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विदिशा जिले में जिला लोधी समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर को एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए उन्होंने सागर जिले के जिला पंचायत सदस्य और युवा लोधी समाज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वजीत सिंह लोधी पर दर्ज एक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोधी समाज ने आरोप लगाया है कि सर्वजीत सिंह लोधी को एक पुराने मामले में बिना किसी जांच के गिरफ्तार करने की कार्रवाई द्वेषपूर्ण है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव के कारण हुई है और इसीलिए वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं।
Vinod Mehra
विदिशा जिले में जिला लोधी समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर को एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए उन्होंने सागर जिले के जिला पंचायत सदस्य और युवा लोधी समाज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वजीत सिंह लोधी पर दर्ज एक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोधी समाज ने आरोप लगाया है कि सर्वजीत सिंह लोधी को एक पुराने मामले में बिना किसी जांच के गिरफ्तार करने की कार्रवाई द्वेषपूर्ण है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव के कारण हुई है और इसीलिए वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं।
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- विदिशा जिला कलेक्ट्रेट में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में आज वार्ड क्रमांक 33 के कॉलोनीवासी अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचे। उन्होंने विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता के नाम एक शिकायती आवेदन सौंपा, जिसमें अपनी कॉलोनी की बदहाल सड़कों की मरम्मत कार्य की माँग की गई। कॉलोनीवासियों ने कलेक्टर से उम्मीद जताई है कि वे उनकी शिकायत पर ध्यान देंगे। वहीं, शहर की अन्य कॉलोनियों और वार्डों-मोहल्लों में भी सड़कों की बदहाल स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण राहगीरों को आने-जाने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर महोदय इन शिकायतों पर कितना संज्ञान लेते हैं।1
- विदिशा में बेतवा नदी पर बने 176 वर्ष पुराने एक ऐतिहासिक पुल को बड़ी पानी की पाइपलाइन बिछाने के नाम पर जेसीबी मशीनों से खोदा जा रहा है, जिससे शहर की यह प्राचीन धरोहर खतरे में पड़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस कार्रवाई से पुल की मूल संरचना कमजोर हो रही है और उसे अपूरणीय क्षति पहुंचाई जा रही है। यह ऐतिहासिक पुल विदिशा-अशोकनगर मार्ग पर बढ वाले घाट के पास स्थित है, जिसका निर्माण सन 1850 में महाराजा जयाजीराव सिंधिया के शासनकाल में हुआ था। शहर की सांस्कृतिक विरासत और पहचान का अहम हिस्सा होने के बावजूद, संबंधित अधिकारियों पर आरोप है कि वे इस खुदाई की अनुमति किस आधार पर दी गई, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। सवाल उठाया जा रहा है कि क्या पुरातत्व विभाग या लोक निर्माण विभाग जैसी सक्षम अथॉरिटी से आवश्यक अनुमति ली गई थी, और यदि हाँ, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की आशंका है कि पाइपलाइन डालने के बाद की जा रही मरम्मत केवल औपचारिकता है, जिसमें न तो मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है और न ही गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग हो रहा है। इससे पुल की नींव प्रभावित हो सकती है और भविष्य में यह गंभीर खतरे में पड़ सकता है। यह विदिशा में किसी ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुँचाने का पहला मामला नहीं है; इससे पहले रंगई क्षेत्र के पुराने बेतवा पुल को भी इसी तरह क्षति पहुँचाई गई थी। इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, जनभावना की ओर से मांग की गई है कि प्राचीन पुल पर चल रहे कार्य को तत्काल तकनीकी जांच होने तक रोका जाए। स्वतंत्र विशेषज्ञों से पुल की संरचनात्मक सुरक्षा का परीक्षण कराया जाए, यदि कोई अनुमति है तो उसे सार्वजनिक किया जाए, और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए एक स्थायी नीति बनाई जाए। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या हम विकास के नाम पर अपनी विरासत को स्वयं मिटा देंगे, और क्या आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास को केवल किताबों और तस्वीरों में ही खोजती रह जाएंगी।1
