लगातार बारिश से सीलन बढ़ी, बिदोखर में छह मकान ढहे खेतों में जलभराव हमीरपुर। पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है। खेतों में जलभराव से सैकड़ों बीघे तिल की फसल खराब हो गई है, वहीं कच्चे रिहायशी मकानों में सीलन बढ़ने से उनके ढहने का सिलसिला शुरू हो गया है। सुमेरपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत बिदोखर पुरई में लगातार बारिश के चलते छह लोगों के रिहायशी मकान ढह गए। इनमें दीपक यादव, राम सिंह, सुनील सितारे, राजकुमार यादव, रज्जन सविता और रवीन्द्र उर्फ गोरे यादव के मकान शामिल हैं। मकान ढहने से गृहस्थी का सामान भी नष्ट हो गया, जिससे पीड़ित परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के कारण खेतों में पानी भर जाने से तिल की फसल बड़े पैमाने पर खराब हो गई है। वहीं कच्चे मकानों में सीलन बढ़ने से उनके गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल के गांव नहीं आने से अभी तक मकान और फसल क्षति का आकलन नहीं हो सका है। ग्राम प्रधान सुंदरलाल प्रजापति ने बताया कि लेखपाल के गांव आने पर बारिश से हुई क्षति का आकलन कराया जाएगा।
लगातार बारिश से सीलन बढ़ी, बिदोखर में छह मकान ढहे खेतों में जलभराव हमीरपुर। पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है। खेतों में जलभराव से सैकड़ों बीघे तिल की फसल खराब हो गई है, वहीं कच्चे रिहायशी मकानों में सीलन बढ़ने से उनके ढहने का सिलसिला शुरू हो गया है। सुमेरपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत बिदोखर
पुरई में लगातार बारिश के चलते छह लोगों के रिहायशी मकान ढह गए। इनमें दीपक यादव, राम सिंह, सुनील सितारे, राजकुमार यादव, रज्जन सविता और रवीन्द्र उर्फ गोरे यादव के मकान शामिल हैं। मकान ढहने से गृहस्थी का सामान भी नष्ट हो गया, जिससे पीड़ित परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के कारण खेतों में पानी भर जाने से तिल की
फसल बड़े पैमाने पर खराब हो गई है। वहीं कच्चे मकानों में सीलन बढ़ने से उनके गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल के गांव नहीं आने से अभी तक मकान और फसल क्षति का आकलन नहीं हो सका है। ग्राम प्रधान सुंदरलाल प्रजापति ने बताया कि लेखपाल के गांव आने पर बारिश से हुई क्षति का आकलन कराया जाएगा।
- हमीरपुर - करोड़ों की मरम्मत के बाद भी मौदहा बांध के 6 फाटक बंद नहीं,मौदहा बांध में फाटक बंद कराने पहुंचे अफसरों की घंटों की मशक्कत बेअसर ।। करोड़ों की मरम्मत के बाद भी मौदहा बांध के 6 फाटक बंद नहीं, मौदहा बांध में फाटक बंद कराने पहुंचे अफसरों की घंटों की मशक्कत बेअसर, सायरन बजता रहा अधिकारी-कर्मचारी जुटे रहे, लेकिन 6 फाटक बंद नहीं हो सके, फाटक खुले रहने से लगातार बहता रहा बांध का पानी, बर्बादी पर उठे गंभीर सवाल, करोड़ों रुपये की मरम्मत के बाद भी फाटक संचालन में नाकामी से व्यवस्था पर सवाल, ग्रामीणों ने मरम्मत कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की, बारिश के बीच बांध के फाटक बंद न होने से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता, फिलहाल पूरे मामले पर अरुण कुमार सिंह (मुख्य विकास अधिकारी) ने बताया कि मौदहा डैम बांध में पानी ज्यादा न भरे इस वजह खोले गए है गेट,2
- बांध से छोड़े पानी ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें, हजारों बीघा तिल की फसल जलमग्न हमीरपुर। कम्हरिया बंधी और मौदहा बांध से छोड़े गए पानी ने इंगोहटा क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी के तेज बहाव और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से इंगोहटा सहित आसपास के कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में खड़ी हजारों बीघा तिल की फसल पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। इंगोहटा, अछरेला, बहरेला, रोहारी और पाटनपुर गांवों के खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जलभराव के चलते तिल के पौधे गलने लगे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से उनकी मेहनत पर पानी फिरने की स्थिति बन गई है। इंगोहटा गांव के किसान राजेंद्रपाल सिंह परिहार की 50 बीघा, शेरपाल सिंह उर्फ लाला परिहार की 50 बीघा, विक्रम सिंह की 25 बीघा, साधुराम प्रजापति की 25 बीघा, सुखलाल प्रजापति की 16 बीघा, सुरेंद्रपाल सिंह की 10 बीघा, वृंदावन पाल की 10 बीघा, बल्लू पाल की 10 बीघा, जगतपाल सिंह की 10 बीघा और बहादुरा प्रजापति की छह बीघा भूमि समेत हजारों किसानों के खेत जलभराव की चपेट में हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकाला गया तो बची हुई तिल की फसल भी पूरी तरह नष्ट हो सकती है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने, राजस्व टीम भेजकर फसल क्षति का सर्वे कराने तथा नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि प्राकृतिक आपदा के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। किसानों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की मांग की है।1
