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उमरिया जिले के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार भागवानी ने थाना मानपुर से संबंधित एक मामले में पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। यह इनाम अपराध क्रमांक 176/2026, धारा 13(2) बी.एन.एस. के तहत दर्ज एक मामले में ग्राम ताला चौकी ताला से अपृहता (अपहृत महिला) की दस्तयाबी के लिए दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने उदघोषणा की है कि जो कोई भी व्यक्ति ऐसी सूचना देगा जिसके आधार पर अपृहता की दस्तयाबी या गिरफ्तारी संभव हो सके, उसे पांच हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस इनाम के वितरण के संबंध में अंतिम निर्णय उमरिया पुलिस अधीक्षक का ही होगा।
Tapas Gupta
उमरिया जिले के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार भागवानी ने थाना मानपुर से संबंधित एक मामले में पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। यह इनाम अपराध क्रमांक 176/2026, धारा 13(2) बी.एन.एस. के तहत दर्ज एक मामले में ग्राम ताला चौकी ताला से अपृहता (अपहृत महिला) की दस्तयाबी के लिए दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने उदघोषणा की है कि जो कोई भी व्यक्ति ऐसी सूचना देगा जिसके आधार पर अपृहता की दस्तयाबी या गिरफ्तारी संभव हो सके, उसे पांच हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस इनाम के वितरण के संबंध में अंतिम निर्णय उमरिया पुलिस अधीक्षक का ही होगा।
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- जनहानि की एक घटना से जुड़ी और सिवनी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास लगातार विचरण कर रही एक मादा बाघ शावक को सिवनी से सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाया गया था। इस शावक को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मगधी रेंज के बहेरहा बाड़े में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है। यह बाघ शावक सिवनी के दक्षिण वन मंडल क्षेत्र में लंबे समय से गांवों के आसपास देखी जा रही थी, जिससे जनसुरक्षा पर खतरा था। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर उसे पिंजरे में सुरक्षित पकड़ा था। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में शावक को सिवनी से बांधवगढ़ लाया गया था। शावक को बाड़े में छोड़े जाने के दौरान उपसंचालक, सहायक संचालक मगधी, वन परिक्षेत्र अधिकारी मगधी, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य वनकर्मी मौजूद थे। रिलीज़ के बाद क्षेत्र संचालक ने शावक का निरीक्षण किया, जिसमें उसकी स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। वह बाड़े में सहज रूप से घूमती और वातावरण के अनुरूप खुद को ढालती दिखाई दी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल की जाएगी और उसकी गतिविधियों व स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, उपयुक्त समय आने पर उसे पुनः वन क्षेत्र में मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रयास मानव-वन्यप्राणी संघर्ष में शामिल, अनाथ या घायल बाघों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के चल रहे कार्यों का हिस्सा है, जिसे वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात और टीआई ज्योति शुक्ला के निर्देशन में दो दिवसीय चालानी कार्यवाही सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करते हुए कुल एक लाख छह हजार नौ सौ रुपये (₹1,06,900) समन शुल्क के रूप में वसूल किए गए। दिनांक 21/06/26 को हुई कार्रवाई में बिना हेलमेट वाहन के 26 प्रकरणों से 7,800 रुपये और बिना वैध बीमा वाहन के 1 प्रकरण से 6,000 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। वहीं, दिनांक 22/06/26 को बिना हेलमेट के 16 प्रकरणों से 4,800 रुपये, बिना वैध बीमा वाहन के 1 प्रकरण से 500 रुपये, ओवर लोड माल के 2 प्रकरणों से 42,000 रुपये और बिना परमिटवस के मामलों में 10,000 रुपये वसूल किए गए। इसके अतिरिक्त, शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई और उनके प्रकरण तैयार कर न्यायालय में भेजे गए। इस पूरी कार्यवाही को सफलतापूर्वक संचालित करने में भारतेड पाण्डेय, कल्याण सिंह, अमय प्रताप सिंह, पीयूष मिश्रा, ब्रजेश यादव और चंद्र भान महोबिया ने अहम भूमिका निभाई।1
- भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के प्रयासों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन में बताया गया है कि वरिष्ठ पत्रकार साथी एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की है, जिसे महासंघ ने प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को दूरभाष पर यह जानकारी दी थी कि पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि लिए जाने और अतिरिक्त धनराशि की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। इसी संबंध में तथ्य जानने के उद्देश्य से निलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से फोन पर संपर्क किया था, जिसके दौरान बातचीत में विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद कथित रूप से ऑडियो को संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और निलेश सोनी के विरुद्ध थाना ब्यौहारी में शिकायत भी दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के विरुद्ध भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। इस मामले को लेकर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्लॉक इकाई ब्यौहारी ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से पत्रकारों में असंतोष व्याप्त है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करना और मानसिक प्रताड़ना देना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वायरल किए गए ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिकायत मिथ्या एवं दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन निष्पक्षता और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित करेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी दुर्भावनापूर्ण गतिविधि का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।1
