logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

हमारे मुद्दों में सच्चाई होती है तभी आज आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा जी देशहित में देश की जनता हित में मुद्दे उठा रहे है पर मोदी सरकार उनकी नहीं सुनती तो हमारी क्या सुनेगी।।

16 hrs ago
user_Kamlesh Yadav
Kamlesh Yadav
Voice of people अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
16 hrs ago

हमारे मुद्दों में सच्चाई होती है तभी आज आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा जी देशहित में देश की जनता हित में मुद्दे उठा रहे है पर मोदी सरकार उनकी नहीं सुनती तो हमारी क्या सुनेगी।।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • पन्ना पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या से पर्यटकों को वन्यजीवों के रोमांचक नजारे लगातार देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला टाइगर रिजर्व के कोर जोन स्थित पीपरटोला क्षेत्र से सामने आया है।जहां एक बाघ ने पल झपकते ही हिरण के बच्चे का शिकार कर लिया।यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद पर्यटकों ने कैमरे में कैद कर लिया और शोसल मीडिया में वायरल कर दिया।जो तेजी से वायरल हो रहा है।दरअसल पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की सक्रियता और प्राकृतिक जीवन का यह दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।वन्यजीव प्रेमी भी इस दुर्लभ नजारे को देखकर रोमांचित हो रहे हैं
    1
    पन्ना 
पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या से पर्यटकों को वन्यजीवों के रोमांचक नजारे लगातार देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला टाइगर रिजर्व के कोर जोन स्थित पीपरटोला क्षेत्र से सामने आया है।जहां एक बाघ ने पल झपकते ही हिरण के बच्चे का शिकार कर लिया।यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद पर्यटकों ने कैमरे में कैद कर लिया और शोसल मीडिया में वायरल कर दिया।जो तेजी से वायरल हो रहा है।दरअसल पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की सक्रियता और प्राकृतिक जीवन का यह दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।वन्यजीव प्रेमी भी इस दुर्लभ नजारे को देखकर रोमांचित हो रहे हैं
    user_पत्रकार भारत सिंह
    पत्रकार भारत सिंह
    Local News Reporter अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • 🚨 बांदा में अनफिट स्कूल वाहनों पर बड़ा एक्शन! सघन चेकिंग से मचा हड़कंप | के डी सिंह सख्त 🔥 #Banda #SchoolVehicle #RTOAction #RoadSafety #KDsingh #Bundelkhand #ViralNews #BreakingNews
    1
    🚨 बांदा में अनफिट स्कूल वाहनों पर बड़ा एक्शन! सघन चेकिंग से मचा हड़कंप | के डी सिंह सख्त 🔥
#Banda #SchoolVehicle #RTOAction #RoadSafety #KDsingh #Bundelkhand #ViralNews #BreakingNews
    user_सोशल मीडिया प्रभारी पन्ना मध्य प्रदेश
    सोशल मीडिया प्रभारी पन्ना मध्य प्रदेश
    Local News Reporter अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • हमारे मुद्दों में सच्चाई होती है तभी आज आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा जी देशहित में देश की जनता हित में मुद्दे उठा रहे है पर मोदी सरकार उनकी नहीं सुनती तो हमारी क्या सुनेगी।।
    1
    हमारे मुद्दों में सच्चाई होती है तभी आज आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा जी देशहित में देश की जनता हित में मुद्दे उठा रहे है पर मोदी सरकार उनकी नहीं सुनती तो हमारी क्या सुनेगी।।
    user_Kamlesh Yadav
    Kamlesh Yadav
