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रियांबड़ी शहर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर दो दिवसीय पारंपरिक ग्यारह कोसी नगर परिक्रमा का शुभारंभ सोमवार को चारभुजानाथ मंदिर से अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने पूरे मार्ग को भजन-कीर्तन, जयघोष और धार्मिक वातावरण से भक्तिमय बना दिया। परिक्रमा की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई, जिसके बाद श्रद्धालु हाथों में ध्वज पताकाएं लिए भगवान के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्गभर हरिकीर्तन, भजन संकीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर रहा, जिससे श्रद्धालुओं में इस पुरुषोत्तम मास परिक्रमा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
Er Sunil Dagdi
रियांबड़ी शहर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर दो दिवसीय पारंपरिक ग्यारह कोसी नगर परिक्रमा का शुभारंभ सोमवार को चारभुजानाथ मंदिर से अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने पूरे मार्ग को भजन-कीर्तन, जयघोष और धार्मिक वातावरण से भक्तिमय बना दिया। परिक्रमा की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई, जिसके बाद श्रद्धालु हाथों में ध्वज पताकाएं लिए भगवान के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्गभर हरिकीर्तन, भजन संकीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर रहा, जिससे श्रद्धालुओं में इस पुरुषोत्तम मास परिक्रमा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
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- रिया बड़ी नगर पालिका में 'वंदे गंगा जल संरक्षण' अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, जल संचय और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आमजन को पानी बचाने के लिए प्रेरित करना है। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार रिया बड़ी उपखंड में इस जन अभियान का शुभारंभ उत्साहपूर्वक आयोजित हुआ। रिया बड़ी उपखंड अधिकारी ने दीपक प्रज्वलित कर इस अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आरंभ सरोवर पूजन और पौधरोपण के साथ हुआ। मुख्य उपखंड अधिकारी विनीत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जिस भाव से गंगा के जल का वंदन किया जाता है, उसी भाव से हर जल स्रोत का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जल को गंगा का जल मानते हुए उसका संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि जल संरक्षण राम नाम के स्मरण से कम नहीं है और यह इंसान की ऊर्जा का एकमात्र स्रोत है। विनीत कुमार ने यह भी बताया कि पहले गांवों में लोग सामूहिक रूप से जल संरक्षण करते थे, लेकिन अब वे पूरी तरह सरकार पर निर्भर हो गए हैं। उन्होंने समाज से मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़कर जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार, नगर पालिका एग्जीक्यूटिव ऑफिसर धर्मेंद्र कुमार, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष गिरधारी लाल सैनी, पूर्व उपाध्यक्ष सत्यनारायण वैष्णव, अशोक कुमार माली, राहुल भाटी, अभिषेक माली, मुकेश धारु, सुनील दगदी और समस्त नरेगा स्टाफ व मजदूर लोग उपस्थित रहे।2
- नागौर जिले के लाडपुरा गांव में एक भगतमाल कथा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर सुखदेवजी महाराज कुचेरा ने मीडिया से बातचीत की।1
- काले झंडे प्रकरण से जुड़े मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है, जिसके तहत कुचामन थानाधिकारी सतपाल सियाग को निलंबित कर दिया गया है।1
- चुरु जिले के रतनगढ़ स्थित पाबूसर के खेतों में कुछ जानवर घुस आए हैं, जिससे खेती को काफी नुकसान पहुँच रहा है। जय वीर तेजाजी कृषि फार्म, पाबूसर के विनोद ने बताया है कि इन जानवरों के कारण फसलों को बहुत क्षति हो रही है।1
- अजमेर जिले की ग्राम पंचायत भूडोल के लाडपुरा गांव में नाली का निर्माण न होने के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार पंचायत प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दौरान गांव का रास्ता कीचड़ और जलभराव से भर जाता है। इससे पैदल चलने वाले राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और खासकर स्कूली बच्चों को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द नाली का निर्माण करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि जहाँ एक ओर विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग है। इस गंभीर स्थिति के चलते लाडपुरा गांव के ग्रामीण लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब उन्हें जलभराव की इस समस्या से स्थायी निजात मिलेगी।1
- रियांबड़ी शहर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर दो दिवसीय पारंपरिक ग्यारह कोसी नगर परिक्रमा का शुभारंभ सोमवार को चारभुजानाथ मंदिर से अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने पूरे मार्ग को भजन-कीर्तन, जयघोष और धार्मिक वातावरण से भक्तिमय बना दिया। परिक्रमा की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई, जिसके बाद श्रद्धालु हाथों में ध्वज पताकाएं लिए भगवान के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्गभर हरिकीर्तन, भजन संकीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर रहा, जिससे श्रद्धालुओं में इस पुरुषोत्तम मास परिक्रमा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में शनिवार शाम मौसम विभाग का इमरजेंसी अलर्ट लोगों के लिए बेहद प्रभावी साबित हुआ। मोबाइल फोन पर तेज आंधी और खराब मौसम की चेतावनी के साथ एक सायरन जैसी आवाज़ वाला विशेष संदेश प्राप्त हुआ, जिसे शुरुआत में कुछ लोगों ने तकनीकी खराबी समझा। हालाँकि, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि यह सरकार की आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली का हिस्सा था। इस अलर्ट के तुरंत बाद किसानों और पशुपालकों ने सक्रिय रूप से सतर्कता बरती। उन्होंने अपने खेतों में रखे कृषि उपकरण, चारा और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिए। इसी प्रकार, पशुपालकों ने भी अपने मवेशियों को पेड़ों और खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर बाँध दिया, जिससे संभावित नुकसान से बचा जा सके। शाम होते-होते क्षेत्र में तेज हवाओं और धूलभरी आंधी का असर दिखने लगा। आंधी के कुछ देर बाद आसमान में घने बादल छा गए, मौसम का मिज़ाज बदला और फिर तेज गर्जना के साथ बादलों की आवाज़ गूंजने लगी तथा लगातार आकाशीय बिजली चमकती रही। लोगों ने एहतियात बरतते हुए घरों के भीतर रहना उचित समझा। कई हिस्सों में हल्की बारिश भी हुई, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। इस इमरजेंसी अलर्ट के कारण लोग पहले से तैयार थे, जिसकी वजह से संभावित नुकसान को काफी हद तक टाला जा सका। स्थानीय लोगों ने सरकार की इस चेतावनी व्यवस्था की सराहना की और कहा कि मोबाइल पर सीधे प्राप्त होने वाले ऐसे अलर्ट प्राकृतिक आपदाओं और खराब मौसम के दौरान जन-धन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1