चतरा के उपायुक्त रवि आनंद ने गुरुवार को प्रतापपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों और निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, एक निर्माणाधीन परीक्षण भवन और प्रखंड कार्यालय का जायजा लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में, उपायुक्त ने ओपीडी, भंडारण कक्ष, नए भवन में स्थापित आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और ऑपरेशन थिएटर का गहन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात, उन्होंने अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का भी निरीक्षण किया, जहां उन्हें कई कमियां देखने को मिलीं। इन कमियों को देखते हुए, उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन परीक्षण भवन के निरीक्षण के दौरान, उपायुक्त ने संवेदक को कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए इसे जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, प्रखंड कार्यालय में उन्होंने आम लोगों की शिकायतें सुनीं और उन्हें त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। पत्रकारों से बात करते हुए, उपायुक्त ने बताया कि निरीक्षण में पाई गई सभी कमियों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही सुधार सुनिश्चित किए जाएंगे।
चतरा के उपायुक्त रवि आनंद ने गुरुवार को प्रतापपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों और निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, एक निर्माणाधीन परीक्षण भवन और प्रखंड कार्यालय का जायजा लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में, उपायुक्त ने ओपीडी, भंडारण कक्ष, नए भवन में स्थापित आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और ऑपरेशन थिएटर का गहन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात, उन्होंने अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का भी निरीक्षण किया, जहां उन्हें कई कमियां देखने को मिलीं। इन कमियों को देखते हुए, उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन परीक्षण भवन के निरीक्षण के दौरान, उपायुक्त ने संवेदक को कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए इसे जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, प्रखंड कार्यालय में उन्होंने आम लोगों की शिकायतें सुनीं और उन्हें त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। पत्रकारों से बात करते हुए, उपायुक्त ने बताया कि निरीक्षण में पाई गई सभी कमियों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही सुधार सुनिश्चित किए जाएंगे।
- चतरा के उपायुक्त रवि आनंद ने गुरुवार को प्रतापपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों और निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, एक निर्माणाधीन परीक्षण भवन और प्रखंड कार्यालय का जायजा लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में, उपायुक्त ने ओपीडी, भंडारण कक्ष, नए भवन में स्थापित आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और ऑपरेशन थिएटर का गहन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात, उन्होंने अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का भी निरीक्षण किया, जहां उन्हें कई कमियां देखने को मिलीं। इन कमियों को देखते हुए, उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन परीक्षण भवन के निरीक्षण के दौरान, उपायुक्त ने संवेदक को कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए इसे जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, प्रखंड कार्यालय में उन्होंने आम लोगों की शिकायतें सुनीं और उन्हें त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। पत्रकारों से बात करते हुए, उपायुक्त ने बताया कि निरीक्षण में पाई गई सभी कमियों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही सुधार सुनिश्चित किए जाएंगे।1
- झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड के बेहराडीह गांव में प्रेम विवाह से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने अपने परिवार की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह किया, जिसके बाद उसके माता-पिता ने उसे जीवित रहते ही मृत मान लिया। इतना ही नहीं, सामाजिक और धार्मिक रीति-रिवाजों के तहत उसका श्राद्धकर्म और पिंडदान भी करा दिया गया। जानकारी के अनुसार, बेहराडीह निवासी राजू मेहता की बेटी सुनैना कुमारी का गांव के ही राजा मेहता के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था। परिवार के विरोध की आशंका के चलते दोनों घर से चले गए और विवाह कर लिया। विवाह के बाद एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें युवती ने अपनी इच्छा से शादी करने की बात कही थी। बेटी के इस फैसले से नाराज़ परिवारजनों ने इसे पारिवारिक मर्यादा और सामाजिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए सुनैना से सभी रिश्ते खत्म करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार ने सुनैना को जीवित रहते ही मृत घोषित कर दिया और डोमचांच के राजदाहा में धार्मिक विधि-विधान से उसका पिंडदान एवं श्राद्धकर्म संपन्न कराया। इस दौरान परिवार के सदस्य और कुछ ग्रामीण भी मौजूद रहे। स्वजनों ने सार्वजनिक रूप से यह घोषणा भी की कि उनका बेटी से अब कोई संबंध नहीं है। इस घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। समाज का एक वर्ग इसे परिवार की भावनात्मक प्रतिक्रिया मान रहा है, जबकि दूसरे लोग इसे बदलते समाज और पुरानी सामाजिक मान्यताओं के बीच गहरे संघर्ष के रूप रूप में देख रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि यह घटना केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि बेटियों की स्वतंत्रता, पसंद और अधिकारों को लेकर समाज में मौजूद सोच का भी आईना है। कानूनी रूप से बालिग युवक-युवती को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार है, इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में प्रेम विवाह आज भी कई बार सामाजिक विवाद और पारिवारिक टकराव का कारण बन जाता है। यह घटना व्यक्तिगत स्वतंत्रता, पारिवारिक भावनाओं और सामाजिक परंपराओं के बीच खींची उस रेखा को उजागर करती है, जिस पर आज भी समाज में स्पष्ट सहमति नहीं बन पाई है।1
