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पन्ना जिले की पवई तहसील के ग्राम हथकुरी में एक पीपल के पेड़ के नीचे हनुमान जी की प्रतिमा निकली है। यह घटना तब सामने आई जब हनुमान जी एक बालक अजीत गर्ग के सपने में आए थे। इस सपने के बाद, ग्रामीणों ने सुबह मिलकर पीपल के पेड़ के नीचे से प्रतिमा को निकाला।

10 hrs ago
user_Sitaram rai
Sitaram rai
Video Creator सिमरिया, पन्ना, मध्य प्रदेश•
10 hrs ago

पन्ना जिले की पवई तहसील के ग्राम हथकुरी में एक पीपल के पेड़ के नीचे हनुमान जी की प्रतिमा निकली है। यह घटना तब सामने आई जब हनुमान जी एक बालक अजीत गर्ग के सपने में आए थे। इस सपने के बाद, ग्रामीणों ने सुबह मिलकर पीपल के पेड़ के नीचे से प्रतिमा को निकाला।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए इन आरोपों को भ्रम पैदा करने वाला एक षडयंत्र करार दिया है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस षडयंत्र को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताया जो प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह से गलत और असत्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि आरोपों में उल्लिखित सिद्धि विनायक कंपनी, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया। ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई थी, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की है। उन्होंने आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उन्हें भी पूरी तरह गलत बताया, क्योंकि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है और उन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। खंडेलवाल ने यह भी सूचित किया कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोपों में दिए गए तथ्य भी गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्रियों को लगातार निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब-जब प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला है, चाहे वह उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों, या डॉ. मोहन यादव हों, कांग्रेस ने हमेशा उनके खिलाफ षडयंत्र करके उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि कांग्रेसी मुख्यमंत्री को उनके विकास कार्यों में पीछे नहीं कर सके, इसलिए इस तरह का षडयंत्र रच रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
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    भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए इन आरोपों को भ्रम पैदा करने वाला एक षडयंत्र करार दिया है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस षडयंत्र को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताया जो प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह से गलत और असत्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि आरोपों में उल्लिखित सिद्धि विनायक कंपनी, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था।

खंडेलवाल ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया। ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई थी, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की है। उन्होंने आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उन्हें भी पूरी तरह गलत बताया, क्योंकि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है और उन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। खंडेलवाल ने यह भी सूचित किया कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोपों में दिए गए तथ्य भी गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा कार्रवाई करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्रियों को लगातार निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब-जब प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला है, चाहे वह उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों, या डॉ. मोहन यादव हों, कांग्रेस ने हमेशा उनके खिलाफ षडयंत्र करके उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि कांग्रेसी मुख्यमंत्री को उनके विकास कार्यों में पीछे नहीं कर सके, इसलिए इस तरह का षडयंत्र रच रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
    user_BALKISHUN VISHWAKARMA
    BALKISHUN VISHWAKARMA
    Lawyer राजनगर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में 14 गौ रक्षकों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है। इस घटनाक्रम ने गौ रक्षा से जुड़े समर्थकों के बीच तीखा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब गौ तस्करी को रोकने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला #GauMata और #GauRaksha के प्रति गहरी चिंता को दर्शाता है, जहाँ गौ रक्षकों को मिली इस सज़ा पर हैरानी व्यक्त की जा रही है और पूछा जा रहा है कि गौ तस्करी रोकने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों हो रही है।
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    मध्य प्रदेश में 14 गौ रक्षकों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है। इस घटनाक्रम ने गौ रक्षा से जुड़े समर्थकों के बीच तीखा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब गौ तस्करी को रोकने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला #GauMata और #GauRaksha के प्रति गहरी चिंता को दर्शाता है, जहाँ गौ रक्षकों को मिली इस सज़ा पर हैरानी व्यक्त की जा रही है और पूछा जा रहा है कि गौ तस्करी रोकने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों हो रही है।
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सतना जिले के कन्या महाविद्यालय में छात्राओं ने अपनी छात्रवृत्ति का भुगतान न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि पिछले छह महीने से उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली है, जिसके कारण वे काफी परेशान हैं। छात्राओं के अनुसार, उनकी इस समस्या का मुख्य कारण कॉलेज प्रशासन द्वारा पोर्टल पर डेटा अपडेट न किया जाना है। वे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं, लेकिन कॉलेज की इस लापरवाही के चलते उनकी छात्रवृत्ति की प्रक्रिया पूरी तरह से ठप पड़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर छात्राओं ने आज कन्या महाविद्यालय के सामने ही एसडीएम के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की मांग की, ताकि उनकी रुकी हुई छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित हो सके। छात्राएं अपनी भविष्य की शिक्षा को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाता है।
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    सतना जिले के कन्या महाविद्यालय में छात्राओं ने अपनी छात्रवृत्ति का भुगतान न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि पिछले छह महीने से उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली है, जिसके कारण वे काफी परेशान हैं।

