नालंदा के नगरनौसा में 18 जून 2026 को डिग्री कॉलेज की शिफ्टिंग को लेकर चल रहा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे छात्रों और स्थानीय लोगों का पुलिस से सीधा टकराव हुआ, जिसके दौरान दोनों पक्षों की ओर से भारी पथराव देखा गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसएफआई की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी के आह्वान पर स्थानीय छात्रों और विभिन्न संगठनों ने नगरनौसा में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पहले से ही तैनात था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कुछ नेताओं को एहतियातन हिरासत में लेना शुरू करते ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद काफी देर तक दोनों ओर से पथराव जारी रहा। पुलिस ने इस उपद्रव में शामिल 48 लोगों को गिरफ्तार किया है और वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह विवाद नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की स्थायी इमारत के निर्माण न होने और उसके संचालन स्थल को लेकर कई वर्षों से चल रहा है। 11 मई को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. संजय कुमार को कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त किया गया था और लोदीपुर स्थित परिसर से कॉलेज का संचालन शुरू किया गया। इसके बाद 20 मई को युवाओं ने चक्का जाम किया था, 21 मई से प्रखंड कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया, और 30 मई को भी बस स्टैंड के पास सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में लोग दो खेमों में बंटे हुए हैं: प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कॉलेज का संचालन नगरनौसा बाजार स्थित बालिका उच्च विद्यालय से शुरू हो और मुख्यालय के आसपास की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर स्थायी भवन बनाया जाए। वहीं, स्थानीय लोगों और छात्रों का एक बड़ा वर्ग लोदीपुर में ही कॉलेज संचालन के पक्ष में है, उनका तर्क है कि लोदीपुर परिसर में 4 एकड़ 63 डिसमिल भूमि और 20 पक्के कमरे उपलब्ध हैं, इसलिए कॉलेज को स्थानांतरित करना उचित नहीं है। डीएसपी हिलसा डीएसपी-1 शैलजा ने बताया है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने पुष्टि की कि उपद्रव और रोड़ेबाजी की घटना के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए लगातार वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
नालंदा के नगरनौसा में 18 जून 2026 को डिग्री कॉलेज की शिफ्टिंग को लेकर चल रहा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे छात्रों और स्थानीय लोगों का पुलिस से सीधा टकराव हुआ, जिसके दौरान दोनों पक्षों की ओर से भारी पथराव देखा गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसएफआई की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी के आह्वान पर स्थानीय छात्रों और विभिन्न संगठनों ने नगरनौसा में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पहले से ही तैनात था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कुछ नेताओं को एहतियातन हिरासत में लेना शुरू करते ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद काफी देर तक दोनों ओर से पथराव जारी रहा। पुलिस ने इस उपद्रव में शामिल 48 लोगों को गिरफ्तार किया है और वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह विवाद नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की स्थायी इमारत के निर्माण न होने और उसके संचालन स्थल को लेकर कई वर्षों से चल रहा है। 11 मई को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के
अंतर्गत कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. संजय कुमार को कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त किया गया था और लोदीपुर स्थित परिसर से कॉलेज का संचालन शुरू किया गया। इसके बाद 20 मई को युवाओं ने चक्का जाम किया था, 21 मई से प्रखंड कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया, और 30 मई को भी बस स्टैंड के पास सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में लोग दो खेमों में बंटे हुए हैं: प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कॉलेज का संचालन नगरनौसा बाजार स्थित बालिका उच्च विद्यालय से शुरू हो और मुख्यालय के आसपास की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर स्थायी भवन बनाया जाए। वहीं, स्थानीय लोगों और छात्रों का एक बड़ा वर्ग लोदीपुर में ही कॉलेज संचालन के पक्ष में है, उनका तर्क है कि लोदीपुर परिसर में 4 एकड़ 63 डिसमिल भूमि और 20 पक्के कमरे उपलब्ध हैं, इसलिए कॉलेज को स्थानांतरित करना उचित नहीं है। डीएसपी हिलसा डीएसपी-1 शैलजा ने बताया है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने पुष्टि की कि उपद्रव और रोड़ेबाजी की घटना के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए लगातार वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
