क्या पड़वार में खत्म हो रहा है कानून का डर? जमीनी विवाद में चले लाठी-डंडे जिले के ग्राम पंचायत पड़वार में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव के ही लवकुश जायसवाल और शिवकुमार जायसवाल ने लाठी-डंडों से अपने पड़ोसी बसंत जायसवाल, विमला जायसवाल, बुजुर्ग रामकरण और पूजा जायसवाल पर हमला कर दिया। जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ वह बसंत जायसवाल की बताई जा रही है। और बसंत जायसवाल अपने पुराने मकान को तोड़कर नया मकान निर्माण कर रहा है क्या पड़वार में खत्म हो रहा है कानून का डर? जमीनी विवाद में चले लाठी-डंडे जिले के ग्राम पंचायत पड़वार में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव के ही लवकुश जायसवाल और शिवकुमार जायसवाल ने लाठी-डंडों से अपने पड़ोसी बसंत जायसवाल, विमला जायसवाल, बुजुर्ग रामकरण और पूजा जायसवाल पर हमला कर दिया। जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ वह बसंत जायसवाल की बताई जा रही है। और बसंत जायसवाल अपने पुराने मकान को तोड़कर नया मकान निर्माण कर रहा है पीड़ित पक्ष ने शाम करीब 5 बजे चौकी अमरपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई है। घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या अब लोगों के मन से पुलिस और कानून का डर खत्म होता जा रहा है?
क्या पड़वार में खत्म हो रहा है कानून का डर? जमीनी विवाद में चले लाठी-डंडे जिले के ग्राम पंचायत पड़वार में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव के ही लवकुश जायसवाल और शिवकुमार जायसवाल ने लाठी-डंडों से अपने पड़ोसी बसंत जायसवाल, विमला जायसवाल, बुजुर्ग रामकरण और पूजा जायसवाल पर हमला कर दिया। जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ वह बसंत जायसवाल की बताई जा रही है। और बसंत जायसवाल अपने पुराने मकान को तोड़कर नया मकान निर्माण कर रहा है क्या पड़वार में खत्म हो रहा है कानून का डर? जमीनी विवाद में चले लाठी-डंडे जिले के ग्राम पंचायत पड़वार में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव के ही लवकुश जायसवाल और शिवकुमार जायसवाल ने लाठी-डंडों से अपने पड़ोसी बसंत जायसवाल, विमला जायसवाल, बुजुर्ग रामकरण और पूजा जायसवाल पर हमला कर दिया। जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ वह बसंत जायसवाल की बताई जा रही है। और बसंत जायसवाल अपने पुराने मकान को तोड़कर नया मकान निर्माण कर रहा है पीड़ित पक्ष ने शाम करीब 5 बजे चौकी अमरपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई है। घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या अब लोगों के मन से पुलिस और कानून का डर खत्म होता जा रहा है?
- पूर्व मंत्री व पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने किया कठगांव–मकरी मार्ग का भूमिपूजन पन्ना। जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में सड़क सुविधा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। कठगांव से मकरी मार्ग के निर्माण कार्य का भूमिपूजन शनिवार 14 मार्च 2026 को दोपहर 2 बजे सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क) संभाग द्वारा स्वीकृत इस परियोजना के अंतर्गत कठगांव से मकरी मार्ग तक 3.00 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस सड़क निर्माण के लिए शासन द्वारा 362.23 लाख रुपये (करीब 3 करोड़ 62 लाख रुपये) की राशि स्वीकृत की गई है।भूमिपूजन के दौरान विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण से आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण की मांग की थी, जिसके पूरा होने पर क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताई।2
- लाश मिली शांतिनगर मे फैली सनसनी ब्रेकिंग पटेरा अमर सेन की रीपोर्ट कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत शांति नगर सगोनी पंचायत से जुड़ा हुआ क्षेत्र जहां आरोग्यम भवन के पीछे अज्ञात व्यक्ति की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई घटना की सूचना पर कुम्हारी थाना प्रभारी बृजेश पांडे, ए एस आई गोविंद सिंह मौके पर पहुंचे अज्ञात व्यक्ति की लाश की शिनाख्त नहीं हो पाई फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही |1
- प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. नरहरि ने कहा है कि हर घर जल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला पंचायतों और ग्राम पंचायतों की अति महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सागर संभाग के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे हर घर जल योजना के कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करें तथा इस योजना के अपूर्ण निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण कराएं और ग्राम पंचायतों को समारोहपूर्वक हस्तांतरित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोगों के घरों तक पानी पहुँचाने की यह भारत सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के तहत हर घर तक स्वच्छ और साफ पानी पहुंचाने की कार्यवाही समय-सीमा में सुनिश्चित कराएं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि