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राउरकेला में आदिवासी महिला के आत्मसमर्पण को लेकर उठा सवाल आखिर सारंडा के आदिवासियों को कब तक रुपए देकर नक्सली घोषित किया जाता रहेगा. जब झारखंड के News Apka में जन मुक्ति होनहागा के पिता और माता दोनों ने कहा कि उनकी बेटी नक्सली संगठन के साथ कभी शामिल नहीं हुई. इतना ही नहीं उनके गांव के लोगों का भी कहना है कि मुक्ति कभी नक्सली में शामिल नहीं थी. और एक तरफ उड़ीसा पुलिस पास वही पिता कहता है को मीडिया के लोग धमकाए इसलिए नक्सली में शामिल नहीं है कहा गया. इस पर झारखंड प्रशासन के द्वारा उचित पहल करते हुए उच्च स्तरीय जांच करवाया जाए. क्योंकि सवाल ये है कि आदिवासी भोला - भला सारंडा की जनता को नक्सली करार देना. या उनको खुद नक्सली कबूल करवाना कितना उचित है. फिलहाल अब तक जांच नहीं और सीधे मीडिया से बात चित नहीं .
Saranda News25
राउरकेला में आदिवासी महिला के आत्मसमर्पण को लेकर उठा सवाल आखिर सारंडा के आदिवासियों को कब तक रुपए देकर नक्सली घोषित किया जाता रहेगा. जब झारखंड के News Apka में जन मुक्ति होनहागा के पिता और माता दोनों ने कहा कि उनकी बेटी नक्सली संगठन के साथ कभी शामिल नहीं हुई. इतना ही नहीं उनके गांव के लोगों का भी कहना है कि मुक्ति कभी नक्सली में शामिल नहीं थी. और एक तरफ उड़ीसा पुलिस पास वही पिता कहता है को मीडिया के लोग धमकाए इसलिए नक्सली में शामिल नहीं है कहा गया. इस पर झारखंड प्रशासन के द्वारा उचित पहल करते हुए उच्च स्तरीय जांच करवाया जाए. क्योंकि सवाल ये है कि आदिवासी भोला - भला सारंडा की जनता को नक्सली करार देना. या उनको खुद नक्सली कबूल करवाना कितना उचित है. फिलहाल अब तक जांच नहीं और सीधे मीडिया से बात चित नहीं .
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- सरायकेला : सरायकेला खरसावां जिला 25वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। सरायकेला खरसावां ने अपने 25वें स्थापना दिवस पर एक बार फिर विकास और संकल्प का संदेश दिया। यह सिर्फ एक उत्सव नहीं , बल्कि जिले के अब तक के सफर और आगे की दिशा का प्रतीक बनकर सामने आया। शनिवार को आयोजित इस समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रंगारंग कार्यक्रमों ने लोगों को बांधे रखा। पूरे आयोजन में जिला की संस्कृति विरासत और स्थानीय प्रतिभाओं की झलक साफ देखने को मिली। कार्यक्रम में डीडीसी , सरायकेला एसडीओ , डीटीओ सहित जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष , नगर पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष , विधायक प्रतिनिधि और पद्माश्री छुट्टी महतो तथा चामी मुर्मू की गरिमामई उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर जिले के 25 साल पूरे होने पर अपनी भूमिकाएं दी। 4 अप्रैल 2001 को सरायकेला खरसावां को पश्चिम सिंहभूम से अलग कर एक नए जिले के रूप में स्थापित किया गया था। आज यह जिले 25 वर्षों तक महत्वपूर्ण सफर पूरा कर चुका है। इस मौके पर डीडीसी ने शिक्षा , स्वास्थ्य, रोजगार और कृषि के क्षेत्र में जिले को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई । नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी जिले के समग्र विकास के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए इसे अग्रणी जिला बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया की चुनौतियों के बावजूद सरायकेला खरसावां विकास के राह पर आगे बढ़ रहा है। 25 साल का यह पड़ाव जिले के लिए नई ऊर्जा और नई दिशा का प्रतीक बनकर उभरा है।1
- * सरायकेला - सरायकेला की सांस्कृतिक विरासत और विश्व प्रसिद्ध छऊ नृत्य के वार्षिक उत्सव 'चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव' का रविवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। खरकाई नदी के पावन तट पर स्थित आखड़ा शाल में पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ भगवान शिव के रौद्र रूप 'भैरव' की पूजा-अर्चना की गई। यह स्थान सरायकेला राजघराने के समय से ही आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, जहाँ नृत्य और लोक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अभिनव प्रकाश ने भैरव पूजा स्थल पर मत्था टेका और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। जिला प्रशासन की देखरेख में आयोजित होने वाले इस महोत्सव की परंपरा के अनुसार, भैरव पूजा को ही इस पूरे उत्सव का आधार माना जाता है। पूजा संपन्न होने के बाद आखड़ा शाल पूरी तरह से सांस्कृतिक रंगों में डूब गया। यहाँ एक दुर्लभ और उत्साहजनक दृश्य देखने को मिला, जब SDO अभिनव प्रकाश, कलाकार मनोज चौधरी, अविनाश कवि, पूर्व निदेशक तपन पटनायक , भोला मोहंती और सुदीप कवि ने पारंपरिक 'परिखंडा' छऊ नृत्य का प्रदर्शन किया। अधिकारियों को पूरी लय और ऊर्जा के साथ नृत्य करते देख वहाँ उपस्थित जनसमूह और अन्य कलाकार उत्साहित हो उठे और तालियों से पूरा परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर छऊ गुरु विजय साहू, नीरज पटनायक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कलाकार मौजूद थे। जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह स्थानीय छऊ कलाकारों को एक वैश्विक मंच प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।3