छात्राओं के अनुसार, उनकी इस समस्या का मुख्य कारण कॉलेज प्रशासन द्वारा पोर्टल पर डेटा अपडेट न किया जाना है। वे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं, लेकिन कॉलेज की इस लापरवाही के चलते उनकी छात्रवृत्ति की प्रक्रिया पूरी तरह से ठप पड़ गई है।

इसी मुद्दे को लेकर छात्राओं ने आज कन्या महाविद्यालय के सामने ही एसडीएम के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की मांग की, ताकि उनकी रुकी हुई छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित हो सके।

छात्राएं अपनी भविष्य की शिक्षा को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाता है।
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बेंगलुरु कोर्ट में एक मामला पिछले 16 साल से लंबित है, जिसमें 'जेसीबी रमेश' नामक व्यक्ति पर ₹5,17,661 के गबन का आरोप है। जानकारी के अनुसार, पुलिस प्रशासन इस मामले की सीसी कॉपी तत्काल जारी नहीं कर रहा है। आरोप है कि यह 'जेसीबी रमेश', कांग्रेस विधायक कृष्णप्पा का दोस्त है और उसका आचरण 'ऑडियो रब्बा' से मिलता-जुलता है। आरोपी 'जेसीबी रमेश' कथित तौर पर कानून का कोई डर नहीं दिखाता और दावा करता है कि सोनिया गांधी और 'रेडियो रब्बा' भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, कोर्ट ने इस मामले को एक तरफ करके बंद कर दिया है, जिससे पीड़ितों में भारी आक्रोश है। इस अन्यायपूर्ण निर्णय और लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण, मामले से जुड़े लोग अब इस केस को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में ले जाने पर मजबूर हैं। लोगों ने बेंगलुरु कोर्ट के खिलाफ अपनी गहरी निराशा और गुस्सा व्यक्त करते हुए 'बेंगलुरु कोर्ट मुर्दाबाद' के नारे लगाए हैं।
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    बेंगलुरु कोर्ट में एक मामला पिछले 16 साल से लंबित है, जिसमें 'जेसीबी रमेश' नामक व्यक्ति पर ₹5,17,661 के गबन का आरोप है। जानकारी के अनुसार, पुलिस प्रशासन इस मामले की सीसी कॉपी तत्काल जारी नहीं कर रहा है। आरोप है कि यह 'जेसीबी रमेश', कांग्रेस विधायक कृष्णप्पा का दोस्त है और उसका आचरण 'ऑडियो रब्बा' से मिलता-जुलता है।

आरोपी 'जेसीबी रमेश' कथित तौर पर कानून का कोई डर नहीं दिखाता और दावा करता है कि सोनिया गांधी और 'रेडियो रब्बा' भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, कोर्ट ने इस मामले को एक तरफ करके बंद कर दिया है, जिससे पीड़ितों में भारी आक्रोश है।

