंध में भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1