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जैतारण से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, अजमेर के आना सागर का पानी रूपनगर की ओर मोड़ने की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने अजमेर संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय आयुक्त के समक्ष इस मुद्दे पर अपनी मांग रखी।
Radheyshyam DADHICH BUMBO K(रा
जैतारण से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, अजमेर के आना सागर का पानी रूपनगर की ओर मोड़ने की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने अजमेर संभागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय आयुक्त के समक्ष इस मुद्दे पर अपनी मांग रखी।
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- राजस्थान सरकार की खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, जैतारण में आधुनिक हॉकी टर्फ एवं हॉकी खेल अकादमी परियोजना का भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह रविवार को आयोजित किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने विधिवत भूमि पूजन कर इस परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गहलोत ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को खेलों के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि लगभग दस वर्ष पूर्व उन्होंने जैतारण क्षेत्र में आधुनिक हॉकी टर्फ और खेल अकादमी स्थापित करने का सपना देखा था, जो आज साकार हो रहा है। श्री गहलोत ने जोर दिया कि यह परियोजना स्थानीय युवा खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराएगी, जिससे वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे तथा ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का एक सशक्त मंच प्राप्त होगा। कार्यक्रम में संभागीय आयुक्त श्री शक्ति सिंह राठौड़, जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना, पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह, अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री ब्रह्म लाल जाट, हॉकी राजस्थान संघ के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सारस्वत, नारायण नाथ जी महाराज रास, सुंदरदास जी महाराज, हरिराम जी महाराज, भगतराम शास्त्री सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। संभागीय आयुक्त श्री राठौड़ ने कहा कि यह पहल ग्रामीण अंचल के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएँ प्रदान करेगी, जो प्रदेश के युवाओं को नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। जिला कलेक्टर श्री मीना ने जानकारी दी कि बजट वर्ष 2025-26 के अंतर्गत युवा मामले एवं खेल विभाग द्वारा जैतारण में हॉकी खेल अकादमी की स्थापना हेतु 8 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है, और राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद, जयपुर द्वारा आधुनिक सिंथेटिक हॉकी टर्फ निर्माण के लिए कार्यादेश भी जारी किया जा चुका है। श्री मीना ने परियोजना की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसके तहत अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के मानकों के अनुरूप सिंथेटिक हॉकी टर्फ का निर्माण किया जाएगा। इसमें ड्रेनेज सिस्टम, भूमिगत जल टैंक, पम्प रूम, ट्यूबवेल, परिधि दीवार, चैन लिंक फेंसिंग, विद्युत व्यवस्था, पाइपलाइन तथा खिलाड़ियों के लिए डगआउट सहित आवश्यक खेल अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इस परियोजना की स्वीकृत लागत ₹6 करोड़ 59 लाख 10 हजार 354 निर्धारित की गई है, जिसे 12 जनवरी 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने एकमत से कहा कि हॉकी अकादमी की स्थापना से क्षेत्र के प्रतिभावान खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं तथा खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे, जिससे जैतारण और आसपास के क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा प्राप्त होगी। जिला खेल अधिकारी दिनेश चौधरी ने परियोजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह अकादमी भविष्य में क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अंत में, सभी अतिथियों ने इस परियोजना को क्षेत्र के खेल विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए इसके सफल क्रियान्वयन की शुभकामनाएं व्यक्त कीं।4
- नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड क्षेत्र स्थित लाडपुरा गांव के भगवान श्री देवनारायण मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय भगतमाल कथा का आज समापन होगा। इस अवसर पर रविवार शाम को एक विशाल सत्संग और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। यह धार्मिक कथा पिछले पाँच दिनों से चल रही थी, जिसका वाचन कुचेरा के प्रसिद्ध कथावाचक सुखदेव महाराज कर रहे थे। उन्होंने कथा के दौरान भगवान देवनारायण के जीवन चरित्र, भक्तों की महिमा और धर्म-भक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा के शुभारंभ पर ग्रामवासियों ने संत सुखदेव महाराज का विधिवत पूजा-अर्चना कर स्वागत और सम्मान किया था। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और आसपास के गाँवों से श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुँच रहे थे। व्यास पीठ से कथा वाचन शुरू होने के बाद से ही श्रद्धालु भजन-कीर्तन में लीन होकर भगवान देवनारायण के जयकारे लगा रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ था। गाँव के युवा देवेंद्र बढ़ियासर ने बताया कि कथा के पहले दिन से ही महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। धार्मिक प्रसंगों, भक्ति संदेशों और संतवाणी के माध्यम से लोगों को धर्म, संस्कार और सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया, जिसके चलते कथा स्थल पर प्रतिदिन भारी भीड़ देखी गई। इस धार्मिक आयोजन में पूर्व सरपंच तेजाराम राव, प्रभुराम बड़ियासर, दिनेश चौधरी, हुकमाराम कुमावत, नैनाराम बड़ियासर, उगमाजी गढ़वाल, टोड़ाराम राव सहित कई गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे। यह आयोजन स्थानीय संत पप्पू बाई (रामभजनी बाई) के सान्निध्य में जनसहयोग से संपन्न हुआ, जिसके निवेदक आयोजन समिति और समस्त ग्रामवासी लाडपुरा हैं। ग्रामवासियों ने श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में पहुँचकर कथा श्रवण करने और धर्म लाभ लेने की अपील की है, जिसके बाद आज शाम विशाल सत्संग के साथ इस पाँच दिवसीय धार्मिक आयोजन का विधिवत समापन हो जाएगा।1
