Shuru
Apke Nagar Ki App…
उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री---
S.alam D.A.T/M.D.E news
उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री---
More news from बिहार and nearby areas
- राज्य में शहरी सड़कों------1
- बिहार में हर साल बाढ़ आती है जिससे करोड़ों का नुकसान होता है। लोगों का फसल, मवेशी और घर हर साल बह जाता है बाढ़ में।1
- new shuru aaps ka #funny1
- सुपौल किशनपुर रोड में नैमनमा के पास भिसन सड़क हादसे में दो व्यक्ति की जान चली गई मीली जानकारी के अनुसार दो मोटरसाइकिल के आपस में टकराने से यह सड़क हादसा हुआ है1
- मधेपुरा में एक मासूम बच्चे को कथित अंधविश्वास की घटना से सुरक्षित बचाया गया। प्रशासन और स्थानीय लोगों की सतर्कता से बड़ी अनहोनी टल गई। इस वीडियो का उद्देश्य समाज में फैले अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। 👉 अंधविश्वास से दूर रहें 👉 किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें 👉 बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले #Madhepura #StopSuperstition #SaveChild #ChildSafety #BiharNews #Awareness #SayNoToAndhvishwas #HumanityFirst #CrimeAlert #StaySafe1
- देशव्यापी भारत बंद का असर बिहार के मधेपुरा में भी देखने को मिला। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मजदूरों, कर्मचारियों और किसान संगठनों ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चार नए लेबर कोड को रद्द करने की मांग उठाई। मधेपुरा में गुरुवार को भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में लाल झंडे और मांगों से जुड़ी तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन का नेतृत्व एक्टू समेत देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, विभिन्न सेवा संघों और फेडरेशनों ने किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग चार नए लेबर कोड को वापस लेने की रही। यूनियनों का आरोप है कि ये श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी हैं और इससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे। उनका कहना है कि नए कानून लागू होने से काम के घंटे बढ़ सकते हैं, नौकरी की सुरक्षा खत्म हो सकती है और संगठित व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। भारत बंद के दौरान बैंकिंग, बीमा, बिजली, परिवहन, स्वास्थ्य, गैस और जलापूर्ति जैसी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई गई। हालांकि प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखने का दावा किया। बैंकिंग क्षेत्र में आंशिक असर देखने को मिला, जहां कुछ शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, भाकपा माले सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने के लिए श्रमिक कानूनों को कमजोर कर रही है। वहीं अन्य वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक मजदूरों और किसानों की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बाइट --प्रमोद प्रभाकर, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव4
- karnatka bangluru pahadi elaka1
- बोले मंत्री-------1