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मदरसा को मिली शिक्षा बोर्ड भिवानी से आठवीं कक्षा तक की मान्यता। अब मदरसो के बच्चों के एक हाथ में होगी कुरान और दूसरे हाथ में होगा कंप्यूटर। मदरसा को मिली शिक्षा बोर्ड भिवानी से आठवीं कक्षा तक की मान्यता। अब मदरसो के बच्चों के एक हाथ में होगी कुरान और दूसरे हाथ में होगा कंप्यूटर।
जफरूदीन गूमल
मदरसा को मिली शिक्षा बोर्ड भिवानी से आठवीं कक्षा तक की मान्यता। अब मदरसो के बच्चों के एक हाथ में होगी कुरान और दूसरे हाथ में होगा कंप्यूटर। मदरसा को मिली शिक्षा बोर्ड भिवानी से आठवीं कक्षा तक की मान्यता। अब मदरसो के बच्चों के एक हाथ में होगी कुरान और दूसरे हाथ में होगा कंप्यूटर।
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- अपराध गोष्ठी कर क्राइम कंट्रोल के दिये सख्त दिशा निर्देश । कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखना तथा अपराध एवं अपराधियों पर पूर्णतया अंकुश लगाने के साथ-साथ आमजन को न्याय दिलाना रहेगी प्राथमिकता : डॉ. अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक नूंह । पुलिस उपायुक्त मुख्यालय गुरुग्राम से स्थानांतरित होकर आए नव-नियुक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन आईपीएस ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक नूंह का कार्यभार संभाल लिया । जिला पुलिस कार्यालय नूंह पहुंचने पर उप-पुलिस अधीक्षक नूंह श्री पृथ्वी सिंह, उप-पुलिस अधीक्षक फिरोजपुर झिरका श्री अजायब सिंह, उप-पुलिस अधीक्षक तावडू श्री अभिमन्यु लोहान, उप-पुलिस अधीक्षक पुन्हाना श्री जितेन्द्र राणा, व प्रशिक्षु उप-पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय कुमार एवं श्री अभिषेक ने फूलों का गुलदस्ता व पौधा भेंट कर पुलिस अधीक्षक नूंह का स्वागत किया गया । पुलिस अधीक्षक नूंह डॉ. अर्पित जैन भारतीय पुलिस सेवा हरियाणा कैडर के 2014 बैच के अधिकारी है तथा उन्होने एमबीबीएस की पढाई की हुई है । इससे पहले वे पुलिस उपायुक्त फरीदाबाद व सोनीपत, सिरसा एवं झज्जर जिले में पुलिस अधीक्षक के रुप में कार्यरत रहे है । वे आमजन के कार्यों के लिये समर्पित पुलिस अधिकारी के तौर पर जाने जाते हैं और अपराधियों के लिए सिरदर्द बने रहते हैं । इनकी प्राथमिकता हमेशा शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखना, क्राइम कंट्रोल के साथ-साथ अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करना तथा आमजन की समस्यों का अविलम्ब निपटारा व समाधान करने की रही है । जोखिम व चुनौतिपूर्ण कार्यों में उन्होंने हमेशा सफलता पाई है । अपनी नियुक्ति के दौरान संबंधित क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुचारू एवं शांति पूर्वक बनाए रखने एवं अपराध/अपराधियों पर लगाम लगाने में इनकी अहम भूमिका रही है । कार्यभार ग्रहण करने उपरांत नव-नियुक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने नूंह पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सभागार कक्ष लघु सचिवायल नूंह में अपराध गोष्ठी में कहा कि जिला नूंह में अपराधियों पर लगाम लगाने के लिये पहले से ही कार्य किया जा रहा हैं फिर भी और मजबूती के साथ अंकुश लगाने पर कार्य करेंगे । इसके अतिरिक्त जिले में सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने, गौकशी/गौ तस्करी पर पूर्ण रुप से रोक लगाने, वाहन चोरी रोकने, नशा उन्मूलन, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, साइबर अपराध नियंत्रण सहित सभी तरह के अपराधों पर रोक लगाने तथा यातायात नियमों की सख्ती से पालना करवाना उनकी प्राथमिकता रहेगी । नशीले पदार्थों व साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे और पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों का व्यापार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी । साथ ही अपराधियों को सूचना और पनाह देने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जायेगी तथा उनकी सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा । जिला में बेहतर कानून व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने में आमजन के सहयोग की अपेक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस आमजन की सेवा, सुरक्षा एवं सहयोग के लिए हमेशा तत्पर रहेगी तथा ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगवाने बारे सभी प्रबंधक थाना को निर्देश दिये और कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों की पहचान कर उनसे सख्ती से निपटा जाए । उन्होंने कहा कि थाना एवं कार्यालय में आने वाले किसी भी आगंतुक / शिकायतकर्ता से सभ्य तरीके से पेश आए । भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा ।9
