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सुपौल में भीषण सड़क हादसा सुपौल किशनपुर रोड में नैमनमा के पास भिसन सड़क हादसे में दो व्यक्ति की जान चली गई मीली जानकारी के अनुसार दो मोटरसाइकिल के आपस में टकराने से यह सड़क हादसा हुआ है
Laxman kumar
सुपौल में भीषण सड़क हादसा सुपौल किशनपुर रोड में नैमनमा के पास भिसन सड़क हादसे में दो व्यक्ति की जान चली गई मीली जानकारी के अनुसार दो मोटरसाइकिल के आपस में टकराने से यह सड़क हादसा हुआ है
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- सुपौल किशनपुर रोड में नैमनमा के पास भिसन सड़क हादसे में दो व्यक्ति की जान चली गई मीली जानकारी के अनुसार दो मोटरसाइकिल के आपस में टकराने से यह सड़क हादसा हुआ है1
- सुपौल जिले में जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच तनाव का मामला सामने आया है। पीड़ित मोहम्मद इजराफिल ने आरोप लगाया है कि उनके ही भाई ने जमीन के बंटवारे को लेकर उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी दी है। मोहम्मद इजराफिल ने बताया कि पारिवारिक जमीन के हिस्से को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के बीच उनके भाई ने फोन कर गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। बातचीत के दौरान आरोपी भाई ने कहा, “हिम्मत है तो घर आकर दिखाओ”, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। साथ ही कहां की मेरा घर पात्रा वार्ड नंबर एक है हम बेंगलुरु में रहकर अपना और अपने परिवार का काम करके जीवन यापन करते हैं लेकिन फिर भी मेरा भाई फोन कर कर हमको मारने की धमकी देता है साथ ही पीड़ित का कहना है कि वह किसी तरह का विवाद नहीं चाहते, लेकिन लगातार मिल रही धमकियों से वह और उनका परिवार भयभीत है।1
- Post by Rinku Rinku1
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- देशव्यापी भारत बंद का असर बिहार के मधेपुरा में भी देखने को मिला। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मजदूरों, कर्मचारियों और किसान संगठनों ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चार नए लेबर कोड को रद्द करने की मांग उठाई। मधेपुरा में गुरुवार को भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में लाल झंडे और मांगों से जुड़ी तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शन का नेतृत्व एक्टू समेत देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, विभिन्न सेवा संघों और फेडरेशनों ने किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग चार नए लेबर कोड को वापस लेने की रही। यूनियनों का आरोप है कि ये श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी हैं और इससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे। उनका कहना है कि नए कानून लागू होने से काम के घंटे बढ़ सकते हैं, नौकरी की सुरक्षा खत्म हो सकती है और संगठित व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। भारत बंद के दौरान बैंकिंग, बीमा, बिजली, परिवहन, स्वास्थ्य, गैस और जलापूर्ति जैसी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई गई। हालांकि प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखने का दावा किया। बैंकिंग क्षेत्र में आंशिक असर देखने को मिला, जहां कुछ शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, भाकपा माले सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने के लिए श्रमिक कानूनों को कमजोर कर रही है। वहीं अन्य वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक मजदूरों और किसानों की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बाइट --प्रमोद प्रभाकर, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव4
- राज्य में शहरी सड़कों------1
- सहरसा ओभरब्रिज कार्य ❣️ पिलर ढलाई हो गया 💞🥰1
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में किसानों के विरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए आज लोहिया नगर चौक पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) किसान प्रकोष्ठ द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता एवं किसान समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समझौते को किसान विरोधी बताया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मोहन यादव ने की। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के किसानों को भारी नुकसान होगा। उनका आरोप था कि इस तरह के समझौते से कृषि क्षेत्र पर विदेशी दबाव बढ़ेगा और स्थानीय किसानों की आय प्रभावित होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियों पर पुनर्विचार करने की मांग की। इस मौके पर लव यादव, रामनाथ मंडल, प्रो. विजय कुमार यादव, मदन पासवान, दिनेश यादव, विद्या देवी, नीतीश मुखिया, प्रमोद कुमार, रामानंदन यादव, सीताराम मंडल, दुखीलाल यादव, देवनारायण मंडल, सुरेन्द्र कुमार श्यामल, रौनक कुमार, जागेश्वर यादव सहित कई राजद कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने कहा कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों की भीड़ भी कार्यक्रम को देखने के लिए जुटी रही। राजद नेताओं ने भविष्य में भी किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।1