सीहोर जिले के भेरूंडा में अवैध रेट परिवहन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बिना रॉयल्टी लेख लेकर गुजर रहे ट्रैक्टर ट्रालियों का विरोध करने पर विवाद इतना बढ़ गया कि एक ट्रैक्टर चालक की पिटाई हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला बल्लू का क्षेत्र के छापरी की मोटा बबली खेड़ा और संत कोटा मार्ग का है, जहां ग्रामीणों का आरोप है कि रोजाना बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्राली गुजरते हैं, जिससे आए दिन ग्रामीणों को स्कूली बच्चों का खतरा बना रहता है। सूचना मिलने पर नया तहसीलदार मौके पर पहुंचे और बिना रॉयल्टी रेट परिवहन कर रहे ट्रैक्टर ट्रालियों को जप्त किया। अब देखने वाली बात है कि शासन क्या कार्रवाई करता है या इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है। ग्रामीणों का परिवहन को लेकर भड़का गुस्सा और चालक की पिटाई का वीडियो वायरल हो गया है। बिना रॉयल्टी के तीन ट्रैक्टर ट्रालियों को जप्त किया गया है।
सीहोर जिले के भेरूंडा में अवैध रेट परिवहन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बिना रॉयल्टी लेख लेकर गुजर रहे ट्रैक्टर ट्रालियों का विरोध करने पर विवाद इतना बढ़ गया कि एक ट्रैक्टर चालक की पिटाई हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला बल्लू का क्षेत्र के छापरी की मोटा बबली खेड़ा और संत कोटा मार्ग का है, जहां ग्रामीणों का आरोप है कि रोजाना बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्राली गुजरते हैं,
जिससे आए दिन ग्रामीणों को स्कूली बच्चों का खतरा बना रहता है। सूचना मिलने पर नया तहसीलदार मौके पर पहुंचे और बिना रॉयल्टी रेट परिवहन कर रहे ट्रैक्टर ट्रालियों को जप्त किया। अब देखने वाली बात है कि शासन क्या कार्रवाई करता है या इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है। ग्रामीणों का परिवहन को लेकर भड़का गुस्सा और चालक की पिटाई का वीडियो वायरल हो गया है। बिना रॉयल्टी के तीन ट्रैक्टर ट्रालियों को जप्त किया गया है।
- मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के कुबलेश्वर धाम में तृतीय दिवस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और सीईओ डॉक्टर प्रशांत चौबे ने विशाल जैन समूह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया और समाज को नशा मुक्त बनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक सीहोर डॉक्टर अभिनंदन शर्मा, थाना प्रभारी यातायात सीहोर बृजेश मोहन धाकड़ और थाना प्रभारी मंडी निरीक्षक सुनील मेहर विशेष रूप से उपस्थित रहे।1
- देश के नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा की अव्यवस्थाओं को लेकर आम यात्रियों और वाहन चालकों में भारी रोष है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के मुताबिक, यदि टोल बूथ पर 100 मीटर से अधिक लंबी लाइन लगती है तो वाहनों को बिना टोल दिए पास कराया जाना चाहिए, लेकिन टोल कर्मचारी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, FASTag व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद भी टोल प्लाजा पर 'कैश लाइन' के नाम पर मनमानी के आरोप लग रहे हैं। देश भर से टोल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और टोल वसूली पर रोक लगाने की मांग उठ रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और उनसे इस्तीफे की मांग की जा रही है।1
- देश में टोल टैक्स को लेकर बहस तेज होती जा रही है। जनता का कहना है कि पहले से ही रोड टैक्स, जीएसटी, पेट्रोल पर टैक्स और अन्य शुल्क चुकाने के बाद टोल टैक्स देना अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर लोग टोल वसूली की अवधि, सड़कों की गुणवत्ता और बढ़ते खर्च को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सरकार का तर्क है कि टोल टैक्स से सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए संसाधन जुटाए जाते हैं। हालांकि, जनता का मानना है कि टोल वसूली के बावजूद सड़कों की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है। लोग यह भी सवाल कर रहे हैं कि आखिर टोल टैक्स की राशि कहाँ जा रही है और सड़कों की हालत में सुधार क्यों नहीं हो रहा है। यह बहस थमने का नाम नहीं ले रही है और जनता की नाराजगी बढ़ती जा रही है। अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी राय और तर्क हैं, लेकिन टोल टैक्स को लेकर जनता की चिंताएँ बढ़ती ही जा रही हैं।1