हर घर जल योजना के कार्यों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने के बाद ग्राम पंचायतों को इस योजना के संचालन और प्रबंधन कैसे करना है, इस संबंध में ग्राम पंचायतों के सचिवों को समुचित प्रशिक्षण देना भी सुनिश्चित किया जाए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. नरहरि ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हर घर जल योजना की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने जिले में कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जिले में हर घर जल योजना के अधूरे निर्माण कार्यों को 31 मार्च तक पूर्ण कराएं और ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही निर्देशित करते हुए कहा कि हर घर जल योजना के कार्यों की सतत समीक्षा करें और अपूर्ण कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी ने पाईपलाइन की जानकारी पीएम गति शक्ति पोर्टल में शत-प्रतिशत अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण दिया गया है। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी द्वारा जल जीवन मिशन 2.0 की जानकारी देते हुए अवगत कराया कि भारत सरकार ने हाल ही में इस योजना को स्वीकृति दी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में छतरपुर जिले से प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, डिप्टी कलेक्टर आयशा अंसारी, ईई पीएचई संजय कुमरे सहित अन्य अधिकारी जुड़े रहे।2
- हमारे मुद्दों में सच्चाई होती है तभी आज आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा जी देशहित में देश की जनता हित में मुद्दे उठा रहे है पर मोदी सरकार उनकी नहीं सुनती तो हमारी क्या सुनेगी।।1
- हक मांगने पर हाका जाता है : विस्थापित गांवों का छलका दर्द ज़मीन छीनी, अब जान मत छीनो” न्याय अधिकार पदयात्रा तीसरे दिन मझगाय व रूँझ बाँध प्रभावित गांवों में पहुंची विस्थापितों के साथ हो रहे अन्याय और दर्द को प्रशासन व सरकार के बीच रखेंगे” : अमित भटनागर अजयगढ- जय किसान संगठन के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में चल रही “न्याय अधिकार पदयात्रा” के तीसरा दिन माझगाय मध्यम सिंचाई परियोजना और रुन्झ बांध से प्रभावित गांवों में किसानों और आदिवासी परिवारों के बीच में बीता, लोगों ने बढ़ चढ़कर यात्रा में सहभागिता निभाई, जिसमें जिसमें बड़ी संख्या महिलाओं की थी। तीन दिवसीय इस पदयात्रा का मुख्य संदेश “ज़मीन छीनी, अब जान मत छीनो” है, जिसके माध्यम से विस्थापित किसानों और आदिवासी परिवारों के दर्द और समस्याओं को सामने लाया जा रहा है। पदयात्रा के तीसरे दिन बनहरी, टपरियन, कुंवारपुरा और बालूपुर गांवों में पहुंचकर किसान चौपाल आयोजित की गई, जहां ग्रामीणों ने विस्थापन से जुड़ी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। खबर लिखे जाने तक पदयात्रा रुन्झ बांध प्रभावित गांव विश्रामगंज और पांडेपुरवा मे किसान चौपाल कर रही थी, जहां ग्रामीणों की समस्याओं का दस्तावेजीकरण किया जा रहा था और उन्हें भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 की जानकारी दी जा रही थी। ग्रामीण बोले – हमें कानून और ग्रामसभा की जानकारी तक नहीं किसान चौपाल में ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें आज तक भूमि अधिग्रहण कानून या ग्रामसभा की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। ग्रामीणों ने कहा,हमने पहली बार इस कानून का नाम सुना है। हमें तो यह भी नहीं पता था कि ग्रामसभा होती है और हमसे पूछा जाता है। हमें लगता था कि सरकार हमें जबरन उजाड़ना चाहती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना सम्बंधित ग्रामसभा, आम सभा या जनसुनबाई कभी आयोजित नहीं की गई और न ही कानूनी प्रक्रिया के बारे में उन्हें अवगत कराया गया। ग्रामीणों ने भावुक होकर बताया कि जब भी वे अपना हक मांगने प्रशासन के पास जाते हैं तो उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। आदिवासी महिला व किसानों का कहना था कि, हम अपना हक मांगने जाते हैं तो हमें जानवरों की तरह हांक दिया जाता है।” यह कहते हुए कई ग्रामीणों की आंखों में आंसू आ गए और माहौल भावुक हो गया। पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर मेरा मन व्यथित है। आजाद देश में लोगों के साथ ऐसा व्यवहार होना बेहद दुखद है। हम गांव-गांव जाकर लोगों के साथ हो रहे अन्याय और दर्द को प्रशासन और सरकार के सामने मजबूती से रखेंगे। उन्होंने कहा कि जय किसान संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि कानून के अनुसार न्याय दिलाना है। इससे पहले पदयात्रा के पहले चरण में केन बेतवा विस्थापितों से सातवां 8 मार्च को संवाद का किसान चौपाल कर पद यात्रा गहदरा पहुंची थीं , जहां 9 प्रभावित गांवों की महाचौपाल आयोजित हुई ।महाचौपाल में सैकड़ों ग्रामीण और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रभावित महिलाओं ने प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखकर न्याय की मांग की। 10 मार्च को प्रेस वार्ता पदयात्रा के समापन के बाद 10 मार्च को पन्ना में प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें पदयात्रा के दौरान सामने आई समस्याओं और तथ्यों को मीडिया के सामने रखा जाएगा। 