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प्रकाश प्रदूषण: आंखों से ओझल हो जाएंगे आसमान में टिमटिमाते तारे , पक्षियों समेत इंसानों का स्वास्थ्य भी होगा खराब रात के साफ आसमान में चमकते तारों को देखना अब पहले की तरह आसान नहीं रहा। दुनिया के तेजी से बढ़ते शहरों और रातों को बढ़ती रोशनी के विस्तार के कारण प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution) लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे सीधा असर रात के आकाश की दृश्यता पर पड़ रहा है। शहरों में रहने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में बहुत कम तारे दिखाई देते हैं। स्ट्रीट लाइट, इमारतों की रोशनी, विज्ञापन बोर्ड, वाहनों की लाइट और अन्य कृत्रिम प्रकाश स्रोत रात के वातावरण को लगातार चमकीला बना रहे हैं। जब यह प्रकाश वातावरण में फैलता है तो आकाश की प्राकृतिक अंधकारमय पृष्ठभूमि कम हो जाती है। परिणामस्वरूप कम चमक वाले तारे हमारी आंखों से दिखाई नहीं देते। तारों की संख्या क्यों कम दिखाई देती है? आकाश में तारों की संख्या कम नहीं हो रही है। समस्या यह है कि कृत्रिम रोशनी तारों की कमजोर चमक को ढक देती है। ग्रामीण और दूरदराज के अंधेरे क्षेत्रों में रात के आकाश में हजारों तारे और आकाशगंगा की पट्टी तक दिखाई दे सकती है, जबकि बड़े शहरों में केवल कुछ चमकीले तारे ही नजर आते हैं। खगोल वैज्ञानिकों के लिए भी यह एक गंभीर चुनौती है। दूर स्थित मंद तारों, आकाशगंगाओं और अन्य खगोलीय पिंडों का अध्ययन करने के लिए अत्यंत अंधेरे आकाश की आवश्यकता होती है। इसी कारण कई बड़ी वेधशालाएं शहरों से दूर और अपेक्षाकृत अंधेरे क्षेत्रों में स्थापित की जाती हैं। क्या एक दिन तारे पूरी तरह गायब हो जाएंगे? ऐसा कहना सही नहीं होगा कि पृथ्वी से सभी तारे पूरी तरह दिखाई देना बंद हो जाएंगे। हालांकि, यदि प्रकाश प्रदूषण इसी तरह बढ़ता रहा तो शहरी क्षेत्रों में दिखाई देने वाले तारों की संख्या लगातार घट सकती है। सबसे अधिक प्रभावित वे तारे होंगे जिनकी चमक कम है। वहीं, सूर्य के बाद रात के आकाश में सबसे चमकीले खगोलीय पिंडों में शामिल चंद्रमा तथा कुछ चमकीले ग्रह और तारे सामान्यतः दिखाई देते रहेंगे। केवल खगोल विज्ञान की समस्या नहीं प्रकाश प्रदूषण का असर केवल तारों और खगोल विज्ञान तक सीमित नहीं है। रात और दिन के प्राकृतिक प्रकाश चक्र में बदलाव से पक्षियों, कीटों और अन्य जीवों के व्यवहार पर भी प्रभाव पड़ सकता है। वैज्ञानिकों ने कृत्रिम रात्री प्रकाश और मानव जैविक घड़ी के बीच संबंधों पर भी अध्ययन किए हैं।

1 hr ago
user_NTL
NTL
Nainital, Uttarakhand•
1 hr ago