- मानपुर की एसडीएम हरनीत कौर कलसी ने सोमवार देर रात करीब 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानपुर का औचक निरीक्षण कर सभी को चौंका दिया। इस आधी रात हुए प्रशासनिक दौरे से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकीय व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि नाइट ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और स्टाफ नर्स उपस्थित थे, और अस्पताल में भर्ती मरीजों को आवश्यक उपचार व दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही थीं। हालांकि, इस औचक निरीक्षण में अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था में कुछ खामियां पाई गईं। इन कमियों पर एसडीएम कलसी ने संबंधित अधिकारियों से सफाई कर्मियों का रोस्टर तलब किया है। एसडीएम कलसी ने इस दौरान जोर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल की अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था में पाई गई कमियों को लेकर जवाब तलब किया जाएगा। प्रशासन द्वारा आधी रात किए गए इस निरीक्षण को प्रशासन की सक्रियता और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसकी लोगों ने सराहना की है।2
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 जून को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना 1 अप्रैल 2006 से प्रदेश में लागू है, जिसके तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की विवाह योग्य कन्या, विधवा या परित्यक्ता के सामूहिक विवाह के लिए प्रति कन्या 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना से वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण और विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है। शैक्षणिक पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने शासकीय माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में और हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में अपग्रेड करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा। अगले दो वर्षों 2027-28 और 2028-29 में भी प्रतिवर्ष इसी प्रकार 75 माध्यमिक और 100 हाई स्कूलों के उन्नयन पर सहमति बनी, जिसके लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये है। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हाई स्कूल स्तर पर सकल नामांकन दर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने के कारण ड्रॉपआउट दर बढ़ने की समस्या को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा, बल्कि उन विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना की शर्तों को स्वीकृति दी। इसके अनुसार, खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथियों के बजाय वार्षिक एकल ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी, जो प्रथम ऋण आहरण से 12 माह तक मान्य होगी। अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को राज्य शासन द्वारा 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह योजना वर्ष 2012-13 से लागू है, जिसके तहत 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए शैक्षणिक वर्ग के 9 और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पदों सहित कुल 17 पदों के सृजन तथा 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये के व्यय को स्वीकृति मिली है। यह कदम बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के बजाय पृथक महाविद्यालय में संचालित करने की आवश्यकता को पूरा करेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के निरंतर संचालन हेतु 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाने का निर्णय भी लिया गया।3
- डिंडोरी जिले में वन विभाग ने सर्प से बचाव के लिए एक दल तैनात किया है। यह बचाव दल जिले के सभी रेंज में अपनी सेवाएँ देगा।4
- डिंडौरी जिले में किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से आत्मा परियोजना और नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत एक दिवसीय कृषक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों और कृषि सखियों को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों और व्यवहारिक मॉडल की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत, डिंडौरी विकासखंड के बीआरसी (BRC) एवं सीआरपी (CRP) से जुड़े किसानों और कृषि सखियों ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति ढोंढ़ा का भ्रमण किया। यहां उन्हें प्राकृतिक और गौवंश आधारित जैविक खेती की विभिन्न गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया, साथ ही किसानों को कम लागत में टिकाऊ खेती के तरीके समझाए गए। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र, बीज उपचार सहित जैविक कृषि से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की प्रायोगिक जानकारी दी गई। फार्म हाउस में उगाई जा रही सब्जियों, फलों और धान की नर्सरी का प्रदर्शन भी किया गया। इसके अतिरिक्त, किसानों को गोबर गैस यानी बायोगैस यूनिट के संचालन की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि पशुधन आधारित यह मॉडल न केवल घरेलू गैस के खर्च को कम करने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने में भी उपयोगी साबित हो सकता है। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए समझाया गया कि वे छोटे स्तर से शुरुआत कर धीरे-धीरे जैविक मॉडल को अपना सकते हैं। इस बात पर जोर दिया गया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को रासायनिक खेती के विकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि सखी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।2
- उमरिया के कलेक्टर सभागार में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय की अध्यक्षता में जिला कौशल विकास समिति की एक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कौशल विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की गई, साथ ही लक्ष्यों की पूर्ति के लिए कार्ययोजना, प्लेसमेंट के अवसर, आईटीआई में प्रवेश की कार्ययोजना और आईटीआई के बाद करियर के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के तहत 37 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, संस्था स्तर पर आयोजित विभिन्न कंपनी प्लेसमेंट ड्राइव्स के माध्यम से 230 प्रशिक्षणार्थियों का अंतिम चयन किया गया है, जबकि युवा संगम के ज़रिए 1216 युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराया गया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत भी 57 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आलोक कुमार शर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती रीता डेहरिया, अमित सिंह, डिप्टी कलेक्टर कमलेश राम नीरज, डिप्टी कलेक्टर प्रत्युष श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के ज़िला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।1