इस अन्यायपूर्ण निर्णय और लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण, मामले से जुड़े लोग अब इस केस को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में ले जाने पर मजबूर हैं। लोगों ने बेंगलुरु कोर्ट के खिलाफ अपनी गहरी निराशा और गुस्सा व्यक्त करते हुए 'बेंगलुरु कोर्ट मुर्दाबाद' के नारे लगाए हैं।
    user_PRESS DELHI CRIME
    PRESS DELHI CRIME
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के जनपद बाँदा में प्रशासन ने उन कोचिंग माफियाओं पर कड़ा शिकंजा कसा है जो बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे। अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे)/सचिव बीडीए, जिला विद्यालय निरीक्षक और मुख्य अग्निशमन अधिकारी की एक संयुक्त टीम ने कई कोचिंग संस्थानों पर छापा मारा। इस दौरान निरीक्षण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं। छापेमारी के दौरान मैथमैटिक्स बाई अंकित गुप्ता, फिजिक्स बाई इ० आदित्य, मैथमैटिक्स बाई आदित्य, इंग्लिश बाई जी०डी० और बायलॉजी बाई अनिल द्विवेदी नामक पाँच कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के चलते पाए गए। इन सेंटरों में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था, अलग से कोई निकास द्वार नहीं था, और आग बुझाने का एक भी उपकरण मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं, इन संस्थानों ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी नहीं लिया था। इन सभी पाँचों अवैध कोचिंग सेंटरों को मौके पर ही तुरंत बंद करा दिया गया। कार्रवाई के तहत, एक कोचिंग सेंटर पर ताला जड़कर उसे सील भी कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, जाँच टीम ने बिजली खेड़ा स्थित एक लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया, जहाँ मिली कमियों को तुरंत ठीक करने या लाइब्रेरी को बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए। लाइब्रेरी के संचालक ने जल्द ही इन कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया है।
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    उत्तर प्रदेश के जनपद बाँदा में प्रशासन ने उन कोचिंग माफियाओं पर कड़ा शिकंजा कसा है जो बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे। अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे)/सचिव बीडीए, जिला विद्यालय निरीक्षक और मुख्य अग्निशमन अधिकारी की एक संयुक्त टीम ने कई कोचिंग संस्थानों पर छापा मारा। इस दौरान निरीक्षण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं।

छापेमारी के दौरान मैथमैटिक्स बाई अंकित गुप्ता, फिजिक्स बाई इ० आदित्य, मैथमैटिक्स बाई आदित्य, इंग्लिश बाई जी०डी० और बायलॉजी बाई अनिल द्विवेदी नामक पाँच कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के चलते पाए गए। इन सेंटरों में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था, अलग से कोई निकास द्वार नहीं था, और आग बुझाने का एक भी उपकरण मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं, इन संस्थानों ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी नहीं लिया था।