प्रकाश प्रदूषण: आंखों से ओझल हो जाएंगे आसमान में टिमटिमाते तारे , पक्षियों समेत इंसानों का स्वास्थ्य भी होगा खराब रात के साफ आसमान में चमकते तारों को देखना अब पहले की तरह आसान नहीं रहा। दुनिया के तेजी से बढ़ते शहरों और रातों को बढ़ती रोशनी के विस्तार के कारण प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution) लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे सीधा असर रात के आकाश की दृश्यता पर पड़ रहा है। शहरों में रहने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में बहुत कम तारे दिखाई देते हैं। स्ट्रीट लाइट, इमारतों की रोशनी, विज्ञापन बोर्ड, वाहनों की लाइट

और अन्य कृत्रिम प्रकाश स्रोत रात के वातावरण को लगातार चमकीला बना रहे हैं। जब यह प्रकाश वातावरण में फैलता है तो आकाश की प्राकृतिक अंधकारमय पृष्ठभूमि कम हो जाती है। परिणामस्वरूप कम चमक वाले तारे हमारी आंखों से दिखाई नहीं देते। तारों की संख्या क्यों कम दिखाई देती है? आकाश में तारों की संख्या कम नहीं हो रही है। समस्या यह है कि कृत्रिम रोशनी तारों की कमजोर चमक को ढक देती है। ग्रामीण और दूरदराज के अंधेरे क्षेत्रों में रात के आकाश में हजारों तारे और आकाशगंगा की पट्टी तक दिखाई दे सकती है, जबकि बड़े शहरों

में केवल कुछ चमकीले तारे ही नजर आते हैं। खगोल वैज्ञानिकों के लिए भी यह एक गंभीर चुनौती है। दूर स्थित मंद तारों, आकाशगंगाओं और अन्य खगोलीय पिंडों का अध्ययन करने के लिए अत्यंत अंधेरे आकाश की आवश्यकता होती है। इसी कारण कई बड़ी वेधशालाएं शहरों से दूर और अपेक्षाकृत अंधेरे क्षेत्रों में स्थापित की जाती हैं। क्या एक दिन तारे पूरी तरह गायब हो जाएंगे? ऐसा कहना सही नहीं होगा कि पृथ्वी से सभी तारे पूरी तरह दिखाई देना बंद हो जाएंगे। हालांकि, यदि प्रकाश प्रदूषण इसी तरह बढ़ता रहा तो शहरी क्षेत्रों में दिखाई देने वाले तारों की

संख्या लगातार घट सकती है। सबसे अधिक प्रभावित वे तारे होंगे जिनकी चमक कम है। वहीं, सूर्य के बाद रात के आकाश में सबसे चमकीले खगोलीय पिंडों में शामिल चंद्रमा तथा कुछ चमकीले ग्रह और तारे सामान्यतः दिखाई देते रहेंगे। केवल खगोल विज्ञान की समस्या नहीं प्रकाश प्रदूषण का असर केवल तारों और खगोल विज्ञान तक सीमित नहीं है। रात और दिन के प्राकृतिक प्रकाश चक्र में बदलाव से पक्षियों, कीटों और अन्य जीवों के व्यवहार पर भी प्रभाव पड़ सकता है। वैज्ञानिकों ने कृत्रिम रात्री प्रकाश और मानव जैविक घड़ी के बीच संबंधों पर भी अध्ययन किए हैं।

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  • प्रकाश प्रदूषण: आंखों से ओझल हो जाएंगे आसमान में टिमटिमाते तारे , पक्षियों समेत इंसानों का स्वास्थ्य भी होगा खराब रात के साफ आसमान में चमकते तारों को देखना अब पहले की तरह आसान नहीं रहा। दुनिया के तेजी से बढ़ते शहरों और रातों को बढ़ती रोशनी के विस्तार के कारण प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution) लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे सीधा असर रात के आकाश की दृश्यता पर पड़ रहा है। शहरों में रहने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में बहुत कम तारे दिखाई देते हैं। स्ट्रीट लाइट, इमारतों की