खाजूवाला में पुलिस बल की भारी कमी, 216 चक-गांवों की सुरक्षा पर संकट पत्रकार इकबाल खान सीमावर्ती खाजूवाला थाना क्षेत्र में पुलिस बल की भारी कमी से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 216 चक-गांवों की सुरक्षा महज 10 पुलिसकर्मियों के भरोसे चल रही है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। जानकारी के अनुसार 32 हेड और सीसाड़ा स्ट्राइकिंग फोर्स की दो पुलिस चौकियां बंद पड़ी हैं। वहीं, उपलब्ध स्टाफ में से भी 5 सिपाही एचएम और कोर्ट ड्यूटी में तैनात हैं, जिससे जमीन पर पुलिस की मौजूदगी और भी कम हो गई है। सीमावर्ती और अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर से सटे इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन वर्तमान हालात में गश्त और निगरानी पर सीधा असर पड़ रहा है। पुलिस चौकियां बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी कई किलोमीटर दूर थाने तक जाना पड़ रहा है।क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना भी पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से जल्द से जल्द पुलिस बल बढ़ाने, बंद चौकियां चालू करने और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
खाजूवाला में पुलिस बल की भारी कमी, 216 चक-गांवों की सुरक्षा पर संकट पत्रकार इकबाल खान सीमावर्ती खाजूवाला थाना क्षेत्र में पुलिस बल की भारी कमी से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 216 चक-गांवों की सुरक्षा महज 10 पुलिसकर्मियों के भरोसे चल रही है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। जानकारी के अनुसार 32 हेड और सीसाड़ा स्ट्राइकिंग फोर्स की दो पुलिस चौकियां बंद पड़ी हैं। वहीं, उपलब्ध स्टाफ में से भी 5 सिपाही एचएम और कोर्ट ड्यूटी में तैनात हैं, जिससे जमीन पर पुलिस की मौजूदगी और भी कम हो गई है। सीमावर्ती और अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर से सटे इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन वर्तमान हालात में गश्त और निगरानी पर सीधा असर पड़ रहा है। पुलिस चौकियां बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी कई किलोमीटर दूर थाने तक जाना पड़ रहा है।क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना भी पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से जल्द से जल्द पुलिस बल बढ़ाने, बंद चौकियां चालू करने और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
- मजहब अलग थे, पर दोस्ती सच्ची थी… वो अपनी दोस्त की चिता तक पहुंची जहां सिर्फ इंसानियत थी ,💔1
- लोग बूंद बूंद को तरस रहे है1
- ek tarikh1
- श्रीडूंगरगढ़ के रीड़ी गांव में किसान परिवार की अनूठी बारात निकली जो किसी लग्जरी गाड़ियों में नहीं ट्रैक्टरों पर सवार होकर दुल्हन लाने के लिए निकले। दूल्हे राजा भी खुद ट्रैक्टर चलाकर अपने ससुराल पहुंचे इस पूरी बारात में 85 ट्रैक्टरों को सजाकर एक बड़ी बारात को निकाला गया और यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि लग्जरी गाड़ियों में ही बरात नहीं निकलती किसान के रोजगार का जो साधन है ट्रैक्टर वह काफी महत्वपूर्ण है और इसी को लेकर बारात ट्रैक्टरों पर सवार होकर निकाली गई इस बारात को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा3
- रियांबड़ी (नागौर) नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड क्षेत्र के ग्राम थांवला,,समाज को नई दिशा देने वाली एक अनोखी शादी ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। थांवला निवासी मनीष प्रजापत और रामपूरा के राजेन्द्र प्रजापत ने दहेज प्रथा को ठुकराते हुए सिर्फ ₹1 और नारियल में विवाह कर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। थांवला से निकली बारात जब जोधपुर पहुंची, तो इस सादगीपूर्ण विवाह ने सभी को प्रभावित कर दिया। बिना किसी दिखावे और खर्च के, यह शादी संस्कारों और आदर्शों की मिसाल बन गई। दुल्हन के पिता पांचाराम प्रजापति (छोटी पादू, रियां बड़ी क्षेत्र) ने भी इस पहल को अपनाकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया। खास बात यह रही कि छोटे दूल्हे ने भी बड़े साढ़ू से प्रेरणा लेते हुए सिर्फ ₹1 और नारियल ही स्वीकार किया, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ। इस अनूठे विवाह को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों ने खुलकर प्रशंसा की।दूल्हा मनीष प्रजापत RBI में कार्यरत हैं, जिन्होंने यह साबित किया कि रिश्ते दहेज से नहीं, बल्कि प्यार, विश्वास और संस्कारों से बनते हैं।3
- मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान का ग्राम रथ पंचायत समिति डीडवाना की ग्राम पंचायत बालिया और रामसाबास पहुंचा जहां ग्रामीणों ने बड़ी ही उत्सुकता से रथ का स्वागत किया। प्रशासन के सभी अधिकारियों की मौजूदगी में उपस्थित जन सैलाब को ग्रामीण विकास की योजनाओं के बारे में बताया गया।प्रशासक वसीम अकरम प्रशासक नवाज शरीफ पटवारी पन्नाराम ग्राम विकास अधिकारी प्रवेंद्र शर्मा निर्मल शर्मा समाजसेवी मोहसिन अब्दुल शमीम के साथ अन्य उपस्थित रहे ।1
- Post by रमेश सिंह1
- पत्रकार इकबाल खान मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कुछ लोगों के लापता होने की आशंका भी जताई जा रही है। हादसे के दौरान सामने आई एक बेहद मार्मिक तस्वीर ने सभी को भावुक कर दिया। रेस्क्यू टीम को एक मां और उसका मासूम बच्चा एक-दूसरे से लिपटे हुए मृत अवस्था में मिले, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग भी खुद को संभाल नहीं सके। बताया जा रहा है कि हादसा अचानक आए तेज आंधी-तूफान के कारण हुआ, जिससे क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। घटना के बाद तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर से पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।1