- भारत में सड़कों का विकास और टोल टैक्स का मुद्दा एक दिलचस्प विरोधाभास प्रस्तुत करता है। एक ओर सरकार और नितिन गडकरी जैसे मंत्री सड़कों के विकास और नई परियोजनाओं की घोषणा करते हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता को इन सड़कों पर चलने के लिए बार-बार भुगतान करना पड़ता है। गाड़ी खरीदते समय रोड टैक्स, गाड़ी पर जीएसटी, पेट्रोल पर टैक्स, इंश्योरेंस, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाणपत्र के अलावा, सड़क पर निकलते ही टोल टैक्स अलग से देना पड़ता है। ऐसा लगता है कि गाड़ी सड़क पर कम और टैक्स के जंगल में ज़्यादा दौड़ रही है। टोल प्लाज़ा पर अक्सर ऐसा देखा जाता है कि पांच मिनट का रास्ता बचाने के लिए दस मिनट की लाइन में लगना पड़ता है, जबकि बोर्ड पर 'सुगम यात्रा' लिखा होता है। सरकार का दावा है कि टोल से सड़क का रखरखाव होता है, लेकिन जनता का सवाल है कि फिर हर बरसात में सड़कें गड्ढों में क्यों बदल जाती हैं? टोल वसूली की अवधि बढ़ती ही क्यों जा रही है? जनता को लगता है कि सड़क का खर्च कभी न कभी पूरा हो जाएगा, लेकिन टोल प्लाज़ा बताते हैं कि विकास की कहानी का अंतिम अध्याय अभी लिखा ही नहीं गया है। हाल ही में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे ने राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है, और अब यह चर्चा होने लगी है कि टोल टैक्स का मुद्दा भी ऐसा न बन जाए कि विपक्ष के भाषणों का मुख्य विषय और जनता के गुस्से का नया केंद्र बन जाए। राजनीति में कुर्सियां कई बार बड़े-बड़े मुद्दों से नहीं, छोटे-छोटे जनाक्रोश से भी हिल जाती हैं। गडकरी जी को लोग काम करने वाला मंत्री मानते हैं, लेकिन राजनीति केवल काम से नहीं, जनता की धारणा से भी चलती है। यदि जनता को यह लगने लगे कि सड़कें तो शानदार हैं, लेकिन उन पर चलना महंगा होता जा रहा है, तो विरोध की रफ्तार भी एक्सप्रेसवे से कम नहीं होगी। विकास और वसूली के बीच संतुलन भी जरूरी है। जनता अच्छी सड़कें चाहती है, लेकिन हर मोड़ पर जेब हल्की होने का अहसास नहीं। आखिर सड़क पर चलने वाला वही नागरिक है जिसने टैक्स देकर सरकार बनाई, गाड़ी खरीदी, पेट्रोल खरीदा और फिर उसी सड़क पर चलने के लिए दोबारा भुगतान भी किया। इसलिए गडकरी जी, देश को अच्छी सड़कें दीजिए, आधुनिक पुल बनाइए, एक्सप्रेसवे का जाल बिछाइए, लेकिन जनता को यह भरोसा भी दिलाइए कि विकास केवल टोल की रसीदों से नहीं मापा जाएगा। वरना कहीं ऐसा न हो कि आने वाले दिनों में लोग सड़क की गुणवत्ता से कम और टोल की रसीद से ज़्यादा परेशान दिखाई दें।1
- भोपाल के राजधानी यादव समाज के चुनाव में अध्यक्ष पद पर रामस्वरूप यादव ने तीसरी बार भारी मतों से जीत हासिल की है। समाज ने उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाया। इस चुनाव में रामस्वरूप यादव ने अध्यक्ष पद पर हैट्रिक लगा दी है। समाज के सदस्यों ने उनके कार्यों की सराहना की और उन्हें पुनः अध्यक्ष निर्वाचित किया।2
- मध्य प्रदेश में स्थित भोपाल के हुज़ूर में नागरिक स्वतंत्रता परियोजना (CJP) ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। CJP का दावा है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है और गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को अभी तक रिहा नहीं किया गया है। CJP ने एक वीडियो में यह बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने पूरी खबर और अपने बड़े आरोपों का जिक्र किया है। CJP ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को नहीं छोड़ा है।1
- सीहोर जिले के भेरूंडा में अवैध रेट परिवहन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बिना रॉयल्टी लेख लेकर गुजर रहे ट्रैक्टर ट्रालियों का विरोध करने पर विवाद इतना बढ़ गया कि एक ट्रैक्टर चालक की पिटाई हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला बल्लू का क्षेत्र के छापरी की मोटा बबली खेड़ा और संत कोटा मार्ग का है, जहां ग्रामीणों का आरोप है कि रोजाना बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्राली गुजरते हैं, जिससे आए दिन ग्रामीणों को स्कूली बच्चों का खतरा बना रहता है। सूचना मिलने पर नया तहसीलदार मौके पर पहुंचे और बिना रॉयल्टी रेट परिवहन कर रहे ट्रैक्टर ट्रालियों को जप्त किया। अब देखने वाली बात है कि शासन क्या कार्रवाई करता है या इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है। ग्रामीणों का परिवहन को लेकर भड़का गुस्सा और चालक की पिटाई का वीडियो वायरल हो गया है। बिना रॉयल्टी के तीन ट्रैक्टर ट्रालियों को जप्त किया गया है।2
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के आनंदनगर इलाके में एक मामूली ओवरटेक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। जानकारी के मुताबिक, एक युवक ने महिला एक्टिवा चालक को ओवरटेक किया, जिससे नाराज़ महिला और उसके सगे भाई ने युवक से विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विवाद एक जानलेवा हमले में बदल गया। दोनों ने मिलकर युवक पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।1