रोशनी, विज्ञापन बोर्ड, वाहनों की लाइट और अन्य कृत्रिम प्रकाश स्रोत रात के वातावरण को लगातार चमकीला बना रहे हैं। जब यह प्रकाश वातावरण में फैलता है तो आकाश की प्राकृतिक अंधकारमय पृष्ठभूमि कम हो जाती है। परिणामस्वरूप कम चमक वाले तारे हमारी आंखों से दिखाई नहीं देते। तारों की संख्या क्यों कम दिखाई देती है? आकाश में तारों की संख्या कम नहीं हो रही है। समस्या यह है कि कृत्रिम रोशनी तारों की कमजोर चमक को ढक देती है। ग्रामीण और दूरदराज के अंधेरे क्षेत्रों में रात के आकाश में हजारों तारे और आकाशगंगा की पट्टी तक दिखाई दे सकती है, जबकि बड़े शहरों में केवल कुछ चमकीले तारे ही नजर आते हैं। खगोल वैज्ञानिकों के लिए भी यह एक गंभीर चुनौती है। दूर स्थित मंद तारों, आकाशगंगाओं और अन्य खगोलीय पिंडों का अध्ययन करने के लिए अत्यंत अंधेरे आकाश की आवश्यकता होती है। इसी कारण कई बड़ी वेधशालाएं शहरों से दूर और अपेक्षाकृत अंधेरे क्षेत्रों में स्थापित की जाती हैं। क्या एक दिन तारे पूरी तरह गायब हो जाएंगे? ऐसा कहना सही नहीं होगा कि पृथ्वी से सभी तारे पूरी तरह दिखाई देना बंद हो जाएंगे। हालांकि, यदि प्रकाश प्रदूषण इसी तरह बढ़ता रहा तो शहरी क्षेत्रों में दिखाई देने वाले तारों की संख्या लगातार घट सकती है। सबसे अधिक प्रभावित वे तारे होंगे जिनकी चमक कम है। वहीं, सूर्य के बाद रात के आकाश में सबसे चमकीले खगोलीय पिंडों में शामिल चंद्रमा तथा कुछ चमकीले ग्रह और तारे सामान्यतः दिखाई देते रहेंगे। केवल खगोल विज्ञान की समस्या नहीं प्रकाश प्रदूषण का असर केवल तारों और खगोल विज्ञान तक सीमित नहीं है। रात और दिन के प्राकृतिक प्रकाश चक्र में बदलाव से पक्षियों, कीटों और अन्य जीवों के व्यवहार पर भी प्रभाव पड़ सकता है। वैज्ञानिकों ने कृत्रिम रात्री प्रकाश और मानव जैविक घड़ी के बीच संबंधों पर भी अध्ययन किए हैं।
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    प्रकाश प्रदूषण: आंखों से ओझल हो जाएंगे आसमान में टिमटिमाते तारे , पक्षियों समेत इंसानों का स्वास्थ्य भी होगा खराब 

रात के साफ आसमान में चमकते तारों को देखना अब पहले की तरह आसान नहीं रहा। दुनिया के तेजी से बढ़ते शहरों और रातों को बढ़ती रोशनी के विस्तार के कारण प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution) लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे सीधा असर रात के आकाश की दृश्यता पर पड़ रहा है। शहरों में रहने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में बहुत कम तारे दिखाई देते हैं।
स्ट्रीट लाइट, इमारतों की रोशनी, विज्ञापन बोर्ड, वाहनों की लाइट और अन्य कृत्रिम प्रकाश स्रोत रात के वातावरण को लगातार चमकीला बना रहे हैं। जब यह प्रकाश वातावरण में फैलता है तो आकाश की प्राकृतिक अंधकारमय पृष्ठभूमि कम हो जाती है। परिणामस्वरूप कम चमक वाले तारे हमारी आंखों से दिखाई नहीं देते।
तारों की संख्या क्यों कम दिखाई देती है?