    Voice of people अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • टाइगर रिजर्व में बाघ का शिकार करते वीडियो कैमरे में कैद पलक झपकते ही हिरण के बच्चे को बनाया शिकार पर्यटको ने वीडियो बना कर किया वायरल पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या से पर्यटकों को वन्यजीवों के रोमांचक नजारे लगातार देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला टाइगर रिजर्व के कोर जोन स्थित पीपरटोला क्षेत्र से सामने आया है। जहां एक बाघ ने पल झपकते ही हिरण के बच्चे का शिकार कर लिया। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद पर्यटकों ने कैमरे में कैद कर लिया और शोसल मीडिया में वायरल कर दिया। जो तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की सक्रियता और प्राकृतिक जीवन का यह दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वन्यजीव प्रेमी भी इस दुर्लभ नजारे को देखकर रोमांचित हो रहे हैं
    1
    टाइगर रिजर्व में बाघ का शिकार करते वीडियो कैमरे में कैद पलक झपकते ही हिरण के बच्चे को बनाया शिकार पर्यटको ने वीडियो बना कर किया वायरल
पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या से पर्यटकों को वन्यजीवों के रोमांचक नजारे लगातार देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला टाइगर रिजर्व के कोर जोन स्थित पीपरटोला क्षेत्र से सामने आया है। जहां एक बाघ ने पल झपकते ही हिरण के बच्चे का शिकार कर लिया। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद पर्यटकों ने कैमरे में कैद कर लिया और शोसल मीडिया में वायरल कर दिया। जो तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की सक्रियता और प्राकृतिक जीवन का यह दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वन्यजीव प्रेमी भी इस दुर्लभ नजारे को देखकर रोमांचित हो रहे हैं
    user_Sitaram ray
    Sitaram ray
    Video Creator सिमरिया, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अजयगढ़ की अनोखी शादी: बैलगाड़ियों से निकली बारात, परंपरा की झलक ने जीता लोगों का दिल अजयगढ़:- आज के दौर में जहां शादी-विवाह में आधुनिकता, महंगी गाड़ियां और चमक-दमक का चलन बढ़ता जा रहा है, वहीं अजयगढ़ में एक ऐसी अनोखी शादी देखने को मिली जिसने पुरानी परंपराओं की याद ताज़ा कर दी। अजयगढ़ के प्रसिद्ध डॉ. रामखिलावन विश्वकर्मा ने अपने छोटे बेटे की शादी में आधुनिकता की दौड़ से अलग हटकर पुरानी परंपरा को अपनाया और बारात को बैलगाड़ियों से निकालने का निर्णय लिया। इस अनोखी पहल के लिए अजयगढ़ जनपद के लगभग आधा दर्जन गांवों से बैलगाड़ियां मंगाई गईं। बारात के दौरान बैलों के गले में बंधी घंटियों की मधुर आवाज रात के शांत माहौल में एक अलग ही वातावरण बना रही थी। यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया और बड़ी संख्या में लोग इस पारंपरिक बारात को देखने के लिए जुटे। जानकारी के अनुसार बारात में अजयगढ़ क्षेत्र के बीरा, लोलास,शाहपुरा,गड़रियन पुरवा,मझपुरवा सहित कई गांवों से लगभग 30 बैलगाड़ियों को शामिल किया गया।बारात के दौरान लगभग आधा दर्जन घोड़े भी ढ़ोल के साथ नृत्य करते दिखे। इस अनोखी बारात के बारे में बताते हुए डॉ. विश्वकर्मा ने कहा कि आजकल लोग महंगी-महंगी गाड़ियों और यहां तक कि हेलीकॉप्टर से भी बारात निकालते हैं, जिससे हम अपनी पुरानी परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने पारंपरिक तरीके से बारात निकालने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई देशों में चल रहे युद्ध और पेट्रोलियम पदार्थों की संभावित कमी को देखते हुए भी यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि हमारी पुरानी परंपराएं न केवल सांस्कृतिक रूप से समृद्ध हैं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। यह अनोखी बारात पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों ने इस पहल की सराहना की है। अतुल रैकवार पन्ना से
    4
