वृंदावन हादसे के बाद सख्ती: गंगा में बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन पर कार्रवाई, एसीपी ने नाव की सीज वृंदावन में हुए हादसे के बाद प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। गंगा नदी में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने गश्त बढ़ा दी है। गश्त के दौरान एसीपी द्वारा एक नाव को पकड़ा गया, जिसमें यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट के सफर कराया जा रहा था। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित नाव को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी हाल में सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। बिना लाइफ जैकेट के नाव संचालन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह की सख्ती पहले से होती, तो वृंदावन जैसी दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था। लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि इस नियम में किसी भी प्रकार की ढील न दी जाए और जिम्मेदार अधिकारियों को सख्ती से निर्देशित किया जाए।
वृंदावन हादसे के बाद सख्ती: गंगा में बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन पर कार्रवाई, एसीपी ने नाव की सीज वृंदावन में हुए हादसे के बाद प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। गंगा नदी में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने गश्त बढ़ा दी है। गश्त के दौरान एसीपी द्वारा एक नाव को पकड़ा गया, जिसमें यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट के सफर कराया जा रहा था। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित नाव को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी हाल में सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। बिना लाइफ जैकेट के नाव संचालन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह की सख्ती पहले से होती, तो वृंदावन जैसी दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था। लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि इस नियम में किसी भी प्रकार की ढील न दी जाए और जिम्मेदार अधिकारियों को सख्ती से निर्देशित किया जाए।
- वृंदावन में हुए हादसे के बाद प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। गंगा नदी में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने गश्त बढ़ा दी है। गश्त के दौरान एसीपी द्वारा एक नाव को पकड़ा गया, जिसमें यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट के सफर कराया जा रहा था। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित नाव को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी हाल में सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। बिना लाइफ जैकेट के नाव संचालन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह की सख्ती पहले से होती, तो वृंदावन जैसी दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था। लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि इस नियम में किसी भी प्रकार की ढील न दी जाए और जिम्मेदार अधिकारियों को सख्ती से निर्देशित किया जाए।1
- वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने पहुंची पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने चेन पुलिंग कर पंजाब मेल ट्रेन रुकवाई। तब तक ट्रेन प्लेटफॉर्म के आखिरी छोर पर पहुंच चुकी थी, इस मसले पर सफाई देते हुए उन्होंने इसके लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि चेन पुलिंग करानी पड़ी लेकिन मेरी गलती नहीं है। पूरी रेलवे की गलती है। उमा ने कहा कि मैं 2.18 पर स्टेशन आ गई थी और ट्रेन थी 2.23 पर। इन्होंने कहा कि एस्केलेटर से ऊपर ले जाएंगे। इसकी बजाय इन्होंने मुझे गाड़ी दे दी। सामने से पंजाब मेल निकली। मैं पांच मिनट खड़ी रही वहीं। रास्ते में एक हाथठेला मिला। वह निकल नहीं पा रहा था। हमारे लोगों ने उसको धक्का दिया। मैं इसके बारे में अश्विनी वैष्णव को लिखने वाली हूँ। आधुनिकीकरण में संवेदनहीनता साथ में शामिल हो गई है। मथुरा में प्रॉब्लम आती है, आगरा में प्रॉब्लम आती है, ललितपुर में प्रॉब्लम आती है। मुझे नहीं, विकलांगों को, गरीबों को और वृद्ध लोगों को ।1
- Post by Mohammad Irshad2
- झांसी। पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने झांसी स्टेशन पर रेल प्रशासन के समयबद्ध रेल परिचालन के दावों की कलई खोलते हुए आरोप लगाया है कि जिस ट्रेन (पंजाब मेल) से उन्हें यात्रा करना थी वह निर्धारित समय से पहले आ गई और चली गई। इस लापरवाह पूर्ण व्यवस्था के कारण उन्हें परेशान होना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया है कि स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं के निर्माण में व्यावहारिक संवेदनशीलता का अभाव कारण बना है। उमा भारती ने कहा- मैं एस्केलेटर से जा रही थी, लेकिन अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। कुछ दूरी चलने पर ई-कार्ट के सामने से एक ट्रेन निकली, इसलिए पांच मिनट तक वहीं खड़े रहना पड़ा। फिर हाथ ठेला निकला। इसके चलते ट्रेन छूट गई। उमा भारती ने घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया X पर एक लेटर लिखा है। आपको बता दें कि इससे पूर्व में 8-9 मार्च 2015 की आधी रात को झांसी रेलवे स्टेशन पर गोंडवाना एक्सप्रेस को उनके समर्थकों ने चेन पुलिंग कर रोक दिया था उस समय उमा भारती केंद्रीय जल संसाधन मंत्री थी और उनको स्टेशन पहुंचने में देरी हो गई थी इस कारण ट्रेन स्टेशन पर 15 मिनट तक खड़ी रही थी जिससे यात्रियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा था।2
- मारपीट व धमकी का आरोप, पीड़िता ने सीओ गरौठा से लगाई न्याय की गुहार झांसी। थाना एरच क्षेत्र के ग्राम खिरिया वाट निवासी जसोदा पत्नी द्रगपाल पाल ने पुलिस क्षेत्राधिकारी गरौठा को शिकायती पत्र देकर गांव के ही नीरज पुत्र ऊदल व ऊदल पुत्र ननसोरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार 9 अप्रैल को आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके पति पर हमला कर दिया, जिससे वह किसी तरह जान बचाकर भागे। जसोदा का कहना है कि जब वह पति को बचाने मौके पर पहुंची तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की और शिकायत करने पर एससी/एसटी एक्ट में फंसाने व जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि बाद में आरोपियों ने घर पहुंचकर गाली-गलौज व फायरिंग की धमकी दी। पीड़िता के अनुसार डायल 112 पुलिस मौके पर आई, लेकिन कार्रवाई किए बिना लौट गई। मामले में पीड़िता ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।3
- Post by The News Tantra1
- Post by S News1
- झांसी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जीआरपी अलर्ट मोड में है। पुलिस अधीक्षक रेलवे के निर्देश पर प्लेटफार्म और सर्कुलेटिंग एरिया में लगातार संदिग्ध व्यक्ति और वस्तुओं की चेकिंग की जा रही है। यात्रियों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।1