- खैरथल तिजारा जिले के बुरहेड़ा ग्राम में महाशय जी एवं जयपाल पोसवाल ने अपने प्रकृति प्रेमी व्यवहार को दृष्टिगत रखते हुए एक रानी नाम की घोड़ी का पालन किया कुछ समय उपरांत यह परिवार बढ़ता गया और अब एक नए मेहमान के साथ लगे हुए हैं घोड़े की सेवा में।1
- पलवल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक (तिलहन एवं दलहन) डॉ.संजीव गुप्ता ने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है। भारत दुनिया के तमाम देशों को गेहूं का निर्यात भी करता है उसके बावजूद भी देश के भंडार गेहूं से भरे हुए है। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल का अधिक उत्पादन लेने के लिए किसानों को आधुनिक तरीके एवं वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार खेती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फसल उत्पादन के दौरान अंधाधुंध रासायनिक खादों के प्रयोग से मृदा का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि मिट्टी में कार्बनिक कार्बन पौधों के अवशेषों, सूक्ष्मजीवों और सड़ी-गली कार्बनिक पदार्थों से बनता है, जो मिट्टी की उर्वरता, संरचना और नमी धारण क्षमता का मुख्य सूचक है। अच्छी उपजाऊ मिट्टी में 0.75 प्रतिशत से अधिक कार्बनिक कार्बन होना चाहिए, जबकि 0.5 प्रतिशत से कम होने पर यह मिट्टी की खराब गुणवत्ता और कम उर्वरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि धानुका एग्रीटेक अनुसंधान केंद्र में सॉयल टेस्ट प्रयोगशाला बनाई गई है, किसानों को फसल की बिजाई से पहले मिट्टी की जांच अवश्य करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मृदा के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए किसानों को तिलहन एवं दलहन की फसलों की बिजाई करनी चाहिए। देश में तिलहन एवं दलहन का आयात करना पड़ रहा है। फसल चक्र में तिलहन एवं दलहन की फसलों को लाना जरूरी है। गेहूं की कटाई के उपरांत मूंग की फसल की बिजाई करें। मूंग की खेती 15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच करने से पैदावार में बढ़ोतरी होती है। बाजार में हाइब्रिड के बीज उपलब्ध है। किसान मूंग की खेती कर 60 दिनों में दोगुना लाभ अर्जित कर सकते है आईसीएआर एवं भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान लुधियाना के पूर्व निदेशक व हाइब्रिड फसलों के सलाहकार डॉ.साई दास ने कहा कि किसान अप्रैल महीने में मक्का की खेती करें। मक्का की फसल को चारे के तौर पर प्रयोग करें। मक्का की फसल की लिए तापमान अनुकूल है। जिससे मक्का की बढ़वार अधिक होती है। मिट्टी को भुरभुरी बनाने के लिए 3-4 बार हैरो या कल्टीवेटर से जुताई करें। अंतिम जुताई से पहले गोबर की खाद मिलाएं। उन्होंने कहा कि बाजार में मक्का की हाइब्रिड किस्में जिनमें डेकाल्व की 90-81 और 928, पायोनियर की पी 396 और 3567, और एडवांटा पीएसी 751 उच्च पैदावार देने वाली प्रमुख हाइब्रिड किस्में हैं बागवानी विभाग हरियाणा के पूर्व निदेशक एवं धानुका एग्रीटेक अनुसंधान केंद्र सिहोल के सलाहकार डॉ.बी.एस.सहरावत ने बताया कि धानुका एग्रीटेक लिमिटेड द्वारा गेहूं फसल कटाई दिवस मनाया गया है। जिसमें खेत में उन्नत तकनीकों के परिणामों के बारे में कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के साथ संवाद किया गया है। फील्ड डेमोंस्ट्रेशन किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने गेहूं की फसल के दौरान धानुका एग्रीटेक कंपनी के प्रोडक्ट प्रयोग किए है ऐसे किसानों के उत्पादन में बढोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि किसान अच्छी गुणवत्ता वाले इनपुट का प्रयोग करें और अपनी पैदावार को बढाऐं। प्रगतिशील किसान बिजेंद्र दलाल ने कहा कि उन्होंने गेहूं की फसल के दौरान धानुका द्वारा बनाई गई दवाइयों का प्रयोग किया जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। उन्होंने कहा कि फसलों में होने वाली बीमारियों की रोकथाम एवं फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए धानुका द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट का प्रयोग करें।1
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