- सिमरन नामक एक व्यक्ति को रिश्र्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। इस घटना ने एक बार फिर इस बात पर चिंता बढ़ा दी है कि भ्रष्टाचार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।1
- नालंदा के नगरनौसा में 18 जून 2026 को डिग्री कॉलेज की शिफ्टिंग को लेकर चल रहा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे छात्रों और स्थानीय लोगों का पुलिस से सीधा टकराव हुआ, जिसके दौरान दोनों पक्षों की ओर से भारी पथराव देखा गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसएफआई की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी के आह्वान पर स्थानीय छात्रों और विभिन्न संगठनों ने नगरनौसा में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पहले से ही तैनात था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कुछ नेताओं को एहतियातन हिरासत में लेना शुरू करते ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद काफी देर तक दोनों ओर से पथराव जारी रहा। पुलिस ने इस उपद्रव में शामिल 48 लोगों को गिरफ्तार किया है और वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह विवाद नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की स्थायी इमारत के निर्माण न होने और उसके संचालन स्थल को लेकर कई वर्षों से चल रहा है। 11 मई को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. संजय कुमार को कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त किया गया था और लोदीपुर स्थित परिसर से कॉलेज का संचालन शुरू किया गया। इसके बाद 20 मई को युवाओं ने चक्का जाम किया था, 21 मई से प्रखंड कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया, और 30 मई को भी बस स्टैंड के पास सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में लोग दो खेमों में बंटे हुए हैं: प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कॉलेज का संचालन नगरनौसा बाजार स्थित बालिका उच्च विद्यालय से शुरू हो और मुख्यालय के आसपास की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर स्थायी भवन बनाया जाए। वहीं, स्थानीय लोगों और छात्रों का एक बड़ा वर्ग लोदीपुर में ही कॉलेज संचालन के पक्ष में है, उनका तर्क है कि लोदीपुर परिसर में 4 एकड़ 63 डिसमिल भूमि और 20 पक्के कमरे उपलब्ध हैं, इसलिए कॉलेज को स्थानांतरित करना उचित नहीं है। डीएसपी हिलसा डीएसपी-1 शैलजा ने बताया है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने पुष्टि की कि उपद्रव और रोड़ेबाजी की घटना के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए लगातार वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।2
- यह आग्रह किया गया है कि यदि आपके क्षेत्र में कोई भी महत्वपूर्ण घटना, दुर्घटना, सामाजिक कार्यक्रम, सरकारी गतिविधि, खेल, शिक्षा से संबंधित या अन्य कोई समाचार हो, तो कृपया उसका वीडियो भेजें। वीडियो 9:16 फॉर्मेट में होना चाहिए और उसे व्हाट्सएप पर भेजा जाना है, जिसके साथ घटना की पूरी जानकारी भी देना अनिवार्य है।1
- एक एडवोकेट ने फैज़ल ख़ान की पोल खोल दी l #raushansirvskhansir1
- beautiful nature in the area plz one more time visit thanks4
- पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली स्थित नायका टोला परिसर में छह दिवसीय योगाभ्यास शिविर का आयोजन किया गया है। विश्व योग दिवस के अवसर पर शुरू हुए इस शिविर में दर्जनों लोग योग से लाभ उठा रहे हैं।1
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बुधवार को शिवहर जिला मुख्यालय पर बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अपराध के विरोध में एक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। चिलचिलाती धूप के बावजूद, बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन में भाग लिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, जबकि बेरोजगारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान, राजद नेताओं ने युवाओं को रोजगार प्रदान करने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों की समस्याओं का समाधान करने और बेहतर कानून-व्यवस्था स्थापित करने की मांग उठाई। राजद ने चेतावनी दी है कि जनता के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनहित के मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।1
- भोजपुर एनकाउंटर पर बवाल! भरत तिवारी की मौत के बाद सड़क पर उतरे लोग हैशटैग्स: #BhojpurEncounter #AraNews #BharatTiwari #PoliceEncounter #Bhojpur #BiharJantaKiAawaz भोजपुर एनकाउंटर पर बवाल! भरत तिवारी की मौत के बाद सड़क पर उतरे लोग हैशटैग्स: #BhojpurEncounter #AraNews #BharatTiwari #PoliceEncounter #Bhojpur #BiharJantaKiAawaz1