- काले झंडे प्रकरण से जुड़े मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है, जिसके तहत कुचामन थानाधिकारी सतपाल सियाग को निलंबित कर दिया गया है।1
- रिया बड़ी नगर पालिका में 'वंदे गंगा जल संरक्षण' अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, जल संचय और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आमजन को पानी बचाने के लिए प्रेरित करना है। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार रिया बड़ी उपखंड में इस जन अभियान का शुभारंभ उत्साहपूर्वक आयोजित हुआ। रिया बड़ी उपखंड अधिकारी ने दीपक प्रज्वलित कर इस अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आरंभ सरोवर पूजन और पौधरोपण के साथ हुआ। मुख्य उपखंड अधिकारी विनीत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जिस भाव से गंगा के जल का वंदन किया जाता है, उसी भाव से हर जल स्रोत का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जल को गंगा का जल मानते हुए उसका संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि जल संरक्षण राम नाम के स्मरण से कम नहीं है और यह इंसान की ऊर्जा का एकमात्र स्रोत है। विनीत कुमार ने यह भी बताया कि पहले गांवों में लोग सामूहिक रूप से जल संरक्षण करते थे, लेकिन अब वे पूरी तरह सरकार पर निर्भर हो गए हैं। उन्होंने समाज से मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़कर जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार, नगर पालिका एग्जीक्यूटिव ऑफिसर धर्मेंद्र कुमार, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष गिरधारी लाल सैनी, पूर्व उपाध्यक्ष सत्यनारायण वैष्णव, अशोक कुमार माली, राहुल भाटी, अभिषेक माली, मुकेश धारु, सुनील दगदी और समस्त नरेगा स्टाफ व मजदूर लोग उपस्थित रहे।2
- नागौर जिले के लाडपुरा गांव में एक भगतमाल कथा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर सुखदेवजी महाराज कुचेरा ने मीडिया से बातचीत की।1
- आसींद विधानसभा क्षेत्र की जगपुरा ग्राम पंचायत के गांव रायरा में मनरेगा श्रमिकों को उनके किए गए कार्य के लिए उचित दरें नहीं मिलने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है। मनरेगा मेटों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने निर्धारित माप के अनुसार ही कार्य पूरा किया है, लेकिन उन्हें मिलने वाली मजदूरी की दरें काफी कम हैं। उनका आरोप है कि अन्य स्थानों पर चल रहे मनरेगा कार्यों में भले ही केवल खानापूर्ति की जा रही हो, वहाँ श्रमिकों को सही दरें मिल रही हैं, जबकि रायरा में मेहनत के बावजूद कम भुगतान हो रहा है। मनरेगा में कार्यरत महिला श्रमिकों ने भी अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने पूरी निष्ठा से और माप के अनुरूप कार्य किया है। हालांकि, उन्हें जो दरें मिली हैं, उनसे परिवार का गुजर-बसर करना अत्यंत कठिन हो गया है। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि दिनभर घर-परिवार को छोड़कर काम करने के बावजूद उन्हें मिलने वाली मजदूरी बेहद कम है, जिससे श्रमिकों में गहरा विरोध और चिंता का माहौल है।1
- राजस्थान के निमाज कस्बे की आवासीय भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल में 30 मई को एक प्रसूता की मौत के बाद से मामला लगातार गर्माता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठी हुई हैं और न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर मौजूद हैं, साथ ही आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। धरनास्थल पर भारी भीड़ जमा है, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।3
- झींटियां स्थित श्री रूप रजत गौशाला में आयोजित सात दिवसीय धार्मिक कथा महोत्सव के पांचवें दिन रविवार को नानी बाई रो मायरो कथा का भावपूर्ण आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र की महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ नानी बाई का मायरा भरा, जिससे कथा पंडाल में भक्ति और उत्साह का माहौल छा गया। कथावाचक साध्वी श्री मनुश्रीथा जी ने अपनी मधुर वाणी से नानी बाई रो मायरो की कथा का रसपान करवाकर श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और भगवान के प्रति समर्पण का महत्व बताते हुए आध्यात्मिक संदेश दिए, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भजन-कीर्तन पर झूमते नजर आए। गौशाला सचिव बलदेव राम गोदारा, सुशील आंवला और राकेश ककड़वा ने बताया कि झींटियां गांव की बहन-बेटियों ने सामूहिक रूप से मायरा भरने की परंपरा का निर्वहन किया। इस अवसर पर समस्त ग्रामवासियों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया, वहीं आसपास के गांवों से भी सैकड़ों श्रद्धालु कथा का लाभ लेने पहुंचे। कथा स्थल पर पहुंचे संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं का स्वागत जेसीबी के माध्यम से पुष्पवर्षा कर किया गया। कार्यक्रम में नारायण कुमावत, नरपत सिंह, रामनिवास गोदारा, बाबूराम प्रजापत, मंगाराम जांगिड़, रामावतार ककड़वा, अमराराम, भरत वैष्णव, रूपाराम गोदारा, चेनाराम आंवला, महावीर सिंह, हुकमाराम, हापुराम मेघवाल सहित नाकोड़ा इवेंट के सदस्य और समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे। आयोजकों ने जानकारी दी कि यह धार्मिक कथा महोत्सव 27 मई 2026 को शुरू होकर 2 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक प्रसंगों, भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों ने क्षेत्र के गौभक्तों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है।1
- रियांबड़ी शहर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर दो दिवसीय पारंपरिक ग्यारह कोसी नगर परिक्रमा का शुभारंभ सोमवार को चारभुजानाथ मंदिर से अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने पूरे मार्ग को भजन-कीर्तन, जयघोष और धार्मिक वातावरण से भक्तिमय बना दिया। परिक्रमा की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई, जिसके बाद श्रद्धालु हाथों में ध्वज पताकाएं लिए भगवान के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्गभर हरिकीर्तन, भजन संकीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर रहा, जिससे श्रद्धालुओं में इस पुरुषोत्तम मास परिक्रमा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।1