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viral video:- भारी बारिश ने मचाई तबाही, तमकनाला का ब्रिज ताश के पत्तों की तरह ढहाया! उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ-मलारी हाईवे पर तमकनाला (Tamak Nala) में अचानक आए उफान और फ्लैश फ्लड के कारण बीआरओ (BRO) द्वारा बनाया गया महत्वपूर्ण वैली ब्रिज 10 अगस्त 2026 को तेज पानी के बहाव में ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस आपदा में एक वाहन और बीआरओ का एक कर्मचारी भी बह गया है।
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viral video:- भारी बारिश ने मचाई तबाही, तमकनाला का ब्रिज ताश के पत्तों की तरह ढहाया! उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ-मलारी हाईवे पर तमकनाला (Tamak Nala) में अचानक आए उफान और फ्लैश फ्लड के कारण बीआरओ (BRO) द्वारा बनाया गया महत्वपूर्ण वैली ब्रिज 10 अगस्त 2026 को तेज पानी के बहाव में ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस आपदा में एक वाहन और बीआरओ का एक कर्मचारी भी बह गया है।
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- Porter Delivery Partner Reality | Porter Support Team Zero Knowledge | ड्राइवर की खुली पोल! 🚨 नमस्ते मेरे ड्राइवर भाइयों! अगर आप भी Porter चलाते हैं या Porter के पार्टनर हैं, तो इस भाई की तरह आपके सीने में भी भयंकर हौसला, हिम्मत और जिगरा होना चाहिए। इस वीडियो में हमने दिखाया है कि कैसे एक ड्राइवर को अपनी मेहनत के पैसे (टोल रिफंड) और आईडी सस्पेंशन के लिए कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्या पोर्टर सपोर्ट टीम के पास सच में जीरो नॉलेज है? पूरी सच्चाई इस कॉल रिकॉर्डिंग में सुनें! वीडियो पसंद आए तो लाइक और शेयर जरूर करें। डिस्क्लेमर (Disclaimer) Disclaimer: This video is for informational and educational purposes only. The call recording used in this video is based on a driver's real-life experience. Our intention is not to defame or harm any company's brand or image. #Porter #PorterDeliveryBoy #PorterDriver #DeliveryJob #GigWorker #TollRefundIssue #CustomerSupport #DriverIssues #YouTubeIndia1
- विकास’ की अद्भुत तस्वीर! तीन महीने से निर्माणाधीन चौड़ा खड़ंजा बना जनता के लिए नासूर, कीचड़ में फूंक-फूंककर कदम रख रहे लोग मुरादनगर। उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद का चर्चित कस्बा मुरादनगर इन दिनों नगर पालिका परिषद के विकास कार्यों को लेकर सुर्खियों में है। नगर पालिका परिषद के अंतर्गत आने वाली ईदगाह बस्ती के चौड़े खड़ंजे पर पिछले करीब तीन महीने से नाली और खड़ंजे का निर्माण कार्य चल रहा है। विकास के नाम पर शुरू हुआ यह काम अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता दिखाई दे रहा है। रास्ते की मौजूदा तस्वीर को व्यंग्य की नजर से देखें तो लगता है कि नगर पालिका परिषद ने जनता के लिए मखमल का कालीन बिछा दिया हो। न धूल दिखाई दे रही है, न सड़क की शक्ल दिखाई दे रही है—बस कीचड़, गड्ढे और पानी के बीच जनता रास्ता तलाशती नजर आती है ऐसे हालात देखकर शायराना अंदाज में कहना पड़ेगा—“कह दो इन गलियों से कि जरा संभलकर चलना,नगर पालिका ने यहां विकास बिछाया है फूलों का कालीन समझकर कदम मत रखना,यहां जनता के लिए कीचड़ का रास्ता बनाया है।”स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य के चलते रास्ते की स्थिति बेहद खराब हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है। लोगों को कीचड़ और गड्ढों के बीच फूंक-फूंककर कदम रखना पड़ता है कि कहीं पैर फिसल न जाए। व्यंग्य में सवाल यह भी है कि आखिर नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों ने निर्माण शुरू करने से पहले बरसात के मौसम का कैलेंडर क्यों नहीं देखा? अगर बारिश का मौसम सामने था तो क्या निर्माण कार्य को कुछ समय के लिए टालना संभव नहीं था एक और शेर शायद जिम्मेदार अधिकारियों तक बात पहुंचा दे— “कागजों में सड़क चमकती रही, गलियों में कीचड़ छा गया,विकास का ढोल बजता रहा, जनता का रास्ता डूबता गया। साहब! तस्वीरों से निकलकर कभी जमीन पर आइए,जिसे विकास कहते हैं, उसे जनता के पैरों से पूछकर जाइए।”