    अजयगढ़ की अनोखी शादी: बैलगाड़ियों से निकली बारात, परंपरा की झलक ने जीता लोगों का दिल
अजयगढ़:- आज के दौर में जहां शादी-विवाह में आधुनिकता, महंगी गाड़ियां और चमक-दमक का चलन बढ़ता जा रहा है, वहीं अजयगढ़ में एक ऐसी अनोखी शादी देखने को मिली जिसने पुरानी परंपराओं की याद ताज़ा कर दी।
अजयगढ़ के प्रसिद्ध डॉ. रामखिलावन विश्वकर्मा ने अपने छोटे बेटे की शादी में आधुनिकता की दौड़ से अलग हटकर पुरानी परंपरा को अपनाया और बारात को बैलगाड़ियों से निकालने का निर्णय लिया। इस अनोखी पहल के लिए अजयगढ़ जनपद के लगभग आधा दर्जन गांवों से बैलगाड़ियां मंगाई गईं।
बारात के दौरान बैलों के गले में बंधी घंटियों की मधुर आवाज रात के शांत माहौल में एक अलग ही वातावरण बना रही थी। यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया और बड़ी संख्या में लोग इस पारंपरिक बारात को देखने के लिए जुटे।
जानकारी के अनुसार बारात में अजयगढ़ क्षेत्र के बीरा, लोलास,शाहपुरा,गड़रियन पुरवा,मझपुरवा सहित कई गांवों से लगभग 30 बैलगाड़ियों को शामिल किया गया।बारात के दौरान लगभग आधा दर्जन घोड़े भी ढ़ोल के साथ नृत्य करते दिखे।
इस अनोखी बारात के बारे में बताते हुए डॉ. विश्वकर्मा ने कहा कि आजकल लोग महंगी-महंगी गाड़ियों और यहां तक कि हेलीकॉप्टर से भी बारात निकालते हैं, जिससे हम अपनी पुरानी परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने पारंपरिक तरीके से बारात निकालने का निर्णय लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई देशों में चल रहे युद्ध और पेट्रोलियम पदार्थों की संभावित कमी को देखते हुए भी यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि हमारी पुरानी परंपराएं न केवल सांस्कृतिक रूप से समृद्ध हैं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं।
यह अनोखी बारात पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों ने इस पहल की सराहना की है।
अतुल रैकवार पन्ना से
    user_Media panna atul Raikwar
    Media panna atul Raikwar
    पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अतिशा क्षेत्र चंद्रयातन दिगंबर जैन मंदिर बृजपुर
    1
    अतिशा क्षेत्र चंद्रयातन  दिगंबर जैन मंदिर बृजपुर
    user_Rupesh Jain
    Rupesh Jain
    में दैनिक भास्कर में संवाददाता हु पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • किसानों की लगभग दलहन फसल की कटाई हो चुकी है और गेहूं की फसल भी पककर तैयार हो गई है कुछ दिनों बाद गेहूं की फसल की कटाई होगी।
    1
    किसानों की लगभग दलहन फसल की कटाई हो चुकी है और गेहूं की फसल भी पककर तैयार हो गई है कुछ दिनों बाद गेहूं की फसल की कटाई होगी।
    user_Sandeep shukla
    Sandeep shukla
    पत्रकारिता Devendranagar, Panna•
    5 hrs ago
  • हक मांगने पर हाका जाता है : विस्थापित गांवों का छलका दर्द ज़मीन छीनी, अब जान मत छीनो” न्याय अधिकार पदयात्रा तीसरे दिन मझगाय व रूँझ बाँध प्रभावित गांवों में पहुंची विस्थापितों के साथ हो रहे अन्याय और दर्द को प्रशासन व सरकार के बीच रखेंगे” : अमित भटनागर अजयगढ- जय किसान संगठन के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में चल रही “न्याय अधिकार पदयात्रा” के तीसरा दिन माझगाय मध्यम सिंचाई परियोजना और रुन्झ बांध से प्रभावित गांवों में किसानों और आदिवासी परिवारों के बीच में बीता, लोगों ने बढ़ चढ़कर यात्रा में सहभागिता निभाई, जिसमें जिसमें बड़ी संख्या महिलाओं की थी। तीन दिवसीय इस पदयात्रा का मुख्य संदेश “ज़मीन छीनी, अब जान मत छीनो” है, जिसके माध्यम से विस्थापित किसानों और आदिवासी परिवारों के दर्द और समस्याओं को सामने लाया जा रहा है। पदयात्रा के तीसरे दिन बनहरी, टपरियन, कुंवारपुरा और बालूपुर गांवों में पहुंचकर किसान चौपाल आयोजित की गई, जहां ग्रामीणों ने विस्थापन से