- आज ज्ञापन दिया गया जिला अधिकारी महोदय मौदहा विषय निलंबित निरस्त करने के लिये समस्त ग्रामवासीरीवनखंड तहसील मौदहा जिला हमीरपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय रीवन में गांव वालों के बच्चे पढ़ते हैं प्रधानाध्यापक की खंड शिक्षा अधिकारी मौदहा के सुशील कुमार कमल द्वारा स्टाफ से मिलकर बिना जांचे जांच किए हुये गलत आरोप लगाकर निलंबित कर रीवन से हटा दिया है जिससे विद्यालय की अव्यवस्थाएं हो गई है ग्राम वासियों का मांग है कि प्रधानाध्यापक संदीपा कुमारी को फिर से विद्यालय में नियुक्ति की जाए जब संदीपा कुमारी विद्यालय मे पढ़ाई होती थी वहां कीव्यवस्थाएं अच्छी थी खाना अच्छा मिलता था बच्चों को पढ़ाया जाता था सुरेंद्र कुमार ने जो रिबन में अध्यापक है उसने षड्यंत्र बनाया षड्यंत्र के तहत बच्चों से दूसरे विद्यालय में पढ़ते हैं उनसे फर्जी शिकायत करवाई खाना अच्छा नहीं बनता पढ़ाई नहीं होती फर्जी शिकायत करवाई गई ताकि संदीपा कुमारी कुमारी का विद्यालय से हटाने का षड्यंत्र रचा गया रसोइयों को भी षड्यंत्र में मिलाया गया खाना अच्छा बनता है फोटो गलत तरीके से बनाकर दिखाया गया सुरेंद्र कुमार षड्यंत्र का सरदार है इसके खिलाफ जांच की जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए आज ज्ञापन दिया गया जिला अधिकारी महोदय मौदहा विषय निलंबित निरस्त करने के लिये समस्त ग्रामवासीरीवनखंड तहसील मौदहा जिला हमीरपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय रीवन में गांव वालों के बच्चे पढ़ते हैं प्रधानाध्यापक की खंड शिक्षा अधिकारी मौदहा के सुशील कुमार कमल द्वारा स्टाफ से मिलकर बिना जांचे जांच किए हुये गलत आरोप लगाकर निलंबित कर रीवन से हटा दिया है जिससे विद्यालय की अव्यवस्थाएं हो गई है ग्राम वासियों का मांग है कि प्रधानाध्यापक संदीपा कुमारी को फिर से विद्यालय में नियुक्ति की जाए जब संदीपा कुमारी विद्यालय मे पढ़ाई होती थी वहां कीव्यवस्थाएं अच्छी थी खाना अच्छा मिलता था बच्चों को पढ़ाया जाता था सुरेंद्र कुमार ने जो रिबन में अध्यापक है उसने षड्यंत्र बनाया षड्यंत्र के तहत बच्चों से दूसरे विद्यालय में पढ़ते हैं उनसे फर्जी शिकायत करवाई खाना अच्छा नहीं बनता पढ़ाई नहीं होती फर्जी शिकायत करवाई गई ताकि संदीपा कुमारी कुमारी का विद्यालय से हटाने का षड्यंत्र रचा गया रसोइयों को भी षड्यंत्र में मिलाया गया खाना अच्छा बनता है फोटो गलत तरीके से बनाकर दिखाया गया सुरेंद्र कुमार षड्यंत्र का सरदार है इसके खिलाफ जांच की जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए1
- विधायक आवास के पीछे नारकीय हालात: बारिश के बाद नाली और सड़क हुई एक, नगर पालिका बेखबर घाटमपुर। कस्बे के मोहल्ला आछी मोहाल उत्तरी में नगर पालिका की एक बड़ी लापरवाही सामने देखने को मिल रही है। यहाँ लंबे समय से सड़क न बनने के कारण स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। सबसे हैरत की बात यह है कि यह बदहाली क्षेत्रीय विधायक सरोज कुरील के आवास के ठीक पीछे की है।हाल ही में हुई बारिश के बाद इस इलाके के हालात बद से बदतर हो गए हैं। सड़क न होने की वजह से पूरी गली में जलभराव हो गया है, जिससे नाली और सड़क का अंतर पूरी तरह खत्म हो चुका है। गंदा पानी और कीचड़ लोगों के घरों के सामने जमा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।इस अव्यवस्था के कारण मोहल्ले के आम लोगों को आने-जाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सत्ताधारी विधायक के घर के पीछे होने के बावजूद नगर पालिका इस समस्या पर आंखें मूंदे बैठी है। जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की इस अनदेखी को लेकर जनता में भारी आक्रोश है।1
- कैंट क्षेत्र की जनसमस्या पर जनप्रतिनिधियों से अपील माननीय भाजपा सांसद महोदय एवं भाजपा के सम्मानित पार्षदों से विनम्र निवेदन है कि कैंट क्षेत्र स्थित मेथाडिस्ट स्कूल के आसपास बरसात के दिनों में भारी जलभराव हो जाता है। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र की सड़क भी काफी खराब हो चुकी है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। बरसात के दौरान बच्चों को जलभराव और टूटी सड़क के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। जनहित में अनुरोध है कि इस समस्या का जल्द संज्ञान लेकर जलनिकासी और सड़क मरम्मत की उचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि स्कूली बच्चों को राहत मिल सके।1