अब सवाल नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों से है—आखिर इस रास्ते का निर्माण कब पूरा होगा? क्या जनता को इसी तरह बरसात के पूरे मौसम में परेशानी झेलनी पड़ेगी? क्या निर्माण कार्य की समयसीमा तय है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या विकास का मतलब यह है कि विकास के दौरान जनता ही सबसे ज्यादा परेशान हो जनता को सोशल मीडिया की चमकती तस्वीरें नहीं, चलने लायक सड़क और सुरक्षित रास्ता चाहिए। क्योंकि—“विकास वही जो जनता के काम आए,ऐसा विकास किस काम का, जो जनता को ही रुलाए।आंखों से पट्टी हटाइए, हकीकत को पहचानिए,सड़क नहीं बन रही तो कम से कम जनता को इंसान समझिए।”अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की आंखें कब खुलती हैं और चौड़े खड़ंजे की जनता को इस ‘मखमली विकास’ से कब राहत मिलती है।1
- आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं महादेव और पार्वती मां की कृपा आप सब पर बनी रहे1
- वीरेंद्र कुमार पत्रकार नेशनल टुडे न्यूज़ मुरादनगर रास्ते पर विकास के नाम पर बिछा दिल रास्ते पर विकास के नाम पर ‘दिल’। मुरादनगर। उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद का कस्बा मुरादनगर नगर पालिका परिषद के अधीन आता है। इन दिनों नगर पालिका परिषद मुरादनगर के विकास कार्यों की चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हो रही है। लेकिन अगर विकास की असली तस्वीर देखनी हो तो ईदगाह बस्ती के चौड़े खड़ंजे वाले रास्ते पर पहुंच जाइए। यहां नगर पालिका ने विकास की ऐसी मिसाल कायम की है कि जनता भी शायद सोच रही होगी—“इतना विकास आखिर संभालें कैसे?” रास्ते की हालत देखकर एक शेर याद आता है— “कह दो इन महफिलों से कि इन रास्तों पर फूल न बिछाएँ, मेरा महबूब आने वाला है, हम दिल बिछाने वाले हैं।” नगर पालिका परिषद ने भी ईदगाह बस्ती के लोगों के लिए शायद फूल नहीं, अपना पूरा दिल ही रास्ते पर बिछा दिया है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस ‘दिल’ पर चलने के लिए जनता को डेढ़ महीने से इंतजार, परेशानी और बरसात की चुनौती झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। अब जब बरसात का मौसम है, ऐसे में रास्ते की स्थिति लोगों के लिए और परेशानी का कारण बन रही है। सवाल यह है कि आखिर ऐसा कौन-सा विकास कार्य है, जिसे बरसात आने से ठीक पहले शुरू कर जनता को परेशानी में डालना जरूरी था? व्यंग्य में कहें तो नगर पालिका की कार्यप्रणाली देखकर यही कहना पड़ेगा— “विकास की ऐसी तस्वीर दिखाई है सरकार, रास्ता ढूंढती जनता और कागजों में बहार।” अब सवाल नगर पालिका परिषद के अधिकारियों से है—आखिर कब खुलेगी आंख? क्या अधिकारियों की आंखों पर विकास की ऐसी काली पट्टी बंधी है कि उन्हें धरातल की सच्चाई दिखाई ही नहीं दे रही? नगर पालिका परिषद मुरादनगर को चाहिए कि सोशल मीडिया की तारीफों से बाहर निकलकर ईदगाह बस्ती के चौड़े खड़ंजे की जमीनी हकीकत देखे और जल्द से जल्द रास्ते की समस्या का समाधान कर जनता को राहत दे। क्योंकि जनता को सोशल मीडिया पर विकास नहीं, जमीन पर चलने लायक रास्ता चाहिए।3
- घरेलू साहिकाए संकल्प लेते हुए की अब अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाएंगे | साथ में है कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी , प्रोफ़ेसर डा नीलम पवार , ज्ञान सिंह एवं अन्य कर्नल त्यागी ने कहा पुरे देश मे घरेलू कामगार संस्था कही बनी है तो बताओ1
- viral video:- कंगना रनौत के बयान पर मचा बवाल,दिल्ली में चुप क्यों थी कंगना! झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ कंगना रनौत का प्रदर्शन छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज। लेकिन दिल्ली वाले प्रोटेस्ट पे चुप क्यों थी,अब लोग सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे है कि तब कंगना चुप क्यों थी जो अब बोल रही है !1
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