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विदिशा जिले के करारिया सतपाड़ा निवासी परवेज खान और उनके परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने अपने खिलाफ करारिया थाने में दर्ज मारपीट की एक शिकायत को झूठा बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने एसपी को बताया कि उनके परिवार का गांव के ही फारूक और उनके परिजनों के साथ वर्ष 2024 से एक विवाद चल रहा है, जिसका मामला अभी भी अदालत में है। परवेज खान के अनुसार, हाल ही में फारूक खान खुद एक दिन पहले अपनी बाइक से गिरकर घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार के खिलाफ मारपीट की झूठी शिकायत दर्ज करवा दी गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है।
रिपोर्टर rupesh yadav
विदिशा जिले के करारिया सतपाड़ा निवासी परवेज खान और उनके परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने अपने खिलाफ करारिया थाने में दर्ज मारपीट की एक शिकायत को झूठा बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने एसपी को बताया कि उनके परिवार का गांव के ही फारूक और उनके परिजनों के साथ वर्ष 2024 से एक विवाद चल रहा है, जिसका मामला अभी भी अदालत में है। परवेज खान के अनुसार, हाल ही में फारूक खान खुद एक दिन पहले अपनी बाइक से गिरकर घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार के खिलाफ मारपीट की झूठी शिकायत दर्ज करवा दी गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है।
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- आज मुंगावली में मल्हारगढ़ चौकी अंतर्गत मानस भवन में साईबर 2.0 अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश ने उपस्थित लोगों को साईबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी साझा न करने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय के साथ एसडीओपी सनम बी खान, थाना प्रभारी अरविंद सिंह कछुवाह, साईबर सेल प्रभारी मसी खान और उनकी टीम, अन्य पुलिस स्टाफ, गणमान्य नागरिक और छात्र सहित लगभग 150 से 200 लोग मौजूद रहे।4
- यह पोस्ट गहरे प्रेम और शांति की भावना को दर्शाती है, जहाँ प्रिय के चेहरे को देखने मात्र से हर खामोशी को सुकून मिल जाने की हार्दिक इच्छा व्यक्त की गई है।1
- सागर जिले में, अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए महिलाओं ने एक मोर्चा खोल दिया है। वे अवैध शराब के खिलाफ खुलकर सामने आई हैं और इस दिशा में अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं। इसी के साथ, सागर में एक घोड़े की अंतिम यात्रा पर लोगों का एक बड़ा हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान, घोड़े के मालिक ने सागर नगर निगम के प्रति अपना गहरा गुस्सा व्यक्त किया।1
- विदिशा जिला कलेक्ट्रेट में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में आज वार्ड क्रमांक 33 के कॉलोनीवासी अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचे। उन्होंने विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता के नाम एक शिकायती आवेदन सौंपा, जिसमें अपनी कॉलोनी की बदहाल सड़कों की मरम्मत कार्य की माँग की गई। कॉलोनीवासियों ने कलेक्टर से उम्मीद जताई है कि वे उनकी शिकायत पर ध्यान देंगे। वहीं, शहर की अन्य कॉलोनियों और वार्डों-मोहल्लों में भी सड़कों की बदहाल स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण राहगीरों को आने-जाने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर महोदय इन शिकायतों पर कितना संज्ञान लेते हैं।1
- विदिशा जिले के ग्यारसपुर के दहलवाड़ा में स्थित उद्यानकी विभाग में कार्यरत भगवान सिंह लोधी ने आज जनसुनवाई में अपने परिवार के साथ कलेक्टर से गुहार लगाई। उन्होंने शिकायत की कि वर्ष 2009 से नर्सरी में काम करने के बावजूद उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। भगवान सिंह लोधी ने बताया कि उनके पिता वर्ष 1981 से इसी विभाग की नर्सरी में काम करते थे, लेकिन वर्ष 2017 में कुछ लोगों द्वारा की गई झूठी शिकायत के बाद उन्हें हटा दिया गया था। भगवान सिंह ने खुद वर्ष 2009 से नर्सरी में काम करना शुरू किया और शुरुआत में उन्हें कुछ महीनों तक वेतन मिला, लेकिन उसके बाद से उन्हें कोई वेतन नहीं दिया गया है। वेतन न मिलने के कारण अब उनके सामने परिवार का पालन-पोषण करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए वे पहले भी कई बार कलेक्टर से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अपनी परेशानी दोहराते हुए, उन्होंने कलेक्टर से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है।4