- Post by Ravi Gupta3
- ऊपरबेड़ा में कर्ज नहीं चुका पाने पर बैंक द्वारा सील की गई फैक्ट्री में चोरी हंगामे के बाद कर्ज़दारर ने लटकाया अपना ताला। रविवार 5 अप्रैल दोपहर 2:30 बजे के आसपास जानकारी देते हुए एस एस सेरेमिक्स एंड केमिकल प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व मालिक रोहित गोयल ने बताया की उन्होंने बैंक ऑफ़ बड़ोदा एवं किसी अन्य बैंक से अपने इस राइस मिल फैक्ट्री को चलाने के लिए कर्ज लिया था और फैक्ट्री में उपलब्ध वाला पानी काफी ज्यादा आयरन युक्त था जो विशाक्त माना जा रहा था। जिससे चावल की क्वालिटी खराब हो रही थी और आम लोगों का स्वास्थ्य खराब हो सकता था।धंधा नहीं चला जिस कारण कर्ज का बोझ बढ़ता चला गया। अंततः बैंक ऑफ़ बड़ोदा द्वारा कंपनी को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया गया। जिसके खिलाफ रांची के डीआरटी कोर्ट में मामला लंबित है। वहीं बैंक वालों ने कर्ज की वसूली के लिए औक्शन भी किया और किसी अन्य धारक को फैक्ट्री दे दी गई लेकिन न्यायालय के आदेश के मुताबिक जब तक मामला लंबित है तब तक किसी का भी अधिकार नहीं होना चाहिए था और सील की गई फैक्ट्री जस के तस रहनी चाहिए थी लेकिन उन्हें जब सूचना मिली कि उनके फैक्ट्री से लगातार चोरियां हो रही है तब वह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने मुख्य गेट पर लगा हुआ सील ताला नहीं पाया एवं जब गार्ड से पूछताछ की तो उन्होंने बताया की मैनेजर के द्वारा ही सील को खोला गया है।इसके बाद जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो पाया कि भीतर के शटर में सील बाकायदा लगा है लेकिन दूसरी ओर शटर को काटकर भीतर रखे सारे महंगे यंत्र और सामान गायब है। ऑफिस का भी वही हाल है महंगे महंगे मोटर और एयर कंडीशन भी गायब पाए गए। इसके बाद उन्होंने जमकर हंगामा किया है। उन्होंने बताया कि यह ऑक्शन पीआरबी एसोसिएट्स जिसके संचालक महेंद्र मिश्रा अखिलेश मिश्रा और आशीष मिश्रा के नाम से हुई है और बैंक ऑफ़ बड़ौदा के मैनेजर की मिली भगत से यहां लगातार चोरियां की जा रही है और अगर डीआरटी कोर्ट का फैसला उनके हक में आएगा तो यह नुकसान उन्हें भारी पड़ जाएगा। इसके बाद उन्होंने आज अपना विरोध दर्ज करते हुए खुद का ताला फैक्ट्री गेट पर मार दिया है एवं फैसला आने तक किसी भी व्यक्ति का प्रवेश निषेध कर दिया है। उन्होंने कहा है कि इसे लेकर अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और दोषी को जेल पहुंचाएंगे।1
- Post by RAMSEWAK SAHU1
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- सिमडेगा: जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। केरसई थाना कांड संख्या 08/2026 में वांछित आरोपी संजय समीर सिंघिया उर्फ संजय सिंघिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई।जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने छापेमारी करते हुए 4 अप्रैल 2026 को पूरी के सी बीच के पास शकुंतला होटल के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया।इसी दौरान पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गौवंश तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और इसमें संलिप्त लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गोवंशीय तस्करी से जुड़े मामलों में वांछित था। वह अवैध रूप से पशुओं को दूसरे क्षेत्रों में भेजने के लिए वाहनों से प्रति गाड़ी लगभग 9000 रुपये वसूलता था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हाल ही में उसने 14 हजार रुपये ऑनलाइन प्राप्त किए थे, जबकि शेष राशि पशुओं को पार कराने के बाद लेने की योजना थी। पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय समीर सिंघिया उर्फ संजय सिंघिया (42 वर्ष), निवासी करवाजोर, थाना केरसई, जिला सिमडेगा के रूप में हुई है।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2002 से लेकर 2025 तक सिमडेगा, गुमला एवं अन्य थानों में दर्जनभर से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट, पशु क्रूरता अधिनियम, गोवंशीय हत्या निषेध अधिनियम सहित विभिन्न धाराएं शामिल हैं।इस कार्रवाई में एसडीपीओ स्तर के पदाधिकारी सहित थाना प्रभारी एवं पुलिस बल के अन्य जवान शामिल थे।पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है1
- भरनो (गुमला): प्रखंड क्षेत्र के समसेरा रोड, भरनो में आधुनिक सुविधाओं से युक्त “स्मार्ट केयर जाँच घर” का शुभारंभ किया गया है। इस नए पैथोलॉजी सेंटर के खुलने से अब स्थानीय लोगों को विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। यहाँ ब्लड, यूरिन, शुगर, थायरॉइड, प्लेटलेट्स, ब्लड ग्रुप सहित सभी प्रकार की पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मरीजों की सुविधा के लिए घर से सैंपल कलेक्शन (होम सर्विस) भी शुरू की गई है। संचालक ने बताया कि इस जाँच घर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कम खर्च में बेहतर और सटीक जांच सुविधा प्रदान करना है। इससे समय की बचत होगी और मरीजों को जल्दी रिपोर्ट मिल सकेगी।1
- Post by RAMSEWAK SAHU1