इन सभी पाँचों अवैध कोचिंग सेंटरों को मौके पर ही तुरंत बंद करा दिया गया। कार्रवाई के तहत, एक कोचिंग सेंटर पर ताला जड़कर उसे सील भी कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, जाँच टीम ने बिजली खेड़ा स्थित एक लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया, जहाँ मिली कमियों को तुरंत ठीक करने या लाइब्रेरी को बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए। लाइब्रेरी के संचालक ने जल्द ही इन कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया है।
    user_Rahul Verma journalist
    Rahul Verma journalist
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सतना जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और जन-जागरूकता के उद्देश्य से "सेफ क्लिक-2026" नामक एक साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों और पुलिस अधीक्षक सतना के मार्गदर्शन में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक श्वेता मौर्या द्वारा शुरू किया गया। अभियान के तहत, संदीपनी शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बगहा (सतना), पुलिस कल्याण पेट्रोल पंप और महिला थाना परिसर में साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान की जा रही है। इसमें छात्रों और नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक के खतरे, ओटीपी साझा करने की सावधानियाँ, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, निवेश धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग तथा अन्य साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। निरीक्षक श्वेता मौर्या ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके चलते प्रत्येक नागरिक के लिए डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने या ऑनलाइन रिपोर्ट करने की सलाह दी है। नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए अभियान के दौरान पोस्टर, पम्पलेट, जनसंवाद, सोशल मीडिया संदेश और जागरूकता कार्यक्रमों का उपयोग किया जा रहा है। महिला थाना सतना ने लोगों से अपील की है कि वे अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, किसी को भी ओटीपी, बैंकिंग जानकारी या पासवर्ड साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस पहल के माध्यम से नागरिकों से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का आग्रह किया गया है, जिसका मूल मंत्र है: 'सावधान रहें, सुरक्षित रहें – SAFE CLICK करें।'
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    सतना जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और जन-जागरूकता के उद्देश्य से "सेफ क्लिक-2026" नामक एक साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों और पुलिस अधीक्षक सतना के मार्गदर्शन में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक श्वेता मौर्या द्वारा शुरू किया गया।

अभियान के तहत, संदीपनी शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बगहा (सतना), पुलिस कल्याण पेट्रोल पंप और महिला थाना परिसर में साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान की जा रही है। इसमें छात्रों और नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक के खतरे, ओटीपी साझा करने की सावधानियाँ, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, निवेश धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग तथा अन्य साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

निरीक्षक श्वेता मौर्या ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके चलते प्रत्येक नागरिक के लिए डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने या ऑनलाइन रिपोर्ट करने की सलाह दी है।

नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए अभियान के दौरान पोस्टर, पम्पलेट, जनसंवाद, सोशल मीडिया संदेश और जागरूकता कार्यक्रमों का उपयोग किया जा रहा है। महिला थाना सतना ने लोगों से अपील की है कि वे अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, किसी को भी ओटीपी, बैंकिंग जानकारी या पासवर्ड साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस पहल के माध्यम से नागरिकों से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का आग्रह किया गया है, जिसका मूल मंत्र है: 'सावधान रहें, सुरक्षित रहें – SAFE CLICK करें।'
    user_अनुपम दाहिया
    अनुपम दाहिया
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • फतेहपुर के असोथर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और सीएमओ डॉ. उदय भान सिंह ने बुधवार, 24 जून को दोपहर 1:45 बजे औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. नीरज गुप्ता सहित सभी स्टाफ मौजूद था। निरीक्षण में जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर, स्टोर रूम, मरीज कक्ष और चिकित्सा प्रभारी कक्ष के बगल स्थित शौचालय मार्ग का जायजा लिया। जांच के दौरान जागरूकता अभियान के लिए वितरित किए जाने वाले बड़ी संख्या में पत्रक डंप पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि कर्मचारियों को कई बार पत्रक हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए प्रभारी से पूछा कि निर्देशों का पालन न होने की जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई। सीएमओ ने तीन दिन के भीतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने और 20 दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने प्रसव केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां हेल्थ एटीएम मशीन, लैब रूम और लेबर रूम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स कल्पना से जानकारी लेने पर सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। निरीक्षण की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में नगरवासी पीएचसी परिसर पहुंच गए और जिलाधिकारी से डॉक्टरों के समय पर न आने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार के निर्देश दिए।
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    फतेहपुर के असोथर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और सीएमओ डॉ. उदय भान सिंह ने बुधवार, 24 जून को दोपहर 1:45 बजे औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. नीरज गुप्ता सहित सभी स्टाफ मौजूद था। निरीक्षण में जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर, स्टोर रूम, मरीज कक्ष और चिकित्सा प्रभारी कक्ष के बगल स्थित शौचालय मार्ग का जायजा लिया।