- गया जिले के मोहनपुर में वन विभाग ने दो अवैध रूप से संचालित आरा मशीनों पर कार्रवाई की है। इस दौरान वन विभाग ने बुलडोजर का इस्तेमाल कर अवैध मशीनों को सील कर दिया। यह कार्रवाई वन विभाग द्वारा अवैध लकड़ी कटाई और आरा मशीनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।1
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत पलामू जिले की सतबरवा पंचायत के 250 लाभार्थियों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी। केंद्र सरकार ने इस भुगतान के लिए पूरी तैयारी कर ली है। यह राशि योजना की 23वीं किस्त के रूप में जारी की जाएगी। जानकारी के अनुसार, यह किस्त पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर, हुगली से जारी होगी।1
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड परिसर के बहुद्देश्यीय भवन में “विकसित भारत समृद्ध बिहार” अभियान के तहत एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा कुल 22 काउंटर लगाए गए थे, जहाँ आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। विधायक प्रमोद सिंह ने सभी काउंटरों का निरीक्षण किया और प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की। उन्होंने इस सहयोग शिविर को केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए कहा कि इससे आम लोगों की समस्याओं का समाधान सरलता से हो रहा है। विधायक ने अधिकारियों को शेष बचे आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया और सभी पदाधिकारियों के काम की सराहना की, जिनके कारण समस्याओं का त्वरित निष्पादन संभव हो सका। यह सहयोग शिविर 16, 17 और 18 तारीख को आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जागरूक हुए और लाभान्वित हुए। शिविर में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल विभाग, प्रखंड आपूर्ति विभाग, बिजली विभाग, आंगनबाड़ी विभाग, जीविका, मनरेगा विभाग, श्रम विभाग, पेंशन विभाग, बैंकिंग विभाग, आवास विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग और लोहिया स्वच्छता विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। इनमें सहायक अभियंता कौशल कुमार, कार्यपालक सहायक, सहायक अभियंता अशोक राज, जेई रविशंकर कुमार, महिला पर्यवेक्षक दुर्गावती कुमारी और जिज्ञासा कुमारी, बीपीएम संतोष कुमार, तकनीकी सहायक गौतम कुमार, लेबर इंस्पेक्टर संतोष कुमार, डाटा ऑपरेटर शिवानी कुमारी और नीरज कुमार, आवास पर्यवेक्षक अमित कुमार, कृषि पदाधिकारी अमृता कुमारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह, डॉ. केसरी कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक नेहा सिंह और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मनोज कुमार जैसे प्रमुख अधिकारी शामिल थे। ग्रामीणों ने बिजली, पानी, राशन कार्ड, पेंशन, आवास, स्वास्थ्य, कृषि और अन्य योजनाओं से संबंधित अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनका मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी अश्विनी कुमार ने बताया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से ऐसे सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। बीपीआरओ ने जानकारी दी कि पूर्व में प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है, और शिविर में प्राप्त नए आवेदनों का निष्पादन एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि विनोद कुमार सिंह, भोला चौधरी, उमेश पासवान, जदयू अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव विजय विश्वकर्मा, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मधुकर कुशवाहा, उप प्रमुख प्रतिनिधि कमलेश यादव, मंटू शर्मा, अनिल मिश्रा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- गया में डीएम कार्यालय के बाहर सहायता के लिए लगाए गए मोबाइल नंबर बंद पाए गए हैं, जिससे लोगों को आवश्यक मदद नहीं मिल पा रही है। ये नंबर विशेष रूप से आपातकालीन स्थिति में या किसी समस्या का समाधान पाने के लिए उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन अब इनके बंद होने से जनता में नाराजगी है।1
- चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड की चारु पंचायत के आरुगड़ा इस्लामपुर गांव में एक सरकारी चापानल को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। गांव के मोहम्मद वाहिद नामक व्यक्ति ने इस चापानल में अपना निजी मोटर लगाकर पानी का उपयोग कर रहा था, जिसके कारण गांव के करीब 20 परिवार पीने के पानी की सुविधा से वंचित हो रहे थे। इस मामले की खबर पब्लिक ऐप पर प्रकाशित होने के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया। चतरा अनुमंडल पदाधिकारी जहूर आलम और कान्हाचट्टी के BDO सुनील प्रकाश ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चापानल से अवैध मोटर को हटवाया और सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस कार्रवाई के बाद, ग्रामीणों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की और आभार व्यक्त किया। अब गांव के सभी 20 परिवारों को पीने के पानी की सुविधा सुचारू रूप से मिल रही है।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक घरेलू विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम उस समय खुद ही मुश्किल में घिर गई, जब पति-पत्नी के बीच का झगड़ा शांत कराने के बजाय मामला पुलिस और परिवार के बीच ही उलझ गया। इससे मौके पर हंगामा खड़ा हो गया और माहौल तनावपूर्ण बन गया। पुलिस को पति-पत्नी के बीच विवाद की शिकायत मिली थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास करने लगी। हालांकि, बातचीत के दौरान हालात बिगड़ गए और कहासुनी बढ़ते-बढ़ते विवाद का रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस झगड़े को खत्म करने पुलिस पहुंची थी, वही झगड़ा इतना बढ़ गया कि पुलिसकर्मियों को भी लोगों के गुस्से और बहस का सामना करना पड़ा। कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि घरेलू विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस और प्रशासन को किस तरह की रणनीति अपनानी चाहिए। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।1