सऊओ की ढाणी में हाईटेंशन लाइन कार्य को लेकर तनाव, बिना मुआवजा किसानों की जमीन पर काम शुरू करने का आरोप सऊओ की ढाणी में हाईटेंशन लाइन कार्य को लेकर तनाव, बिना मुआवजा किसानों की जमीन पर काम शुरू करने का आरोप बायतु सऊओ की ढाणी क्षेत्र में हाईटेंशन विद्युत लाइन के कार्य को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना उचित मुआवजा दिए ही प्रशासन की मौजूदगी में जबरन लाइन का कार्य शुरू करवाया जा रहा है। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास जारी है। किसानों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक वे अपनी जमीन पर कार्य नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी वर्षों पुरानी कृषि भूमि पर बिना सहमति कार्य करवाना अन्याय है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाइश देकर समाधान निकालने की कोशिश में जुटे हैं। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हैं, जिससे माहौल गरमाया हुआ है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति को शांतिपूर्वक संभालने का प्रयास कर रहे हैं।
सऊओ की ढाणी में हाईटेंशन लाइन कार्य को लेकर तनाव, बिना मुआवजा किसानों की जमीन पर काम शुरू करने का आरोप सऊओ की ढाणी में हाईटेंशन लाइन कार्य को लेकर तनाव, बिना मुआवजा किसानों की जमीन पर काम शुरू करने का आरोप बायतु सऊओ की ढाणी क्षेत्र में हाईटेंशन विद्युत लाइन के कार्य को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना उचित मुआवजा दिए ही प्रशासन की मौजूदगी में जबरन लाइन का कार्य शुरू करवाया जा रहा है। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास जारी है। किसानों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक वे अपनी जमीन पर कार्य नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी वर्षों पुरानी कृषि भूमि पर बिना सहमति कार्य करवाना अन्याय है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाइश देकर समाधान निकालने की कोशिश में जुटे हैं। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हैं, जिससे माहौल गरमाया हुआ है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति को शांतिपूर्वक संभालने का प्रयास कर रहे हैं।
- barmer1
- बाड़मेर1
- शेरगढ़ उपखंड क्षेत्र में शनिवार शाम करीब 4 बजे अचानक मौसम ने करवट ले ली। दिनभर भीषण गर्मी और तेज धूप से परेशान लोगों को उस समय राहत मिली, जब अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। गरज-चमक के साथ हुई यह बारिश करीब 15 मिनट तक जारी रही। अचानक बदले मौसम के चलते जहां एक ओर लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं तेज हवा के कारण कुछ स्थानों पर अस्थायी अव्यवस्थाएं भी देखने को मिलीं। दिनभर तापमान अधिक रहने से हालात काफी खराब थे, लेकिन शाम को आई बारिश ने गर्मी से कुछ हद तक राहत दिलाई। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी मौसम इसी तरह बदलता रह सकता है। गर्मी के साथ-साथ आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। फिलहाल क्षेत्र में मौसम का मिजाज अस्थिर बना हुआ है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।1
- जालौर शहर में शनिवार को दोपहर में करीब 12:30 बजे के आसपास तापमान 38 डिग्री तक रहा जिसके चलते गर्मी बहुत तेज धूप के कारण शहर वासी परेशान नजर आए दोपहर में शहर के प्रमुख सड़क मार्ग चौराहे पर सन्नाटा नजर आया गर्मी से राहत पाने के लिए जूस की दुकान पर लोगों की भारी भीड़ नजर आई2
- “हमारा जुंजाणी-स्वच्छ जुंजाणी” सिर्फ बोर्ड तक सीमित! अंबार में बदला कचरा, लाखों का बजट सवालों के घेरे में भीनमाल (विक्रम राठी) भीनमाल पंचायत समिति की ग्राम पंचायत जुंजाणी में स्वच्छता व्यवस्था की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। एक ओर जहां गांव में "हमारा जुंजाणी" “स्वच्छ जुंजाणी” के बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर स्वच्छता के दावे किए जा रहे हैं, वहीं उन्हीं बोर्डों के आसपास कचरे और पॉलीथिन के ढेर लगे हुए नजर आ रहे हैं। यह दृश्य न केवल स्वच्छता अभियान की पोल खोलता है, बल्कि जिम्मेदारों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण के नाम पर हर साल लाखों रुपए का बजट उठाया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बदतर बनी हुई है। कचरा संग्रहण की व्यवस्था कागजों में तो सक्रिय दिखाई देती है, मगर हकीकत में गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर आम बात बन चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमित रूप से कचरा उठाने की व्यवस्था नहीं है, जिससे गंदगी बढ़ती जा रही है और बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर “स्वच्छता” का संदेश देने वाला बोर्ड लगा है, वहीं सबसे ज्यादा गंदगी फैली हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और कचरा संग्रहण के नाम पर खर्च किए जा रहे बजट का हिसाब सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि स्वच्छता अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर भी नजर आए।2
- बताया जा रहा है कि घर से निकलते ही रमेश ने आग की लपटें देखीं और शोर मचाया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक 50 से 60 हजार रुपये का सामान जलकर राख हो चुका था। अब सवाल ये है कि ये हादसा था या किसी ने जानबूझकर आग लगाई? 👉 पूरी खबर देखें और अपनी राय जरूर दें #GadraRoad #BreakingNews #FireIncident #RajasthanNews #HakamKiAwaz1
- फलोदी1
- 📍 शेरगढ़ (रामगढ़) रेखाणी मेघवालों की ढाणी में करीब 2 साल पहले बनी जीएलआर (पानी टंकी) आज भी बेकार पड़ी है। अब तक जल कनेक्शन नहीं होने से ग्रामीणों और पशुपालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ☀️ अप्रैल की शुरुआत के साथ ही गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे पानी की मांग भी बढ़ी है। लेकिन जलापूर्ति व्यवस्था बिगड़ी हुई है। 🐄 हालात यह हैं कि पशुकुंड और खेळियां सूख चुकी हैं, मवेशी पानी के लिए जंगलों में भटक रहे हैं, कई जगह दम तोड़ने की नौबत आ गई है। ❗ ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।2
- सीकर के सांसद कामरेड अमराराम ने लोकसभा में राजस्थान के लाखों परिवारों की पीड़ा और डर को बेबाकी से रखा है , नेशनल High ways के 75 75 मीटर के दायरे में आने वाले बने मकानों , स्कूलों ,होटलों और दुकानों को तोड़ने के लिए दिए जा रहे हाइ कोर्ट नोटिस पर गहरी चिंता व्यक्त की1