जांच के दौरान जागरूकता अभियान के लिए वितरित किए जाने वाले बड़ी संख्या में पत्रक डंप पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि कर्मचारियों को कई बार पत्रक हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए प्रभारी से पूछा कि निर्देशों का पालन न होने की जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई। सीएमओ ने तीन दिन के भीतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने और 20 दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने प्रसव केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां हेल्थ एटीएम मशीन, लैब रूम और लेबर रूम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स कल्पना से जानकारी लेने पर सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। निरीक्षण की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में नगरवासी पीएचसी परिसर पहुंच गए और जिलाधिकारी से डॉक्टरों के समय पर न आने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार के निर्देश दिए।
    user_भारतसूत्र Live TV
    भारतसूत्र Live TV
    Social Media Manager अतर्रा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • रीवा में एक रेंजर पति और कांस्टेबल पत्नी के बीच जारी विवाद ने अब एक हाईवोल्टेज ड्रामा का रूप ले लिया है। इस मामले में कांस्टेबल पत्नी ने अपने रेंजर पति को एक दूसरी विवाहित महिला के साथ पकड़ा और इस पूरे घटनाक्रम को कैमरे पर रिकॉर्ड किया, जिसके बाद सड़क पर काफी बवाल हुआ। यह पूरा वाकया एक होटल से शुरू होकर हाईवे तक जा पहुंचा, जहाँ सार्वजनिक रूप से मारपीट भी हुई। मामला इतना आगे बढ़ा कि आखिरकार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पति-पत्नी के बीच इस विवाद के दौरान, पत्नी ने अपने सरकारी आवास में रखे अपने सामान को लेकर भी एक अलग से शिकायत दर्ज कराई है। इस पूरे मामले को लेकर वीडियो में जानकारी दी गई है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस घटनाक्रम का वास्तविक सच क्या है और समाज के लिए इससे क्या सीख निकलती है।
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    रीवा में एक रेंजर पति और कांस्टेबल पत्नी के बीच जारी विवाद ने अब एक हाईवोल्टेज ड्रामा का रूप ले लिया है। इस मामले में कांस्टेबल पत्नी ने अपने रेंजर पति को एक दूसरी विवाहित महिला के साथ पकड़ा और इस पूरे घटनाक्रम को कैमरे पर रिकॉर्ड किया, जिसके बाद सड़क पर काफी बवाल हुआ।

यह पूरा वाकया एक होटल से शुरू होकर हाईवे तक जा पहुंचा, जहाँ सार्वजनिक रूप से मारपीट भी हुई। मामला इतना आगे बढ़ा कि आखिरकार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पति-पत्नी के बीच इस विवाद के दौरान, पत्नी ने अपने सरकारी आवास में रखे अपने सामान को लेकर भी एक अलग से शिकायत दर्ज कराई है। इस पूरे मामले को लेकर वीडियो में जानकारी दी गई है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस घटनाक्रम का वास्तविक सच क्या है और समाज के लिए इससे क्या सीख निकलती है।
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सतना जिले के मैहर क्षेत्र में बुधवार शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई जोरदार बारिश ने देखते ही देखते जोर पकड़ लिया, जिससे पूरे शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश हुई। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को इस बारिश से काफी राहत मिली, जिसके चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। लोगों ने बारिश का आनंद लिया, जबकि बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। हालांकि, बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, क्योंकि इसे खरीफ फसलों की बुवाई के लिए लाभकारी माना जा रहा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी जिले के कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है।
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    सतना जिले के मैहर क्षेत्र में बुधवार शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई जोरदार बारिश ने देखते ही देखते जोर पकड़ लिया, जिससे पूरे शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश हुई। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को इस बारिश से काफी राहत मिली, जिसके चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। लोगों ने बारिश का आनंद लिया, जबकि बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

हालांकि, बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, क्योंकि इसे खरीफ फसलों की बुवाई के लिए लाभकारी माना जा रहा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी जिले के कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है।
    user_अनुपम दाहिया
    अनुपम दाहिया
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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