- दो साल में ही जर्जर हुई सड़क, स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए बनी मुसीबत रिपोर्टर शुभम साहू घाटमपुर पीडब्ल्यूडी से दो वर्ष पूर्व कराया गया था निर्माण, जगह-जगह सड़क टूटी और गड्ढों में तब्दील घाटमपुर। मुगल हाईवे स्थित जीआरपीपी इंटर कॉलेज के बगल से बंगला गोपालपुर को जोड़ने वाली सड़क इन दिनों बदहाली का शिकार है। मुगल रोड से गोपालपुर रोड तक जाने वाली इस सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के माध्यम से करीब दो वर्ष पूर्व कराया गया था, लेकिन निर्माण के महज दो वर्ष के भीतर ही सड़क की हालत खस्ता हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और टूटे हिस्से राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक सड़क खराब होने के कारण रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। सड़क के किनारे विद्यालय होने के चलते बड़ी संख्या में बच्चे इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर बने गड्ढों और टूटे हिस्सों के कारण कई बार स्कूली बच्चे और राहगीर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से सड़क की मरम्मत को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ सड़क का वीडियो सड़क की बदहाली से परेशान एक ग्रामीण ने टूटी सड़क का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण करीब दो वर्ष पूर्व ही कराया गया था तो इतनी कम अवधि में सड़क की हालत खराब होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के निर्माण के दौरान गुणवत्ता की निगरानी और निर्माण के बाद उसकी स्थिति का विभागीय स्तर पर निरीक्षण किया जाना चाहिए था। सड़क के जर्जर होने के बावजूद लंबे समय से मरम्मत न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि विद्यालय जाने वाले बच्चों और राहगीरों को दुर्घटना के खतरे से बचाया जा सके। अब देखने वाली बात यह होगी कि सोशल मीडिया पर सड़क की बदहाली का वीडियो वायरल होने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करता है या फिर ग्रामीणों को इसी जर्जर सड़क से आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।1
- रपटे में फंसा शव मिलने से चरवाहे के परिजनों में जगी उम्मीद, शिनाख्त का इंतजार हमीरपुर। चंद्रावल नदी में शुक्रवार को डूबे चरवाहे भगवानदीन निषाद (55) की तलाश के बीच मंगलवार को पड़ोसी जनपद बांदा के जसपुरा थाना क्षेत्र में एक शव मिलने की सूचना से परिजनों में उम्मीद जगी है। गौरी-अमारा के मध्य बने रपटे में झाड़ियों के बीच शव फंसा होने की सूचना नाविकों ने मौहर गांव भेजी। चरवाहे के परिजन मौके पर पहुंच गए हैं और शव को बाहर निकालने के लिए जसपुरा पुलिस से मदद मांगी है। सुमेरपुर क्षेत्र के मौहर निवासी भगवानदीन निषाद शुक्रवार को भैंसों को नदी के दूसरी ओर निकालने के दौरान चंद्रावल नदी में डूब गए थे। तभी से कैथी पुलिस चौकी प्रभारी राजवीर सिंह पीएसी की गोताखोर टीम के साथ लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली थी। मंगलवार सुबह गौरी-अमारा रपटे के पास नाव चलाने वाले लोगों ने झाड़ियों में शव फंसा होने तथा उससे दुर्गंध आने की सूचना दी। सूचना मिलते ही भगवानदीन के परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने शव के उनके पिता का होने की आशंका जताई है, लेकिन रपटे में पानी अधिक होने और दिनभर बारिश होने के कारण शव को बाहर नहीं निकाला जा सका। इसके चलते देर शाम तक शिनाख्त नहीं हो सकी। भगवानदीन के पुत्र रामबाबू ने बताया कि शव को बाहर निकलवाने के लिए जसपुरा पुलिस से मदद मांगी गई है। परिजन शव के बाहर आने और शिनाख्त होने की आस में मौके पर डटे हुए हैं। कैथी चौकी प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि जिस स्थान पर शव फंसे होने की सूचना मिली है, वह बांदा जनपद के जसपुरा थाना क्षेत्र में आता है और घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर है। वहीं ग्राम प्रधान राममिलन निषाद ने बताया कि सुबह नाविकों से शव मिलने की सूचना मिली थी। शव बाहर आने के बाद ही उसकी शिनाख्त हो सकेगी।1
- न्यूरी गांव में फंदा लगाकर छज्जे पर चढ़ा,युवक प्रधान समेत तीन पर मुकदमा दर्ज1