जुड़ी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। खबर लिखे जाने तक पदयात्रा रुन्झ बांध प्रभावित गांव विश्रामगंज और पांडेपुरवा मे किसान चौपाल कर रही थी, जहां ग्रामीणों की समस्याओं का दस्तावेजीकरण किया जा रहा था और उन्हें भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 की जानकारी दी जा रही थी। ग्रामीण बोले – हमें कानून और ग्रामसभा की जानकारी तक नहीं किसान चौपाल में ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें आज तक भूमि अधिग्रहण कानून या ग्रामसभा की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। ग्रामीणों ने कहा,हमने पहली बार इस कानून का नाम सुना है। हमें तो यह भी नहीं पता था कि ग्रामसभा होती है और हमसे पूछा जाता है। हमें लगता था कि सरकार हमें जबरन उजाड़ना चाहती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना सम्बंधित ग्रामसभा, आम सभा या जनसुनबाई कभी आयोजित नहीं की गई और न ही कानूनी प्रक्रिया के बारे में उन्हें अवगत कराया गया। ग्रामीणों ने भावुक होकर बताया कि जब भी वे अपना हक मांगने प्रशासन के पास जाते हैं तो उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। आदिवासी महिला व किसानों का कहना था कि, हम अपना हक मांगने जाते हैं तो हमें जानवरों की तरह हांक दिया जाता है।” यह कहते हुए कई ग्रामीणों की आंखों में आंसू आ गए और माहौल भावुक हो गया। पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर मेरा मन व्यथित है। आजाद देश में लोगों के साथ ऐसा व्यवहार होना बेहद दुखद है। हम गांव-गांव जाकर लोगों के साथ हो रहे अन्याय और दर्द को प्रशासन और सरकार के सामने मजबूती से रखेंगे। उन्होंने कहा कि जय किसान संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि कानून के अनुसार न्याय दिलाना है। इससे पहले पदयात्रा के पहले चरण में केन बेतवा विस्थापितों से सातवां 8 मार्च को संवाद का किसान चौपाल कर पद यात्रा गहदरा पहुंची थीं , जहां 9 प्रभावित गांवों की महाचौपाल आयोजित हुई ।महाचौपाल में सैकड़ों ग्रामीण और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रभावित महिलाओं ने प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखकर न्याय की मांग की। 10 मार्च को प्रेस वार्ता पदयात्रा के समापन के बाद 10 मार्च को पन्ना में प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें पदयात्रा के दौरान सामने आई समस्याओं और तथ्यों को मीडिया के सामने रखा जाएगा। 11 मार्च को कलेक्ट्रेट पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल इसके बाद 11 मार्च को प्रभावित ग्रामीणों और जय किसान संगठन का प्रतिनिधिमंडल पन्ना कलेक्ट्रेट पहुंचेगा, जहां कलेक्टर से मिलकर विस्थापित गांवों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा और कानूनी व व्यवहारिक समाधान की मांग की जाएगी। ये रहे शामिल भागवती आदिवास, राधा आदिवासी, कमला देवी आदिवास, हल्की यादव, कल्लू आदिवासी, गनपत आदिवासी, राजू आदिवास, मंगल यादव, देशकुमार यादव, कमलेश यादव, मुलायम यादव,आशराम आदिवासी, महेश यादव, अंकित सोनी, पप्पू आदिवासी, मातादीन आदिवासी, लेखराम यादव, बबलू यादव, बबलू आदिवासी, राजू आदिवास
    1
    हक मांगने पर हाका जाता है : विस्थापित गांवों का छलका दर्द 
ज़मीन छीनी, अब जान मत छीनो” न्याय अधिकार पदयात्रा तीसरे दिन मझगाय व रूँझ बाँध प्रभावित गांवों में पहुंची
विस्थापितों के साथ हो रहे अन्याय और दर्द को प्रशासन व सरकार के बीच रखेंगे” : अमित भटनागर
अजयगढ- जय किसान संगठन के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में चल रही “न्याय अधिकार पदयात्रा” के तीसरा दिन माझगाय मध्यम सिंचाई परियोजना और रुन्झ बांध से प्रभावित गांवों में किसानों और आदिवासी परिवारों के बीच में बीता, लोगों ने बढ़ चढ़कर यात्रा में सहभागिता निभाई, जिसमें जिसमें बड़ी संख्या महिलाओं की थी।  