आकाश में तारों की संख्या कम नहीं हो रही है। समस्या यह है कि कृत्रिम रोशनी तारों की कमजोर चमक को ढक देती है। ग्रामीण और दूरदराज के अंधेरे क्षेत्रों में रात के आकाश में हजारों तारे और आकाशगंगा की पट्टी तक दिखाई दे सकती है, जबकि बड़े शहरों में केवल कुछ चमकीले तारे ही नजर आते हैं।
खगोल वैज्ञानिकों के लिए भी यह एक गंभीर चुनौती है। दूर स्थित मंद तारों, आकाशगंगाओं और अन्य खगोलीय पिंडों का अध्ययन करने के लिए अत्यंत अंधेरे आकाश की आवश्यकता होती है। इसी कारण कई बड़ी वेधशालाएं शहरों से दूर और अपेक्षाकृत अंधेरे क्षेत्रों में स्थापित की जाती हैं।
क्या एक दिन तारे पूरी तरह गायब हो जाएंगे?
ऐसा कहना सही नहीं होगा कि पृथ्वी से सभी तारे पूरी तरह दिखाई देना बंद हो जाएंगे। हालांकि, यदि प्रकाश प्रदूषण इसी तरह बढ़ता रहा तो शहरी क्षेत्रों में दिखाई देने वाले तारों की संख्या लगातार घट सकती है।
सबसे अधिक प्रभावित वे तारे होंगे जिनकी चमक कम है। वहीं, सूर्य के बाद रात के आकाश में सबसे चमकीले खगोलीय पिंडों में शामिल चंद्रमा तथा कुछ चमकीले ग्रह और तारे सामान्यतः दिखाई देते रहेंगे।
केवल खगोल विज्ञान की समस्या नहीं
प्रकाश प्रदूषण का असर केवल तारों और खगोल विज्ञान तक सीमित नहीं है। रात और दिन के प्राकृतिक प्रकाश चक्र में बदलाव से पक्षियों, कीटों और अन्य जीवों के व्यवहार पर भी प्रभाव पड़ सकता है। वैज्ञानिकों ने कृत्रिम रात्री प्रकाश और मानव जैविक घड़ी के बीच संबंधों पर भी अध्ययन किए हैं।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    1 hr ago
  • खुर्पाताल में 100 मीटर गहरी खाई में गिरी थार, पांच पर्यटक घायल नैनीताल के कालाढूंगी रोड पर स्थित खुर्पाताल में मनसा देवी मंदिर के समीप एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कालाढूंगी से नैनीताल की तरफ आ रही गुजरात नंबर की एक थार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। राहत की बात यह रही कि वाहन खाई में ही अटक गया और नीचे मौजूद झील में गिरने से बच गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सभी ने मिलकर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और काफी मशक्कत के बाद कार सवार दो युवकों और तीन युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी घायलों को इलाज के लिए बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल एक युवक और एक युवती को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, कार सवार पर्यटक नोएडा, कानपुर और जयपुर के रहने वाले हैं।
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    खुर्पाताल में 100 मीटर गहरी खाई में गिरी थार, पांच पर्यटक घायल
नैनीताल के कालाढूंगी रोड पर स्थित खुर्पाताल में मनसा देवी मंदिर के समीप एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कालाढूंगी से नैनीताल की तरफ आ रही गुजरात नंबर की एक थार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। राहत की बात यह रही कि वाहन खाई में ही अटक गया और नीचे मौजूद झील में गिरने से बच गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सभी ने मिलकर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और काफी मशक्कत के बाद कार सवार दो युवकों और तीन युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी घायलों को इलाज के लिए बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल एक युवक और एक युवती को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, कार सवार पर्यटक नोएडा, कानपुर और जयपुर के रहने वाले हैं।
    user_Nainital news
    Nainital news
    नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
    23 hrs ago
  • सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
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    सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
    user_Pankaj kamboj
    Pankaj kamboj
    Social worker कालाढूंगी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    20 hrs ago