- विदिशा जिले में जिला लोधी समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर को एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए उन्होंने सागर जिले के जिला पंचायत सदस्य और युवा लोधी समाज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वजीत सिंह लोधी पर दर्ज एक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोधी समाज ने आरोप लगाया है कि सर्वजीत सिंह लोधी को एक पुराने मामले में बिना किसी जांच के गिरफ्तार करने की कार्रवाई द्वेषपूर्ण है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव के कारण हुई है और इसीलिए वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं।4
- विदिशा में बेतवा नदी पर बने 176 वर्ष पुराने एक ऐतिहासिक पुल को बड़ी पानी की पाइपलाइन बिछाने के नाम पर जेसीबी मशीनों से खोदा जा रहा है, जिससे शहर की यह प्राचीन धरोहर खतरे में पड़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस कार्रवाई से पुल की मूल संरचना कमजोर हो रही है और उसे अपूरणीय क्षति पहुंचाई जा रही है। यह ऐतिहासिक पुल विदिशा-अशोकनगर मार्ग पर बढ वाले घाट के पास स्थित है, जिसका निर्माण सन 1850 में महाराजा जयाजीराव सिंधिया के शासनकाल में हुआ था। शहर की सांस्कृतिक विरासत और पहचान का अहम हिस्सा होने के बावजूद, संबंधित अधिकारियों पर आरोप है कि वे इस खुदाई की अनुमति किस आधार पर दी गई, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। सवाल उठाया जा रहा है कि क्या पुरातत्व विभाग या लोक निर्माण विभाग जैसी सक्षम अथॉरिटी से आवश्यक अनुमति ली गई थी, और यदि हाँ, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की आशंका है कि पाइपलाइन डालने के बाद की जा रही मरम्मत केवल औपचारिकता है, जिसमें न तो मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है और न ही गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग हो रहा है। इससे पुल की नींव प्रभावित हो सकती है और भविष्य में यह गंभीर खतरे में पड़ सकता है। यह विदिशा में किसी ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुँचाने का पहला मामला नहीं है; इससे पहले रंगई क्षेत्र के पुराने बेतवा पुल को भी इसी तरह क्षति पहुँचाई गई थी। इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, जनभावना की ओर से मांग की गई है कि प्राचीन पुल पर चल रहे कार्य को तत्काल तकनीकी जांच होने तक रोका जाए। स्वतंत्र विशेषज्ञों से पुल की संरचनात्मक सुरक्षा का परीक्षण कराया जाए, यदि कोई अनुमति है तो उसे सार्वजनिक किया जाए, और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए एक स्थायी नीति बनाई जाए। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या हम विकास के नाम पर अपनी विरासत को स्वयं मिटा देंगे, और क्या आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास को केवल किताबों और तस्वीरों में ही खोजती रह जाएंगी।1
- रविवार शाम बीना रिफाइनरी के फ्लेयर स्टैक से तेज लौ और गहरा काला धुआं उठता दिखाई दिया, जिसने स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति रिफाइनरी के स्टार्टअप, शटडाउन या किसी अन्य तकनीकी प्रक्रिया के दौरान भी उत्पन्न हो सकती है। हालांकि, इस घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि केवल रिफाइनरी प्रबंधन या संबंधित प्रशासन ही कर सकता है। इसी वजह से आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है, और बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के किसी दुर्घटना या तकनीकी खराबी का दावा नहीं किया जाएगा ताकि रिपोर्टिंग तथ्यपरक बनी रहे।1