तीन दिवसीय इस पदयात्रा का मुख्य संदेश “ज़मीन छीनी, अब जान मत छीनो” है, जिसके माध्यम से विस्थापित किसानों और आदिवासी परिवारों के दर्द और समस्याओं को सामने लाया जा रहा है।
पदयात्रा के तीसरे दिन बनहरी, टपरियन, कुंवारपुरा और बालूपुर गांवों में पहुंचकर किसान चौपाल आयोजित की गई, जहां ग्रामीणों ने विस्थापन से जुड़ी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। खबर लिखे जाने तक पदयात्रा  रुन्झ बांध प्रभावित गांव विश्रामगंज और पांडेपुरवा मे किसान चौपाल कर रही थी, जहां ग्रामीणों की समस्याओं का दस्तावेजीकरण किया जा रहा था और उन्हें भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 की जानकारी दी जा रही थी।
ग्रामीण बोले – हमें कानून और ग्रामसभा की जानकारी तक नहीं
किसान चौपाल में ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें आज तक भूमि अधिग्रहण कानून या ग्रामसभा की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। ग्रामीणों ने कहा,हमने पहली बार इस कानून का नाम सुना है। हमें तो यह भी नहीं पता था कि ग्रामसभा होती है और हमसे पूछा जाता है। हमें लगता था कि सरकार हमें जबरन उजाड़ना चाहती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना सम्बंधित ग्रामसभा, आम सभा या जनसुनबाई कभी आयोजित नहीं की गई और न ही कानूनी प्रक्रिया के बारे में उन्हें अवगत कराया गया।
ग्रामीणों ने भावुक होकर बताया कि जब भी वे अपना हक मांगने प्रशासन के पास जाते हैं तो उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता।
आदिवासी महिला व किसानों का कहना था कि, हम अपना हक मांगने जाते हैं तो हमें जानवरों की तरह हांक दिया जाता है।” यह कहते हुए कई ग्रामीणों की आंखों में आंसू आ गए और माहौल भावुक हो गया।
पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर मेरा मन व्यथित है। आजाद देश में लोगों के साथ ऐसा व्यवहार होना बेहद दुखद है। हम गांव-गांव जाकर लोगों के साथ हो रहे अन्याय और दर्द को प्रशासन और सरकार के सामने मजबूती से रखेंगे। उन्होंने कहा कि जय किसान संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि कानून के अनुसार न्याय दिलाना है।
इससे पहले पदयात्रा के पहले चरण में केन बेतवा विस्थापितों से सातवां 8 मार्च को संवाद का किसान चौपाल कर पद यात्रा गहदरा पहुंची थीं , जहां 9 प्रभावित गांवों की महाचौपाल आयोजित हुई ।महाचौपाल में सैकड़ों ग्रामीण और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रभावित महिलाओं ने प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखकर न्याय की मांग की।
10 मार्च को प्रेस वार्ता
पदयात्रा के समापन के बाद 10 मार्च को पन्ना में प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें पदयात्रा के दौरान सामने आई समस्याओं और तथ्यों को मीडिया के सामने रखा जाएगा।
11 मार्च को कलेक्ट्रेट पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल
इसके बाद 11 मार्च को प्रभावित ग्रामीणों और जय किसान संगठन का प्रतिनिधिमंडल पन्ना कलेक्ट्रेट पहुंचेगा, जहां कलेक्टर से मिलकर विस्थापित गांवों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा और कानूनी व व्यवहारिक समाधान की मांग की जाएगी।
ये रहे शामिल 
भागवती आदिवास, राधा आदिवासी, कमला देवी आदिवास,  हल्की यादव, कल्लू आदिवासी, गनपत आदिवासी, राजू आदिवास, मंगल यादव, देशकुमार यादव, कमलेश यादव, मुलायम यादव,आशराम आदिवासी, महेश यादव, अंकित सोनी, पप्पू आदिवासी, मातादीन आदिवासी, लेखराम यादव, बबलू यादव, बबलू आदिवासी, राजू आदिवास
    user_सोशल मीडिया प्रभारी पन्ना मध्य प्रदेश
    सोशल मीडिया प्रभारी पन्ना मध्य प्रदेश
    Local News Reporter अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.