- ग्राम सुल्तानपुर स्थित हनुमान मंदिर में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने एक अंतरजिला गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है। यह कार्रवाई फरियादी विक्रम सिंह धाकड़ द्वारा 29 जून 2026 को देवनगर थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के बाद हुई, जिसमें उन्होंने 28-29 जून 2026 की दरमियानी रात चोरी होने की जानकारी दी थी। देवनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक XX/2026 धारा 331(4), 331(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को अभिरक्षा में लिया, जिन्होंने पूछताछ में सुल्तानपुर के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट, कुंडल, मुखौटा और दान पेटी से नगदी चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्होंने 26-27 जून 2026 की रात गैरतगंज थाना क्षेत्र के रामजानकी मंदिर (खमरियागंज) और हनुमान मंदिर (बिलबानी) में भी चोरी की थी। इसके अतिरिक्त, ईंटखेड़ी (भोपाल), बैरसिया और बेगमगंज थाना क्षेत्रों के मंदिरों में हुई चोरी की वारदातों में भी उनकी संलिप्तता सामने आई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राकेश शिल्पी (उम्र 26 वर्ष, निवासी चिलवाहा, हाल निवासी बृज कॉलोनी, करोंद, भोपाल), छोटेलाल उर्फ शंकर उर्फ छुटेंया (उम्र 40 वर्ष, निवासी चैनपुर, थाना बाड़ी, हाल निवासी पंचवटी कॉलोनी, करोंद, भोपाल), और छोटू उर्फ छोटेलाल उर्फ विशाल सेन (उम्र 27 वर्ष, निवासी कोसमी, थाना सुल्तानपुर, हाल निवासी धौखेड़ा, थाना बरेली, जिला रायसेन) शामिल हैं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक टीवीएस रेडियन मोटरसाइकिल और लगभग ₹13,000 नकद बरामद किए हैं। इस उल्लेखनीय कार्रवाई में देवनगर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक हरिओम अस्ताया, सउनि सतीश जालवान, प्रधान आरक्षक हरनाम सिंह, कमलेश चौरसिया, संजीव धाकड़, आरक्षक सुधीश गौर, सुमित शर्मा एवं सोनू कुमार की सराहनीय भूमिका रही।2
- वैशाली के राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक अस्पताल कर्मचारी पर एक्स-रे रूम में एक महिला के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।1
- यह पोस्ट गहरे प्रेम और शांति की भावना को दर्शाती है, जहाँ प्रिय के चेहरे को देखने मात्र से हर खामोशी को सुकून मिल जाने की हार्दिक इच्छा व्यक्त की गई है।1
- आज, 07 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, विदिशा में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 25 से अधिक आवेदकों की शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित थाना प्रभारियों, शाखा प्रभारियों और अन्य अधिकारियों को निष्पक्ष, प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में साइबर फ्रॉड, पारिवारिक विवाद, भूमि संबंधी प्रकरण, मारपीट और आपसी विवाद जैसे विभिन्न मामले सामने आए। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों और साइबर सेल को निर्देशित किया गया। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ताओं को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सतर्कता और समय पर शिकायत दर्ज कराने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। जिन प्रकरणों का निराकरण मौके पर संभव था, उन्हें तत्काल सुलझाया गया, जबकि विस्तृत जांच वाले मामलों में अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक विदिशा ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायतकर्ता के साथ संवेदनशील, सम्मानजनक और पारदर्शी व्यवहार किया जाए, क्योंकि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री काशवानी ने इस बात पर जोर दिया कि जनसुनवाई आमजन और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है, और शिकायतों के त्वरित तथा निष्पक्ष समाधान से नागरिकों का भरोसा और अधिक सुदृढ़ होता है। विदिशा पुलिस आमजन की सुरक्षा, सेवा और विश्वास के संकल्प के साथ जनहितैषी, जवाबदेह एवं पारदर्शी पुलिसिंग के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।1
- विदिशा जिले में जिला लोधी समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर को एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए उन्होंने सागर जिले के जिला पंचायत सदस्य और युवा लोधी समाज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वजीत सिंह लोधी पर दर्ज एक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोधी समाज ने आरोप लगाया है कि सर्वजीत सिंह लोधी को एक पुराने मामले में बिना किसी जांच के गिरफ्तार करने की कार्रवाई द्वेषपूर्ण है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव के कारण हुई है और इसीलिए वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं।4
- बरेली पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, जिसके तहत उन्होंने चोरी की दो बड़ी घटनाओं का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने ₹16 लाख मूल्य के जेवर और एक बाइक बरामद की है।1