11 मार्च को कलेक्ट्रेट पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल इसके बाद 11 मार्च को प्रभावित ग्रामीणों और जय किसान संगठन का प्रतिनिधिमंडल पन्ना कलेक्ट्रेट पहुंचेगा, जहां कलेक्टर से मिलकर विस्थापित गांवों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा और कानूनी व व्यवहारिक समाधान की मांग की जाएगी। ये रहे शामिल भागवती आदिवास, राधा आदिवासी, कमला देवी आदिवास, हल्की यादव, कल्लू आदिवासी, गनपत आदिवासी, राजू आदिवास, मंगल यादव, देशकुमार यादव, कमलेश यादव, मुलायम यादव,आशराम आदिवासी, महेश यादव, अंकित सोनी, पप्पू आदिवासी, मातादीन आदिवासी, लेखराम यादव, बबलू यादव, बबलू आदिवासी, राजू आदिवास1
- टाइगर रिजर्व में बाघ का शिकार करते वीडियो कैमरे में कैद पलक झपकते ही हिरण के बच्चे को बनाया शिकार पर्यटको ने वीडियो बना कर किया वायरल पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या से पर्यटकों को वन्यजीवों के रोमांचक नजारे लगातार देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला टाइगर रिजर्व के कोर जोन स्थित पीपरटोला क्षेत्र से सामने आया है। जहां एक बाघ ने पल झपकते ही हिरण के बच्चे का शिकार कर लिया। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद पर्यटकों ने कैमरे में कैद कर लिया और शोसल मीडिया में वायरल कर दिया। जो तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की सक्रियता और प्राकृतिक जीवन का यह दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वन्यजीव प्रेमी भी इस दुर्लभ नजारे को देखकर रोमांचित हो रहे हैं1
- ₹37.49 लाख से बने अटल ग्राम सुशासन भवन का लोकार्पण, ग्रामीणों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएँ पन्ना। जनपद पंचायत अजयगढ़ के ग्राम बहिरवारा में ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। यहाँ ₹37.49 लाख की लागत से निर्मित नवीन पंचायत भवन “अटल ग्राम सुशासन भवन” का लोकार्पण पन्ना विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा किया गया। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विधायक सिंह ने कहा कि पंचायत भवन ग्रामीण प्रशासन का प्रमुख केंद्र होता है, जहां से विकास योजनाओं का संचालन और ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने कहा कि नए भवन के निर्माण से ग्राम पंचायत में कार्यों के संचालन में पारदर्शिता और सुगमता आएगी तथा ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कई सेवाएँ मिल सकेंगी। विधायक श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार और पंचायत स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बहिरवारा में आधुनिक सुविधाओं से युक्त अटल ग्राम सुशासन भवन का निर्माण कराया गया है, जिससे पंचायत के कार्य व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकेंगे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नए पंचायत भवन के निर्माण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे गांव के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। ग्रामीणों का कहना था कि अब पंचायत से जुड़ी योजनाओं और सेवाओं के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।2
- जय माँ जालपा श्री जालपा माई भगत समाज (एवं) श्री जालपा दुर्गा उत्साह समिति के तत्वावधान मैं भव्य फागों का कार्यक्रम आज 14/03/026 दिन शनिवार को रात्री 07:30 बजे से श्री जालपा दुर्गा उत्साह समिति मंच के पास जालपा वार्ड में रखा गया है, आप सभी धर्म प्रेमी जनता से आग्रह है की हमारे बाहर से आये हुये कलाकारों का प्रोत्साहन बढ़ाने के लिये आप सभी आवास पधारे🙏🙏🙏🙏।। श्री जालपा माई भगत समाज कटनी श्री जालपा दुर्गा उत्साह समिति जालपा वार्ड कटनी 🚩🚩🌹जय हो माई की🌹🚩🚩 आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद(पत्रकार) #भक्ति #श्रद्धा #भगते #माँ जालपा3
- सिलेंडर भी गायब, नरेंद्र भी गायब” के नारों से गूंजा मैहर, रसोई गैस महंगाई पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन मैहर। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और क्षेत्र में सिलेंडरों की किल्लत को लेकर शनिवार को नगर कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। *नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी* ‘दद्दा’ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “नरेंद्र सरेंडर”, “रसोई गैस की बढ़ी कीमतें वापस लो” और *“सिलेंडर भी गायब, नरेंद्र भी गायब”* जैसे तीखे नारों से माहौल गरमा दिया। नगर कांग्रेस के इस आंदोलन को स्थानीय व्यापारियों का भी समर्थन मिला। व्यापारियों ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराते हुए गैस सिलेंडर को माला पहनाकर केंद्र सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती गैस कीमतों ने आम आदमी की रसोई पर सीधा असर डाला है और कई जगहों पर सिलेंडरों की किल्लत भी लोगों को परेशान कर रही है। प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने महंगाई और गैस संकट के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की।1