  • हल्द्वानी डिग्री कॉलेज के पास से शुक्रवार शाम को कुछ बाइक सवार चिलम नंगों का वीडियो सामने आया। जो दो बाईकों में सवार होकर, हाथ में बेल्ट लहराते हुए राह चलते लोगों पर हमला कर थे थे। सोशल मीडिया में इनका वीडियो जमकर वायरल हुआ। एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी ने तुरंत पुलिस टीम एक्टिव की। और तीन घंटे के भीतर ही छह चिलम नंगे पकड़े गए। जिसमें से दो ऐसे में जिन्हें अभी कच्छा पहनने की तमीज़ भी नहीं आई है यानी वो नाबालिग हैं। गिरफ्तारी के बाद चार बालिग नंगे माफी मांगते दिखे। जो नंगे गिरफ्तार हुए हैं उनके नाम इस प्रकार हैं। 1. सीतेश आर्य, पुत्र रघु कुमार, निवासी दमुवादूंगा, थाना काठगोदाम, उम्र 25 वर्ष। 2. गोपाल आर्य, पुत्र स्व. मदनलाल, निवासी दमुवादूंगा, थाना काठगोदाम, उम्र 30 वर्ष। 3. कुणाल बिष्ट, पुत्र शेर सिंह बिष्ट, निवासी दमुवादूंगा, थाना काठगोदाम, उम्र 22 वर्ष। 4. विशाल कुमार, पुत्र स्व. भुवन चंद, निवासी दमुवादूंगा, उम्र 27 वर्ष।
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    हल्द्वानी डिग्री कॉलेज के पास से शुक्रवार शाम को कुछ बाइक सवार चिलम नंगों का वीडियो सामने आया। जो दो बाईकों में सवार होकर, हाथ में बेल्ट लहराते हुए राह चलते लोगों पर हमला कर थे थे। सोशल मीडिया में इनका वीडियो जमकर वायरल हुआ। एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी ने तुरंत पुलिस टीम एक्टिव की। और तीन घंटे के भीतर ही छह चिलम नंगे पकड़े गए। जिसमें से दो ऐसे में जिन्हें अभी कच्छा पहनने की तमीज़ भी नहीं आई है यानी वो नाबालिग हैं। गिरफ्तारी के बाद चार बालिग नंगे माफी मांगते दिखे। जो नंगे गिरफ्तार हुए हैं उनके नाम इस प्रकार हैं। 1. सीतेश आर्य, पुत्र रघु कुमार, निवासी दमुवादूंगा, थाना काठगोदाम, उम्र 25 वर्ष। 2. गोपाल आर्य, पुत्र स्व. मदनलाल, निवासी दमुवादूंगा, थाना काठगोदाम, उम्र 30 वर्ष। 3. कुणाल बिष्ट, पुत्र शेर सिंह बिष्ट, निवासी दमुवादूंगा, थाना काठगोदाम, उम्र 22 वर्ष। 4. विशाल कुमार, पुत्र स्व. भुवन चंद, निवासी दमुवादूंगा, उम्र 27 वर्ष।
    user_UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    कालाढूंगी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    22 hrs ago
  • 80वें स्वतंत्रता दिवस पर कलेक्ट्रेट में हुआ ध्वजारोहण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं राज्य आंदोलनकारियों को किया सम्मानित 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज कलेक्ट्रेट प्रांगण में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के उपरांत उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस दौरान राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर में देवदार के पौधों को रोपित कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान एवं संघर्ष को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और देश के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि आजादी हमें लंबे संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आदर्शों और मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए देश एवं समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, उपजिलाधिकारियों एवं राज्य आंदोलनकारियों को जिलाधिकारी अंशुल सिंह, राज्य मंत्री गंगा बिष्ट एवं गोविंद पिल्खवाल ने संयुक्त रूप से सम्मानित किया। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को नमन करते हुए उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई। इसके पश्चात मल्ला महल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों एवं विद्यार्थियों ने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। मल्ला महल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं कार्मिकों को भी सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की गई तथा अन्य कर्मचारियों को भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, रवि रौतेला, ललित लटवाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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    80वें स्वतंत्रता दिवस पर कलेक्ट्रेट में हुआ ध्वजारोहण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं राज्य आंदोलनकारियों को किया सम्मानित
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज कलेक्ट्रेट प्रांगण में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के उपरांत उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस दौरान  राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर में देवदार के पौधों को रोपित कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। 
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान एवं संघर्ष को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और देश के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि आजादी हमें लंबे संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आदर्शों और मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए देश एवं समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। 
कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, उपजिलाधिकारियों एवं राज्य आंदोलनकारियों को जिलाधिकारी अंशुल सिंह, राज्य मंत्री गंगा बिष्ट एवं गोविंद पिल्खवाल ने संयुक्त रूप से सम्मानित किया। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को नमन करते हुए उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई।
इसके पश्चात मल्ला महल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों एवं विद्यार्थियों ने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
मल्ला महल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं कार्मिकों को भी सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की गई तथा अन्य कर्मचारियों को भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, रवि रौतेला, ललित लटवाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी  एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    10 hrs ago
  • एसटीएम पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस बाजपुर। विधानसभा बाजपुर के ग्राम इटावा स्थित एस.टी.एम. पब्लिक स्कूल में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को नमन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर भाजपा नेता राजेश कुमार ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने क्षेत्र एवं देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को सदैव याद रखना चाहिए। वहीं एडवोकेट सतनाम सिंह ने क्षेत्रवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और देश की एकता, अखंडता एवं आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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    एसटीएम पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस
बाजपुर। विधानसभा बाजपुर के ग्राम इटावा स्थित एस.टी.एम. पब्लिक स्कूल में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को नमन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर भाजपा नेता राजेश कुमार ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने क्षेत्र एवं देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को सदैव याद रखना चाहिए। वहीं एडवोकेट सतनाम सिंह ने क्षेत्रवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और देश की एकता, अखंडता एवं आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
    user_LOVE SHRIVASTAV
    LOVE SHRIVASTAV
    Local News Reporter बाजपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    11 hrs ago
  • मां नयना देवी व्यापार मंडल, नैनीताल के संस्थापक अध्यक्ष ने पुनः जारी किया वीडियो , सुनिए क्या कहा, और अपने विचार भी बताइए मां नयना देवी व्यापार मंडल, नैनीताल के संस्थापक अध्यक्ष ने पुनः वीडियो जारी कर स्वतंत्रता दिवस पर लोअर मालरोड का जीर्णोद्धार कार्य पूरा नहीं होने के विरोध में लेटकर धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। देखिए वीडियो। उनकी मांग कितनी जायज है और नैनीताल की जनता उनका साथ देना चाहिए या नहीं देना चाहिए ? इसका जवाब दें।
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    मां नयना देवी व्यापार मंडल, नैनीताल के संस्थापक अध्यक्ष ने पुनः जारी किया वीडियो , सुनिए क्या कहा, और अपने विचार भी बताइए 
मां नयना देवी व्यापार मंडल, नैनीताल के संस्थापक अध्यक्ष ने पुनः वीडियो जारी कर स्वतंत्रता दिवस पर लोअर मालरोड का जीर्णोद्धार कार्य पूरा नहीं होने के विरोध में लेटकर धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। देखिए वीडियो।  उनकी मांग कितनी जायज है और नैनीताल की जनता उनका साथ देना चाहिए या नहीं देना चाहिए ? इसका जवाब दें।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    19 hrs ago
  • उत्तराखंड हल्द्वानी व्यूरो रिपोर्ट हल्द्वानी में बाइक सवार युवक ने सड़क पर सरेआम बेल्ट लहराकर राहगीरों को डराया।
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    उत्तराखंड हल्द्वानी व्यूरो रिपोर्ट हल्द्वानी में बाइक सवार युवक ने सड़क पर सरेआम बेल्ट लहराकर राहगीरों को डराया।
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Haldwani, Nainital•
    18 hrs ago
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